Sunday, July 12, 2026
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‘असली-नकली फूल को पहचानना हम भूल रहे- पं.नागरजी’

सांसारिक जीवन में जिसके पीछे हम दौड रहे हैं, ये प्लास्टिक के बनावटी फूल हैं। इनमें दिखावे की सुंदरता है लेकिन सुगंध नहीं आ सकती।

अरविंद, कोटा। हम असली-नकली फूल को पहचानने में भूल कर रहे हैं जबकि भंवरा असली फूल को पहचानने में कभी भूल नहीं करता। जहां सुगंध हो, वहां पहुंचकर वह रस लेता है।

हम अपने अंतःकरण को शुद्ध नहीं कर पाए, इसलिए असली तक नहीं पहुंच पाए। सांसारिक जीवन में जिसके पीछे हम दौड रहे हैं, ये प्लास्टिक के बनावटी फूल हैं। इनमें दिखावे की सुंदरता है लेकिन सुगंध नहीं आ सकती।

कोटा-चितौड़ मार्ग पर कल्याणपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम सोपान में शुक्रवार को दिव्य गौसेवक संत पं.कमलकिशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि जनता जागृत हो जाए, तो पाखंड चला जाएगा।

आज सनातन धर्म में कई विकृतियां आ रही हैं। यदि कोई व्यवसाय समझकर धर्म क्षेत्र में आ गए, तो खुद भंवरा बनकर स्वविवेक से उन्हें पहचानो। जहां चैतन्य पुरूष होंगे वहां ज्ञान और ब्रह्मतत्व की सुगंध अवश्य मिलेगी।

शास्त्रों में कहा है कि अष्टदल कमल जब खिलता है, तो वह खूशबू छोड़ता है। अष्ट कमल में चरण कमल, नाभि, हृदय, हस्त, मुख, नेत्र, शीष एवं अष्टदल कमल होते हैं।  भगवत चिंतन पर उन्होंने कहा कि धर्म में सिर्फ एक जाति हो-मनुष्य जाति। सारे भेदभाव खत्म हो जाएंगे।

गुरू तत्व जाति नहीं देखता, जो पात्र है, शुद्ध है, आज्ञाकारी है, उसकी उर्जा उसे छेड़ती है। हृदय विशुद्ध है तो गुरू तत्व उसके पास आएगा। परम तत्व जहां हो, वहां आह भरकर सांसों में उतार लो, आप खुद तर जाओगे। दशम स्कंध में कहा है- कृष्णम वंदे जगद्गुरू।

ऐसे में ईश्वर ही गुरू-गोविंद दोनों बन जाते हैं। जहां लिखा हो 100 प्रतिशत शुद्ध है, समझो वह अशुद्ध है। क्यांकि जहां शुद्धि हो, उसका प्रचार नहीं होता। शुक्रवार को हाड़ौती से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे।

आश्रम और पॉल्ट्रीफॉर्म में अंतर है
धर्म और आस्था के क्षेत्र में आ रही विकृतियों पर उन्होंने व्यथित भाव से कहा कि गुरू परमतत्व हवा की तरह है। हवा बगीचे में चले तो सुगंध फैलाती है लेकिन पॉल्ट्रीफॉर्म में चले तो दुर्गंध फैलाती है।

उसके पास गुजरते हुए हम नाक बंद कर लेते हैं। आज तो आश्रमों में विकृतियों देख हम कान भी बंद कर लेते हैं। जहां चैतन्य पुरूष और ब्रह्मतत्व होंगे वहां भक्ति की खुशबू आएगी।

पारस नहीं खदान का सोना बनो
‘मेरा अवगुण भरा, कहो ना कैसे तारोगे, कहीं मुष्टि से मारा है, कहीं दृष्टि से तारा है…’ भजन सुनाते हुए पूज्य नागरजी ने कहा कि एक लोहे के टुकडे़ को पारस छू ले तो वह सोना बन जाता है लेकिन 150 वर्ष बाद वह वापस लोहा हो जाता है। जबकि जो खदान से निकलता है, वह युगों तक सोना ही रहता है। सोना बनाया नहीं जाता।

हम खदानों में अच्छा पत्थर मिलने तक उसे खोजते रहते हैं। क्या कभी ईश्वर को भी इसी रूप में खोजा है। मेरे अंदर ईश्वर क्यों नहीं है, इसे खोजो।

आप खदान का सोना बन जाओगे। प्रत्येक खानदान में पांच तत्वों का अंश होता है- मातृ शुद्धि, पितृ शुद्धि, वंश शुद्धि, आत्म शुद्धि एवं अन्न शुद्धि। जिस परिवार में ये 5 शुद्धियां हैं, उसमें सपूत होंगे, कपूत नहीं।

श्रीमद् भागवत कथा 7 दिन में उबलते दूध की तरह विकार निकालकर जीवन सुधारती है और इसकी कृपा मंथन से निकले मावे की तरह मृत्यु सुधारती है।

कथा में बैठकर अपनी एक बुराई को ललकारो, वह इस तप से नष्ट हो जाएगी। अपनी बुराई से तीन घंटे भी घृणा हो जाए तो समझ लेना भला हो गया।

आज के 5 सूत्र-

  •  निंदा सुनने से दोष लगता है तो कथा सुनने से फल मिलता है।
  • निंदा, चोरी, मसखरी, ब्याज, घूस व परनार, जो चाहे दीदार तो ऐति वस्तु नकार।
  • अच्छे शब्द जब भी सुनो तो मन के विकार अवश्य निकालो।
  • घी शुद्ध है तो वह नहीं लिखेगा- 100 प्रतिशत शु़द्ध घी यहां मिलता है।
  • भक्ति की निरंतरता नहीं टूटे, वरना समय निकल जाएगा।

लिवाली निकलने से धनिया 200 रुपये प्रति क्विंटल उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । धान की आवक 65 हजार बोरी, माल की कुल आवक 95 हजार बोरी की रहीं।

लिवाली निकलने से धान सुगन्धा 100 व धान-1509 150 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा। धनिया 200 रुपये उछला और सोयाबीन 20 रुपये प्रति क्विंटल तेज रही ।

गेहूं मिल 1550 से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल रहा। धान सुगंधा 2000 से 2525 पूसा -1 2200 से 2900 पूसा-4 (1121) 2500 से 3200 धान (1509) 2000 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2200 से 2900 सरसो 3200 से 3650 तिल्ली 7400 से 8600 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2600 धनिया बादामी 3400 से 4350 ईगल 3600 से 4500 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3850 चना 4000 से 4600 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार 2500से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल।।

अग्रवाल समाज का युवक युवती परिचय सम्मेलन 23 से, वेबसाईट जारी

कोटा। अग्रवाल समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में 23 व 24 दिसम्बर को विशाल युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार को दोपहर में समाज के अध्यक्ष नरमेश अग्रवाल,कार्यक्रम संयोजक जगदीश मित्तल ने इसकी वेबसाईट लान्च की। महामंत्री सुरेश अग्रवाल ने बताया कि अब तक 245 प्रविष्टियां आ चुकी है।

संस्था के सह संयोजक मुकुट बिहारी गुप्ता छबड़ा और राजेंद्र जैन झालावाड़ तथा महावीर मित्तल इटावा में प्रचार प्रसार के लिए रवाना हो गए।

वेबसाईट लॉचिंग के समय पूर्व अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता,उप संयोजक राजेश गुप्ता,धीरज गोयल,युवा मंच के रीतेश अग्रवाल,सौरभ जैन,अंकित गर्ग,माधवी मंच की अनिता मित्तल आदि समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।

एयरसेल और बीएसएनएल का गठबंधन, दुगना नेटर्वक होगा प्राप्त

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कोटा। एयरसेल ने अपने ग्राहकों को निर्बाध कनेक्टिविटी देने के लिए बीएसएनएल के साथ गठबन्धन किया है। बीएसएनल के साथ किए गए इंट्रा सर्किल रोमिंग गठबन्धन को राजस्थान सर्किल में इस बात को ध्यान में रख कर किया गया है कि बीएसएनएल की पहुंच दूर संचार के क्षेत्र में पूरे भारत में नेटवर्क एकीकरण का विशाल अनुभव है।

राजस्थान में एयरसेल के 6.5 मिलियन सब्सक्राइब्र्स अब इसका अतिरिक्त लाभ उठा सकेंगे तथा 100 प्रतिशत अधिक टेलीकॉम साइट तक अपनी पहुंच बना कर अपने अनुभव और सम्पर्क में बने रहने की योग्यता को जाहिर कर सकेंग। इस भागीदारी से एयरसेल सब्सक्राइब्र्स को ग्रामीण इलाकों तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

इस अवसर पर एयरसेल क्षेत्रीय प्रबन्धक अरविंद सिंह शेखावत ने कहा ” बीएसएनएल के साथ भागीदारी के बाद नेटवर्क मौजूदा से दुगुना हो जाएगा और ग्राहक इस उपक्रम का लाभ उठा सकेंगे।

साथ : 7 क्रिकेट महोत्सव में किया 16 टीमों का चयन

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कोटा। वंडर सीमेंट साथ : 7 क्रिकेट महोत्सव में खेलने वाली टीमों के लिए शुक्रवार को कोटा में लक्की ड्रा का आयोजन किया गया। 101 से अधिक संख्या में प्राप्त आवेदन में से हर स्थान पर 16 टीमों का चयन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि उप महापौर सुनीता व्यास और इंजीनियरं राजेश गुप्ता एवं वंडर सीमेंट के जोनल हेड चेतन कुमावत व बिजनेस पार्टन संजय गोयल और एरिया मैनेजर केजी मंत्री उपस्थित थे।

जोनल हेड चेतन कुमावत ने बताया कि राजस्थान की प्रत्येक तहसील में चयनित होने वाली 16 टीमों में दो टीमों का स्थान आरक्षित है जिसमें एक टीम तहसील पर गत वर्ष की विजेता टीम तथा दूसरी टीम तहसील स्तर पर चयनित राज मिस्त्री (कारीगर)/ठेकेदार (कॉन्ट्रेक्टर) की होगी।

मध्य प्रदेश और गुजरात में एक तहसील स्तर पर चयनित राज मिस्त्री (कारीगर)/ठेकेदार (कॉन्ट्रेक्टर) की टीम का स्थान आरक्षित है।  तहसील स्तर पर चयनित टीमों के मैच 2 और 3 दिसम्बर को होंगे। हर तहसील से विजेता टीमें अपने जिला मुख्यालयों में खेलेंगी और जिले का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम का चयन होगा।

51 जिला टीमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के 8 जोन में टकराएंगी जिसमें 60 महिला टीम भी होगी। क्रिकेट महोत्सव का समापन आठ अंतिम टीमों के बीच 24 दिसंबर को राजस्थान के उदयपुर में होगा।

उल्लेखनीय है कि वंडर सीमेंट साथः 7 क्रिकेट महोत्सव 2017 क्रिकेट से जुडा विश्व का सबसे बड़ा उपभोक्ता समावेशी अभियान है, जहाँ भारत के तीन बड़े राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से 48,000 लोग लेंगे।

यह 7 खिलाडी 7 ओवर वाला रोमांचक खेल जो हमारे राज्यों के इलाकों के लोगों को मैदान में उतरकर अपनी प्रतिभा दिखाने का और अपने क्रिकेट के सपनों को हकीकत में बदलने का मौका देगा।

एक ट्विस्ट इसमें यह है कि यदि टीम में एक भी महिला सदस्य है तो टीम को प्रति मैच 7 रन बोनस के रूप में मिलेंगे। इसका उद्देश्य क्रिकेट खेलने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को मैदान में आकर पुरुषों के साथ सम्मान के साथ खेलने का मौका देना है।

भविष्य निधि एक ही दिन में लाभार्थी को ट्रांसफर

नई दिल्ली । ईपीएफ (EPF) के केंद्रीय बोर्ड (सीबीटी) ने बीते दिन श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार के नेतृत्व में एक बैठक में हिस्सा लिया।

इस बैठक में एनपीसीआई के संबंध में भी एक बड़ा फैसला लिया गया। इस फैसले के मुताबिक ईपीएफओ अब एक ही दिन में एनपीसीआई के जरिये पीएफ फंड को लाभार्थी को ट्रांसफर कर पाएगा।

एनपीसीआई पर क्या हुआ फैसला: सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की बैठक में सबसे अहम फैसला ईपीएफओ के लिए केंद्रीय भुगतान व्यवस्था अपनाने को लेकर हुआ। इस बैठक में सीबीटी ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत ईपीएफओ नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ करार करेगा।

यानी अब पीएफ भुगतान के लिए एक केंद्रीय व्यवस्था बनाई जाएगी। ऐसा होने से अब ईपीएफओ एक ही दिन में एनपीसीआई के जरिये पीएफ फंड को लाभार्थी को ट्रांसफर कर पाएगा।

क्या है मौजूदा व्यवस्था: आपको जानकारी के लिए बता दें कि ईपीएफओ विकेंद्रीकृत व्यवस्था पर काम करता है। इस व्यवस्था के कारण लेनदेन के लिए संगठन को ज्यादा खर्चा वहन करना पड़ता है। साथ ही इसमें लेनदेन संबंधी तमाम दिक्कतें भी सामने आती हैं।

आधार के जरिए खोजे गए 500 लापता बच्चे

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नई दिल्ली। बीते कुछ महीनों के दौरान 500 से अधिक लापता बच्चों का पता लगाया गया है। यह जानकारी खुद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने दी है।

साइबरस्पेस (जीसीसीएस) 2017 पर वैश्विक सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों में, आधार के माध्यम से 500 से अधिक लापता बच्चों की पहचान की गई है।”

इसको समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसी घटनाओं हुआ है जहां अनाथालय में मौजूद ऐसे बच्चों का आधार में नामांकन कराने की कोशिश की गई जिनका पहले ही आधार कार्ड बनवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से हम इनका पता लगाने में सफल रहे हैं।

हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि यह एक बॉलीवुड फिल्म की कहानी की तरह है जिसमें भाई-बहन पहले बिछड़ जाते हैं लेकिन दशकों बाद एक दूसरे से मिलते हैं। अब हमें आधार की तस्वीर पर काम करना होगा।

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक भारत उन देशों में शामिल है, जहां बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है और 1.2 बिलियन की आबादी वाले देश में 40 फीसद आबादी 40 से कम उम्र की है।

चाइल्ड राइट एंड यू एनजीओ (सीआरवाई) के मुताबिक, जो कि बाल अधिकारों के लिए काम करता है। साल 2013 से 2015 के बीच देश भर में लापता होने वाले बच्चों की संख्या में लगभग 84 फीसद की वृद्धि हुई है। इसने सरकारी डेटा का हवाला देते हुए कहा कि यहां लगभग हर दिन 180 बच्चे गायब हो जाते हैं।

सोने में मामूली गिरावट, जानिए कितने का हो गया 10 ग्राम गोल्ड

नई दिल्ली/कोटा । शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली कमजोरी देखने को मिली है। कमजोर वैश्विक संकेत और घरेलू हाजिर बाजार में ज्वैलर्स की ओर से मांग में कमी के चलते सोना 25 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 30525 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

चांदी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के कारण 40500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर रही है। व्यापारियों का मानना है कि कमजोर वैश्विक ट्रैंड और ज्वैलर्स व रिटेलर्स की ओर से सोने के मौजूदा भाव पर कम खरीदारी के कारण सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.04 फीसद की कमजोरी के साथ 1290.10 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 25 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30525 रुपये और 30375 रुपये के स्तर पर आ गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने की कीमतों में 150 रुपये की बढ़त दर्ज की गई थी। गिन्नी हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रही है।

वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 40500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर रही है जबकि साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 30 रुपये की बढ़त के साथ 39510 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। चांदी के सिक्कों का भाव 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार है।

कोटा सर्राफा 
चांदी 40200 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30450 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35520 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30600 रुपये प्रति दस ग्राम, 35700 रुपये प्रति तोला।

बाजार में सातवें दिन भी तेजी, सेंसेक्स 91 अंकों की बढ़त के साथ बंद

मुंबई। शेयर बाजार ने लगातार सातवें दिन भी बढ़त हासिल की। शुक्रवार को सेंसेक्स 91.16 अंक और चढ़कर 33,679.24 अंक पर और निफ्टी 40.95 अंक के लाभ से 10,389.70 अंक पर बंद हुआ।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली के चलते शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स तेजी बरकरार रखते हुए 101.78 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 33,689.86 अंक पर खुला। पिछले छह कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 827.64 अंक की बढ़त देखने को मिली।

पूंजीगत वस्तुएं, ऑटो, टिकाऊ उपभोक्ता उपयोग की वस्तुओं और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में बढ़त देखी गई। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तेजी के साथ खुला था।

कारोबारियों के मुताबिक, घरेलू वित्तीय संस्थागत निवेशकों द्वारा लिवाली से शेयर बाजार में तेजी का रुख रहा। इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने भी बाजार को समर्थन दिया।

टाटा की नैनो इलेक्ट्रिक, 28 नवंबर को होगी लॉन्च

मुंबई। देश की सबसे सस्ती नैनो कार एक बार फिर धमाल मचाने के लिए तैयार है। खबर है कि टाटा मोटर्स भारतीय बाजार में नई इलेक्ट्रिक कार लाने की तैयारी कर रही है।

टाटा मोटर्स ओला कैब के साथ मिलकर दिल्ली में नैनो इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च करेगी। इतना ही नहीं, ओला प्रदूषण को कम करने के लिए इस साल के अंत तक अपने टैक्सी फ्लीट में इन इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करेगी।

टाटा मोटर्स अपने ब्रिटेन स्थित टाटा मोटर्स यूरोपियन टेक्नीकल सेंटर के जरिए इलेक्ट्रिक कार टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। इन कारों से हानिकारक प्रदूषण नहीं होता है और ये पर्यावरण अनुकूल होती हैं।

कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करके इससे 150 किमी से ज्यादा का सफर तय किया जा सकेगा। रिपोर्ट्स की मानें तो टाटा मोटर्स ने ऐसी 400 नैनो इलेक्ट्रिक कारें तैयार की हैं।

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को नई दिल्ली में ओला कैब्स के एक कार्यक्रम में इन 400 नैनो इलेक्ट्रिक को लॉन्च कर सकते हैं। अगले महीने से ये गाड़ियांओला टैक्सी फ्लीट का हिस्सा बन जाएंगी।

गौरतलब है कि टाटा मोटर्स ने 2010 में जेनेवा मोटर शो के दौरान पहली नैनो इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट कार को पेश किया था।