Sunday, July 12, 2026
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कैंसर समेत 51 आवश्यक दवाओं के दाम घटे

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नई दिल्ली । देश में कैंसर समेत कई बीमारियों के इलाज में काम आने वाली 51 आवश्यक दवाओं के दाम घट गए हैं। राष्ट्रीय दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने इनकी कीमतें कम करने का फैसला लिया है।

इनमें कैंसर, दर्द निवारक, दिल और त्वचा की बीमारियों से संबंधित दवाएं हैं। इनकी कीमतों में छह से 53 फीसद तक की कटौती की गई है। नियामक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, नई अधिसूचना से कुछ दवाओं की कीमत आधी हो जाएगी।

एनपीपीए (नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी) ने 13 दवाओं के लिए अधिकतम कीमत तय कर दी है। साथ ही 15 की अधिकतम कीमतों को संशोधित कर दी गई हैं।

इसके अलावा 23 आवश्यक दवाओं की खुदरा कीमत भी नियामक ने निर्धारित कर दी है। जिन दवाओं की अधिकतम कीमत तय की गई है, उनमें कोलोन व रेक्टल कैंसर में इस्तेमाल होने वाली ओक्सालिप्लेटिन, जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका और खसरा का टीका (मीजल्स रुबेला वैक्सीन) भी शामिल हैं।

एनपीपीए दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत शेड्यूल 1 में आने वाली आवश्यक दवाओं की अधिकतम कीमत तय करता है।

आवश्यक दवाओं के दामों की गणना किसी खास चिकित्सा खंड में एक फीसद से ज्यादा बिक्री वाली दवाओं के साधारण औसत के आधार पर की जाती है।

जो दवाएं मूल्य नियंत्रण के दायरे से बाहर हैं, उनमें भी निर्माता को सालाना 10 फीसद से ज्यादा मूल्य वृद्धि की अनुमति नहीं है। सरकार ने वर्ष 1997 में एनपीपीए की स्थापना की थी।

400 अरब डॉलर के करीब पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

नई दिल्ली । देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 17 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 24.04 करोड़ डॉलर बढ़कर 399.53 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह विदेशी मुद्रा संपत्तियों में खासी तेजी आना है।

भारतीय रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों में यह सामने आया है। इससे पिछले सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 55.42 करोड़ डॉलर बढ़कर 399.29 अरब डॉलर हो गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाघीन सप्ताह में कुल फॉरेक्स रिजर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा विदेशी मुद्रा एसेट्स (एफसीए) 22.04 करोड़ डॉलर बढ़कर 375.096 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार 20.66 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित बना रहा।

पहली छमाही में 17 फीसद बढ़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
देश में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) 17 फीसद बढ़कर 25.35 अरब डॉलर हो गया।

वाणिज्य मंत्रालय के मातहत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) ने अपने ‘मेक इन इंडिया’ ट्विटर हैंडल के जरिये यह जानकारी दी।

बीते साल अप्रैल से सितंबर की समान छमाही में यह आंकड़ा 21.62 अरब डॉलर था। जहां तक अप्रैल, 2000 से इस साल सितंबर तक देश में आए कुल एफडीआइ का सवाल है तो यह भी बढ़कर 518.10 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

टमाटर के तेवर तीखे, दिल्ली में 80 रुपये किलो पर पहुंचे दाम

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय राजधानी के खुदरा बाजार में टमाटर के दाम 80 रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच गए। आपूर्ति में कमी से टमाटर के दाम चढ़ रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों में भी टमाटर के दाम चढ़ चुके हैं।

व्यापार के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख उत्पादक राज्य कर्नाटक के बेंगलूरु में टमाटर के खुदरा दाम 45 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच चुके हैं। मिजोरम के एजल में टमाटर 95 से 100 रुपये किलो पर बिक रहा है।

आजादपुर मंडी के टमाटर व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने कहा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश की हालिया बरसात की वजह से टमाटर की उपलब्धता कम हुई है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। किसानों ने फिर से बुआई की है। इस फसल को आने में 15 से 20 दिन लगेंगे। आजादपुर मंडी में टमाटर 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है।

खुदरा दाम इससे कहीं अधिक हैं। दिल्ली के खुदरा बाजारों में अलग-अलग स्थानों पर टमाटर 70 से 80 रुपये किलो बिक रहा है। एक साल पहले इस अवधि में टमाटर का दाम 30 से 35 रुपये किलो था।

कौशिक का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में इस समय टमाटर की आपूर्ति करीब 25 प्रतिशत कम है। दिल्ली में छह बड़ी मंडियों में रोजाना 225 से 250 टन टमाटर का कारोबार होता है।

इस समय यह घटकर 170 से 180 टन रह गया। व्यापारियों का कहना है कि कुछ टमाटर उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ से भी आ रहा है।

ट्रेन का जनरल टिकट अब इस एप से करें बुक

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कोटा। रेल टिकट के लिए स्टेशन पर लम्बी कतारें होना आम है। इस स्थिति को बेहतर करने के लिए जनरल टिकट के यात्रियों के लिए रेलवे ने नई एप लॉन्च की है। इसे जनरल टिकट के लिए यात्रियों को लाइन में लगने की जरुरत नहीं होगी।

रेलवे ने यूटीएस नाम की एप पेश की है। इस एप से दिल्ली के कई रेलवे स्टेशंस को जोड़ने का काम शुरू किया जा चुका है। यात्री चाहे तो घर बैठे इस एप के जरिए अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं।

आपको बता दें, अभी तक अनारक्षित टिकट को ऑनलाइन बुक कराने की सुविधा सिर्फ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ही उपलब्ध थी। अब इसका विस्तार किया जा रहा है।

कई स्टेशन पर ट्रायल एप के जरिए यात्री अपनी टिकट बुक कर सकेंगे।

इसके बाद स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट का प्रिंट आउट लिया जा सकता है।

नई दिल्ली के बाद अब अन्य स्टेशंस पर भी इसका विस्तार किया जा रहा है ।

CAT 2017: एग्जाम रविवार को, साथ में न ले जाएं यह चीजें

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कोटा। कॉमन ऐडमिशन टेस्ट (कैट) 2017 का आयोजन 26 नवंबर को होगा। परीक्षा को लेकर अथॉरिटी की ओर से कुछ निर्देश जारी किए गए हैं। इस साल छात्र ऐसी कोई जूलरी या चीज नहीं पहन सकते हैं जिनमें मेटल हो।

आईआईएम लखनऊ द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक छात्रों को एग्जाम हॉल के अंदर जूता पहनने की भी अनुमति नहीं है। उनको जूते बाहर ही उतारने होंगे। पिछले साल छात्रों को खुले फुटवियर जैसे चप्पल और सैंडल पहनने की सलाह दी गई थी।

अन्य परीक्षाओं की तरह ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे इयरफोन, माइक्रोफोन, मोबाइल हॉल के अंदर ले जाना निषिद्ध रहेगा।

ICAI CPT एग्जाम 2017: दिसंबर की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी

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नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स (आईसीएआई) ने कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट दिसंबर 2017 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं।

यह परीक्षा दिसंबर में आयोजित की जाएगी। स्टूडेंट्स ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

  • ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं 
  • लॉग इन पेज पर जाएं रजिस्ट्रेशन करें और अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें

आपको बता दें कि इस परीक्षा के लिए अलग से कोई एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा। इसके अलावा वेबसाइट पर परीक्षा से जुड़े दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। 

पश्चिम बंगाल में पद्मावती रिलीज करने के लिए तैयार ममता

नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर देश में भर में विवाद चल रहा है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में कहा कि वह फिल्म पद्मावती के निर्देशक संजय लीला भंसाली और उनकी टीम को राज्य में आमंत्रित करेंगी। वो फिल्म के प्रीमियर और रिलीज के लिए विशेष इंतजाम भी करेंगी।

बनर्जी ने कुछ दिन पहले ट्वीट किया था कि फिल्म पर विवाद देश में अभिव्यक्ति की आजादी को तबाह करने की पूर्व नियोजित योजना है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ”अगर वह (भंसाली और निर्माता) किसी भी दूसरे राज्य में पद्मावती को रिलीज नहीं कर पाते हैं तो हम हमारे राज्य में इसके लिए विशेष बंदोबस्त करेंगे।

इसमें बंगाल को खुशी होगी और गर्व होगा। संजय लीला भंसाली और उनकी पद्मावती की टीम का हमारे राज्य में स्वागत है। बनर्जी ने 20 नवंबर को ट्वीट किया था, ”हम ‘सुपर इमर्जेंसी की निंदा करते हैं। फिल्म जगत के सभी लोगों को एक जुट होकर सामने आना चाहिए और इसके खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। 

डेढ़ करोड़ तक टर्न ओवर वाले 90 फीसदी करदाता SGST में

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कोटा। राज्यकर विभाग और केंद्रीय वस्तु सेवा कर विभाग के बीच शुक्रवार को जीएसटी करदाताओं का विभाजन हुआ है।  राज्य कर विभाग के आयुक्त आलोक गुप्ता और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग जयपुर जोन के मुख्य आयुक्त डॉ. एसएल मीना द्वारा जीएसटी काउंसिल द्वारा 20 सितंबर को जारी जारी परिपत्र की अनुपालना में­ दोनों विभागों के बीच प्रदेश के जीएसटी करदाताओं का विभाजन किया गया है।

जो कंप्यूटरीकृत रेंडम सैंपलिंग के जरिए हुआ है। ऐसे में 1 करोड़ 50 लाख तक के टर्नओवर वाले 90 फीसदी करदाताओं की पत्रावली का प्रशासनिक प्राधिकारी राज्य कर विभाग और 10 फीसदी का केंद्रीय वस्तु एवं कर विभाग होगा। वहीं जिन करदाताओं का टर्नओवर 1 करोड़ 50 लाख से ऊपर है, उनकी 50 फीसदी पत्रावलियां­ का प्रशासनिक प्राधिकारी राज्य कर विभाग होगा और 50 फीसदी का केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग होगा।

जेईई मेन्स की पात्रता के लिए सभी विषयों में नहीं देना होगा इंप्रूवमेंट एग्जाम

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यह नियम उन स्टूडेंट्स पर लागू होगा जो बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर क्वालीफाई करना चाहते हैं

कोटा। जेईई मेन्स की पात्रता हासिल करने के लिए इंप्रूवमेंट एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स को सभी पेपर नहीं देने होंगे। यह नियम उन स्टूडेंट्स पर लागू होगा, जो बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर क्वालीफाई करना चाहते हैं। टॉप 20 पर्सेंटाइल के आधार पर क्वालीफाई करने के लिए अभी भी सभी पेपर देने होंगे।

सीबीएसई मेन्स यूनिट की ओर से जारी इनफॉरमेशन बुलेटिन के बाद अब ये संशय दूर हो गया है। जेईई मेन्स क्लियर करने के बाद इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए बोर्ड में सामान्य वर्ग में 75 प्रतिशत कैटेगरी में 65 प्रतिशत अंक या फिर बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में आना अनिवार्य है।

उधर, सीबीएसई ने अब एग्जाम से संबंधित एफएक्यू भी जारी कर दिया है। इसमें बताया गया है कि जिन स्टूडेंट्स का आधार कार्ड नहीं बना है या जिनके कार्ड में स्टूडेंट का नाम बोर्ड की अंकतालिका में जन्म तिथि नहीं है तो उनको 14 डिजिट के एनरोलमेंट नंबर से आवेदन करने का विकल्प दिया जाएगा।

ऐसे स्टूडेंट्स जिनके माता-पिता का नाम अंकतालिका के अनुसार नहीं है तो वे अपने माता-पिता का नाम अंकतालिका के अनुरूप ही भरें। असम, जम्मू कश्मीर मेघालय से 12वीं पास स्टूडेंट्स पासपोर्ट नंबर अन्य सरकारी पहचान पत्र के नंबर से फॉर्म भर सकते हैं।

कनफर्मेशन की आवश्यकता नहीं
कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि स्टूडेंट्स को आवेदन में मेन्स की साइट पर लॉग इन करके अपना नाम, जन्म तारीख, आधार नंबर, स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी आदि भरने होंगे। इन जानकारियों को आधार कार्ड से मिलाया जाएगा। इसके बाद फोटो, साइन और माता-पिता के साइन को स्कैन करके अपलोड करना होगा।

इसके बाद परीक्षा शुल्क का भुगतान करके कनफर्मेशन पेज का प्रिंट आउट निकाल सकेंगे। इस पेज को जेईई ऑफिस भेजने की आवश्यकता नहीं है।

विदेशी सेंटर पर देना होगा 684 रुपए का जीएसटी
एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि अगर कोई छात्र विदेशी सेंटर पर मेन्स का एग्जाम देता है तो उसको जीएसटी के रूप में 684 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। उसकी कुल फीस 4484 रुपए होगी। भारत में दोनों पेपर ऑफलाइन मोड पर देने पर 324 रुपए जीएसटी समेत  कुल फीस 2124 रुपए होगी। ऑनलाइन पेमेंट पर 1 प्रतिशत प्रोसेसिंग चार्ज भी देना होगा।

जेईई मेन्स में भाग लेने वाले राज्यों में राजस्थान का नाम नहीं
आरटीयू की ओर से इस साल भी जेईई मेन्स यूनिट से कोआर्डिनेशन नहीं करने से राजस्थान को इस परीक्षा में भाग लेने वाले राज्यों की सूची में शामिल नहीं किया है। हर साल यूनिवर्सिटी एडमिशन के संबंध में देरी से नोटिफिकेशन जारी कर रही है। मेन्स के फाॅर्म फिलिंग समाप्त होने से पहले ही यह नोटिफिकेशन जारी किया जाता है।

इस कारण स्टूडेंट्स को फॉर्म फिलिंग और परीक्षा की तैयारियाें के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इस साल भी आरटीयू ने यही गलती दोहराई और सीबीएसई मेन्स यूनिट से संपर्क नहीं किया। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, नागालैंड और ओडिसा राज्य सीधे मेन्स में भाग ले रहे हैं।

आरटीयू के वीसी प्रो. एनपी कौशिक ने बताया कि इस साल एडमिशन एजेंसी बदल दी गई है। एजेंसी से कोआर्डिनेट करके कहा जाएगा कि वह बच्चों के लिए पहले ही जेईई मेन्स में बैठने की सूचना कर दें।

मेन्स के नोटिफिकेशन में आने से साफ होती थी स्थिति
राजस्थानका नाम अगर जेईई मेन्स के नोटिफिकेशन में आता तो स्टूडेंट्स अपनी तैयारियां शुरू कर देते। उन्हें तैयारियों के लिए करीब साढ़े पांच माह का समय मिल जाता है।

आरटीयू अमूमन दिसंबर अंत तक ही नोटिफिकेशन जारी करके मेन्स के आधार पर एडमिशन की सूचना जारी करता है।ऐसे में एक माह का नुकसान उनको होता है। वहीं ऑनलाइन फाॅर्म फिलिंग प्रक्रिया में भी उनको काफी समय लग जाता है। मेन्स के नोटिफिकेशन में ही राजस्थान का नाम आने से सभी अटकलों पर विराम लग जाता।

अब एडवांस टैक्स पर आयकर विभाग की नजर

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मुंबई। आयकर विभाग दिसंबर तिमाही का अग्रिम कर भरे जाने से पहले सभी क्षेत्रों की शीर्ष 100 कंपनियों की आमदनी में वृद्धि और अग्रिम कर भुगतान की विसंगति पर नजर रख रहा है।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने कम से कम 30 ऐसी कंपनियों की पहचान की है, जिन्होंने दावा किया है कि आलोच्य तिमाही के दौरान उनकी वृद्धि शून्य रही।

इन कंपनियों ने इसके लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण पैदा हुईं अनिश्चितताओं जैसे वृहद आर्थिक कारकों का हवाला दिया है।  उन्होंने कहा है कि अगर आगामी तिमाहियों में वृद्धि फिर लौटती है तो वे कर और ब्याज का भुगतान करेंगी।

हालांकि आयकर विभाग को संदेह है कि कंपनियां अपनी अग्रिम कर देनदारी कम दिखाने के लिए विवरण दबा रही हैं, इसलिए विभाग कंपनियों के पिछले तीन साल के प्रत्येक तिमाही के राजस्व, लाभ एïवं हानि खातों और परिचालन लाभ की पड़ताल कर उनके दावों का सत्यापन कर रहा है। 
 
विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि जून और सितंबर तिमाहियों में कंपनियों और व्यक्तिगत आयकरदाताओं के अग्रिम कर भुगतान में मामूली वृद्धि रही थी, जबकि विभाग ने उन्हें अंतिम तिथि तक भुगतान करने के लिए खूब प्रोत्साहित किया था।

करदाताओं से उम्मीद की जाती है कि वे अपनी अनुमानित कर देनदारी का अग्रिम भुगतान 15 जून तक 15 फीसदी, 15 सितंबर तक 45 फीसदी, 15 दिसंबर तक 75 फीसदी और शेष 15 मार्च तक कर देंगे।

हालांकि आयकर विभाग ने पिछली दो तिमाहियों में देखा है कि अग्रिम कर के कम भुगतान या टालने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

माना जा रहा है कि कर संग्रहण से नाखुश केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वे बड़ी कंपनियों  के सितंबर तिमाही के नतीजों पर कड़ी नजर रखें। 

सूत्रों के मुताबिक विभाग कंपनियों को 1 दिसंबर से पत्र भेजने शुरू करेगा और कम भुगतान या इसे टालने की वजह पूछेगा।  एक अन्य कर अधिकारी ने कहा कि वर्ष की शुरुआती तिमाहियों में स्व-आकलन की बढ़ती तादाद से करदाताओं के इरादे पर संदेह पैदा होता है।