Sunday, July 12, 2026
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रोडवेज बस से सफर 18% तक महंगा होगा 

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रोडवेज प्रशासन की घाटे का बोझ यात्रियों की जेब पर डालने की तैयारी

जयपुर। प्रदेश में उप चुनावों के सीजन और महंगाई के बीच रोडवेज प्रशासन लोगों की जेब पर भार डालने की तैयारी कर रहा है। घाटे में चल रही रोडवेज ने किराया बढ़ाने के लिए एमडी कुलदीप रांका ने प्रस्ताव सरकार को भेजा है।

सरकार ने अनुमति दी तो सफर 18% तक महंगा हो जाएगा। किराया बढ़ाने के पीछे रोडवेज प्रशासन का तर्क है कि रोडवेज बसों का संचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ जहां डीजल के दामों में वृद्धि हुई है, वहीं टायर-ट्यूब, स्पेयर पार्ट्स स्टाफ की संस्थापन लागत बढ़ रही है।

किराया बढ़ाने का भेजा प्रस्ताव
बस सेवा       वर्तमान में          प्रस्तावित
                (पैसे/किमी)       (पैसे/किमी)
साधारण बस          85               100
एक्सप्रेसबस           90              105
सेमीडीलक्स बस    98              115
एसीबस              150              165
वोल्वो-स्कैनिया    220             235


किराया बढ़ा तो यात्री घटने की आशंका: एमडी ने 8 नवंबर को यह प्रस्ताव परिवहन विभाग को भिजवाया है। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और परिवहन मंत्री की अनुमति के बाद किराए बढ़ा दिया जाएगा।

रोडवेज के पास सबसे ज्यादा हैं एक्सप्रेस बसें। इनका किराया अभी 90 पैसे प्रति किमी है। यानी 100 किमी सफर करने पर 90 रुपए लगते है।

किराया बढ़ने के बाद 100 किमी के सफर के 105 रुपए लगेंगे। इसी अनुपात में टैक्स की दरों में भी बढ़ोतरी होगी। रोडवेज प्रशासन ने इससे पहले 16 जून 2016 को एसी और वोल्वो बसों को छोड़कर अन्य श्रेणी की बसों का किराया बढ़ाया था।

हैरानी की बात यह है कि रोडवेज का किराया निजी बस संचालकों की तुलना में 20% तक ज्यादा हैं। ऐसे में डर भी है कि अधिक किराए की वजह से यात्री रोडवेज बसों में सफर करना और कम कर दें।

उत्पादन में कमी से प्याज एवं आलू में एक बार फिर तेजी

इंदौर। अक्टूबर 2015 के बाद प्याज के भावों में एक बार फिर से तेजी आने लगी है। सामान्यत: पिछले वर्षों में सीजन समाप्ति के समय तेजी आती रही है, इस बार नए सीजन की शुरुआत में तेजी रही है। पिछले छह माह में प्याज के भाव आसमान छूने लगे हैं। नई फसल आना शुरू हो गई है।

हाल ही में महाराष्ट्र में हुई वर्षा से फसल में देरी के साथ नुकसानी का भय भी सताने लगा है। प्याज की रोपाई कम होने के साथ मौसम की मार से फसल को नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बीत रहे वर्ष में लहसुन और आलू के उत्पादन में किसानों को बड़ी मात्रा में घाटा हुआ है।

संभव है उसकी भरपाई कुछ मात्रा में प्याज की फसल कर सकती है। मप्र में आलू की बोवनी 20 प्रतिशत कम हुई है। चिप्स के आलू के सौदे 15 दिसंबर (डिलीवरी) 30 रुपए किलो में हो गए हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के प्याज उत्पादन क्षेत्र पूना, नासिक, कराड़, कोल्हापुर, बेलगांव, सोलापुर आदि में वर्षा होने से फसल आने में देरी होने के साथ खराब होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

इस सीजन में खंडवा क्षेत्र में फसल अपेक्षाकृत अच्छी होने से इंदौर मंडी में 75 प्रतिशत प्याज खंडवा तरफ से ही रहा है, जबकि 25 प्रतिशत नासिक तरफ से। सामान्यत: महाराष्ट्र की प्याज से आपूर्ति सुगम होती है और भाव भी दबते हैं। प्याज के भाव सीजन समाप्ति के समय विकराल रूप लेते रहे हैं, किंतु इस बार अभी से विकराल रूप ले लिया है।

इस वजह से आगे जाकर क्या स्थिति बनेगी यह कहना कठिन है। केंद्र सरकार ने एमएमटीसी को 2 हजार टन प्याज आयात के निर्देश दिए हैं। इतनी कम मात्रा में आयात से भाव दबने वाले नहीं है।

वरन और अधिक विकराल रूप ले सकते हैं। नैफेड घरेलू बाजार से 12 हजार टन प्याज की खरीदी करेगी। किसानों-व्यापारियों की सामान्य प्रवृत्ति यह रहती है कि जब बाजारों में तेजी चलती है, तब माल रोककर बैठ जाते हैं। इससे तेजी को और अधिक बल मिलता है।

शीतगृह में 10 से 20 हजार कट्‌टे
मप्र के इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, धार, राजगढ़ , खरगोन, रतलाम, भिंड, मुरैना तक के लगभग सभी शीतगृहों में 10 से 20 हजार कट्टे आलू के पड़े हैं। इन्हें उठाने आने वाले नहीं मिल रहे हैं। जिन किसानों को आलू शीतगृहों में रखा है, वे शायद यह जानते हैं कि मंडी तक ले जाकर बेचने में लाभ के बजाय घाटा होने वाला ही है। अत: शायद लावारिस रूप से छोड़ दिया है।

जीएसटी में कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाने पर कार्रवाई

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नई दिल्ली। 200 से अधिक वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती के बाद सरकार ने कंपनियों से ग्राहकों को फायदा पहुंचाने को कहा है। कुछ कंपनियों ने दामों में कटौती की घोषणा भी कर दी है। इस बीच वित्त सचिव हसमुख अधिया ने बड़ी कंपनियों को कार्रवाई की चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि टैक्स में कमी से हुए फायदे को वे ग्राहकों तक पहुंचाएं। अधिया ने कहा, हमने बड़े सामानों पर अब टैक्स कम कर दिया है। अगर हमें कोई विसंगति दिखाई देती है तो हम छोटे खुदरा विक्रेताओं को नहीं पकड़ेंगे, बल्कि हम बड़ी कंपनियों को पकड़ेंगे।

उन्होंने यहां शनिवार को नोटबंदी को लेकर डीडी न्यूज से कहा कि सरकार ने प्रणाली को शुद्ध करने और काले धन पर काबू पाने के लिए नोटबंदी लागू की थी। उन्होंने कहा कि लोगों ने घरों में बहुत सारी नकदी छुपा रखी थी, नोटबंदी छुपी हुई नकदी को मुख्य बैंकिंग प्रणाली में लेकर गई।

वित्त सचिव ने कहा, लोगों ने बहुत सारी नकदी अपने घरों में छिपाई हुई थी, जिससे वे केवल लक्जरी वस्तुएं ही खरीदते थे। नोटबंदी ने उन नकदी को बैंकिंग प्रणाली में ला दिया और अब इसका इस्तेमाल लोगों को कर्ज देने में किया जाएगा। भारत सरकार ने साल 2016 में 8 नवंबर को नोटबंदी लागू की थी और 500 रुपए और 1000 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया था।

रेस्टोरेंट चेन कंपनियों को चेतावनी
जीएसटी दरों में कमी का फायदा ग्राहकों को नहीं देने वाली रेस्टोरेंट चेन कंपनियों को सरकार ने चेतावनी दी है। वित्त सचिव अढिया ने कहा कि ग्राहकों को जीएसटी घटने का फायदा मिलना चाहिए और अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट मिसमैच हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल एंटी प्रॉफिटरिंग अथॉरिटी की एक हफ्ते में घोषणा कर दी जाएगी। जीएसटी घटने के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट खत्म होने पर कई रेस्टोरेंट मालिकों ने कीमतें बढ़ाने की बात की थी। और कुछ ग्राहक इस तरह की शिकायतें भी कर रहे हैं। लिहाजा अब सरकार ने सख्त कार्रवाई की बात कही है।

नेपाल में उतारी टाटा मोटर्स ने एसयूवी ‘टाटा हेक्सा’

मुंबई। वाहन विनिर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने नेपाल में अपने लाइफस्टाइल स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) टाटा हेक्सा उतारने की घोषणा की। उसने पहली खेप में 11 उपभोक्ताओं को इस एसयूवी की आपूर्ति की।

टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा कि नेपाल में नेपाल में टाटा हेक्सा  एक्सटी 4*4 संस्करण 77.95 लाख नेपाली रुपये में उपलब्ध है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुंटर बुत्शेक ने कहा, ”हम समझते हैं कि नेपाल के हमारे उपभोक्ता अधिक स्टाइलिश तथा लाइफस्टाइल आधारित उत्पाद चाहते हैं और टाटा हेक्सा इन उभरते उपभोक्ताओं की जरूरतों की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
 
उन्होंने आगे कहा, ”हमें यकीन है कि यह एसयूवी लोकप्रिय लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली श्रेणी में काफी लोकप्रिय होगी और नेपाल के आधुनिक उपभोक्ताओं को उत्साहित करेगी।

हेक्सा में 2200 सीसी का वैरीकोर डीजल इंजन है तथा 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन लगा है। इसके अलावा इसमें सुपर ड्राइव मोड्स फीचर भी दिया गया है। इस मोड के जरिये चालक चार अलग ड्राइविंग मोड ऑटो, कंफर्ट, डायनेमिक और रफ रोड में वाहन चला सकते हैं। 

‘पद्मावती’ के सपॉर्ट में बॉलिवुड का ब्लैकआउट

मुंबई। डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर विवाद जारी है। जहां कई संगठन फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर इसका विरोध कर रहे हैं।

वहीं बॉलिवुड भंसाली के सपॉर्ट में उतर आया है। करणी सेना के विरोध के बीच अब इंडियन फिल्म ऐंड टेलिविजन डायरेक्टर्स असोसिएशन (आईएफटीडीए) ने अन्य निकायों के साथ मिलकर भंसाली की फिल्म के लिए अपना समर्थन जारी किया है।

दरअसल, आईएफटीडीए ने ‘व्यक्तिगत रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की आजादी की सुरक्षा के लिए’ के लिए 15 मिनट के ‘ब्लैकआउट’ की योजना बनाई है।

इसका आयोजन ‘मैं आजाद हूं’ नाम से 26 नवंबर को फिल्म सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर दोपहर 3.30 बजे से होगा। इस दौरान मुंबई में सभी शूटिंग इकाईयों की रोशनी बुझा दी जाएगी और कोई शूटिंग नहीं होगी।

असोसिएशन के मेंबर अशोक पंडित ने बताया, ‘हम पद्मावती और संजय लीला भंसाली को अपना समर्थन देना जारी रखेंगे क्योंकि अपने तरीके से कहानी बताना एक रचनात्मक शख्स का बुनियादी अधिकार है।’

पंडित ने कहा कि वह फिल्मों का विरोध करने वालों और निर्माताओं व कलाकारों को धमकाने वाली गैर-संस्थागत संस्थाओं का कड़ा विरोध करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर के पास स्थित नाहरगढ़ किले की दीवार से एक 40 वर्षीय शख्स का शव लटका मिला था।

शव के पास पत्थर पर ‘पद्मावती’ के विरोध में संदेश लिखे हुए थे। इस मामले के सामने आने के बाद बॉलिवुड भी सकते में था। ऐक्ट्रेस आलिया भट्ट ने ट्विटर पर शोक जताते हुए लिखा था, ‘ऐसा ही होता है जब हिंसक धमकियों पर बिना किसी सजा के खुले तौर पर छोड़ दिया जाता है।’

वहीं, लेखक जावेद अख्तर ने इस मामले पर कहा था, ‘मुझे अब भी पूरी उम्मीद है कि किसी के सिर पर 5 करोड़ का इनाम और किसी की नाक पर 10 करोड़ के इनाम का ऐलान करने वालों की निंदा करना ऐंटी नेशनल ऐक्टिविटी नहीं मानी जाएगी।’

आवक की कमी से लहसुन 200 रुपये क्विंटल उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 80 हजार बोरी की रहीं । धान की आवक 50 हजार बोरी की रही । कमजोर उठाव से धान 100, तिलली 400 रुपये प्रति क्विंटल मंदी बिकी। आवक की कमी से लहसुन 200 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा।

गेहूं मिल 1550 से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2000 से 2521 पूसा- 1 2200 से 2825 पूसा-4 (1121) 2500 से 3150 धान (1509) 2000 से 2750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2200 से 2881 सरसो 3200 से 3650 तिल्ली 7400 से 8200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2700 धनिया बादामी 3400 से 4050 ईगल 3600 से 4200 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3850 चना 4000से 4600 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार 2500 से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल।लहसुन 800 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल। 

सोना फिर से सस्ता, जानिए अब कितने का हुआ 10 ग्राम

नई दिल्ली/कोटा । सोने की कीमत में एक बार फिर से गिरावट देखने को मिली है। शनिवार के कारोबार में सोना 75 रुपए सस्ता होकर 30,450 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

सोने की कीमत में यह गिरावट कमजोर वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से सुस्त मांग के चलते देखने को मिली है। सोने की ही तरह चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।

शनिवार के कारोबार में चांदी 200 रुपए टूटकर 40,300 रुपए प्रति किलोग्राम से स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान को माना जा रहा है। 

व्यापारियों का मानना है कि विदेशी बाजारों में कमजोर रुख के अलावा घरेलू बाजारों में मौजूदा स्तरों पर स्थानीय जौहरी और खुदरा विक्रेताओं की मांग कमजोर पड़ने से सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में बीते दिन के कारोबार में सोना 0.21 फीसद की गिरावट के साथ 1,287.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.34 फीसद की गिरावट के साथ 17.01 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर बंद हुई है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 75 रुपए की गिरावट के साथ क्रमश: 30,450 और 30,300 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है।

बीते दिन सोने की कीमत में 25 रुपए की मामूली गिरावट देखने को मिली थी। गिन्नी हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रही है।

कोटा सर्राफा
चांदी 40000 रुपये प्रति किलो। 
सोना केटबरी 30450 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35520 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30600 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 35700 रुपये प्रति तोला।

अपना वंश बंसीवाला, उससे अटूट रिश्ता बना लो

करूणावतार की जिस कथा में करूणा नहीं, वह कथा न होकर दादी-नानी की कहानी मात्र है

अरविंद, कोटा। जब हम बंसीवाले की कथा में बैठते हैं तो उसके कुटुम्ब के हो जाते हैं। हम रहते संसार में हैं लेकिन एक रिश्ता परम पिता से जुड़ जाता है। जब कभी अपनों से नहीं बन रही हो तो इस अटूट रिश्ते को निभा लो।

अपनी कमाई का कुछ अंश पुण्यार्थ में अवश्य लगाओ। हमेशा महसूस करो कि आनंद आकाश से बड़ा, कथा व्यथा से बड़ी और पुरूषार्थ पाप से बड़ा होता है। पाप कितना भी बड़ा हो, वह पुण्य से दबता है, इसलिए पुण्य ज्यादा कमाओ।

कोटा-चितौड़गढ़ मार्ग पर कल्याणपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के षष्टम सोपान में शनिवार को दिव्य गौसेवक संत पं.कमलकिशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि एक पिता अपनी बेटी को अच्छे घर में देने के लिए आतुर रहता है, वैसे ही अपनी अंतरआत्मा को सच्चिदानंद के श्रीचरणों में जाने से लिए सोचो।

हम हाय-हाय करते बूढे़ हो गए लेकिन इतना ही हरि-हरि करते तो उसके बहुत निकट हो जाते। एक बुआ छोटे बालक को कोई कुल्फी दिला दे तो उससे वह कितना खुश हो जाता है, हमें तो ईश्वर ने बहुत कुछ दिया है, फिर हम उसे क्यों भूल रहे हैं।

मधुर भजन सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सगुण जीवन (शरीर) प्रभु से निकटता देता है। आप मंदिर में मूर्ति के सहारे, माला के सहारे मंत्रों को जप कर लो, क्योंकि मंत्र से श्री यानी तेज हमारे भीतर आता है। मन में विकार या भ्रम आने पर वह मन की चंचलता खत्म कर देता है और निर्गुण मृत्यु सुधार देता है।

हमेशा ‘भगवान बहुत दयालु है’ कहते रहो। क्यांंकि वह करूणावतार है। आप छोटे हों या बडे़, जब वंश की बात आए तो मान लो, अपना वंश बंसीवाला है, हम इसके हैं, वो हमारा है। एक बार इस अटूट रिश्ते को हृदय में बसाकर देखो।

आज भक्ति के आंसू सूख रहे
आज धर्म, संस्कृति और सामाजिक परिवेश मे आ रही गिरावट पर उन्होंने कहा कि आज निरंतरता टूटने से हमारी आंखों में भक्ति के आंसू सूख गए, इसीलिए जहां हम हैं वहां करूणा रस नहीं बरसता।

करूणावतार की जिस कथा में करूणा नहीं, वह कथा न होकर दादी-नानी की कहानी मात्र है। गोपियां कृष्ण के वियोग में दुखी नहीं थी, वे विरही थीं, इसलिए गिरधर उन्हें मिले। सच्ची विरह-वेदना जहां होगी, करूणावतार वहां अवश्य आते हैं।

अच्छा पहनावा अच्छी राह दिखाएगा
गौसेवक संत नागरजी ने कहा कि हम चैतन्य से जड़ को खोजने लगे हैं। गाड़ी, बंगला, धन-वैभव वगैरह जड़ हैं, ये सब मुखौटे है। हम अपनी भक्ति से चैतन्य को पा लेते तो बात कुछ और हो जाती। उसने हमें सब कुछ दिया लेकिन हम अपंने भीतर उसको खोजना ही भूल गए। जितना हो सके भक्ति की राह पर लौट आओ।

कलियुग में हम विरासत की धर्म-संस्कृति को छोड़ पाश्चात्य संस्कृति पर चलने लगे। यही भटकाव है। याद रखें, प्रेमिका संताप दे सकती है, अच्छी संतान नहीं दे सकती। इसीलिए पुरखों ने पत्नी को मर्यादा से धर्मपत्नी कहा।

महिलाओं के पहनावे पर उन्होंने कहा कि मंदिर में कभी ऊँचे कपडे़ पहनकर मत जाओ, इससे प्रतिमा की श्री (आभा) चली जाती है। परिवार में फैशन के तंग या उंचे कपड़े मत पहनो, इससे माता-पिता का धर्म नष्ट होता है। अच्छा पहनावा हमें अच्छाई की ओर ले जाएगा। कथा का समापन रविवार को होगा।

बच्चों में मिट्टी से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है -डॉ. नीलम

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षडयंत्र के तहत प्रोटीन के नाम से सोयाबीन हमारे घरों में घुसा दिया गया

कोटा। आहार विशेषज्ञ एवं क्लीनिकल न्यूट्रिशियन डॉ. नीलम खण्डेलवाल ने कहा है कि बच्चों को मिट्टी में खेलने से नहीं रोकना चाहिए।  क्योंकि, मिट्टी से ही उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।

डॉ. खण्डेलवाल शनिवार को विवेकानंद नगर में मां भारती स्कूल में टीचर्स को संबोधित कर रहीं थी। संतुलित आहार चेतना कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किस प्रकार रिफाइंड ऑयल ने हमें गाय के घी में व्याप्त पोषक तत्वों से दूर कर दिया। एक षडयंत्र के तहत प्रोटीन के नाम से सोयाबीन हमारे घरों में घुसा दिया गया। इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने खाने पीने के तौर तरीकों में अनुशासन का महत्व बताया और कहा कि खान पान के असंतुलन से ही मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह आदि ने पैर पसार लिए है। स्वस्थ रहने का मूल मंत्र है कि कम खाओ और पचाओ। ये रोग पास भी नहीं फटकेंगे। हल्का भोजन अपने में ही औषधि का काम करता है ।

आधुनिक जीवन शैली के नाम पर अनेक रोग पनप रहे हैं जिन्हे खान पान की जागरूकता से ही जीता जा सकता है। उन्होंने गलत तरीके से किए गए उपवास और व्रतों के प्रति नजरिया बदलने की बात कही। नेचुरल शुगर शरीर के लिए आवश्यक है ।

कार्यक्रम में मौजूद महापौर एवं मां भारती एजुकेशन ग्रुप के चेयरमेन महेश विजय ने कहा कि तनाव प्रबंधन से अनेक रोगों पर विजय पाई जा सकती है। कोई गलत काम होने से तनाव होता है। लेकिन, सॉरी बोलने से तनाव कम हो जाता है।

स्कूल की प्राचार्य पूर्णिमा ने डॉ. खण्डेलवाल एवं महापौर महेश विजय का स्वागत किया। रविवार को प्रातः 8.30 बाल विद्यालय बारां रोड़ पर डॉ. खण्डेलवाल का व्याख्यान होगा।

कोटा के बाघप्रेमियों ने सरिस्का परियोजना विस्थापन का लिया जायजा

मुकंदरा में बाघ पुनर्वास से पूर्व सरिस्का के अनुभव पर व्यापक अध्ययन शुरू

कोटा। कोटा के मुकंदरा टाईगर रिजर्व में बाघ बसाने की सरकार की योजना के क्रम में कोटा के बाघप्रेमियों के दल ने गत दिनों अलवर के सरिस्का बाघ परियोजना के ग्रामीणों के पुनर्वास का जायजा लिया ।

राष्ट्रीय जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय, सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ हिस्टोरिकल ईकोलॉजिकल रिसोर्स (शेर) के डॉ. कृष्णेंद्र सिंह, भरत कुमार,प्रवीण कुमार सिंह, एवं पूर्व वन्यजीव प्रतिपालक विट्ठल कुमार सनाढ्य ने सरिस्का के जगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी विशेषकर बाघों के पुनर्वास,वनस्पतियों, जल स्त्रोतों और बाघ के स्वतंत्र विचरण में बाधाओं संबंधी समस्याओं और ग्रामीणों के पुनर्वास पैकेज सरकारी व्यवस्था का तथ्यपरक अध्ययन किया।

मुकंदरा में बाघ पुनर्वास से पूर्व सरिस्का के अनुभव पर अध्ययन करती टीम.

ग्राम हरिपुरा के निवासियों से विस्थापन संबंधी अनुभव सांझा किए। अलवर जिले में तरूण भारत संघ के कार्यक्षैत्र गोपालपुरा, भीकम पुरा ,भगाणी तिलदेही के ग्रामीणों से संवाद और वन विभाग से मधुर संबंधों से अंततोगत्वा जिसका सीधा लाभ बाघों को होता है और गांवों को भी। गांवों को विस्थापक का सम्मानजनक पैकेज मिलने पर ग्रामीण स्वयं वनों से दूर जाने को तैयार है।

कोटा के मुकंदरा की परिधि के गांवों के विचार साझा कर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी जिससे तुलनात्मक अध्ययन में मदद मिल सके। विजयवर्गीय ने बताया कि बाघ प्रेमियों का दल ही रणथम्भौर बाघ परियोजना के गांवों के विस्थापन का भी अध्ययन करेगा।