नई दिल्ली। Coriander: चालू सप्ताह के दौरान धनिया के भाव नरमी के साथ बोले गए। कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण ऊंचे भावों पर निर्यातकों के अलावा लोकल मांग भी प्रभावित हुई है। जिस कारण से धनिया के दाम 2/3 रुपए प्रति किलो तक घट गए हैं।
अभी भावों में 2/3 रुपए प्रति किलो तक घट गए हैं। अभी भावों में 2/3 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। लेकिन 15 सितम्बर के पश्चात कीमतों में फिर तेजी का दौर शुरू हो जाएगा। क्योंकि स्टॉक की कमी बनी हुई है। इसके अलावा बिजाई वालों की मांग भी बाजार में बढ़ जाएगी। जिस कारण से सितम्बर-अक्टूबर माह में भाव 8/10 रुपए तक बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। बशर्ते आगामी दिनों में आयात न हो।
पूर्व में धनिया का कुछ आयात हुआ था लेकिन वर्तमान आयात नहीं हो रहा है। बाजार में चर्चा चल रही है कि आयातकों के द्वारा रूस से धनिया के किए गए आयात सौदों का लदान नहीं हो रहा है। जिस कारण से अभी हाल-फिलहाल आयात की कोई संभावना भी नहीं है।
गत दिनों रूस एवं बुल्गारिया में लगभग 8/100 कंटेनर का धनिया आयात किया था जबकि लगभग 200/250 कंटेनर का व्यापार रूस से किया हुआ है। मगर अशांति के चलते लोडिंग का कार्य नहीं हो रहे है।
उत्पादन
उल्लेखनीय है कि विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घट रहा है। क्योंकि उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलना माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था। जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी पर आ गया। वर्ष 2025 में उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी का रहा जबकि वर्ष 2026 में उत्पादन घटकर 95/97 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में धनिया का उत्पादन 42/44 लाख बोरी का माना गया है जबकि गुजरात में 38/40 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए हैं। राजस्थान में उत्पादन 12/13 लाख बोरी का माना जा रहा है।
स्टॉक
उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में धनिया का स्टॉक 8/10 लाख बोरी एवं मध्य प्रदेश में 10/12 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि राजस्थान में स्टॉक 4/5 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
अधिक मंदी नहीं
वर्तमान में धनिया के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं लेकिन स्टॉक कम रह जाने एवं स्टॉक भी मजबूत हाथों में होने के कारण कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया का स्टॉक 25/27 लाख बोरी का माना जा रहा है। जबकि नई फसल आने में अभी लगभग 6 माह का समय शेष है। आगामी 6 माह की खपत के लिए धनिया की आवश्यकता 42/45 लाख बोरी की रहती है। अतः भविष्य में फिर धनिया के दाम बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
निर्यात
भाव ऊंचे होने के कारण वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में धनिया का निर्यात मात्रात्मक रूप में 25 प्रतिशत घटा है लेकिन निर्यात भाव अधिक मिलने के कारण आय में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून- 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 14556 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 214.52 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून- 2025 के दौरान निर्यात 19101 टन का रहा था और प्राप्त आय 191.57 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60211 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही।

