नई दिल्ली। Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की स्थिति नाजुक बनी हुई है। ईरान ने गुरुवार को एक कार्गो शिप को निशाना बनाया। इसके जवाब में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है।
लेकिन भारत के लिए राहत की बात है। शनिवार तक पिछले 72 घंटों में भारत और विदेशी झंडे वाले नौ जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं। इनमें से सात कार्गो लेकर भारत आ रहे हैं।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से शनिवार तक भारत के लिए कार्गो ले जाने वाले 44 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं।
पिछले 72 घंटे में गुजरे नौ जहाजों में से चार पर भारत का झंडा लगा है और पांच पर विदेशी झंडा है। भारत आ रहे 15 और जहाज फ़ारस की खाड़ी में इंतजार कर रहे हैं। इनमें भारत के झंडे वाले 10 जहाज शामिल हैं।
खाद की सप्लाई
सूत्रों के मुताबिक इनमें से चार जहाजों में फर्टिलाइजर लदा है जबकि एक एनर्जी कार्गो है। भारत के झंडे वाले बल्क कैरियर APJ प्रीति 2 ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट पार किया। इस पर 65,000 टन फ़र्टिलाइजर भरा है। शुक्रवार को दो अन्य जहाज देश सुरक्षा और प्रभु पार्वती इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरे थे। देश सुरक्षा में एक लाख टन से ज्यादा कच्चा तेल भरा था जबकि प्रभु पार्वती में 18,732 टन कार्गो लदा था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 17 जून के बीच होर्मुज से केवल 19 जहाज गुजरे थे। वहीं 17 जून को ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता होने के बाद से 10 दिनों में भारत आने वाले जहाजों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले लोगों ने बताया कि 1 मार्च से स्ट्रेट पार करने वाले जहाजों में से 15 बल्क कैरियर, 13 LPG कैरियर, 11 क्रूड टैंकर और दो एलएनजी कैरियर थे।

