एथेनॉल की मिलावट के बाद भी सरकार नहीं घटाएगी पेट्रोल के दाम, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। जनता की जेब पर खुले आम डाका डाल रही केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20 फीसदी एथनॉल मिलाने के बाद भी दाम घटाने से इंकार कर दिया है। यानी सरकार मिलावट करे तो जायज, व्यापारी करे तो नाजायज।

भारत में 20 फीसदी इथेनॉल मिक्स वाले E20 पेट्रोल के रोलआउट और इस्तेमाल को लेकर इन दिनों देश में एक नई बहस छिड़ गई है। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों और तेल उद्योग के दिग्गजों के बीच इस बात को लेकर खींचतान जारी है कि सरकार जिस इथेनॉल ब्लेन्डिंग को बढ़ावा दे रही है, उससे जनता की जेब को फायदा होगा या नुकसान?

आम तौर पर जनता के बीच यह धारणा है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से फ्यूल की कीमतें कम होंगी। लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एमके सुराना ने इस “मिथक” को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक पैनल चर्चा के दौरान सुराना ने साफ शब्दों में कहा कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए इथेनॉल मिक्स करना पेट्रोल को सस्ता करने का जरिया नहीं है।

सुराना के अनुसार, रिफाइनरी से निकलने वाले शुद्ध पेट्रोल की कीमत लगभग ₹53 प्रति लीटर होती है। इसके मुकाबले, सरकार की तरफ से तय की गई इथेनॉल की खरीद कीमत ₹56.71 से लेकर करीब ₹71 प्रति लीटर तक है।

सुराना ने कहा, “जहां तक तेल कंपनियों का सवाल है, जवाब है ‘ना’- क्योंकि उनके लिए इथेनॉल, पेट्रोल की तुलना में ज्यादा महंगा पड़ता है।” हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगती हैं, तब इथेनॉल घरेलू स्तर पर कीमतों को स्थिर रखने में एक ढाल का काम करता है।

अरविंद केजरीवाल की पीएम मोदी को चिट्ठी
E20 पेट्रोल का यह मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि जो गाड़ियां E20 फ्यूल मानकों के अनुरूप नहीं बनी हैं, उनमें इस ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन खराब होने की शिकायतें आ रही हैं और इसे लेकर “जनता में भारी आक्रोश” है। अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए ‘आप’ ने एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है, जहां लोग E20 पेट्रोल के साथ अपने खराब अनुभव साझा कर रहे हैं।

केजरीवाल की दो मुख्य मांगें
सभी पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ ‘प्योर पेट्रोल’ (बिना मिक्सिंग वाला) का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी गाड़ी के हिसाब से चुनाव कर सकें। साथ ही जो इथेनॉल मिक्स पेट्रोल बेचा जा रहा है, उसकी कीमतों में सरकार को कटौती करनी चाहिए।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया जवाब
चौतरफा उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने साफ कर दिया है कि E20 पेट्रोल का पारंपरिक पेट्रोल से सस्ता होना कतई जरूरी नहीं है।

मंत्रालय के मुताबिक, इथेनॉल की खरीद कीमतें जानबूझकर एक आकर्षक स्तर पर तय की गई हैं ताकि गन्ना और अनाज उगाने वाले भारतीय किसानों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिल सके। सरकार का मुख्य फोकस रोजमर्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखना नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा है।

मंत्रालय का आधिकारिक बयान, “इथेनॉल ब्लेंडिंग का उद्देश्य किसी खास दिन पेट्रोल को सस्ता करना नहीं है। इसका असली मकसद भारत की विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करना और देश के अरबों डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना है।”