Thursday, June 18, 2026
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2022 के न्यू इंडिया में गरीबी की जगह नहीं

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम पहले संबोधन में बोले राष्ट्रपति कोविंद

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कोविंद ने कहा कि 2022 तक भारत न्यू इंडिया बनेगा जहां गरीबी की कोई जगह नहीं होगी।

राष्ट्रपति ने बेटा-बेटी में भेद मिटाने का आह्वान करते हुए कहा कि परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण के बारे में भी सोचना चाहिए।

आजादी के दीवानों को किया याद
कोविंद ने कहा, ‘आजादी दिलाने वाले देश के महापुरुषों को हम नमन करते हैं। देश के लिए जान देने वाले भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं भूल सकते हैं।

पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल, भीमराम आंबेडकर जैसे महान नेताओं ने देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया। हमारी आजादी में महिला और पुरुष दोनों का योगदान था।’

उन्होंने कहा, ‘हमें जिस पीढ़ी ने आजादी दिलाई उसका दायरा बड़ा था। नैतिकता पर आधारित नीतियों को लागू करने पर उनका जोर था। विरासत, विज्ञान में उनकी आस्था थी।

नागरिकों और सरकार के बीच साझेदारी की योजना थी। व्यक्ति और समाज के बीच साझेदारी, परिवार और बड़े समूह के बीच साझेदारी की भावना थी।’

राष्ट्रपति कोविंद के संबोधन की अहम बातें

  • देश में गरीबी का उन्मूलन जरूरी है।
  • न्यू इंडिया में गरीबी के लिए जगह नहीं है।
  • 2022 में देश आजादी की 75वीं वर्षगाठ मनाएगा।
  • उस समय तक हर परिवार के लिए घर, मांग के मुताबिक बिजली, बेहतर सड़कें, संचार के साधन, रेल का विकास, तेज और सतत विकास।
  • यह सभी हमारे डीएनए में रचे बसे।
  • देश के लोग समग्र प्रक्रिया में सहभागी बनें।
  • संवेदनशील समाज सभी को अपने में समाहित करें।
  • सभी देश से कटे हुए लोगों को आपस में जोड़ना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
  • संवेदनशील समाज में बेटा-बेटी और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • कुपोषण को खत्म करने लिए प्रयास करना चाहिए।
  • प्रत्येक भारतीय अपनी क्षमताओं को विकसित करने में खुद का आगे बढ़ाए।
    ऐसा देश बने जहां हर भारतवासी सुखी हो।’

3 दिन की गिरावट के बाद रुपया 64.12 रुपये डॉलर पर टिका

मुंबई। दिन की गिरावट के बाद सत्र के अंतिम दौर में डॉलर मांग बढ़ने पर रुपया सकारात्मक रुझान लिए 64.12 रुपये प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित बंद हुआ।

मजबूत शुरुआत के बावजूद बैंकों और आयातकों की सतत डॉलर मांग से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की तेजी प्रभावित हुई। हालांकि, शेयरों में पूंजी के भारी निवेश और घरेलू शेयरों में सुधार आने से गिरावट पर अंकुश लग गया।

शुरुआती कारोबार में रुपया 64 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को लांघकर थोड़े समय के लिए 63.9350 रुपये प्रति डॉलर हो गया। अन्तर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में निर्यातकों की ताजा डॉलर बिकवाली के कारण रुपया 64.02 रुपये प्रति डॉलर पर ऊंचा खुला।

कारोबार के दौरान 63.9350 रुपये प्रति डॉलर के दिन के निम्न स्तर को छूने के बाद अंत में यह महज एक पैसे की तेजी के साथ 64.12 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने अमेरिकी मुद्रा के लिए संदर्भ दर 64.0253 रुपये प्रति डॉलर और यूरो के लिए 75.7035 रुपये प्रति यूरो निर्धारित किया था।

काउंसिल को 133 चीजों पर टैक्स में कमी की मिली रिक्वेस्ट

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नई दिल्ली । जीएसटी काउंसिल को हेलमेट से लेकर ग्रेनाइट स्लैब, हाइब्रिड गाड़ियों से लेकर नमकीन तक कई कमोडिटीज पर जीएसटी टैक्स दर में बदलाव करने की रिक्वेस्ट प्राप्त हो रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र से मुताबिक वस्तु एवं सेवा कर की पॉलिसी बॉडी को करीब 133 चीजों पर टैक्स रेट में बदलाव करने की रिक्वेस्ट मिली हैं।

देशभर में एक जुलाई से लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत काउंसिल ने करीब 1200 वस्तुओं पर पांच, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद के चार टैक्स स्लैब तय किए हैं। सूत्रों का मानना है कि कुछ लोग इन टैक्स ब्रैकिट से खुश नहीं है और इसमें बदलाव की मांग की है।

इनमें आईटी प्रोडक्ट्स पर 18 फीसद से 12 फीसद तक के टैक्स रेट की मांग की गई है। यह सेक्टर एक भारी संख्या में कुशल कामगारों को रोजगार देता है। वहीं आईटी हार्डवेयर के मोर्चे पर टैक्स दर 28 फीसद से 18 फीसद करने की मांग की जा रही है।

हेल्मेट पर 18 फीसद से 5 फीसद, टैक्सटाइल्स पर पांच से निल (शून्य), ट्रैक्टर्स पर 12 फीसद से पांच फीसद और ग्रेनाइट पर 28 फीसद की मौजूदा दर से 18 फीसद करने की मांग की जा रही है। वहीं, काउंसिल से नमकीन, भुजिया और आलू के चिप्स पर 12 फीसद की जगह पांच फीसद की जीएसटी दर का अनुरोध किया जा रहा है।

साथ ही मिठाइयों, कुल्फी, खजूर, इसबगोल और अन्य मिठाइयों जैसे कि पीनट चिक्की की टैक्स दरों पर भी कटौती की मांग की जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि छोटे पाउच में और 20 लीटर की रिफिल कैन में बेचे जाने वाले पानी पर भी टैक्स की दर को 18 फीसद से घटाकर निल (शून्य) जीएसटी दर की श्रेणी में लाया जाए।

70 रुपये में एक साल तक अनलिमिटेड डेटा

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स्वतंत्रता दिवस पर रिलांयस कम्यूनिकेशन का तोहफा

मुंबई। टेलिकॉम कंपनियों में डेटा को लेकर मची प्राइस वॉर के बीच रिलायंस कम्यूनिकेशन ने नया धमाकेदार ऑफर पेश किया है। भारत की आजादी के 70 साल पूरे होने के मौके पर अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने महज 70 रुपये में एक साल तक अनलिमिटेड डेटा देने की घोषणा की है। हालांकि, स्पीड आपको 2G वाली मिलेगी।

यह ऑफर प्रीडेप यूजर्स के लिए है, जिसका फायदा वह 14 से 16 अगस्त के बीच रिचार्ज कराकर उठा सकते हैं। ‘डेटा की आजादी’ नाम के इस ऑफर में 56 रुपये का टॉक टाइम भी मिलेगा।

आरकॉम जीएसएम सिम यूजर्स को एक साल तक हर दिन 1GB डेटा मिलेगा। आरकॉम LTE सिम कार्ड वाले ग्राहक भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एक साल तक हर महीने 1GB डेटा मिलेगा।

इससे पहले कंपनी ने एक अन्य ऑफर के तहत 147 रुपये में 28 दिनों तक हर दिन 1GB डेटा देने की घोषणा की है। कंपनी ने 299 रुपये वाला भी एक प्लान पेश किया था, जिसमें अनलिमिडेट कॉल, अनलिमिटेड डेटा और अनलिमिटेड एसएमस की सुविधा है।

30 % से कम एडमिशन वाले इंजीनियरिंग कालेज बंद होंगे

नई दिल्ली। टेक्निकल एजुकेशन की नियामक संस्था ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने तय किया है कि जिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में 30 पर्सेंट से कम एडमिशन हो रहे हैं, उन्हें बंद किया जाएगा। देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 27 लाख सीटें खाली रहती हैं।

इसे ध्यान में रखते हुए एआईसीटीई ने तय किया है कि जिन कॉलेजों में पिछले 5 सालों में 30 पर्सेंट से कम सीटों पर एडमिशन हुए हैं, उन्हें अगले सेशन से बंद किया जाएगा।

संख्या घटाने की कवायद
एक कार्यक्रम में बोलते हुए एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि पिछले कुछ सालों से हम खराब क्वॉलिटी और कम डिमांड की वजह से इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स की संख्या घटाने के लिए काम कर रहे हैं। हमने इंजीनियरिंग कॉलेज बंद करने पर पेनल्टी भी काफी घटा दी है, जिससे संबंधित कॉलेज हिचकिचाएं नहीं।

10,361 इंजीनियरिंग महाविद्यालय
सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि देश में 10,361 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जो एआईसीटीई से अप्रूव्ड हैं। इनमें कुल 3,701,366 सीटें हैं। उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों को बंद करने के साथ ही हम लाइफ स्किल और रियल लाइफ दिक्कतों पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने नैशनल स्टूडेंट स्टार्टअप पॉलिसी भी बनाई है, जिससे स्टूडेंट्स देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में भागीदार बनें।

बाजार में लौटी चमक, सेंसेक्स 235 पॉइंट चढ़ा

मुंबई। बाजार में पिछले 5 दिन से जारी गिरावट पर सोमवार को विराम लग गया। सेंसेक्स 235.44 अंक चढ़कर 31,449 और निफ्टी 83.35 पॉइंट की बढ़त के साथ 9,794 पर बंद हुआ। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 191 अंक की मजबूती के साथ खुला।

कारोबारियों के अनुसार हाल में शेयरों में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने कम भाव पर लिवाली को तरजीह दी। इसके अलावा एशिया के अन्य बाजारों में मिले-जुले रुख से भी कारोबारी धारणा पर असर पड़ा। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 190.65 अंक या 0.61 प्रतिशत की मजबूती के साथ 31,404.24 अंक पर खुला।

जून में औद्योगिक उत्पादन में गिरावट के बावजूद निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आई। जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों, धातु और बुनयादी ढांचा क्षेत्र की कंपनियों की अगुवाई में क्षेत्रवार सूचकांकों में तेजी रही। इससे पहले, पिछले 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 1,111.82 अंक की गिरावट आई थी।

जून महीने में औद्योगिक उत्पादन में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई। इसका मुख्य कारण विनिर्माण और पूंजीगत वस्तु क्षेत्रों का कमजोर प्रदर्शन है। एशिया के अन्य बाजारों में हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 1.10 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि जापान का निक्कर 0.84 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.41 प्रतिशत नीचे आए।

सेंसेक्स का दोहरा शतक, निफ्टी में भी शानदार बढ़त

नई दिल्ली।  शेयर बाजार ने नए सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को अच्छी-खासी बढ़त हासिल कर ली। बाजार की यह बढ़त पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी के सबसे ज्यादा प्रभावित शेयरों में आई थोड़ी-थोड़ी तेजी की बदौलत आई।सोमवार को बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 214.33 अंक चढ़कर 31,427 पर पहुंच गया जबकि 50 शेयरों का एनएसई निफ्टी 70.80 पॉइंट मजबूत होकर 9,781 का स्तर छू लिया।

सोमवार की बढ़त में सुजलॉन एनर्जी, सीईएससी, बीईएमएल, अडानी पोर्ट्स, डीएलएफ, सन टीवी, सीजी पावर, जेपी असोसिएट्स, जीवीके पावर, जीएमआर इन्फ्रा, टेक्नो इलेक्ट्रिक, वोल्टैंप ट्रांसफॉर्मर्स और मर्केटर के शेयर 7 प्रतिशत तक चढ़ गए। हालांकि, पार्श्वनाथ डिवेलपर्स के शेयर 10 प्रतिशत जबकि सिग्नेट इंडस्ट्रीज के शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गए।

इधर, निफ्टी में डॉ. रेड्डीज लैब्स, सन फार्मा, बैंक ऑफ बड़ोदा, बीपीसीएल, इन्फोसिस और भारत एयरटेल के शेयरों ने गिरावट दर्ज की। आरईसी, एचडीआईल, जमना ऑटो और चेन्नई पेट्रोलियम के शेयरों में भी 5 प्रतिशत के करीब गिरावट पाई गई। हालांकि, निफ्टी मिडकैप के शेयर 1.5 प्रतिशत तक चढ़ते दिखाई पड़े।

पनामा पेपर केस: अमिताभ समेत कई दिग्गज पर इनकम टैक्स की नजर

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“बच्चन का कहना है कि दस्तावेजों में सामने आई किसी भी फर्म से उनका वास्ता नहीं है, नियमों के तहत ही विदेश में धन भेजा है। “

नई दिल्ली। पनामा पेपर्स मामले में बॉलिवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन समेत कई बड़े लोगों का नाम सामने आया था। इस मामले को लेकर इनकम टैक्स विभाग काफी ‘आक्रामकता’ से काम कर रहा है। विभाग ने मामले में और जानकारी जुटाने के लिए एक आला अधिकारी को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में भी भेजा है।

कैरेबियाई द्वीप समूह में स्थित ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स कई टैक्स हैवन देशों में से शुमार हैं। इनकम टैक्स विभाग ने पनामा पेपर्स में सामने आए 33 नामों के लिए मुकदमा दायर कर दिया है व बाकियों के खिलाफ जांच चल रही है।

एक अधिकारी ने अपनी पहचान न जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। हम काफी तेजी से अन्य देशों से जानकारी जमा कर रहे हैं। पनामा पेपर मामले में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनके पद से हटाए जाने के बाद से ही भारतीय टैक्स एजेंसियों पर मामले को लंबा खींचने जैसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

जब इस अधिकारी से पूछा गया कि क्या अमिताभ बच्चन के खिलाफ आरोपों की भी जांच की जा रही है। इस पर अधिकारी ने कहा, ‘मिस्टर बच्चन का कहना है कि दस्तावेजों में सामने आई किसी भी फर्म से उनका वास्ता नहीं है। तो हम सीधा जांच शुरू नहीं कर सकते। हमें और जानकारी जुटानी होगी।’

अधिकारी ने कहा, ‘हमने और जानकारी जमा करने के लिए सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स) के अधिकारी को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड भेजा है। हम कई अन्य देशों से भी जानकारी तलाश रहे हैं। इसके बाद हम जानकारी का आकलन करके पता लगाएंगे क्या वाकई किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।’

कथित पनामा-पेपर्स में कई बड़े फिल्मी सितारों, राजनेताओं और व्यापारियों के नाम सामने आए थे। अमिताभ बच्चन ने कोई भी गलत काम करने से इनकार किया था। अमिताभ ने कहा था कि उन्होंने भारतीय नियमों के तहत ही विदेश में धन भेजा है।

उन्होंने पनामा पेपर्स में सामने आयीं कंपनियों से भी किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। अधिकारी ने कहा, ‘सामने आए कुछ अकाउंट असली हैं और वे नाम डिटेल देने के सामने भी आए हैं। जानकारी जमा करने की प्रक्रिया काफी लंबी है।’

पनामा पेपर्स के दस्तावेज पनामा स्थित एक लॉ फर्म- मोसेक फॉन्सेका (Mossack Fonseca) ने ही लीक किए थे। इस फर्म के 35 देशों में दफ्तर हैं। पनामा पेपर्स में 50 देशों के ऐसे 140 राजनेताओं के नामों का जिक्र है जिनके कथित रूप से विदशी अकाउंट हैं।

इसमें 12 मौजूदा व पूर्व राष्ट्राध्यक्षों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा खिलाड़ी, प्रशासक और फोर्ब्स की सूची में शामिल 29 अरबपतियों के नाम भी इन पेपर्स में है।पनामा पेपर्स की जांच के लिए भारत वैश्विक टास्क फोर्स का हिस्सा है। यह फोर्स मामले की जांच के लिए जानकारी साझा करेगी और एक दूसरे का सहयोग करेगी।

इंजीनियरिंग शिक्षा को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय बनाएंगे – राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि प्रदेश में उच्च तकनीकी शिक्षा खासकर इंजीनियरिंग कॉलेजों के विकास के लिए योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 से 6 ऎसे विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेज होने चाहिए जहां युवाओं को आधुनिक इंजीनियरिंग शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने इसके लिए एक रोडमैप तैयार करने के भी निर्देश दिए।  

राजे शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की चौथी बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में राजस्थान ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश की इस प्रगति को दिशा देने में परिषद के सदस्यों द्वारा दिए गये बहुमूल्य सुझावों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

युवा चैलेंज फोर चेंज स्वीकार करें, सरकार को नवाचार सुझाएं 
आह्वान किया कि प्रदेश के युवा अपने नए विचारों के साथ बेहतर एवं प्रभावी सर्विस डिलिवरी और त्वरित गति से कार्याें को पूरा करने के सरकार के प्रयासों में आगे बढ़कर योगदान दें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ’चैलेंज फोर चेंज’ प्लेटफार्म विकसित करना चाहती है, जहां लोग सरकार के समक्ष मौजूद चुनौतियों का समाधान उपलब्ध करा सकें। इससे नवाचारों को बढ़ावा देने वाला एक प्रभावी तंत्र विकसित होगा और तकनीक का उपयोग भी बढ़ेगा। 

सफल रहा फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन का आयोजन
राजे ने कहा कि हाल ही जयपुर में दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन आयोजित किया गया जो उम्मीद से ज्यादा सफल रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के सदस्यों को राज्य की राजधानी को मिलने वाली तीन सौगातों के बारे में जानकारी दी।