Sunday, July 12, 2026
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चेक बुक फैसिलिटी खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं : फाइनेंस मिनिस्ट्री

नई दिल्ली। मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने गुरुवार को ट्वीट किया कि बैंकों से चेक बुक की फैसिलिटी खत्म करने के लिए किसी भी प्रपोजल पर विचार नहीं किया जा रहा है। मिनिस्ट्री ने कहा, “सरकार इस बात की पुष्टि करती है कि चेकबुक सुविधा खत्म करने का कोई प्रपोजल विचाराधीन नहीं है।”

ट्वीट में ये भी कहा गया, “मीडिया में कुछ जगहों पर कहा जा रहा है कि सरकार आने वाले वक्त में चेकबुक फैसिलिटी को खत्म कर सकती है, ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ाया जा सके। लेकिन, सरकार इन खबरों को नकारती है।”

क्यों देनी पड़ी सरकार को सफाई?
– पिछले हफ्ते कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने कहा था कि इस बात की पूरी संभावना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ाने के लिए सरकार बैंकों में चेकबुक सुविधा को खत्म कर सकती है।”
और क्या कहा सरकार ने?
– मिनिस्ट्री ने कहा, “कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ाने के लिए सरकार डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस को प्रमोट कर रही है। लेकिन, चेक पेमेंट्स का अटूट हिस्सा हैं। ये ट्रेडिंग और कॉमर्स की बैकबोन हैं। ये ट्रेडिंग ट्रांजैक्शंस को सुरक्षा भी मुहैया कराते हैं। बजट स्पीच में फाइनेंस मिनिस्टर ने भी कहा था कि हम डिजिटल ट्रांजैक्शंस और चेक पेमेंट्स में तेजी से आगे बढ़ेंगे।”

कितना बढ़ा है डिजिटल पेमेंट?
– सरकारी आंकड़े के मुताबिक, नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट 42% तक बढ़ गए। पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ 70% तक बढ़ गई।
डिजिटल ट्रांजैक्शंस में सरकार का टारगेट क्या है?
– मोदी सरकार ने डि‍जि‍टल पेमेंट स्‍कीम्‍स के लि‍ए 25 अरब डि‍जि‍टल ट्रांजैक्‍शन का टारगेट रखा है।
– नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर मोदी ने भी कहा था, “जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ने लोगों के लिए नए रास्ते खोले हैं। जैम की पावर से करप्शन घटा और सिस्टम में ट्रांसपरेंसी आई है। डिजिटल टेक्नोलॉजी ने सर्विस डिलिवरी और गवर्नेंस के काम को आगे बढ़ाया है।”

व्यसनी से रोग और ज्ञानी से मिलता है योग – पं.नागरजी

अरविंद, कल्याणपुरा/कोटा। दिव्य गौसवेक संत पं.कमल किशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि हमारे गुण, कर्म और स्वभाव अच्छे हों तो ईश्वर कुछ विशेष चीजें देता है। समुद्र मंथन की तरह अपने अंदर से अमृत निकालो। शिव ने विषपान किया तो गला सुंदर हो गया और वे नीलकंठ हो गए।

अपनी वृत्ति को प्रभु भक्ति में बदलकर देखो, उससे आसक्ति हो जाएगी। कथा-सत्संग से स्वभाव अच्छा हो जाए तो किस्मत बदल जाएगी। व्यसनी की संगत से रोग मिलता है जबकि ज्ञानी से ईश्वरीय योग मिलता है।

गुरूवार को कोटा-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर कल्याणपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत धर्मसभा के चतुर्थ सोपान में उन्होंने कहा कि सांसारिक जीवन में कुछ दिन अच्छाई की संगत करें तो केवल बैठने से भी उसकी आभा आप पर असर दिखाएगी। आप सिगरेट या शराब पीने वाले के पास बैठे तो ज्यादा नुकसान पास बैठने वाले का होगा।

किसी ब्रह्मज्ञानी के पास कुछ पल बैठे तो उसके तप का असर आप तक पहुंचेगा। गलत संगत छोड़कर घर में कुछ देर माला के साथ ईश्वर का नाम लो, उसमें 108 मनका हैं, इसलिए आप अकेले नहीं रहोगे।

गुण, कर्म और व्यवहार से धनी बनो
खचाखच भरे शांत विराट पांडाल में उन्होंने भजन ‘वो हमसे नहीं है दूर, गोविंद मिलेगा जरूर, भजन करो… सुनाकर हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि आपको पुरूषार्थ मिला है, तो भक्ति के तार से जुड़ जाओ। जीवन में गुण के ग्राहक मिल जाएं तो लाखों मोल बिकता है गुण।

आप गुणी हैं तो वो कीमत करता है और फल भी देता है। बिन ग्राहक मणि भी कंकर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि लकड़ी हवन में काम आए तो समिधा कहलाती है लेकिन अन्य जगह वो अपशकुन हो जाती है। अपने गुण, कर्म व स्वभाव में अच्छाई को शामिल करो।

अहंकार जहां पैदा हुआ, वहां ईश्वर की पहुंच भी नहीं होती। भवसागर में तैरने के दो सस्ते साधन हैं। रोज सबसे प्रणाम करो और गलती होने पर क्षमा मांगते रहो। पति-पत्नी में परस्पर कलह हो तो प्रभू से कहो-तुम बहुत दयालु हो। जीवन में कुछ दुख आए तो समझ लो यह हमारी किसी गलती की सजा है, ईश्वर को सच्चे मन से याद कर लो।

कल्याणपुरा में पं. कमल किशोर जी से श्रीमद भागवत कथा सुनते शृद्धालु।

जहां भक्ति में आभा हो, वहां होती है कृपा
पूज्य नागरजी ने सरल शब्दों में कहा कि आज हमारी बैठक गलत है। अच्छाई से जुड़ो। जहां गुड़ हो, वहां मक्खी आती है लेकिन यही गुड़ अग्नि पर हो तो मक्खी वहां नहीं आ सकती।

कथा-सत्संग या ध्यान में बैठना अग्नि की तरह है, इनसे चैतन्य भाव जागृत होगा। जहां भक्ति में आभा हो, वहां ठाकुरजी की कृपा होती है। जब हम चैतन्य रहेंगे तो घर में विषमताएं नहीं आ सकती। भक्ति से जुड़ने की परंपरा जारी रहे।

पैसा सब खाते हैं लेकिन पचाया किसने
उन्होंने कहा कि कथा हर जगह नया श्रंगार करती है। जरा सोचो, आज चारों ओर रिश्वत का बोलबाला है। पैसा सब खा रहे हैं, लेकिन पचाया किसने। ईश्वर ने दाल-रोटी से ज्यादा जो दिया, वो अगला जन्म सुधारने के लिए दिया है। एक नंबर व दो नंबर के फेर में उसके दोषी मत बनो।

हमारे यहां हर 10 अमीर पर 11वां गरीब है और हर 10 गरीब पर 11वां अमीर है। जिसने धन रोका, वह दूषित हो गया। वो समय भी देता है। राम नाम जपने के साथ दाम से अपना नाम अच्छा करते चलो। अपने दाम से कहीं धाम बनाओ। गरीबों के सहारा बनो। दाम और दान से लिखा नाम हमेशा अमिट रहता है। हमारे कण का सदुपयोग जहां हो, वहां दो।

कथा सूत्र –
– हर गांव में एक सत्पुरूष, पतिव्रता नारी व भागवत भक्त हो तो बाधाएं दूर रहेंगी।
– वाहन में यदि एक भागवान बैठा हो, रोड या मोड कितने भी आए, उसकी भक्ति बचाएगी।
– जिस नाव में हम सवार हैं, कोई एक उसे पार करने वाला अवश्य हो।
– परिवार में सब एक जैसे मत बनो। कोई एक अच्छाई पर रहो, भक्ति से तर जाओगे।
– पत्थर सीधी कुल्हाडी की धार कुंद कर देता है लेकिन वह तिरछी हो तो धार तेज कर देता है।
– मंदिर में पत्थर स्वरूप में ईश्वर हैं, हम रोज उनके चरणों में झुकें। भक्ति की धार हमारे पाप काट देगी।

दुल्हे-दुल्हन ने पहले किया रक्तदान, फिर फेरे

अनूठी पहल – भवानीमंडी में युवा रक्तदाता प्रदीप एवं किरण ने विवाह बंधन से पूर्व किया रक्तदान, हाड़ौती में पहला विवाह, जिसमें कन्यादान से पहले हुआ रक्तदान

अरविंद, कोटा। हाडौती में गुरूवार को एक विवाह समारोह ऐसा भी हुआ जिसमें वर-वधू ने विवाह बंधन में बंधने से पहले एक साथ रक्तदान किया। उनके साथ 31 बारातियों, रिश्तेदारों एवं परिचितों ने भी रक्तदान कर आशीर्वाद समारोह में सेवा का नया अध्याय रच दिया।

झालवाड़ जिले में रक्तदाता समूह से जुडे़ भवानीमंडी के 26 वर्षीय युवा व्यवसायी प्रदीप राठौर ने अपनी जीवनसंगिनी डूंगरगांव की किरण राठौर के साथ मुहुर्त देखकर सबसे पहले जरूरतमंदों के लिए दो यूनिट रक्तदान किया। उसके बाद रात्रि में पाणिग्रहण समारोह में उल्लास के साथ फेरे लिए।

एमए बीएड शिक्षित प्रदीप ने बताया कि रिश्ता तय होने के बाद हमने निश्चय किया कि शादी के पहले दिन किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने जैसा पुण्यकार्य अवश्य करेंगे। वधू किरण बीए पास है। उसने पहली बार रक्तदान कर दाम्पत्य जीवन की शुरूआत की।

राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स से रिटायर्ड पिता कामरेड श्यामलाल राठौर ने बताया कि बेटे के विवाहोत्सव में गुरूवार सुबह से दोपहर तक सेठ सीताराम धर्मशाला में लगभग 3 हजार लोगों का सामूहिक भोज हुआ।

उसके पश्चात् 3 बजे से रक्तदाता समूह द्वारा रक्तदान शिविर में 31 बारातियों, रिश्तेदारों व ईष्टमित्रों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर उनका हौसला बढ़ाया।

परिवार में चार भाई-बहनों में सबसे छोटे प्रदीप ने एक वर्ष में 10वीं बार बी-पॉजिटिव रक्तदान किया। झालावाड़ जिले में 6 माह पूर्व डेंगू प्रकोप के दौरान वे सबसे पहले एसडीपी रक्त देने वाले डोनर बने। मां चंद्रकांता ने वर-वधू को इस नेक पहल के लिए आशीर्वाद दिया।

वधू किरण के पिता सुरेश राठौर टेंट हाउस के साथ खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि जीवन में पहली बार विवाह के दिन कन्यादान से पहले हमने बेटी को रक्तदान करते हुए देखा। हमें गर्व है कि दोनों विवाह बंधन के शुभ मुहुर्त में परोपकार का मंगलकार्य किया।

रक्तदाता समूह के कॉर्डिनेटर जय गुप्ता ने बताया कि समूह के सभी रक्तवीरों में परिवार में जश्न जैसा माहौल दिखा। पूरे राज्य से समूह के युवा सदस्य उनके विवाहोत्सव में शामिल हुए। कई सदस्यों ने रक्तदान कर दिल से नवयुगल के दीर्घायु होने की कामना की।

रक्तदान के बाद भी समारोह की हर रस्म में दुल्हे-दुल्हन के चेहरे पर थकान की बजाय मुस्कान तैरती रही। बुजुर्गों ने इस पहल को प्रेरक बताया।

लिवाली निकलने से धनिया, उड़द, तिल्ली और धान में उछाल

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 95 हजार बोरी की रहीं । धान की आवक 65 हजार बोरी की रहीं । लिवाली निकलने से धान पूसा 1100 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन 50 धनिया 150, उड़द 100, तिल्ली 500 रुपये प्रति क्विंटल तेज रही । 

गेहूं मिल 1550से 1565 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल।। धान सुगंधा 2000 से 2461 पूसा- 1 2200 से 2900 पूसा-4 (1121) 2500 से 3200 धान (1509) 2000 से 2750 रुपये प्रति क्विंटल । 

सोयाबीन 2200 से 2881 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7400 से 8600 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2600 धनिया बादामी 3400 से 4050 ईगल 3600 से 4200 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3850 चना 4000 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल । 

चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4500 से 4800 रुपये प्रति क्विंटल। चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। 

टैक्स डिपार्टमेंट ने बड़ी फूड चेन कंपनियों से मांगी मेन्यु प्राइस की जानकारी

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नई दिल्ली। बड़े फूड चेन कंपनियों से टैक्स अधिकारियों ने उनके मेन्यु प्राइस को लेकर जानकारी मांगी है। उनसे पूछा गया है कि 15 नवंबर को जीएसटी टैक्स स्लैब में बदलाव के पहले और बाद में उनके यहां फूड आइटम्स के दाम क्या थे।

टैक्स डिपार्टमेंट ने यह कदम इस संबंध में आ रही शिकायतों के बाद उठाया है। सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त होना चाहती है कि रेस्तरां में खाने पर कम हुए टैक्स स्लैब का फायदा कंस्यूमर्स को हो रहा है या नहीं।

नैशनल रेस्तरां असोसिएशन ऑफ इंडिया ने बताया कि वे जल्द ही प्राइस कट को लेकर विज्ञापन जारी करेंगे। स्टेट जीएसटी अथॉरिटी ने भी फोन कॉल कर रेस्तरां मालिकों से इस बारे में कई सवाल पूछे हैं। 

टैक्स अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों की लिस्ट देखी है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह एक्सरसाइज डेटा इकट्ठा करने के लिए की गई है।

इस बारे में मैकडॉनल्ड के प्रवक्ता ने बताया, ‘कई रेस्तरां असोसिएशन और ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के रेस्तरां मालिकों संबंधित अथॉरिटीज से जीएसटी लागू करने की प्रक्रिया पर जानकारी मांगी गई है।’

सेंट्रल बॉर्ड ऑफ एक्साइज ऐंड कस्टमस के चेयरमैन वनाजा सर्ना ने बताया, ‘हम इस संबंध में उचित विवरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में हैं।’उन्होंने बताया कि रेस्तरां मालिकों और कंपनियों से कंस्यूमर्स को टैक्स कट का फायदा देने को कहा है।

15 नवंबर को गुवाहटी में जीएसटी काउंसिल की बैठक में सभी तरह के रेस्तरां को 12% और 18% के स्लैब से निकालकर 5 पर्सेंट के दायरे में लाया गया था। साथ ही रेस्तरां मालिकों का टैक्स इनपुट क्रेडिट नहीं देने का फैसला भी लिया था।

इसके अलावा फूड आइटम पैक कराने और डिलिवरी कराने पर भी 5 पर्सेंट टैक्स भी लागू किया गया था। इसके बाद कई रेस्तरां ने इनपुट टैक्स क्रेडिट का फयदा न देने की वजह से अपने मेन्यु प्राइस में दाम बढ़ा दिए।

इसके अलावा बढ़े हुए प्राइस के लिए ‘प्राइस अजस्टमेंट’ की बात कही जा रही है। मैकडॉनल्ड और स्टारबक्स जैसे ब्रैंड ने भी अपने कुछ प्रॉडक्ट के बेस प्राइस में बढ़ोतरी की है।

लाडो-2 : वीरपुर की मर्दानी “अम्माजी” जयपुर आई

जयपुर। शुरुआत से ही महिलाओं को लैगिंक असमानता का सामना करना पड़ा है। ऐसी ही एक महिला की कहानी को साकार करते हुए कलर्स टीवी अपने मशहूर और प्रेरक धारावाहिक ‘ना आना इस देश लाडो’ के दूसरे भाग ‘लाडो- वीरपुर की मर्दानी’ के रूप में लेकर आया है।

महिला सशक्तिकरण की जागरुकता फैलाने वाले इस शो के दूसरे भाग में अम्माजी (मेघना मलिक) और उनकी पोती अनुष्का (अविका गौर) की कहानी दिखाई जा रही है। ये दोनों जाह्नवी की मृत्यु का बदला लेने के लिए लड़ रहीं हैं।

दरअसल, जाह्नवी का अपहरण कर करके उसे मार दिया गया था और वो भी उस जमीन पर जिसे अम्माजी अपनी जमीन कहती हैं। प्रतिष्ठित और लोकप्रिय अम्माजी की भूमिका में नजर आ रही मेघना मलिक पिंकसिटी, जयपुर में अपने प्रशंसकों से मिली और उनसे संवाद किया।

इसके बारे में उन्होंने कहा, “अम्माजी का यह पात्र किसी को भी दुख पहुंचाने वाली मानसिकता से ग्रस्त था। लेकिन कुछ समय के बाद उसे अपनी गलतियों का अहसास हुआ और फिर सही पक्ष में लड़ना शुरू किया।

टेलीविजन समाज का दर्पण है, जो हमारे आस-पास हो रही घटनाओं को दिखाता है। मैं यह भूमिका करना चाहती थी, ताकि हमारे देश की महिलाओं के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में परिवर्तन लाया जा सके।”

जयपुर के बारे में उन्होंने कहा, “मुझे यह शहर बहुत पसंद है। जयपुर अपने आकर्षक दुर्ग और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। मैं यहां बार-बार आती रहूंगी। लाडो-वीरपुर की मर्दानी शो ने मुझे शहर को उपहार देने का अवसर दिया है, जिसकी मुझे खुशी है।”

इस शो में और भी कई सितारे नजर आ रहे हैं, उनमें से मुख्य हैं, बलवंत चैधरी (रितुराज सिंह), रणबीर सिंह (अंकित राज), कोमल (झलक देसाई), तेज सिंह चौधरी (हिमान चौधरी ), और सुनहरी (सुदिप्ती परमार)।

फिलहाल इस शो में अम्माजी और अनुष्का, रेवती के घर में आमने-सामने आती हैं, और उनका झूठ बोलना सामने आ जाता है। फिर एक ट्विस्ट में अनुष्का पहले अवतार में दिखेगी और वह अम्माजी से की सवाल करेगी।

तीन दिन की गिरावट के बाद महंगा गोल्ड, चांदी 150 रुपये उछली

नई दिल्ली। दिल्ली क सर्राफा बाजार में लगातार दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गया है। सकारात्मक वैश्विक संकेत और शादी सीजन में मांग को पूरा करने को देखते हुए सोना 150 रुपये की बढ़त के साथ 30550 रुपये प्रति 10 ग्राम का हो गया है।

इसी तरह चांदी भी 150 रुपये की बढ़त के साथ 40500 रुपय़े प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। कीमतों में तेजी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से बढ़े उठान के चलते देखने को मिला है।

व्यापारियों का मानना है कि घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से शादी सीजन को देखते हुए मांग में तेजी दर्ज हुई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने कीमतों में साकारात्मक रुख देखने को मिला है।

वैश्विक स्तर पर बीते सत्र में न्यूयॉर्क में सोना 0.90 फीसद की बढ़त के साथ 1291.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 1.12 फीसद की तेजी के साथ 17.13 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 150 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 30550 रुपये और 30400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते तीन सत्रों में सोने की कीमतों में 375 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई है। गिन्नी के भाव, हालांकि, 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

सोने की तरह चांदी भी 150 रुपये की बढ़त के साथ 40500 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 135 रुपये की बढ़त के साथ 39480 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

कोटा सर्राफा
चांदी 40100 रुपए प्रति किलोग्राम 
सोना केटबरी 30450 रुपए प्रति दस ग्राम, सोना 35520 रुपए प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30600 रुपए प्रति दस ग्राम, सोना 35700 रुपए प्रति तोला। 

इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड संशोधन अध्यादेश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड, 2016 में संशोधनों के लिए लाए जा रहे अध्यादेश को मंजूरी दे दी।

विलफुल डिफॉल्टर, फंड की हेराफेरी कर चुके और फर्जीवाड़े के जुर्म में सजा पा चुके लोग बैंकरप्सी रेजॉलूशन प्रोसेस के दौरान अपनी कंपनी या उसकी संपत्ति खरीदने के लिए बोली नहीं लगा पाएंगे। सरकार ने इनसॉल्वेंसी और बैकरप्सी कोड में बदलाव का अध्यादेश बुधवार को जारी किया था।

कुछ विलफुल डिफॉल्टर इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के तहत कंपनी पर दोबारा कंट्रोल हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए सरकार ने यह पहल की है। अगर डिफॉल्ट कर चुके प्रमोटर कंपनी पर दोबारा कंट्रोल कर लेते और उसमें बैंकों को नुकसान उठाना पड़ता तो उसकी राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ सकती थी। केंद्र को यह डर भी सता रहा था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट मीटिंग के बाद बुधवार को रिपोर्टर्स से कहा, ‘बैंकरप्सी कोड में कुछ बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इन बदलावों को अध्यादेश के जरिए लागू किया जा रहा है।’

केंद्र ने अध्यादेश को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले मंजूरी दी है क्योंकि इस दौरान कुछ बैंकरप्सी मामलों का निपटारा हो सकता है। जेटली ने कहा, ‘कुछ रेजॉलूशन आखिरी दौर में हैं। हम यह पक्का करना चाहते हैं कि प्रोसेस सही बना रहे।’

करीब 400 कंपनियों के मामलों को बैंकरप्सी कानून के तहत सुलझाने के लिए नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) के पास भेजा गया है। आरबीआई ने 12 बड़ी कंपनियों के लोन डिफॉल्ट मामले को बैंकरप्सी कोर्ट के पास रेफर किया था। इनमें से 11 मामले दिवालिया अदालत के पास हैं।

एक केस को लेकर अभी मुकदमेबाजी चल रही है। रेजॉलूशन प्रफेशनल्स लोन रिकवरी के लिए इनमें से एस्सार स्टील, भूषण स्टील, भूषण पावर, एमटेक ऑटो, लैंको इन्फ्राटेक को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से किसी कंपनी को बैंकों ने अब तक विलफुल डिफॉल्टर घोषित नहीं किया है।

दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकतर कंपनियों के प्रमोटर अपनी कंपनी के लिए लगाई जाने वाली बोली में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं ताकि वे कम कीमत पर उसे खरीद सकें। विलफुल डिफॉल्टर उन्हें कहते हैं, जो आर्थिक हैसियत होने के बावजूद बैंकों का कर्ज नहीं चुकाते या जिन्होंने बैंकों से लिए फंड की हेराफेरी की हो।

प्रमोटरों के अपनी कंपनी के लिए बोली लगाने पर पाबंदी नहीं होगी क्योंकि इससे एसेट की ऊंची कीमत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उन्हें इसकी लिए कड़ी शर्तों का पालन करना होगा। इसके साथ बैंकरप्सी रेजॉलूशन के तहत बेचे जाने वाली कंपनी की बोली लगाने के लिए कानून में दी गई सारी शर्तें पूरी करनी होंगी।

बोली लगाने वाले जो प्लान सौंपेंगे, बैंकों की समिति उस पर विचार करेगी। इसका जिक्र बुधवार को देर रात को जारी किए गए अध्यादेश में है।

इनसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) ने इससे पहले कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजॉलूशन के रूल्स में बदलाव किया था ताकि ड्यू डिलिजेंस के तहत बैंक बोली लगाने वाले की योग्यता की परख कर सकें। हालांकि, इसे कानूनी समर्थन की जरूरत थी। यह काम अध्यादेश से पूरा हो गया है।

शेयर बाजार का सिक्सर, लगातार छठे दिन तेजी

मुंबई। बंबई शेयर बाजार में गुरुवार को उतार चढ़ाव भरे कारोबार के बीच लगातार छठे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में लाभ से बाजार में बढ़त रही।

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 33,468.30 अंक के निचले स्तर पर आने के बाद अंतिम घंटे में चले लिवाली के सिलसिले से लाभ में रहा। अंत में सेंसेक्स 26.53 अंक या 0.08 प्रतिशत के लाभ से 33,588.08 अंक पर बंद हुआ।

इससे पिछले 5 सत्रों में सेंसेक्स 801 अंक चढ़ा है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी कारोबार के दौरान 10,374.30 अंक से 10,307.30 अंक के दायरे में रहा।

अंत में यह 6.45 अंक या 0.06 प्रतिशत के लाभ से 10,348.75 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में मिला जुला रख रहा।

उमंग ऐप लॉन्च, घर बैठे कर सकेंगे पैन कार्ड बनवाने समेत यह सारे काम

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नई दिल्ली। पीएम मोदी ने गुरुवार को 5वीं ग्लोबल सायबर स्पेस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने के साथ ही यूनिफाइड मोबाइल एप्लीकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस (उमंग) ऐप भी लॉन्च कर दी। यह ऐप लोगों को घर बैठे एक साथ 100 ज्यादा काम निपटाने में मदद करेगी।

इस ऐप के माध्यम से अलग-अलग गवर्नमेंट सर्विसेज के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। यह मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी द्वारा डिजाइन की गई ऐप है।

इसे गूगल प्ले स्टोर, आईओएस स्टोर या फिर विंडेज स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यह ऐप 50 से ज्यादा सेंट्रल, स्टेट और लोकल लेवल एडमिनिस्ट्रेशन लेवल की सर्विसेज की जानकारी देती है।

ऐसे इस्तेमाल करें Umang ऐप-

  • सबसे पहले ऐप को डाउनलोड करें।
  • ऐप को ओपन करने पर रजिस्ट्रेशन स्क्रीन आएगी जिस पर अपना मोबाइल नंबर डालना है। 
  • इसके बाद अपना एमपिन सेट करना है। फिर सिक्योरिटी से जुड़े प्रश्नों के जवाब देकर अपनी आधार डिटेल्स भरनी है।
  • यूजर्स चाहें तो आधार डिटेल्स का ऑप्सन स्किप भी कर सकते हैं।
  • इसके अलावा अगर आप पैन कार्ड की डिटेल्स में कोई बदलाव करना चाहते हैं MyPAN में जाकर CSF फॉर्म भरना होगा।
  • इसके साथ ही पैन कार्ड एप्लीकेशन स्टेट्स की जानकारी भी इस ऐप से ली जा सकती है।
  • पैन कार्ड बनवाने के लिए दी जाने वाली फीस का भुगतान भी इसी ऐप से किया जा सकता है।

अब ईपीएफओ भी मौजूद
हाल ही में एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन ने अपनी सर्विसेज उमंग एप पर होस्ट कर दी है। पहले ये ऐप अलग से गूगल प्ले स्टोर पर ईपीएफ नाम से मौजूद थी, जिसे बंद कर दिया गया है। अब इस ऐप को ईपीएफओ के नाम से उमंग एप के माध्यम से ही एक्सेस किया जा सकता है।

गैस बुकिंग
इस ऐप की मदद से आप भारत, इंडेन और एचपी समेत सभी कंपनियों के गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं।

पासपोर्ट और ड्रायविंग लाइसेंस भी बनेगा
इस ऐप की मदद से आप घर बैठे पासपोर्ट और ड्रायविंग लाइसेंस तक बनवा सकते हैं।

ये वेबसाइट्स देख सकते हैं
आधार कार्ड, एआईसीटीई, एकेपीएस, भारत गैस, सीबीएसई, सीपीग्राम्स, क्रॉप इंश्योरेंस, डिजि सेवक, डायरेक्टॄेट ऑफ मार्केटिंग एंड इंस्पेक्शन, ई-धारा लैंड रिकॉर्ड्स, ई-माइग्रेट, ई-पाठशाला, ईपीएफओ, एक्सटेंशन रिफॉर्म्स, फार्म मेकेनाइजेशन, गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क, एचपी गैस, इंडेन गैस, जीवन प्रमाण, केद्रीय विद्यालय संगठन एक्सेस किया जा सकता है। 

किसान सुविधा, एमफॉर एग्री एनईआई, मिनिस्टॄी ऑफ पेटॄोलियम एंड नेचुरल गैस, नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल, एनडीएमसी, एनपीएस, ऑनलाइन जॉब एप्लिकेशन सिस्टम, ओआरएस, परिवहन सेवा सारथी, परिवहन सेवा- वहन, पासपोर्ट सेवा, पे इंकम टैक्स, पेंशनर्स पोर्टल, फार्मा साही दाम, प्रधान मंत्री आवास योजना, प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, सुखद यात्रा आदि गवर्नमेंट सर्विसेज को एक्सेस किया जा सकता है।