तत्काल आरक्षण के लिए टोकन वितरण प्रक्रिया में बदलाव 1 अगस्त से लागू

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एसी के लिए 08:30 से 09:00 बजे तथा नॉन-एसी के लिए 09:00 से 09:30 बजे तक मिलेंगे टोकन

कोटा। पश्चिम मध्य रेल प्रशासन ने तत्काल आरक्षण के लिए टोकन वितरण की समय-सारणी एवं प्रक्रिया में संशोधन किया है। नई व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से कोटा मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे के सभी मंडलों में लागू होगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करना तथा तत्काल आरक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाना है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि अब टोकन वितरण तत्काल आरक्षण प्रारंभ होने के समय के अनुरूप किया जाएगा, जिससे यात्रियों को दो बार आरक्षण केंद्र आने की आवश्यकता नहीं होगी।

एसी श्रेणी के लिए टोकन प्रातः 08:30 से 09:00 बजे तक तथा नॉन-एसी श्रेणी के लिए प्रातः 09:00 से 09:30 बजे तक वितरित किए जाएंगे। प्रति काउंटर एसी श्रेणी के लिए 10 तथा नॉन-एसी श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंगे। स्थानीय आवश्यकता एवं भीड़ के अनुसार टोकनों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकेगा।

सभी टोकनधारी यात्रियों की बुकिंग पूर्ण होने के बाद उपलब्ध तत्काल सीटों पर शेष यात्रियों का आरक्षण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

टोकन वितरण में दो प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। श्रेणी ‘ए’ में स्वयं अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लिए आरक्षण कराने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि श्रेणी ‘बी’ में अन्य सभी यात्री शामिल होंगे। श्रेणी ‘बी’ के यात्रियों को श्रेणी ‘ए’ के सभी यात्रियों की बुकिंग पूर्ण होने के बाद अवसर मिलेगा।

श्रेणी ‘बी’ में टोकन प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अथवा रेलवे द्वारा मान्य कोई अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति श्रेणी ‘ए’ में स्वयं अथवा परिवार के सदस्य के लिए आरक्षण करा रहा है, तो उसे स्वयं के साथ साथ संबंधित परिवार सदस्य (यात्री) का एसा वैध पहचान पत्र भी साथ रखना होगा जो उनके पारिवारिक सदस्य होने कि पुष्टि करता हो। जारी किया गया टोकन किसी भी स्थिति में हस्तांतरणीय नहीं होगा तथा उसी व्यक्ति को टिकट जारी किया जाएगा, जिसके नाम पर टोकन जारी हुआ है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित समय पर आरक्षण केंद्र पहुंचने तथा वैध फोटो पहचान पत्र साथ लाने की अपील की है, ताकि तत्काल आरक्षण प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।