कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण में कोताही पर मिलेगी चार्जशीट: मंत्री नागर

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  • सांगोद में ऊर्जा मंत्री ने ली ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक
  • विकास कार्यों में लापरवाही पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
  • गांवों में बनेंगे सोखता गड्ढे और क्लस्टर आधारित कचरा प्रबंधन मॉडल
  • बेहतर काम करने वाले ग्राम सेवकों को मिलेगा पुरस्कार

​कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पंचायत समिति सांगोद के सभागार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम विकास से जुड़े कार्मिकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में क्षेत्र के ग्रामीण विकास, संपर्क रास्तों के निर्माण, स्वच्छता और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ की तैयारी की गहन समीक्षा की गई।

मंत्री नागर ने दो टूक शब्दों में कहा कि बारिश के मौसम से पहले खेतों के सभी दर्ज रास्तों को ठीक किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री हीरालाल नागर ने ग्राम पंचायत वार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए उन गांवों पर कड़ी नाराजगी जताई जहां विधायक कोष से स्वीकृत रास्तों पर ‘जीरो काम’ हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के प्रशासक, सरपंच और ग्राम सेवक अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जिन गांवों में धान की फसल होती है, वहां बारिश के दौरान जलभराव से रास्ते बंद हो जाते हैं।

ऐसे संवेदनशील स्पॉट्स को तुरंत चिन्हित कर प्राथमिकता से काम शुरू करें। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और जो फर्में ब्लैकलिस्टेड हैं, उन्हें किसी भी नए कार्य का टेंडर न मिलने दिया जाए। नीतिगत निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अब गांवों में सीसी सड़क के स्थान पर केवल इंटरलॉकिंग सड़कें ही बनेंगी, जिनकी पहले टेस्टिंग होना अनिवार्य होगा।

​ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि खेतों के रास्ते दुरुस्त करना हमारा संकल्प है। अधिकारी जनभावनाओं का ध्यान रखते हुए ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करें। ग्रामीण विकास और स्वच्छता के कार्यों में किसी भी स्तर पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​बैठक में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन को लेकर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने हर पंचायत में क्लस्टर आधारित कचरा प्रबंधन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। जिसके तहत सूखा, गीला और मेडिकल वेस्ट पूरी तरह अलग-अलग किया जाएगा। रसोई के कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के लिए प्लांट लगाए जाएंगे और बायोगैस उत्पादन की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।

उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई सफाई ठेकेदार काम में कोताही बरतता है, तो उसे तुरंत नोटिस देकर सस्पेंड, टर्मिनेट और ब्लैकलिस्ट किया जाए। प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए उन्होंने घोषणा की कि बेहतर काम करने वाले ग्राम सेवकों को पारितोषिक मिलेगा, जबकि मुख्यालय पर न रुकने और लापरवाही बरतने वालों को सीधे चार्जशीट थमाई जाएगी।

‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत भूजल स्तर को सुधारने के लिए गांवों में वैज्ञानिक पद्धति से सोखता गड्ढों के निर्माण पर जोर दिया गया, ताकि व्यर्थ बहने वाले पानी से वाटर रिचार्जिंग हो सके। मंत्री ने पारंपरिक कुओं व बावड़ियों के जीर्णोद्धार और जल स्रोतों पर श्रमदान करने की अपील की।

इस बैठक में जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, उप प्रधान ओम नागर अडूसा सहित जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मंडल अध्यक्ष और विभिन्न विभागों के आला अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।