Saturday, July 11, 2026
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जीएसटीआर 3बी हर महीने मार्च तक भरना होगा, ड्यू डेट अगले महीने की 20 तारीख होगी

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तिमाही रिटर्न की भूल तो नहीं कर रहे आप, हर महीने भरना ही होगा GSTR-3B

नई दिल्ली/कोटा । जीएसटी की नई दरों को लेकर भले ही अब लोगों को स्पष्टता आ गई हो, लेकिन जीएसटी के तिमाही रिटर्न को लेकर अब भी असमंजस बरकरार है।

अगर आप भी यह मान रहे हैं कि जीएसटी के रिटर्न को तिमाही कर दिया गया है तो आप गलत हैं और आपको अपनी जानकारी दुरुस्त कर लेनी चाहिए।

हम अपनी इस खबर में आपको इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

हर महीने भरते रहना होगा GSTR-3B: टैक्स एक्सपर्ट और चार्टेड अकाउंटेंट मिलिंद विजय ने बताया कि जीएसटीआर-3B फॉर्म आपको मार्च 2018 तक हर महीने भरते रहना होगा।

यह सीमा पहले जनवरी तक के लिए निर्धारित की गई थी लेकिन अब इसे मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें कि हर महीने के जीएसटीआर-3B की ड्यू डेट अगले महीने की 20 तारीख होगी।

GSTR-2 और GSTR-3 खत्म नहीं हुए : अगर आप सोच रहे हैं कि GSTR-2 और GSTR-3 को खत्म कर दिया गया है तो भी आप गलत हैं।

क्योंकि इनकी अगली तारीख की घोषणा न होने का यह कतई मतलब नहीं है कि इन्हें खत्म कर दिया गया है। सरकार और काउंसिल इसके संबंध में अगली अधिसूचना जल्द ही जारी कर सकती है।

सितंबर माह में कार्ड से लेनदेन में आया 84 फीसद का उछाल

नई दिल्ली । देश में इस साल सितंबर के दौरान डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स के जरिये लेनदेन या भुगतान 84 फीसद उछलकर 74,090 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सितंबर, 2016 में यह आंकड़ा 40,130 करोड़ रुपये था। यूरोपीय भुगतान समाधान प्रदाता वर्ल्डलाइन के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

इस अध्ययन में कहा गया है कि सरकार की ओर से गैर नकदी लेनदेन को प्रोत्साहित करने की वजह से कार्ड्स के माध्यम से भुगतान में खासी वृद्धि हो रही है।

वर्ल्डलाइन ने रिजर्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि सभी पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल्स) पर सितंबर में लेनदेन 86 फीसद बढ़कर 37.8 करोड़ पर पहुंच गया। यह पिछले साल इसी महीने 20.3 करोड़ था।

यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) के माध्यम से भुगतान में भी 85 फीसद की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। वर्ल्डलाइन के सीईओ (दक्षिण एशिया एवं मध्यपूर्व) दीपक चंदनानी ने कहा कि नोटबंदी के बाद लोगों को अपने दैनिक खर्चों का भुगतान डिजिटल तरीके से करना पड़ रहा है।

हालांकि अब में नकदी पर्याप्त मात्रा में आ गई है। इसके बावजूद डिजिटल भुगतान में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।अध्ययन के मुताबिक अगस्त, 2014 में लांच प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत करोड़ों भारतीयों के खाते खोले गए हैं।

इसके तहत कार्ड के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस साल सितंबर तक देश में कुल कार्ड्स की संख्या 85.3 करोड़ थी। इसमें 3.33 करोड़ क्रेडिट कार्ड तथा 81.98 करोड़ डेबिट कार्ड हैं।

फेडरल रिजर्व के फैसले तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

निवेशक इस हफ्ते फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर नजर रखेंगे

नई दिल्ली । कंपनियों के तिमाही नतीजों का दौर खत्म होने को है। ऐसे में अब निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों पर रहेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस हफ्ते शेयर बाजार तेजी का रुख बनाए रखने में सक्षम रहेंगे।

बीते हफ्ते आखिरी दो दिनों की जबर्दस्त रिकवरी से बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर बढ़त लेने में सफल रहा था। आखिरी दो दिनों में 582 अंक की तेजी के साथ सेंसेक्स में 28 अंक की साप्ताहिक बढ़त हुई थी। हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी बीते हफ्ते 38 अंक गिरकर बंद हुआ

सरकारी बैंकों में पुनर्पूजीकरण की प्रक्रिया में तेजी और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज की ओर भारत की रेटिंग में सुधार से बीते दो सत्रों में बाजार ने छलांग लगाई थी। इस हफ्ते भी निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रहने की उम्मीद है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वीके शर्मा ने कहा, ‘निवेशक इस हफ्ते फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर नजर रखेंगे। मौद्रिक नीति को लेकर फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे गुरुवार को सामने आएंगे।

इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। हालांकि व्यापक स्तर पर बाजार की गति सकारात्मक बनी रहने की उम्मीद है।’ जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि मूडीज की ओर से देश की रेटिंग बढ़ाए जाने के बाद से परिदृश्य बदला है।

इससे घरेलू बाजारों में लिक्विडिटी बढ़ेगी। इस हफ्ते क्रूड की कीमतों पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी। लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। ऐसे में निवेशकों की धारणा में कोई बड़ा बदलाव किसी ग्लोबल संकेत से ही होने का अनुमान है।

शीर्ष 10 में से छह का एमकैप बढ़ा: बीते हफ्ते सेंसेक्स की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बढ़ोतरी हुई। इन कंपनियों का एमकैप 31,249.36 करोड़ रुपये बढ़ा। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का एमकैप 16,592.63 करोड़ रुपये बढ़कर 5,76,118.96 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा मारुति सुजुकी, एसबीआइ, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के बाजार पूंजीकरण में भी इजाफा हुआ। वहीं ओएनजीसी, आइटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एचडीएफसी के बाजार पूंजीकरण में बीते हफ्ते गिरावट आई।

घरेलू उपकरणों पर GST रेट घटाकर महिलाओं को खुश करेगी सरकार

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नई दिल्ली। सरकार कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के बाद अब अगले दौर की समीक्षा में वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर जीएसटी रेट में कटौती करेगी। अभी इन वाइट गुड्स पर 28% टैक्स लग रहा है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर टैक्स कम करने से इनकी खरीदारी बढ़ेगी। दरअसल, ऊंची टैक्स दर की वजह से इस सेक्टर में मंदी की शिकायतें आ रही हैं।

इसके अलावा, सरकार महिलाओं को भी खुश करना चाहती है, इसलिए टैक्स रेट घटाकर उनकी सहूलियतों के सामान सस्ते करने की योजना है।

अधिकारी ने बताया कि रेस्ट्रॉन्ट्स में खाने पर टैक्स कम करने के पीछे एक मकसद महिलाओं को खाना बनाने से कुछ हद तक मुक्ति दिलाना भी था जिनके दिन की शुरुआत बच्चों के लिए लंच पैक करने से होता है और यही सिलसिला रात तक जारी रहता है।

दुनियाभर में यह मान्यता है कि डिश वॉशर्स और वॉशिंग मशीन्स जैसे प्रॉडक्ट्स महिलाओं का बोझ कम करते हैं, जिससे उन्हें खुद और उत्पादक कार्यों के लिए ज्यादा वक्त मिल पाता है।

वैसे भी डिश वॉशर्स जैसे प्रॉडक्ट्स भारत में बड़े पैमाने पर आयात किए जाते हैं और जीएसटी घटाने से देश में इनके निर्माण को बढ़ावा दिया जा सकता है, ताकि दक्षिण कोरिया और अन्य देशों से आयात कम किया जा सके। कुछ वाइट गुड्स पहले से ही 12% से 18% के टैक्स ब्रैकेट्स में हैं।

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा, ‘सभी कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर 18% का एक टैक्स लगा दिया जाए तो घरेलू निर्माताओं को बड़ा फायदा पहुंचेगा क्योंकि कीमत में अच्छी-खासी कटौती हो जाएगी जिससे इनकी मांग बढ़ जाएगी। डिश वॉशर्स और एयर कंडीशनर्स जैसे कुछ सामान कुछ वक्त से लग्जरी आइटम्स की कैटिगरी में डाल दिए गए हैं।’

पिछले सप्ताह पांच सितारा होटलों को छोड़कर अन्य रेस्ट्रॉन्ट्स पर जीएसटी रेट्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया, हालांकि इनपुट टैक्स क्रेडिट खत्म करने से कई फूड चेन ने कीमतें बढ़ा दीं।

जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में 200 आइटम्स पर रेट कट से स्पष्ट हो गया कि वाइट गुड्स और सीमेंट जैसी कमोडिटीज लग्जरी आइटम्स हैं नहीं, लेकिन इन पर ज्यादा टैक्स इसलिए लगाया गया है कि राजस्व घटकर वित्तीय घाटे का बोझ न बढ़ा दे।

दरअसल, सरकार 12% एवं 18% को एक दर में मिलाकर और प्रोसेस्ड फूड्स एवं अन्य घरेलू इस्तेमाल के सामान को 5% के ब्रैकेट में रखकर भविष्य में तीन टैक्स रेट्स ही रखना चाहती है।

शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 33315 पर खुला

मुंबई। सोमवार को बाजार की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स का शुरुआती कारोबार 50 अंक तक गिरा वहीं निफ्टी में भी 20 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 27 अंक गिरकर 33,315 पर और निफ्टी 15 अंक गिर 10,268 अकं पर खुला।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी नजर आ रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत तक चढ़ा है।

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक प्रॉजेक्ट मिलने से एलऐंडटी के शेयर 2 प्रतिशत चढ़े। येस बैंक, इंडसइंड बैंक, ओएनजीसी, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस ने शुरुआती कारोबार में मुनाफा कमाया। इन्फोसिस कोल इंडिया, सिप्ला कारोबार में घाटे पर रहे।

आधार की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाई जाएगी

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मुंबई। आधार की टॉप टीम डमी नंबर इंट्रोड्यूस करने की संभावना तलाश रही है, जिससे Aadhar के लिए सिक्यॉरिटी की एक और लेयर तैयार हो सके।

इस सिस्टम में किसी शख्स को सरकारी एजेंसियों, प्राइवेट यूटिलिटीज, बैंकों और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के तहत एक बैंक खाते से दूसरे में फंड ट्रांसफर करते वक्त या एटीएम से पैसा निकालते वक्त डमी यानी नकली नंबर शेयर करना होगा, न कि असल आधार नंबर।

इसमें कार्डहोल्डर के अलावा 12 अंकों के आधार नंबर की जानकारी सिर्फ यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के पास होगी, जो आपको यह नंबर इश्यू करता है।

इंडस्ट्री से जुड़े दो बड़े अधिकारियों ने बताया कि यूआईडीएआई में सीनियर लेवल पर इस बारे में चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं किया गया है। डमी नंबर और उसकी फ्रीक्वेंसी इस बात पर निर्भर करेगी कि इस सिस्टम को किस तरह तैयार किया जाता है।

इस कॉन्सेप्ट से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि अगर हर आधार नंबर के बदले परमानेंट डमी नंबर दिया जाता है तो उससे फायदा नहीं होगा। आधार का मुख्य काम ऑथेंटिकेशन है। मतलब यह पता करना कि सही इंसान सेवा का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं।

इसलिए अगर कोई शख्स टेलीफोन कंपनी से ट्रांजैक्ट करते वक्त अलग डमी नंबर, बिजली कंपनी के लिए अलग डमी नंबर और पैसा ट्रांसफर करने के लिए अलग डमी नंबर इस्तेमाल करता है तो कोई यह पता नहीं लगा पाएगा कि उसका आधार नंबर क्या है।

यह काफी हद तक ओटीपी की तरह काम करेगा। उन्होंने कहा कि अगर सिंगल नंबर नहीं होगा तो आधार की मदद से किसी के पर्सनल डेटा तक पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

इस प्रपोजल पर UIADI के अंतिम रुख का पता नहीं है। इसका भी पता नहीं चल पाया है कि इसे किस फॉर्म में लाया जाएगा। इस बारे में यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय से पूछा गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि डेटा सिक्यॉरिटी के लिहाज से यह अच्छा कदम हो सकता है, लेकिन यह भी देखना होगा कि डमी नंबर अलग-अलग यूजर्स के लिए कितनी सहूलियत वाले होते हैं।

सरकार की मंशा को देखते हुए बैंक, यूटिलिटी और क्रेडिट कार्ड कंपनियां कस्टमर्स से 31 दिसंबर 2017 तक आधार डिटेल देने को कह रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर सर्विस रोक दी जाएगी। आधार के विरोधी मल्टिपल सर्विस प्रोवाइडर्स से इसे लिंक करने का विरोध कर रहे हैं।

वे यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि आधार पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद इन रूल्स में हो सकता है कि कुछ बदलाव हो। सुप्रीम कोर्ट आधार मामले पर 28 नवंबर से सुनवाई शुरू करेगा।

माल आपूर्ति के लिए प्राप्त अग्रिम भुगतान पर जीएसटी कटौती से छूट

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नई दिल्ली। सरकार ने माल आपूर्ति के लिए प्राप्त अग्रिम भुगतान राशि पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) कटौती से कारोबारियों को छूट दे दी है। इससे कंपनियों की कार्यशील पूंजी फंसने से बचाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने इससे पहले 1.5 करोड़ रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों को माल भेजने के लिए अग्रिम दी गई राशि पर छूट देने की पिछले महीने घोषणा की थी। सीबीईसी ने अब एक अधिसूचना के जरिए इस व्यवस्था को सभी कंपनियों के लिए लागू कर दिया है।

इससे बाहर सिर्फ उन्हें रखा गया है, जिन्होंने नई कर व्यवस्था के तहत कंपोजीशन योजना को चुना है। कंपोजीशन योजना एक करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले व्यवसायियों के लिए लागू है। उन्हें अपने सालाना कारोबार पर एक फीसदी की दर से जीएसटी भुगतान करना है। रेस्त्रां के लिए यह दर पांच फीसदी है।

उल्लेखनीय है कि कारोबार जगत आपूर्ति के अग्रिम भुगतान पर जीएसटी कटौती से छूट के लिए प्रयास कर रहा था। इससे पहले की वैट व्यवस्था में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं था। पीडब्ल्यूसी के लीडर अप्रत्यक्ष कर प्रतीक जैन ने कहा कि सरकार ने उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए एक अधिसूचना के जरिए दे दी है।

जीएसटी : ऑटोमोबाइल निर्यातकों के 1,000 करोड़ के रिफंड अटके

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नई दिल्ली। भारतसे यात्री वाहनों के निर्यात की राह में जीएसटी प्रणाली से जुड़ी अड़चनें खड़ी हो गई हैं, क्योंकि वाहन विनिर्माता जुलाई से अब तक अपना रिफंड दावा नहीं कर सके हैं और इस मद में उनका बकाया 1,000 करोड़ रुपए से पर जा चुका है। यह पैसा देश के चार शीर्ष यात्री वाहन निर्यातकों का बकाया है।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि जीएसटी की अग्रिम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड दावा करने की मौजूदा प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही है। कंपनियों के लिए कार्यशील पूंजी की जरूरत बढ़ गई है। जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता तब तक वह निर्यात को लेकर दोबारा विचार कर सकते हैं।

फोर्ड इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी डेविड शॉक ने कहा कि जीएसटी के तहत मुआवजा उपकर को बढ़ाकर 1-22 फीसदी कर दिया गया है, जो पुरानी व्यवस्था में 1-4 फीसदी था। इससे नकदी की आवश्यकता बढ़ी है और कंपनियों पर इसका दबाव है।

भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के उप महानिदेशक सुगतो सेन ने कहा कि निर्यात पर ध्यान देने वाली कंपनियां ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि जीएसटी में अग्रिम भुगतान और रिफंड का दावा करने की मौजूदा प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी क्रेडिट का संग्रह होता जा रहा है जिसका नुकसान निर्यातकों को हो रहा है। कई कंपनियां है, जिनका रिफंड कई सैकड़ों करोड़ रुपए को पार कर चुका है। कंपनियों की कार्यशील पूंजी की जरूरत बढ़ गई है, जिसके चलते उनका निर्यात को लेकर सावधानी पूर्ण रुख है।

जुलाई-अक्टूबर में घटा वाहन निर्यात
जुलाई-अक्टूबर की अवधि में यात्री वाहन का निर्यात 14.45 फीसदी घटकर 2,35,933 इकाई रहा है, जो पिछले साल समान अवधि में 2,75,789 वाहन था। हालांकि इसी अवधि में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों समेत कुल वाहन का निर्यात 8.07 फीसदी सुधरकर 13,17,936 वाहन रहा है, जो पिछले साल इस दौरान 12,19,460 वाहन था।

हाड़ौती की क्षत्राणियां बोलीं- फिल्म आई तो भंसाली की गर्दन पर होगी तलवार

  • फिल्म पद्मावती के विरोध में कुलदेवी आशापुरा माता मंदिर में हुई बैठक, पोस्टर जलाए

  • आज बूंदी के पूर्व राज परिवार के यहां प्रदर्शन

कोटा। हाड़ौती की क्षत्राणियां भी संजय लीला भंसाली की फिल्म “पद्मावती” के विरोध में गई हैं। उन्होंने रविवार को कोटा के किशोरपुरा इलाके में स्थित कुलदेवी आशापुरा माता मंदिर पर एक बैठक की और भंसाली को तलवार लहराते हुए चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि वे किसी भी सूरत में फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। हमने तलवारें उठा ली हैं।

युवतियों ने कहा कि फिल्म रिलीज हुई तो महिलाओं की तलवार संजय लीला भंसाली की गर्दन पर होगी। वहीं, महिलाओं ने पद्मावती फिल्म के पोस्टर की भी होली जलाई। संभागीय अध्यक्ष बुंदेल सिंह ने बताया कि वे बूंदी के पूर्व राज परिवार के यहां सोमवार को प्रदर्शन करेंगे।

इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : रश्मि
करणीसेना की जिलाध्यक्ष रश्मि राठौड़ ने कहा कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसको क्षत्राणियां बर्दाश्त नहीं करेंगी। वहीं, तपस्या नरुका ने चेतावनी दी कि अगर भंसाली ने फिल्म को रिलीज की तो महिलाओं की तलवार भंसाली की गर्दन पर होगी। संभागीय अध्यक्ष बुंदेल सिंह ने बताया कि वे बूंदी के पूर्व राज परिवार के बयान के खिलाफ कापरेन में उनके घर पर सोमवार को प्रदर्शन करेंगे।

राजपूत संस्कृति सेे हो रहा खिलवाड़ : नीना
करणीसेना की प्रदेश महामंत्री नीना छापोल ने कहा कि फिल्म में पद्मावती का मजाक उड़ाया जा रहा है। राजपूत संस्कृति और इतिहास से खिलवाड़ किया है। इस फिल्म को हर तरीके से बैन होना चाहिए। क्षत्राणियों ने जब भी तलवार उठाई तो कुछ करके ही रहेंगी।

महिलाओं ने फिल्म के खिलाफ तलवार उठा ली है। फिल्म अभी रुकी नहीं है। फिल्म मेकर नाटकबाजी कर रहे हैं। क्षत्रियों का तांडव देख चुके हैं। भंसाली अब देख लें, क्षत्राणियों ने तलवारें उठा ली है। जौहर आज भी हो सकता है। भंसाली हमें मजबूर नहीं करें।

प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे पोस्ट कार्ड
नीना छापोल ने कहा कि जल्द ही करणी सेना जन हस्ताक्षर अभियान पूरे कोटा शहर में चलाकर सर्व समाज के लोगों को जोड़ेगी और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे। मीनाक्षी नाथावत ने भंसाली के ऊपर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम क्षत्राणियों ने चूड़ियां पहनने से पहले तलवार उठाना सीखा है।

इस दौरान मंजीत सिंह नाथावत, निर्भय सिंह, पूर्णा हाड़ा, महिपाल सिंह हाड़ा, वर्षा शक्तावत, भवानी सोलंकी, वीरेंद्र सिंह हाड़ा, मोहित सिंह, अमर सिंह, गजेंद्र सिंह, रवि सिंह, गौरव सिंह, कमल सिंह, प्रताप सिंह, प्रगेश सिंह, स्नेहा हाड़ा, मधु कंवर हाड़ा, गुंजन झाला, सुनीता हाड़ा साक्षी हाड़ा उपस्थित थीं।