कोटा। ऐतिहासिक तीर्थ स्थल भगवान खड़े गणेश जी मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय मेले एवं सांस्कृतिक उत्सव का सोमवार देर रात हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। रविवार अर्धरात्रि से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के दर्शनों का सिलसिला सोमवार को देर रात तक अनवरत जारी रहा।
मंदिर परिसर से लेकर धरणीधर चौराहे तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरा क्षेत्र ‘गणपति बप्पा मोरया’ और भगवान खड़े गणेश जी के जयकारों से गुंजायमान रहा। गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर भगवान खड़े गणेश जी का अनुपम स्वर्ण श्रृंगार किया गया तथा मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाया गया। प्रातः एवं संध्या समय आयोजित महाआरती में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया।
मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी और सुवासित फूलों से सजाया गया था। भीषण गर्मी और भीड़ को देखते हुए सेवाभावी संस्थाओं द्वारा जगह-जगह शीतल जल, शरबत और छाछ के स्टॉल लगाए गए, वहीं श्रद्धालुओं ने दिनभर नारियल, पुष्पमालाएं और मोदक अर्पित कर मन्नतें मांगीं।
मेला परिसर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या मेले का मुख्य आकर्षण रही। सांस्कृतिक संध्या में आमंत्रित कलाकारों ने राजस्थानी लोक संस्कृति और गणेश भजनों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि उपस्थित श्रद्धालु देर रात तक झूमने पर मजबूर हो गए।
इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। मेले में आमजन और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला बाजार, खिलौना बाजार और फ़ूड ज़ोन विशेष रूप से तैयार किए गए थे, जहाँ लोगों ने चाट-पकौड़ी और खरीदारी का भरपूर आनंद उठाया।
सफाई व्यवस्था और अन्न संरक्षण का संदेश
मेला संयोजक ओम गुंजल ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपील की कि भंडारे एवं आयोजनों में आवश्यकता से अधिक प्रसादी लेकर अन्न का अपमान न करें। मेला समिति द्वारा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए चार पारियों में सफाई कराई गई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बायो टॉयलेट्स की व्यवस्था की गई। इस दो दिवसीय सफल आयोजन में मेला संयोजक ओम गुंजल, अध्यक्ष रविंद्र चीकारा, उपाध्यक्ष रवि गोचर, महामंत्री भरत राम मीणा, नरेन्द्र मीणा, विष्णु मेहरा, जगदीश यादव, सतेंद्र यादव सहित मेला समिति के अनेक पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

