कोटा। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, तलवंडी में आयोजित नौ दिवसीय सिद्ध आराधना अनुष्ठान का समापन 1008 रिद्धि मंत्रों से जिनेंद्र भगवान के अभिषेक, विश्व शांति महायज्ञ एवं मंडल-ध्वज विसर्जन के साथ आध्यात्मिक वातावरण में हुआ।
महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि भैया श्री आदि कुमार शास्त्री के सान्निध्य एवं निर्देशन में आयोजित यह नौ दिवसीय अनुष्ठान समारोह में समाज के युवा वर्ग एवं श्रेष्ठी परिवारों ने देश और समाज की उन्नति तथा विश्व कल्याण की मंगलकामना के साथ जिनेंद्र भगवान का 1008 रिद्धि मंत्रों से अभिषेक किया।
अपने प्रवचन में भैया जी आदि कुमार शास्त्री ने कहा कि पुण्य के प्रभाव से प्राप्त धन, समय और सामर्थ्य का उपयोग यदि पाप या स्वार्थ में किया जाए तो मनुष्य अपना भविष्य स्वयं बिगाड़ लेता है।
उन्होंने कहा कि इन सभी संसाधनों का सदुपयोग पुण्य संचय, आत्मोन्नति और समाजहित में होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार दूध में घी, बीज में विशाल वृक्ष और पत्थर में सुंदर प्रतिमा बनने की संभावना छिपी रहती है, उसी प्रकार प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा बनने की अनंत क्षमता विद्यमान है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि नौ दिनों तक विधान में सेवा देने वाले पुण्यार्जक परिवारों, संगीतकारों, गायिकाओं अनिशा एवं अलका, विधान में पूजा संपन्न कराने वाले अनिल डाबी तथा विधानाचार्य भैया जी आदि कुमार शास्त्री का मंदिर समिति, युवा शक्ति एवं महिला मंडल की ओर से सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आशा जैन ने प्रभावशाली शैली में किया। जिनवाणी स्तुति, पुण्यवाचन तथा महिलाओं द्वारा वस्त्र एवं अर्घ्य समर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने समाजजनों से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर समस्त प्राणी मात्र के कल्याण की कामना के साथ विश्व शांति महायज्ञ एवं हवन आयोजित किया गया। महायज्ञ के प्रमुख पात्र बसंत कुमार एवं अनिला झांझरी, राजेंद्र एवं इंद्रा ताथेडिया रहे, जबकि द्रव्य पुण्यार्जक के रूप में वंदना बड़जात्या परिवार ने सेवाएं प्रदान कीं।

