क्या वेनेजुएला के तेल पर कब्जा जमाने की तैयारी में है भारत, जानिए सच क्या है

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नई दिल्ली। Venezuela Oil: भारत की सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी (ONGC) अपनी विदेशी शाखा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) के जरिए वेनेजुएला में दो बड़े तेल क्षेत्रों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी कर रही है।

इसके लिए ओएनजीसी वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA की हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। हालांकि, इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए भारत को अमेरिकी प्रशासन की मंजूरी का इंतजार है।

क्या है ONGC का मास्टरप्लान
ओएनजीसी पहले से ही वेनेजुएला के दो प्रमुख तेल प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदार है, लेकिन अब वह वहां अपना दबदबा बढ़ाना चाहती है।

  1. सैन क्रिस्टोबाल
    इस प्रोजेक्ट में ओएनजीसी के पास फिलहाल 40% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 60% PDVSA के पास है।
    ओएनजीसी यहां की पूरी हिस्सेदारी खरीदकर इस तेल क्षेत्र की एकमात्र ऑपरेटर बनना चाहती है।
  2. काराबोबो-1
    यहां ओएनजीसी के पास 11% (अन्य भारतीय कंपनियों IOC और Oil India के पास 3.5%-3.5%) हिस्सेदारी है।
    ओएनजीसी यहां स्पेन की दिग्गज कंपनी Repsol के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ऑपरेशनल कंट्रोल संभालना चाहती है।

अमेरिकी मंजूरी क्यों जरूरी
इस साल जनवरी में वेनेजुएला की राजनीति में उथल-पुथल हुआ था। अमेरिका ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद से वहां के तेल उद्योग पर अमेरिका का कंट्रोल है।

किसी भी विदेशी कंपनी को वेनेजुएला में तेल निकालने, बेचने या वहां वित्तीय लेनदेन करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य है। ओएनजीसी आवश्यक मंजूरी के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। इससे पहले अमेरिका ने Chevron, BP, Shell और Repsol जैसी वैश्विक कंपनियों को वेनेजुएला में काम करने के लिए ऐसे लाइसेंस दिए हैं।

भारत और ONGC को क्या होगा फायदा
वेनेजुएला का तेल क्षेत्र आर्थिक कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण लंबे समय से मंदी का सामना कर रहा है, जिससे इन दोनों तेल क्षेत्रों का उत्पादन काफी गिर गया है। ओएनजीसी के कमान संभालने से बड़ा बदलाव आ सकता है।

  1. ओएनजीसी के मुताबिक ऑपरेशनल कंट्रोल मिलते ही वह इन तेल क्षेत्रों में बड़ा निवेश करेगी।
  2. इससे इनका उत्पादन मौजूदा 12,000–15,000 बैरल प्रति दिन से बढ़कर एक साल के भीतर 30,000 बैरल प्रति दिन हो सकता है। आने वाले सालों में यह 50,000 बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकता है।
  3. वेनेजुएला सरकार पर ओएनजीसी का पिछले कई सालों से 500 मिलियन डॉलर (4200 करोड़ रुपये से अधिक) का डिविडेंड बकाया है।
  4. तेल उत्पादन बढ़ने से भारत को अपना यह फंसा हुआ पैसा वापस वसूलने में मदद मिलेगी।