Saturday, July 11, 2026
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फिल्म “पद्मावती” राजस्थान, मध्यप्रदेश और पंजाब में रिलीज नहीं होगी

जयपुर/भोपाल/चंडीगढ़। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को अभी सेंसर बोर्ड ने भी पास नहीं किया है, लेकिन सोमवार को राजस्थान सहित 3 राज्यों मप्र और पंजाब ने भी प्रदर्शन पर बैन लगा दिया।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि कानून व्यवस्था को सुनिश्चित रखना राज्य की पहली प्राथमिकता है और इसे हर साल में बहाल रखा जाएगा। जब तक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को 18 नवंबर को लिखे पत्र में दिए गए सुझावों पर अमल नहीं हो जाता तब तक राजस्थान में फिल्म पद्मावती का प्रदर्शन नहीं होगा।

राजे ने सुझाव दिया था कि इतिहासकारों और समाज के प्रतिनिधियों की समिति द्वारा फिल्म पद्मावती की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि राजपूत समाज की भावनाएं आहत हों। उधर, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और प. बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने भंसाली का समर्थन किया है।

किसी को इतिहास तोड़ने-मरोड़ने का हक नहीं
जो फिल्म इतिहास से छेड़छाड़ करती है उसे राज्य में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं वे ठीक ही कर रहे हैं। –कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री, पंजाब

पद्मावती के खिलाफ बनी फिल्म का मप्र में प्रदर्शन नहीं होगा,
ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ कर अगर राष्ट्रमाता पद्मावती के सम्मान के खिलाफ जिस फिल्म में दृश्य दिखाया गया है या बात कही गई है। तो उस फिल्म का प्रदर्शन मध्य प्रदेश की धरती पर नहीं होगा।’ -शिवराजसिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश 

कुछ लोग पैसा देकर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाली फिल्में बनवाते हैं : स्वामी
भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोमवार को जयपुर में कहा कि फिल्म पद्मावती की मंशा देश के इतिहास से छेड़छाड़ करने की है।

ये कहने में कतई गुरेज नहीं कि कुछ लोग पैसा देकर ऐसी फिल्में बनवाते हैं। जिनसे हिंदुओं की भावनाओं से छेड़छाड़ की जा सके। कुछ साल पहले आई फिल्म पीके में भी कुछ ऐसा किया गया। ऐसा गलत है।

कोटा से जल्द दिल्ली-मुंबई अहमदाबाद, लखनऊ व इंदौर के लिए होगी सीधी फ्लाइट

कोटा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम alt147 उड़ान’ के दूसरे चरण में कोटा को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है और निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।

यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा और कंपनियों ने रुचि दिखाई तो कोटा की देश के प्रमुख बड़े शहरों से सीधे एयर कनेक्टिविटी हो जाएगी।

इस स्कीम के तहत कोटा को अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और इंदौर से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक, 16 नवंबर को यह टेंडर जारी किया जा चुका है और 4 दिसंबर तक इसमें कंपनियां प्रस्ताव दे सकेगी।

21 दिसंबर तक सरकार की तरफ से टेंडर की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ऑपरेटर्स का चयन कर लिया जाएगा और संबंधित कंपनियों को लेटर जारी कर दिए जाएंगे। सबकुछ ठीक रहा तो मार्च-अप्रैल तक इन शहरों के लिए सीधी फ्लाइट शुरू हो जाएगा।

इस स्कीम के पहले चरण में 40 से ज्यादा शहरों को जोड़ा गया था, जिसमें कोटा शामिल नहीं हुआ था। उम्मीद की जा रही थी कि दूसरे चरण में कोटा का नाम शामिल हो जाएगा और वसा ही हुआ। 

कैसे दूर होगी रनवे की दिक्कत 
कोटा एयरपोर्ट का रनवे 1220 मीटर ही है। इस पर छोटे विमान ही उड़ सकते हैं, जबकि इतने बड़े रूट पर कोई भी कंपनी छोटे विमानों का संचालन नहीं करेगी, क्योंकि ये फायदेमंद नहीं होगा।

कोटा एयरपोर्ट का पूर्व में सर्वे हो चुका है और यह माना गया है कि इस एयरपोर्ट को दादाबाड़ी वाले छोर पर 1500 मीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

यदि रनवे 1500 मीटर तक बढ़ा दिया जाता है तो एटीआर-42 श्रेणी के विमान लोड घटाकर उतारे जा सकेंगे। एक और तथ्य यह सामने आया कि अब कंपनियों के पास ऐसे नए विमान भी हैं, जो ज्यादा सीटर होने के बावजूद छोटे रनवे पर आसानी से उतर पाते हैं।

एएआई ने भेजे सुरक्षा उपकरण: कोटा एयरपोर्ट पर अब एएआई का भी फोकस है। बरसों से नॉन ऑपरेशनल इस एयरपोर्ट पर हाल ही में एक-एक कर सुरक्षा उपकरण भेजे गए हैं।

एयरपोर्ट के प्रभारी अधिकारी लोकेश निर्वाण ने बताया कि 2 डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) और 2 एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) लगाए जा चुके हैं।

इसके अलावा ईटीडी (एक्सप्लोजिव टेस्ट डिटेक्टर) तथा सीसीटीवी कैमरे चुके हैं, जिनका इंस्टालेशन होना है। जल्दी ही इंजीनियर आकर इनको इंस्टाल कर देंगे।

रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम में शेड्यूल्ड ऑपरेशन शुरू होने के बाद हमें एयर ट्रैफिक कंट्रोल अन्य स्टाफ की जरूरत होगी, जिससे जुड़ी जानकारी पहले से मुख्यालय को भेजी हुई है।

वीजीएफ देगी सरकार: कोटा से जोड़कर तैयार किए गए इन रूटों पर भारत सरकार संबंधित कंपनियों को वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) भी देगी। इससे कंपनियों को आर्थिक रूप से यहां से विमान संचालित करने में दिक्कत नहीं आएगी।

ऑपरेटरों को नेक्सस करेगा मदद : उधर,गत दिनों कोटा एयरपोर्ट का निरीक्षण करने वाली कंपनी नेक्सस इंडिया ने साफ किया कि नेक्सस भारतीय ग्राहकों या ऑपरेटरों को चार्टर समर्थन देता है।

नेक्सस एक क्षेत्रीय एयरलाइन लॉन्च करने की योजना नहीं बना रही है, लेकिन ऑपरेटर्स या क्षेत्रीय एयरलाइंस को संचालन सहायता प्रदान करेगा, जो भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय संपर्क स्थापित करने में रुचि रखते हैं।

इस तरह तैयार किए हैं रूट, जिनमें कोटा भी शामिल

  • अहमदाबाद-कांडला-अहमदाबाद-खंबालिया -अहमदाबाद-पोरबंदर-अहमदाबाद-केशोद-अहमदाबाद-कोटा-अहमदाबाद
  • हिंडन एयरबेस-कोटा-अहमदाबाद-कोटा-हिंडन एयरबेस
  • आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली-कोटा-सीएसआई एयरपोर्ट मुंबई-केशोद-अहमदाबाद-केशोद-सीएसआई मुंबई-कोटा-आईजीआई दिल्ली
  • हिंडन-जयपुर-कोटा-जयपुर-हिंडन एयरबेस
  • हिंडन-लखनऊ-कोटा-लखनऊ-हिंडन
  • हिंडन-कोटा-इंदौर-कोटा-हिंडन

स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए 10 लाख रुपए देगी आईआईटी कानपुर

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सिडबी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का प्रोग्राम निधि प्रयास लाॅन्च

कोटा।अब आईआईटी में जाने वाले स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट के साथ-साथ स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए भी अच्छी खासी राशि मिलेगी।

आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का निधि प्रयास प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। इस प्रोग्राम के तहत एक स्टार्टअप के प्रमोशन के लिए 10 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी।

इसके साथ ही बिजनेस आइडिया देने पर भी 10 लाख रुपए तक की मदद आईआईटी कानपुर करेगा। यह राशि स्टार्टअप शुरू करने से पहले ही दे दी जाएगी।

इसके साथ आईआईटी की चार लाॅन्च लैब के साथ ही अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी दिया जाएगा। इससे वह अपने स्टार्टअप को और भी बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगे।

यह होगी पात्रता
आवेदनकरने वाले की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। अगर स्टार्टअप शुरू हो चुका है, तो उसकी अवधि 2 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। कंपनी के पास अधिक राजस्व नहीं होना चाहिए।

अगर स्टार्टअप टीम के साथ है तो किसी एक व्यक्ति को आवेदन के लिए अधिकृत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर भी संपर्क किया जा सकता है। 29 नवंबर तक इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।

ये आईआईटी भी कर रही प्रमोशन
आईआईटीमुंबई, दिल्ली, खड़गपुर, मद्रास रुड़की भी स्टार्टअप को प्रमोट कर रही है। पुरानी आईआईटी अपने इनक्यूबेशन सेंटर्स का विस्तार कर रही है। हालांकि नई आईआईटी का फोकस फिलहाल प्लेसमेंट की ओर ही है।

आईआईटी के प्लेसमेंट में गिरते पैकेज को देखते हुए अब स्टार्टअप पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया के तहत भी स्टार्टअप को प्रमोशन मिल रहा है।

इनसे जुड़ा होना चाहिए आइडिया
हैल्थकेयर, एनर्जी, क्लीन टेक, एग्रीकल्चर, मैन्यूफैक्चरिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, वॉटर आदि क्षेत्रों से जुड़े बिजनेस आइडिया को राशि आवंटित की जा सकेगी। सॉफ्टवेयर बेस्ड और प्योर एकेडमिक प्रोजेक्ट्स को राशि देने पर विचार नहीं किया जाएगा।

कोटा के स्टार्टअप का देश में नाम
कोटा के कई स्टार्टअप भी सफल हुए हैं। इनमें लॉन्ड्री सर्विस सुपरधोबी, टिफिन सर्विस मिस्टर हॉट, मेडकॉर्ड्स शामिल हैं। ये सभी स्टार्टअप आईआईटी पासआउट युवकों ने लॉन्च किया है।

लिवाली निकलने से धान पूसा-1, सोयाबीन और सरसों तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को लिवाली निकलने से धान पूसा-1 मे 50 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन, सरसों 50- 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहीं । धान की आवक 65 हजार बोरी और लहसुन की आवक 6000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक1लाख की रहीं । 

गेहूं मिल 1550से 1580 लोकवान 1600से 1700पी डी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1750 रुपये प्रति क्विंटल।धान सुगंधा 2000 से 2350 पूसा- 1 2200 से 2600 पूसा-4 (1121) 2500 से 3100 धान (1509) 2000 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल।  सोयाबीन 2200 से 2881 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 5700 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। 

मैथी 2000 से 2600 धनिया बादामी 3400 से 3850 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल।  मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3650 चना 4000से 4600 रुपये प्रति क्विंटल। 

चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300रुपये प्रति क्विंटल।  ग्वार 2500से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 रू से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।  

जिसने हमें ‘भागवान’ बनाया, उसी ‘भगवान’ को हम भूल रहे- पं.नागरजी

विराट धर्मसभा : कल्याणपुरा में गौसेवक संत पं.नागरजी ने कहा कि चित्तौड़ की भूमि से मीरा ने एक प्रेरक संदेश दिया था- मेरा गिरधर से कभी संपर्क नहीं टूटे। लेकिन जिसने हमें छप्पर फाड़ कर दिया, आज उसके लिए हम मुंह नहीं खोल रहे

अरविंद, कोटा। दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोर ‘नागरजी ने कहा कि आज हम धन और वैभव की दौड़ में अपने मुकाम को भूलते जा रहे हैं। हमें सोना-चांदी, लेन-देन सब याद हैं लेकिन जिसने हमें भाग्यवान बनाया, उस भगवान का नाम लेने के लिए हमारे पास समय नहीं है। जीते-जी हमारे पास मंदिर या सत्संग में जाने का समय नहीं है तो मरने के बाद कौन देगा हमें समय।

सोमवार को कोटा-चित्तौड़गढ़ फोरलेन राजमार्ग पर कल्याणपुरा में श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन धाराप्रवाह प्रवचन में उन्होंने कहा कि हमारे शरीर में काम, क्रोध, लोभ की पैदावार रोज होती है। इसमें लोभ अंत तक बना रहता है। ये ऐसे सूतक है जो घरों में पूजा को बंद कर देते हैं, हमें ईश्वर के द्वार तक पहुंचने नहीं देते।

ऐसी रूकावटें आएं तब प्रार्थना व भक्ति ईश्वर के दरबार में एक अर्जी है। कथा उसकी एक पाती है, जब भी समय मिले, इसे सुन लें और पढ़ लें। कथा-सत्संग के बिना ईश्वर का जीव से सम्पर्क टूट जाता है। इसलिए सत्संग के तारों से जुडे़ रहें।

खचाखच भरे विशाल पांडाल में एक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि पांडव श्रीकृष्ण से जीवंत सम्पर्क में रहे, इसलिए कौरव हारे। सीता लंका में पवनसुत हनुमान से सतत संपर्क में रही, इसलिए रावण का अंत हुआ।

संतों के सत्संग में हवा का एक-एक झांका आपको पवित्र संदेश देता है, जिससे देह पवित्र होती है। इस पवित्र देह में कोई सांसारिक खराबी न आने दें। कथा की भक्ति में शक्ति हो तो उसमें जनता ही नहीं, जनार्दन भी आते हैं।

धन एवं वैभव की दौड़ में हम ईश्वर को भूल रहे
उन्हांने कहा कि हम घर में यह तो ढूंढते हैं कि सोना-चांदी, नकदी पर्याप्त है या नहीं, लेकिन घर में ईश्वर है या नहीं, यह खोजना भूल रहे हैं। 12 माह में हमने सब कुछ किया लेकिन कोई अच्छा कार्य नहीं हुआ तो घर में ‘सब है’ कहना अर्थहीन है।

धन, पुत्र या सुख प्राप्त न हो तो पछताना मत क्यांकि इनमें हम भाग्यशाली नहीं बनते। क्यांकि घर में ईश्वर नही हैं तो सब बेकार है। ध्यान रहे, पुत्र प्राप्ति भले ही न हो, लेकिन भगवत प्राप्ति जरूरी है।

सपने या संकट में ईश्वर बोलते हैं
‘अनहद नाद’ से ब्रह्म ज्ञान की व्याख्या करते हुए पूज्य नागरजी ने कहा कि भजनों में स्वर से पता चलता है कि ये अनहद नाद बोल रहे हैं। सपने में या संकट में जिसने आपकी मदद की, वही ईश्वर है। आपको सुनाई दे तो आप ईश्वर के कृपा पात्र बन जाते हो।

हमारा अंतःकरण शुद्ध होगा तो ब्रह्म ज्ञान को हम महसूस करने लगेंगे। निर्दोष व निष्पाप होकर खुद ईश्वर से मिलने का अनुभव करो। उन्होंने तीन सूत्र देते हुए कहा कि हमेशा प्रणम्य रहो, प्रणाम भाव में रहना ही पूजा-अनुष्ठान है। दूसरा, पाप करने पर ईश्वर से क्षमा मांगना सीखो। तीसरा, जिसने हमें भागवान बनाया, उस भगवान को रोज याद करो।

जिसने छप्पर फाड़कर दिया, उसके लिए मुंह नहीं खुल रहे
अंत में अपनी ओजस्वी वाणी में उन्होंने हजारों भक्तों को जीवन की सच्चाई से साक्षात कराया। वे बोले, जिस ईश्वर ने हमें छप्पर फाड़ कर दिया और हम भाग्यवान हो गए। उसके भगवान का नाम लेने के लिए हमारे मुंह नहीं खुल रहे।

शिवालय हो या मंदिर उनमें पानी टपकता है, दीवारें टूटती हैं, उनकी मदद के लिए हमारा मुंह नहीं खुलता। अच्छाई के लिए अपना मुंह खुला रखो, क्यांकि परोपकार की गति हमेशा अच्छी होती है।

जब भाग्यवान होकर भी हमारा मुंह पूजाघर की बजाय बाथरूम में जाकर खुले तो जीवन नरक समान है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना करो कि जन्म भले कहीं भी हों, लेकिन मरण तो ईश्वर के पूजा घर में हो।

कथा सूत्र –

  • घर में अपनी इच्छा को शून्य करोगे तभी राम की इच्छा प्रकट होगी।
  •  जिसमें अति हो जाती है, उसमें मति काम नहीं करती।
  • भैंस दूध देती है जबकि गाय अमृत देती है, इसीलिए प्रसव के सवा माह बाद तक अमृत काम में नहीं लेते।
  • व्यस्त हूं, कहकर ईश्वर से दूरी मत बढ़ाओ। कथा कलह में धैर्य और साहस देती है।
  •  जब भी ज्यादा कष्ट हों तो लंबी सांस लेकर ‘हे राम’ बोलकर देखो। यही सांस आपकी गुरू है।

भारत-22 ईटीएफ से 14,500 करोड़ रुपये जुटाए

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नई दिल्ली। सरकार ने भारत-22 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के तहत पहले दौर में 14,500 करोड़ रपये जुटाए हैं। इस कोष में 22 कंपनियों के शेयर शामिल हैं।

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन (दीपम) विभाग के सचिव नीरज गुप्ता ने कहा कि हमने भारत-22 ईटीएफ में आए कुल अभिदान में से 14,500 करोड़ रुपये को रखने का फैसला किया है। इस ईटीएफ के लिए करीब 32,000 करोड़ रुपये की बोलियां आईं।

इसमें से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने करीब एक-तिहाई बोलियां लगाईं। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित खंड को 1.45 गुना, सेवानिवृत्त कोष को 1.50 गुना और एनआईआई व क्यूआईबी को सात गुना अभिदान मिला।

इस तरह सरकार चालू वित्त वर्ष में अभी तक विनिवेश से 52,500 करोड़ रपये जुटा चुकी है जबकि लक्ष्य 72,500 करोड़ रपए का है । इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के आईपीओ में मिला धन भी शामिल है।

भारत-22 ईटीएफ में पिछले सप्ताह एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से पर छह गुना अभिदान मिला था। मूल्य के हिसाब से यह 12,000 करोड़ रुपये बैठता है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड द्वारा प्रबंधित भारत-22 ईटीएफ की नई फंड पेशकश का शुरआती निर्गम आकार 8,000 करोड़ रपये था।

निर्गम के कुल आकार का 25 प्रतिशत या 2,000 करोड़ रुपये एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित था, जिन्होंने 12,000 करोड़ रुपये के लिए बोलियां लगाईं।

बोलियां लगाने वालों में एलआईसी, बैंक आफ इंडिया, एसबीआई पेंशन फंड, ईपीएफओ और एचडीएफसी अर्गो इंश्योरेंस शामिल हैं।

नए भारत 22 ईटीएफ में जिन कंपनियों के शेयर रखे गए हैं उनमें ओएनजीसी, एनटीपीसी, एसबीआई, आईओसी, कोल इंडिया और नालको एनबीसीसी, बीपीसीएल , बीईएल , इंजीनियर्स इंडिया , एनएचपीसी, एसजेवीएनएल, गेल, पीजीसीआईएल, एनएलसी इंडिया, इंडियन बैंक व बैंक आफ बडौदा जैसी प्रमुख सार्वजनिक कंपनियों के शेयर शामिल हैं।

फ़िल्म “साँकल” भारत भर में एक साथ 15 स्क्रीन में रिलीज़ होगी

इस फिल्म की कहानी राजस्थान के एक गांव से ली गई है,जो अपनी ही प्रथाओं और सामाजिक बंधनों से जकड़ी हुई है

कोटा/मुंबई । अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फ़िल्म “साँकल” जो आपने गत वर्ष जयपुर फ़िल्म फेस्टिवल में देखी और पसंद की। अब भारत भर में एक साथ 15 स्क्रीन में एक शो में रिलीज़ हो रही है।

फिल्म के निर्देशक देदीप्य जोशी ने बताया कि फ़िल्म “साँकल” एक ऐसी फ़िल्म है जो “बेमेल विवाह’ ‘बाल विवाह’ और “स्त्री शिक्षा” की बात करती है।

निर्देशक देदीप्य जोशी

 इस फिल्म की कहानी राजस्थान के एक गांव से ली गई है,जो अपनी ही प्रथाओं और सामाजिक बंधनों से जकड़ी हुई है।

इस फिल्म में मुख्य भूमिका में चेतन शर्मा, तनिमा भट्टाचार्य, समर्थ शांडिल्य, जगत सिंग और हरीश कुमार आदि ने भूमिकाएं निभा रहे हैं।  

यह फिल्म 28 नवंबर को मुंबई, कोलकाता, जयपुर, दिल्ली, पटना, कोटा, इंदौर, पुणे, अहमदाबाद और लखनऊ समेत 15 स्क्रीन में रिलीज होगी।

 उनका कहना है कि एक बार दर्शक यह फिल्म जरूर देखें और जानें कि देश आजाद होने के सालों बाद भी कुरीतियों में जकड़ा हुआ है। 

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, जानिए क्या रहे 10 ग्राम गोल्ड के दाम

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेत और घरेलू ज्वैलर्स की ओर से घटी मांग के चलते सोना 75 रुपये गिरकर 30700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली है।

इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उटान के चलते चांदी 350 रुपये गिरकर 40800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

व्यापारियों का मानना है कि डॉलर की मजबूती के कारण कमजोर वैश्विक रुझान देखने को मिला है जिसकी वजह से निवेशकों की ओर से फेड रिजर्व की ओर से रेट कट का इंतजार बढ़ गया है जिसने सोने को कमजोर कर दिया है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.27 फीसद की कमजोरी के साथ 1289.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.93 फीसद की कमजोरी के साथ 17.11 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है।

इसके अलावा घरेलू ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से घटी मांग के चलते सोने की कीमतों में दबाव देखने को मिला है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 75 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30700 रुपये और 30550 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

शनिवार के सत्र में सोने की कीमतों में 325 रुपये की गिरावट देखने को मिली थी। गिन्नी के भाव, हालांकि, 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

चांदी तैयार की कीमतें 350 रुपये घटकर 40800 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 250 रुपये गिरकर 39900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। 

सुप्रीम कोर्ट से भंसाली को राहत, पद्मावती फिल्म की रिलीज में दखल से इनकार

नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म रिलीज से जुड़े मामले में दखल देने से मना कर दिया है।

आपको बता दें कि विवादों में चल रही संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म पद्मावती का मामला शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में रानी पद्मावती का चरित्र हनन किया गया है।याचिकाकर्ता ने फिल्म से आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की अपील की थी।

वकील एमएल शर्मा ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष उल्लेख करते हुए याचिका पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया था। इस पर पीठ ने कहा था कि वह इस पर विचार करेंगे।

याचिका में कहा गया था कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसमें अलाउद्दीन खिलजी को रानी पद्मावती के साथ रोमांस करते और दरबार में नाचते दिखाया गया है जबकि सच्चाई है कि पद्मावती ने खिलजी के सामने समर्पण करने की बजाए जौहर का मार्ग चुनना बेहतर समझा। 

याचिका में कहा गया है कि जिस पद्मावती ने अपनी इज्जत और सम्मान के लिए जौहर को चुनना बेहतर समझा, उसी पद्मावती का फिल्म में चरित्र हनन किया जा रहा है।

संविधान के अनुच्छेद-21 में कहीं भी फिल्म या मौखिक व लिखित तौर पर किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी गई है।

लिहाजा फिल्म से जुड़े लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

मध्य प्रदेश में बैन की ‘पद्मावती’
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने सोमवार को ऐलान किया कि राज्य में फिल्म ‘पद्मावती’ रिलीज नहीं होगी। इसी के साथ उन्होंने पद्मावति को ‘राष्ट्रमाता’ कहकर पुकारा।

सुधर कर बंद हुआ शेयर बाजार, कोल इंडिया, एनटीपीसी के शेयर चढ़े

नई दिल्ली। सोमवार को शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। 17.10 पॉइंट की बढ़त दर्ज कर सेंसेक्स 33359.90 और करीब 15 अंकों की बढ़त के साथ निफ्टी 10298.75 पर बंद हुआ। कोल इंडिया, एनटीपीसी, ओएनजीसी और कोटक महिन्द्रा बैंक सेंसेक्स में सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले शेयर रहे।

वहीं विप्रो, टाटा स्टील, सन फार्मा, एयरटेल और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा। इससे पहले सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स (54 अंक) और निफ्टी (22 अंक), दोनों में गिरावट देखने को मिली। मुनाफावसूली के चलते सूचना प्रौद्योगिकी और धातु शेयरों का कमजोर होना इसकी वजह बना।

सोमवार को बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 54.59 अंक यानी 0.16 फीसदी गिरकर 33,288.21 पर खुला। इसी तरह नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी 22.10 अंक यानी 0.21 फीसदी कमजोर रहकर 10,261.50 अंक पर खुला।

ब्रोकरों के अनुसार एशियाई बाजार कमजोर रहने का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। साथ ही जिन शेयरों में हाल में बढ़त देखी गई थी उनमें सटोरियों के मुनाफावसूली करने का प्रभाव भी बाजार पर पड़ा है।