कोटा। भारतीय जैन संगठन (बीजेएस) द्वारा विवाह योग्य युवक-युवतियों को जीवनसाथी के चयन की प्रक्रिया के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘बीजेएस विवाह वर्स–परिणय पथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 17 युवक एवं 22 युवतियों सहित कुल 39 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे।
एंड्रागॉजी (वयस्क शिक्षण) आधारित इस कार्यक्रम में युवाओं को संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया गया, जहाँ उन्होंने विवाह से जुड़े विभिन्न आयामों, पारिवारिक मूल्यों, व्यक्तिगत अपेक्षाओं, जीवन दृष्टिकोण तथा आपसी समझ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श किया। इंटरैक्टिव गतिविधियों एवं अनुभव-आधारित सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं के व्यक्तित्व को बेहतर ढंग से समझने के साथ-साथ जीवनसाथी के चयन के व्यावहारिक पक्षों पर भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल परिचय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागियों को एक-दूसरे की सोच, व्यक्तित्व, पारिवारिक संस्कारों और जीवन मूल्यों को समझने का सार्थक अवसर प्रदान करना भी रहा। इसी क्रम में अभिभावकों के लिए आयोजित विशेष सत्र में बदलते सामाजिक परिवेश, युवाओं की बदलती अपेक्षाओं तथा परिवारों के बीच सकारात्मक संवाद की आवश्यकता पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन बीजेएस की मैनेजिंग डायरेक्टर कोमल जैन ने किया। बीजेएस के संस्थापक शांतिलाल मुथ्था ने वर्चुअल माध्यम से अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को सही दिशा देने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने में ऐसे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।
कार्यक्रम का आयोजन अनिता जैन (राजस्थान स्टेट वाइस प्रेसिडेंट, महिला एवं युवा विंग), पी.सी. गोधा (पैट्रन सदस्य), महेंद्र कुमार जैन (चैप्टर अध्यक्ष) तथा अरुण जैन (चैप्टर सचिव) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

