Sunday, June 28, 2026
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NEET UG 2026: कहां से आया वह गैस पेपर, जिसने कराई नीट रद्द

जयपुर। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

इस पूरे मामले में सीकर में अब तक 14 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये भी सवाल उठ रहा है कि राजस्थान एसओजी ने एफआईआर दर्ज करने में बहुत देर की जबकि सारे सबूत सामने थे।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में एसओजी की जांच के दौरान पता चला कि केरल से सीकर तक पेपर पहुंचा। 1 मई को केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू के एक छात्र ने सीकर के एक काउंसलर को कथित सैंपल पेपर भेजा था। इसके बाद यह पेपर कोचिंग संस्थानों, फोटोकॉपी दुकानों और छात्रों तक पहुंचा। हालांकि इस पूरे मामले में अभी जांच जारी है और अंतिम स्थिति आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा से एक दिन पहले यानी 2 मई की रात कथित “गेस पेपर” व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया । बाद में इसकी फोटोकॉपी भी विभिन्न स्थानों पर बांटी गई। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने पुष्टि की कि यह गेस पेपर सोशल मीडिया और फोटोकॉपी दुकानों तक पहुंचा था तथा इसकी जांच की जा रही है।

सीकर से 14 हिरासत में
पूरे विवाद की जांच में राजस्थान का सीकर जिला सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) लगातार मामले की जांच कर रही थीं। अब तक 14 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। हालांकि अब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, इसलिए राजस्थान SOG की अब तक की जांच रिपोर्ट भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

100 से ज्यादा सवाल मैच होने का दावा
जांच में सामने आया कि वायरल गेस पेपर के बड़ी संख्या में प्रश्न वास्तविक NEET परीक्षा से मेल खाते थे। सूत्रों के मुताबिक बायोलॉजी के करीब 90 और केमिस्ट्री के लगभग 35 सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 400 प्रश्नों के सेट में से करीब 125 प्रश्न असली पेपर से मेल खाते थे। इसी वजह से मामला सामान्य “गेस पेपर” से आगे बढ़कर संभावित पेपर लीक और संगठित नेटवर्क की जांच तक पहुंच गया।

लाखों रुपये में बेचा गया कथित पेपर
जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआत में यह कथित गेस पेपर 2 से 5 लाख रुपये तक में बेचा गया। बाद में परीक्षा से ठीक पहले यही सामग्री 30 हजार रुपये तक में उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही हैं।

परीक्षा वाले दिन ही छात्रों ने की थी शिकायत
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा वाले दिन कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी कि कुछ अभ्यर्थियों के पास पहले से ऐसे सवाल मौजूद थे, जो परीक्षा में पूछे गए। बाद में 7 मई को NTA को भी कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें मिलीं, जिसके बाद एजेंसी ने 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के संकेत
SOG की जांच में सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक नेटवर्क फैलने के संकेत मिले हैं। सीकर के पीपराली रोड स्थित एक कंसल्टेंसी सेंटर को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसियों को संदिग्धों के मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेज भी मिले हैं। सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का अहम सदस्य मान रही हैं।

खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 3.48% पर पहुंची

नई दिल्ली। Retail Inflation Rate: भारत में आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर हल्का झटका लगा है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर 3.48 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

इससे पिछले महीने यानी मार्च में यह आंकड़ा 3.4 प्रतिशत पर था। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों, विशेषकर रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतों में आया उछाल है। हालांकि, अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात यह है कि समग्र महंगाई दर अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के चार प्रतिशत के लक्ष्य के काफी नीचे है।

अर्थव्यवस्था के इन आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि लोगों के रसोई का बजट मुख्य रूप से बिगड़ा है। खाद्य महंगाई दर मार्च के 3.87 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 4.20 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसमें ग्रामीण इलाकों की खाद्य महंगाई दर शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है।

सब्जियों की कीमत

  • टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 35.28 प्रतिशत का भारी उछाल आया है।
  • आलू और प्याज की कीमतों में बड़ी गिरावट (क्रमशः -23.69 प्रतिशत और -17.67 प्रतिशत) दर्ज की गई है।

पर्सनल केयर उत्पादों में भारी उछाल
महंगाई का असर केवल राशन तक सीमित नहीं है। अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा महंगाई पर्सनल केयर और विविध वस्तुओं की श्रेणी में देखी गई, जिसने 17.66 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की। इसके विपरीत, ईंधन से जुड़ी कीमतों में नरमी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर -0.01 प्रतिशत पर लगभग सपाट रही, जिससे माल ढुलाई और यात्रा लागत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई।

महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई है, फिर भी सरकार और आरबीआई के लिए स्थिति नियंत्रण में है। भारत ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के पांच वर्षों के लिए अपनी खुदरा महंगाई दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत (2% से 6% के दायरे में) पर बरकरार रखा है।

एक सर्वे में खुदरा महंगाई के 3.8 प्रतिशत तक जाने का अनुमान जताया गया था, ऐसे में मौजूदा 3.48 प्रतिशत का आंकड़ा अनुमानों से काफी बेहतर है। हालांकि, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण भविष्य में ऊर्जा और खाद्य लागत बढ़ने का जो जोखिम पैदा हुआ है, उस पर आगामी मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक की पैनी नजर रहेगी।

NEET रद्द होने पर कोटा के छात्रों का छलका दर्द, बोले डॉक्टर बनने का सपना टूटा

कोटा। NEET 2026 रद्द होने के बाद कोचिंग सिटी कोटा के छात्रों का दर्द छलक आया है। लाखों की तादाद में यहां रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के चेहरों पर मायूसी और सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ देखी जा सकती है।

एनटीए ने NEET 2026 की परीक्षा को रद्द कर इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान क‍िया है। इससे एक बार फ‍िर कोटा में तैयारी में लगे छात्रों को झटका लगा है। बिहार के पटना से कोटा आकर तैयारी कर रहे यश यादव का दर्द भी कुछ ऐसा ही है।

यश का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र अपना घर-बार छोड़कर लाखों रुपये खर्च कर दूसरे शहरों में संघर्ष करते हैं। यश कहते हैं कि अगर जांच में पेपर लीक साबित होता है, तो सरकार को री-नीट कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।

यह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, हमारे डॉक्टर बनने के सपने का रास्ता है। यश को इस बार सफलता की पूरी उम्मीद थी और पेपर भी सामान्य रहा था, लेकिन अब पेपर ही रद्द हो गए हैं।

मध्य प्रदेश से आकर कोटा के कोरल पार्क इलाके में रह रहे राहुल माथुर बताते हैं कि सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों ने छात्रों को ‘पैनिक’ कर दिया है। राहुल के अनुसार, एनटीए की जिम्मेदारी परीक्षा को सुरक्षित कराने की थी, लेकिन सीकर से आई खबरों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। अब हर छात्र को दोबारा उसी तनाव और तैयारी के दौर से गुजरना होगा।

सुरक्षा के नाम पर सख्ती, पर गोपनीयता में सेंध
कोटा में रहकर तैयारी करने वाले छात्र कुलदीप गौतम ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। कुलदीप का कहना है कि प्रशासन सुरक्षा के नाम पर इतना सख्त हो जाता है कि केंद्रों पर महिलाओं के मंगलसूत्र तक खुलवा लिए जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता ताश के पत्तों की तरह ढह जाती है। उनका मानना है कि पक्ष-विपक्ष की राजनीति के बीच असली नुकसान उस ईमानदार छात्र का हो रहा है जिसने दिन-रात एक कर दिया।

सिस्टम पर सवाल और न्याय की उम्मीद
कोटा के छात्रों का यह आक्रोश सीधे तौर पर सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है। छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, वे केवल इंतजार कर सकते हैं, लेकिन ‘गेस पेपर’ के सवालों का मिलान महज इत्तेफाक नहीं लग रहा। अब देश की नजरें एसओजी की जांच और एनटीए के रुख पर टिकी हैं। क्या लाखों छात्रों की मेहनत को इंसाफ मिलेगा या सिस्टम की कमियां एक बार फिर भविष्य पर भारी पड़ेंगी? कोटा की गलियों में फिलहाल यही सबसे बड़ा सवाल है।

दो साल की मेहनत पर लगा झटका
जयपुर में रहकर नीट की तैयारी करने वाले छात्र अमित मीणा ने बताया कि इस साल उन्होंने नीट की परीक्षा दी थी। वह एसटी कैटेगरी से आते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनके 500 से ज्यादा नंबर आ सकते थे और उनका चयन हो जाता। अमित ने आगे कहा कि वह पिछले दो साल से तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता किसान हैं और खेती करके ही उन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया है। परीक्षा रद्द होने से उन्हें बड़ा झटका लगा है।

हर साल पेपर लीक से भविष्य बर्बाद
जयपुर में रहने वाली एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक होने की वजह से मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर बहुत कठिन था और इस बार फिर से पेपर लीक का मामला सामने आ गया। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं और एक फैसले से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

अच्छा पेपर गया था, अब उम्मीद टूट रही
कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्रा रिया ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार मेहनत कर रही थी और इस बार उनका पेपर भी काफी अच्छा गया था। उन्हें विश्वास था कि इस बार उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने की वजह से उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे अपने लिए बड़ा झटका बताया।

एनटीए की व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल
कोटा में पढ़ाई कर रही छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि यह बहुत बड़े स्तर की समस्या है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए दोबारा परीक्षा कराता है तो उसे यह गारंटी देनी चाहिए कि इस बार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी, तभी छात्र भरोसे के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

निर्यातकों की कमजोर मांग एवं स्टाकिस्टों की बिकवाली से जीरा का भाव नरम

राजकोट। Jeera Price: घरेलू उत्पादन में गिरावट आने तथा गुजरात की बेंचमार्क ऊंझा मंडी में आपूर्ति कम होने के बावजूद जीरा की कीमतों में तेजी का माहौल नहीं बन रहा है क्योंकि इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर है।

गुजरात एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में फसल की कटाई-तैयारी अभी ठीक से समाप्त भी नहीं हुई है मगर कमजोर मंडी भाव को देखते हुए उत्पादकों ने इसका स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि एक अग्रणी संस्था- फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टैक होल्डर्स (फिस्स) ने चालू सीजन के दौरान जीरा के घरेलू उत्पादन में 15 प्रतिशत तथा गुजरात के व्यापारियों ने 25 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया है। पिछला बकाया स्टॉक भी सीमित होने से जीरा के दाम में तेजी-मजबूती की उम्मीद की जा रही थी लेकिन बाजार कुछ सुस्त नजर आने लगा है।

चीन में बेहतर उत्पादन होने से उसके आयातक भारतीय जीरे की खरीद में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं जबकि पहले वह इसका सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था।

तुर्की, ईरान, सीरिया एवं अफगानिस्तान जैसे देशों में जीरा के नए माल की आवक अगले कुछ सप्ताहों में शुरू होने वाली है जिससे वैश्विक बाजार में भारत के लिए चुनौती और भी बढ़ सकती है। बांग्ला देश थोड़ी-बहुत मात्रा में जीरा खरीद रहा है मगर अरब देशों में निर्यात लगभग ठप्प पड़ गया है।

मडगाँव–शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन का संचालन 22 मई को होगा

कोटा। दिल्ली में 24 मई को होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक सम्मेलन के दौरान अतिरिक्त यात्रीभार को नियंत्रित करने हेतु रेल प्रशासन द्वारा मडगाँव जंक्शन–शकूरबस्ती–मडगाँव जंक्शन के मध्य विशेष रेलगाड़ी का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 01108 (मडगाँव जंक्शन–शकूरबस्ती) 22 मई को 1 फेरे में शुक्रवार को मडगाँव जंक्शन से रात्रि 02.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शनिवार को कोटा जंक्शन 07.40 बजे होते हुए उसी दिन सायं 17.15 बजे शकूरबस्ती पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01107 (शकूरबस्ती–मडगाँव जंक्शन) 25 मई को 1 फेरे में सोमवार को शकूरबस्ती से रात्रि 01.00 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 08.30 बजे होते हुए अगले दिन मंगलवार को सायं 17.45 बजे मडगाँव जंक्शन पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में करमाली, थिविम, रत्नागिरी, चिपलून, रोहा, पनवेल, वसई रोड, उधना जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन तथा कोटा जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

OnePlus का 7000mAh बैटरी वाला यह 5G फ़ोन 20 हजार से कम में

नई दिल्ली। OnePlus Nord CE 6 Lite में 6.72-इंच का फुल एचडी डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144 हर्ट्ज है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस डिस्प्ले का पीक रिफ्रेश रेट कुछ खास ऐप्स में गेम खेलने के लिए ही रिजर्व है।

रोजाना के इस्तेमाल के लिए, यह पैनल ज्यादा से ज्यादा 120 हर्ट्ज पर काम करता है, जो इस सेगमेंट के ज्यादातर स्मार्टफोन के जैसा ही है। गेमर्स के लिए, इस डिवाइस में एक ऐसा पैनल है जो शूटर गेम्स में 90 FPS तक और रनर गेम्स में 144 FPS तक की स्पीड बनाए रख सकता है।

प्रोसेसर: लेटेस्ट OnePlus Nord CE 6 Lite में MediaTek Dimensity 7400 Apex चिपसेट लगा है, जिसे 4nm प्रोसेस पर बनाया गया है और इसके साथ UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है। वनप्लस का दावा है कि AnTuTu टेस्ट में 1,030,000 स्कोर के साथ यह सेगमेंट का सबसे तेज फोन है। हैवी यूज के दौरान तापमान को कंट्रोल में रखने के लिए, डिवाइस में 5,300sqmm का वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है। फोन मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आता है और एंड्रॉयड पर बेस्ड ऑक्सीजनओएस 16 पर चलता है।

बैटरी: इसमें 7000mAh की बैटरी है, और कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर दो दिनों तक चल सकता है। इस बैटरी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि छह साल इस्तेमाल करने के बाद भी यह अपनी असली क्षमता का 80 प्रतिशत तक बनाए रखती है। जब इसे रिचार्ज करने की जरूरत होती है, तो 45W सुपरवूक वायर्ड चार्जिंग इसे तेजी से फिर से चार्ज कर देती है।

कैमरा: इसके कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी सेंसर है, जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है; इसके साथ ही पोर्ट्रेट शॉट्स के लिए 2MP का डेप्थ सेंसर भी दिया गया है। सामने की तरफ, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का कैमरा है। इसमें ढेर सारे AI फोटोग्राफी टूल्स हैं, जिसमें एआई परफेक्ट शॉट, एआई रिफ्लेक्शन इरेज़र, एआई डिटेल बूस्ट, एआई पोर्ट्रेट ग्लो, एआई इरेज़र और एआई रिफ्रेम शामिल हैं। साथ ही 4K सपोर्ट वाली Motion Photos भी हैं। इसमें गूगल का Gemini AI भी मौजूद है, जिसमें Gemini Live के साथ-साथ कैमरा और स्क्रीन-शेयरिंग फंक्शनैलिटी भी मिलती है।

कीमत: OnePlus Nord CE 6 Lite तीन कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध है। इसके बेस 6GB+128GB वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये, 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 22,999 रुपये और टॉप-एंड 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 25,999 रुपये है। ग्राहक HDFC बैंक कार्ड पर 2,000 रुपये की छूट पा सकते हैं, जिससे इन तीनों वेरिएंट की प्रभावी कीमतें घटकर क्रमशः 18,999 रुपये, 20,999 रुपये और 23,999 रुपये हो जाएंगी। फोन दो कलर ऑप्शन – Vivid Mint और Hyper Black – में उपलब्ध है। इसे Amazon, OnePlus.in, OnePlus Store ऐप और OnePlus Experience Stores से खरीदा जा सकता है।

पीएम की अपील के बाद तेल मंत्री ने दिया बयान, क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और युद्ध के हालातों के बीच भारत में ईंधन संकट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और कोविड काल जैसे उपाय अपनाने की अपील के बाद सोशल मीडिया पर ‘लॉकडाउन’ को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे। इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट की है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।

CII वार्षिक बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने साफ तौर पर कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने युद्ध के हालातों को देखते हुए सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं और रसोई गैस (LPG) का उत्पादन 35,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की किल्लत न हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ‘स्वदेशी’ अपनाने और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) बचाने के लिए एक विशेष आह्वान किया था। उनके सुझावों में ईंधन की बचत करना भी शामिल है। पीएम ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो, कारपूलिंग और ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

कंपनियों और कर्मचारियों को सलाह दी गई कि जहां संभव हो, घर से काम करें, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और तेल की खपत कम हो सके। PM ने लोगों से अपील की है कि वे कम से कम एक साल के लिए सोना (Gold) खरीदने और विदेशी यात्रा को टाल दें। भारत भारी मात्रा में सोना और तेल आयात करता है, जिसे कम करना देश की आर्थिक सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
सरकार केवल तेल ही नहीं, बल्कि खाने के तेल (Edible Oil) और रसायनिक उर्वरकों (Fertilisers) के उपयोग को भी कम करने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल की बात कही है। पेट्रोलियम मंत्री पुरी के अनुसार, PM मोदी की यह किफायत की अपील असल में एक ‘वेक-अप कॉल’ है, ताकि पश्चिम एशिया के युद्ध से भारत के राजकोषीय खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके।

मंत्री के बयान से स्थिति साफ हो गई है कि भारत में कोई लॉकडाउन (Lockdown) नहीं होने वाला है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक युद्ध के कारण बढ़ने वाली तेल की कीमतों और डॉलर की कमी से देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए। मंत्री का कहना है कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक के तौर पर अपनी खपत कम कर देश की ‘आत्मनिर्भरता’ में योगदान देने का है।

Stock Market: सेंसेक्स 1458 अंक गिरकर बंद, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

दो दिन में सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसला

नई दिल्ली। Stock Market, May 12, 2026 : अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद पश्चिम एशिया में हालात को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। इससे सेंसेक्स मंगलवार को 1,456.04 अंक गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ तो निफ्टी 436.30 अंक गिरकर 23,379.55 पर आ गया।

दोपहर 3 बजे करीब शेयर बाजार में आज जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1,515 अंक या 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,499.91 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 399.55 अंक यानी 1.68 प्रतिशत गिरकर 23,416.90 पर आ गया। दो दिन में सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसला है।

आज की गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये गिरकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.62 के ऑल टाइम लो लेवल पर बंद हुआ। सेंसेक्स से 30 शेयरों में से 27 गिरावट के साथ बंद हुए।

टेक महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.40 फीसदी गिरावट रही। अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, टीसीएस, टाइटन, इन्फोसिस, बीईएल, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी 2 से 4 फीसदी तक गिरावट आई। दूसरी ओर एनटीपीसी, एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयर मामूली तेजी के साथ बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली
ब्रोडर मार्केट्स में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.50 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.07 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

सेक्टोरल दबाव
आज के सत्र में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इस सेक्टर के इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसमें प्रमुख कंपनियों पर दबाव देखने को मिला।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स की गिरावट में टाइटन कंपनी और डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसे बड़े शेयरों का अहम योगदान रहा। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के चलते पूरा सेक्टर दबाव में आ गया और बाजार की गिरावट और गहरी हो गई।

पेपर लीक की चर्चा के बीच NEET UG 2026 रद्द, 3 मई को खत्म हुई थी परीक्षा

नई दिल्ली। NEET UG 2026 Exam Cancelled : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 रद्द कर दी गई है। 3 मई को जब परीक्षा खत्म हुई, तब लाखों छात्र राहत महसूस कर रहे थे। लेकिन कुछ ही दिनों बाद सोशल मीडिया पर गेस पेपर और पेपर लीक की चर्चाएं तेज होने लगीं।

शुरुआत में इसे अफवाह माना गया लेकिन फिर राजस्थान से गिरफ्तारियों और हिरासत की खबरें आने लगीं। मामला इतना बढ़ा कि अब पूरी परीक्षा ही रद्द करनी पड़ी। करीब 22 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। ऐसे में परीक्षा रद्द होने छात्रों में मायूसी जरूर है। आइए इस प्रकरण को विस्तार से समझते हैं।

विवाद बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA सामने आई और उसने दावा किया कि NEET UG 2026 को फुल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत कराया गया था। एजेंसी ने कहा कि इस बार सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक रोका जा सके।

NTA के मुताबिक प्रश्न पत्र GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से भेजे गए थे। हर पेपर पर यूनिक वॉटरमार्क आइडेंटिफायर लगाया गया था ताकि लीक होने पर तुरंत स्रोत पकड़ा जा सके।

परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी का दावा था कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी तरह की इलेक्ट्रॉनिक चीटिंग की संभावना नहीं थी।

NTA के मुताबिक 7 मई की देर शाम उसे कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। अगले ही दिन यानी 8 मई को ये इनपुट दूसरी केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिए गए। इसके बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी SOG ने जांच शुरू की और कई लोगों को हिरासत में लिया।

धीरे-धीरे सामने आया कि परीक्षा से पहले कथित गेस पेपर कुछ लोगों तक पहुंचा था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ अनुमान वाला पेपर नहीं था, बल्कि असली प्रश्न पत्र से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हो सकती थी। यहीं से पूरा मामला साधारण अफवाह से निकलकर बड़े पेपर लीक कांड में बदल गया।

जांच एजेंसियां फिलहाल दो संभावित रास्तों की जांच कर रही हैं। पहला शक यह है कि पेपर प्रिंटिंग के दौरान लीक हुआ। दूसरा शक पेपर सेटिंग से जुड़े लोगों पर है। सूत्रों के मुताबिक कुछ जगहों पर हाथ से लिखा हुआ प्रश्न पत्र जैसा मटेरियल मिला है।

इससे जांच एजेंसियों को शक हुआ कि पेपर प्रिंटिंग स्टेज पर ही बाहर निकाला गया हो सकता है। अगर ऐसा साबित होता है तो यह परीक्षा सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक मानी जाएगी। राजस्थान में अब तक 45 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी के बाद केंद्र सरकार ने मामले को CBI को सौंपने का फैसला किया।

NTA ने अपने नए बयान में साफ कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद यह महसूस हुआ कि परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने माना कि अगर संदिग्ध परीक्षा को जारी रहने दिया जाता, तो इससे पूरे सिस्टम पर भरोसा कमजोर पड़ जाता।

यही वजह रही कि NEET UG 2026 को रद्द करने का फैसला लिया गया। एजेंसी ने कहा कि यह फैसला छात्रों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।

NTA ने साफ कर दिया है कि छात्रों को फिर से आवेदन नहीं करना होगा। पुराना रजिस्ट्रेशन डेटा ही इस्तेमाल किया जाएगा। जिन परीक्षा केंद्रों का चयन पहले हुआ था, वे ही मान्य रहेंगे।

एजेंसी ने यह भी कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहले जमा फीस वापस की जाएगी। नए एडमिट कार्ड बाद में जारी किए जाएंगे। फिलहाल नई परीक्षा तारीख का इंतजार किया जा रहा है।

परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ा है जो महीनों से तैयारी कर रहे थे। कई छात्र अब मानसिक दबाव और अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस चल रही है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में बार-बार सुरक्षा को लेकर सवाल क्यों उठते हैं।

अभिभावकों की चिंता यह है कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह पा रही, तो मेहनती छात्रों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

अब पूरा फोकस CBI जांच और री-एग्जाम पर
फिलहाल देशभर की नजर अब CBI जांच पर टिकी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गेस पेपर आखिर कहां से निकला और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। दूसरी तरफ लाखों छात्र अब नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आखिर और कितनी मजबूत व्यवस्था की जरूरत है।

मूडीज ने घटाया भारत का ग्रोथ अनुमान, छह महीने में दिखेगा बड़ा असर

नई दिल्ली। Iran War Impact on India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध को कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ा संकट बताते हुए लोगों से फ्यूल बचाने, विदेश यात्रा और सोने की खरीद से परहेज करने की अपील की है। इससे देश की इकॉनमी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी है।

इस बीच मूडीज रेटिंग्स ने 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान मंगलवार को 0.8 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया। यह कटौती निजी खपत और औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती के साथ-साथ ऊंची ऊर्जा लागत के कारण की गई है।

क्रेडिट निर्धारण एजेंसी ने अपनी ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ के मई संस्करण में कहा कि अगले छह महीनों में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी तथा ईंधन एवं उर्वरक की कमी का असर विभिन्न देशों में अलग-अलग होगा जो उनकी निर्भरता तथा लचीलेपन पर निर्भर करेगा।

एजेंसी ने कहा, ‘वैश्विक परिदृश्य अत्यधिक अनिश्चित बना हुआ है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति नाजुक है। हम भारत के लिए वृद्धि दर में करीब 0.8 प्रतिशत अंक तक की गिरावट का अनुमान लगाते हैं।

कच्चे तेल का आयात
इसके अलावा, 2027 (कैलेंडर वर्ष) के लिए भी मूडीज रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर का अनुमान 0.5 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और शिपिंग प्रवाह के सामान्य होने के साथ ये दबाव धीरे-धीरे कम होंगे एवं आर्थिक गतिविधियां सुधरेंगी। मूडीज ने साथ ही कहा कि भारत ऊंची तेल कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है।