नीट पेपर लीक के बाद लातूर में अवैध कोचिंग सेंटर्स बंद करने का आदेश

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नई दिल्ली। NEET-UG Paper Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके दूरगामी परिणाम सामने आने लगे हैं।

लातूर में पेपर लीक के तार जुड़ने के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों पर बड़ा हंटर चलाया है। जिला उद्योग केंद्र (DIC) ने लातूर इंडस्ट्रियल एस्टेट (MIDC) के भीतर चल रही सभी गैर-औद्योगिक गतिविधियों, विशेष रूप से अवैध कोचिंग क्लासेस, हॉस्टल्स और मेस को तत्काल प्रभाव से बंद करने का कड़ा आदेश जारी किया है।

नीट पेपर लीक मामले की परतें खोलते हुए सीबीआई अब तक इस रैकेट से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें लातूर के एक रिटायर्ड प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी और लातूर के सबसे बड़े कोचिंग संस्थान ‘रेणुकाई करियर सेंटर’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर शामिल हैं। मोटेगांवकर के इस आरसीसी कोचिंग संस्थान की महाराष्ट्र के 9 जिलों में शाखाएं हैं और इस साल करीब 30,000 छात्र यहां रजिस्टर्ड थे।

जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर निखिल पाटिल द्वारा 22 मई को लातूर इंडस्ट्रियल एस्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष को एक कड़ा नोटिस भेजा गया। इस नोटिस में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों को बिना किसी देरी के तुरंत बंद करने और अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मल्लिकार्जुन भैकट्टी और वकील प्रदीप मोरे द्वारा 2023 और 2024 में दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी मोटेगांवकर ने नियमों को ताक पर रखकर ₹6.56 करोड़ के लीज समझौते के जरिए वर्ष 2054 तक के लिए 16,950 वर्ग फीट का एक बड़ा प्लॉट हासिल किया और उस पर कोचिंग क्लास का अवैध बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया।

लातूर के एजुकेशन हब पर खतरा
वर्षों से लातूर का यह औद्योगिक क्षेत्र छात्रों की सुविधाओं के कारण शहर के एक प्रमुख ‘एजुकेशन हब’ के रूप में विकसित हो चुका था। स्थानीय व्यवसायियों और कोचिंग ऑपरेटरों को डर है कि यदि इस नोटिस को पूरी तरह और कड़ाई से लागू किया गया, तो शहर के पूरे शैक्षणिक इकोसिस्टम पर इसका बेहद बुरा असर पड़ेगा और हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। वर्तमान में सैकड़ों कोचिंग संस्थान और छोटे व्यापारी भविष्य की कार्रवाई और सरकार द्वारा इस क्षेत्र के नियमितीकरण की उम्मीद में अधिकारियों के अगले स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।