कोच्चि। Black Pepper Price: पीक त्यौहारी सीजन से पूर्व दिसावरी मांग बढ़ने से कालीमिर्च की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बनने लगा है। उत्पादन में कुछ कमी आने की संभावना तथा विदेशों से आयातित माल के ऊंचे खर्च का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ रहा है। घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए विदेशों से कालीमिर्च का आयात बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।
विदेशों और खासकर श्रीलंका से कालीमिर्च के आयात का खर्च बढ़ गया है जिसका कारण आपूर्तिकर्ता देशों में कीमतों में हुई क्षति तथा भारतीय मुद्रा (रुपया) की विनिमय दर में आई कमजोर है। भारत की जोरदार मांग को देखते हुए निर्यातक देशों ने अपनी कालीमिर्च का दाम बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
स्थानीय टर्मिनल मार्केट में कालीमिर्च का भाव गार्बल्ड श्रेणी के लिए 724 रुपए प्रति किलो तथा अन गार्बल्ड ग्रेड के लिए 704 रुपए प्रति किलो पर मजबूत बना हुआ है। पिछले दिन मार्केट में करीब 50 टन कालीमिर्च की आवक हुई जिसमें अधिकांश हिस्सा श्रीलंका से आयातित माल का था। इस बार श्रीलंका में कालीमिर्च का बेहतर उत्पादन हुआ है जिससे भारत में इसका आयात बढ़ रहा है।
दूसरी ओर भारत में मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण कालीमिर्च का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। एक महत्वपूर्ण संस्था- भारतीय कालीमिर्च एवं मसाला व्यापार संघ (इप्सता) के निदेशक का कहना है कि कर्नाटक, केरल (इडुक्की) एवं तमिलनाडु में बारिश कम तथा अनियमित होने से कालीमिर्च का उत्पादन घटने की संभावना है।
यद्यपि आमतौर पर इस वर्ष कालीमिर्च का घरेलू उत्पादन 65-70 हजार टन होने का अनुमान लगाया जा रहा है मगर अल नीनो के प्रभाव एवं मानसून की कमजोर स्थिति को देखते हुए भारतीय उत्पादन इससे काफी कम हो सकता है।
घरेलू प्रभाग में कालीमिर्च की त्यौहारी मांग बढ़ने लगी है जो कमोबेश नवम्बर तक बरकरार रह सकती है। इससे कीमतों में भी तेजी-मजबूती का रुख जारी रहने की उम्मीद है।

