Monday, July 13, 2026
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स्मार्टफोन, टीवी सहित कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा

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नयी दिल्ली। सरकार ने स्मार्टफोन, टेलीविजन, माइक्रोवेव, एलईडी लैंप सहित कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर आयात शुल्क आज बढ़ा दिया। सरकार ने यह कदम घरेलू विनिर्माताओं के हितों की रक्षा करने के लिए उठाया है।

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि आयातित स्मार्टफोन महंगे हो जाएंगे क्योंकि उन पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है जो कि फिलहाल शून्य था।

सरकार के इस कदम का असर उन दूरसंचार कंपनियों पर पड़ेगा जो अपने ग्राहकों को अपनी बंडल मिली-जुली सेवा योजनाओं की पेशकश के लिए थोक में सस्ते स्मार्टफोन मंगवाती हैं। इसी तरह टेलीविजन पर सीमा शुल्क को दोगुना कर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। एलईडी लैंप पर अब 20 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा।

यह अधिसूचना कल रात जारी की गई। इसके तहत माइक्रोवेव के आयात पर कर को भी दोगुना कर 20 प्रतिशत किया गया है। वीडियो रिकार्डिंग उपकरणों व टीवी कैमरों पर सीमा शुल्क मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। सैट टाप बाक्स पर आयात शुल्क को दोगुना कर 20 प्रतिशत किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार लैंप् व लाइटिंग फिटिंग पर सीमा शुल्क को दोगुना कर 20 प्रतिशत किया गया है। वहीं बिजली मीटरों पर शुल्क को 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है।

सोने में गिरावट जारी, जानिए तीन दिन में कितने गिरे दाम

नई दिल्ली । शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। घरेलू ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोने की कीमतें 155 रुपये चढ़कर 29510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है।

इसी तरह की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते चांदी 480 रुपये की गिरावट के साथ 37800 रुपये के स्तर पर आ गई है।

व्यापारियों का मानना है कि स्थानीय ज्वैलर्स और रिटलेर्स की ओर से सोने की मौजूदा कीमतों पर कम खरीदारी के चलते कीमतों में दबाव देखने को मिला है। इसके अतिरिक्त अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने से कमजोर वैश्विक रुझान देखने को मिले हैं।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.22 फीसद की कमजोरी के साथ 1252 औंस प्रति डॉलर के स्तर पर और चांदी 1.06 फीसद की गिरावट के साथ 15.80 औंस प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 155 रुपये की कमजोरी के साथ क्रमश: 29510 रुपये और 29360 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते दो सत्रों में सोने की कीमतों में 265 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। गिन्नी के भाव हालांकि 24500 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

गोल्ड की तरह चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। चांदी तैयार 480 रुपये की कमजोरी के साथ 37800 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 440 रुपये की कमजोरी के साथ 37020 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

आवक की कमी से धान -1121 और मेथी में तेजी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लहसुन की आवक 6000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 50000 हजार बोरी की रहीं। आवक की कमी से धान 1121 और मेथी 50-50 रुपये प्रति क्विंटल तेज रही।  

गेहूं मिल 1550 से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1725 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2300 से 2401 पूसा- 1 2500 से 2700 पूसा -4 (1121  2500 से 3050 धान (1509) 2000 से 2721 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 2970 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी 2000 से 3050 धनिया बादामी 3400 से 4600 ईगल 4200 से 4850 रंगदार 4500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल रहे।  मूंग 3300 से 4400 उडद 2400 से 3500 चना 3400 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4000 से 4200 चना मौसमी 4000 से 4200 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। ग्वार 2500 से 3450 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। 

कोटा सर्राफा
चांदी 37800 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 29550 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34470 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 29700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34640 रुपये प्रति तोला।

एक्जिट पोल से बाजार उछला, सेंसेक्स 216 अंक बढ़कर 33462 हुआ

मुंबई। गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के चुनाव बाद एक्जिट पोल में बीजेपी की जीत के संकेतों का असर शेयर बाजार पर दिखा। सेंसेक्स 216 अंकों की बढ़त के साथ 33,462 और निफ्टी 81 अंकों की बढ़त के साथ 10,333 पर बंद हुआ।

शुरुआती कारोबार में तो सेंसेक्स 358 अंक उछला। ब्रोकरों के अनुसार सर्वेक्षण एजेंसियों के गुरुवार को जारी एक्जिट पोल में केंद्र में पहले से मौजूद बीजेपी की गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से शेयर बाजार में सकारात्मक धारणा देखी गई। 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में पिछले सत्र के कारोबार में 193.66 अंक की बढ़त देखी गई थी।

2000 रुपये तक के डिजिटल लेनदेन पर सरकार देगी एमडीआर

नई दिल्ली। डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 2,000 रुपये तक के डिजिटल ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का वहन 2 साल तक सरकार करेगी। यह सुविधा 1 जनवरी, 2018 से प्रभाव में आएगी। शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगाई।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार बैंकों और व्यापारियों को MDR का भुगतान करेगी। डेबिट कार्ड, आधार के जरिए पेमेंट, यूपीआई (भीम ऐप) से पेमेंट करने पर सरकार यह राशि वापस करेगी।

क्या है एमडीआर
मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह कमिशन होता है जो प्रत्येक कार्ड ट्रांजैक्शन सेवा के लिए दुकानदार बैंक को देता है। कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए पॉइंट ऑफ सेल मशीन बैंक के द्वारा लगाई जाती है।

बैंक द्वारा MDR के तौर पर कमाई गई राशि में से कार्ड जारी करने वाले बैंक और कुछ हिस्सा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे वीजा, मास्टरकार्ड या NPCI को दिया जाता है। इस चार्ज के कारण ही दुकानदार कार्ड से पेमेंट पर हिचकते हैं। MDR को रिजर्व बैंक तय करता है।

रविशंकर ने बताया कि यह सिस्टम ठीक से काम करे इसके लिए एक कमिटी बनाई गई है। उन्होंने देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन में तेज वृद्धि का जिक्र करते हुए बताया कि अप्रैल से सितंबर 2017 में केवल डेबिट कार्ड से 2 लाख 18 हजार, 700 करोड़ का डिजिटल ट्रांजैक्शन हुआ है।

इस हिसाब से इस वित्त वर्ष के अंत तक यह 4 लाख 37 हजार करोड़ का हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार देश में डिजिटल इकॉनमी को 1 ट्रिलयन बनाने के लिए ग्लोबल प्लेयर्स के साथ बातचीत कर रही है।

अभी कितना एमडीआर
2012 से भारतीय रिजर्व बैंक ने 2,000 रुपये के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर 0.75% MDR तय कर रखा है, जबकि 2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 1% MDR लिया जाता है। पिछले दिनों ही रिजर्व बैंक ने MDR रेट में बदलाव किया है, जो 1 जनवरी 2018 से लागू होगा।

तब 20 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले छोटे मर्चेंट के लिए MDR शुल्क 0.40 प्रतिशत होगा और जिसमें प्रति सौदा शुल्क की सीमा 200 रुपये है। 20 लाख से अधिक का कारोबार है तो तो MDR 0.90 प्रतिशत देना होता है। इसमें प्रति लेनदेन 1,000 रुपये शुल्क की सीमा है।

भारत को मिलेगा नोटबंदी का शानदार लाभ, आईएमएफ ने कहा

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का मानना है कि एक वर्ष पहले भारत में नोटबंदी का जो कदम उठाया गया था, उसके मध्यम अवधि में लाभ मिलेंगे।

आईएमएफ कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट के उप प्रवक्ता विलियम मरे ने हर 15 दिन पर होने वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमें लगता है कि भारत में एक वर्ष पहले हुई नोटबंदी के शानदार लाभ होंगे। इन लाभ के दूर तक जाने की संभावना है।’
      
मरे ने कहा कि नोटबंदी की वजह से नकदी की कमी के कारण शुरूआती तौर पर, निजी उपभोग, लघु उद्योग और आर्थिक गतिविधियों में कुछ अस्थायी बाधाएं पैदा हुईं। लेकिन इनके प्रभाव अस्थायी होंगे।

मरे ने कहा, ‘आर्थिक गतिविधियों पर सूचना एवं उनकी अधिक औपचारिकता और बैंकिंग प्रणाली एवं डिजिटल भुगतान के अधिक प्रयोग से अधिक प्रभावशाली भुगतान प्रणाली के जरिए मध्यम अवधि में नोटबंदी के संभावित प्रभाव पड़ सकते हैं।’ आईएमएफ जनवरी में भारत के साथ साथ दुनिया के अन्य देशों की विकास दर पर अपने अनुमान जारी करने वाला

एग्जिट पोल में बीजेपी की बहार से सेंसेक्स का तिहरा शतक

नई दिल्ली। एग्जिट पोल्स में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की जीत के अनुमान से शुक्रवार को शेयर बाजार झूम उठा। 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 297 पॉइंट्स चढ़कर 33,456 अंकों पर खुला तो निफ्टी भी 97 अंक मजबूत होकर 10,348 पॉइंट्स चढ़ गया।

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में यूनिटेक, इंडियन बैंक, टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स, जेट एयरवेज, लिबर्टी शूज, खादिम, इंडियन टिरेन, वीआईपी क्लोदिंग, सुपर हाउस लेदर्स, एचडीएफसी बैंक, पीएनबी, पटेल इंजिनियरिंग, गोदरेज, अरविंद, क्वेस कॉर्प, डॉनियर इंडस्ट्रीज, सेंचुरी प्लाइ आदि कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई।

बैंक निफ्टी 305 अंक मजबूत होकर 25,473 पर ट्रेड कर रहा था। सेंसेक्स में एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों तेजी दिखाई तो मिडकैप गेनर्स में बीपीएल, ओमेक्स, गार्डन सिल्क, जीएसएफसी जैसे शेयर शामिल रहे। इधर, निफ्टी गेनर्स में वेदांता, अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, एलऐंडटी जैसी कंपनियों ने शेयर शामिल हैं।

बहरहाल, 9:38 बजे सेंसेक्स 310.67 अकं की बढ़त के साथ 33,557 और निफ्टी 100 अंक चढ़कर 10,352 पॉइंट्स पर ट्रेड कर रहा था।

जनवरी से लागू हो सकता है ई-वे बिल, क्रियान्वयन के लिए बैठक शनिवार को

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नई दिल्ली। राजस्व संग्रह में आई कमी के बीच वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद जनवरी से ई-वे बिल के क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए शनिवार को बैठक करेगी। यह कदम कारोबारियों के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि उसने अनुपालन शर्तों का बोझ बढ़ने के कारण ई-वे बिल टाले जाने की मांग की थी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में अप्रैल के बजाय जनवरी से ही ई-वे बिल लागू होने किए जाने पर विचार होगा। कर चोरी रोकने के लिए सरकार ई-वे बिल लागू करने में जल्दबाजी दिखा रही है क्योंकि जीएसटी क्रियान्वयन के बाद राजस्व संग्रह अक्टूबर में निचले स्तर पर पहुंच गया था।

बैठक की संभावित रूपरेखा पर एक अधिकारी ने कहा, ‘राजस्व संग्रह में कमी दर्ज की गई है। इसके परिप्रेक्ष्य में जीएसटी परिषद जनवरी से ई-वे बिल लागू किए जाने पर शनिवार को प्रस्तावित बैठक में चर्चा करेगा। ऐसी खबरें हैं कि जांच और नियंत्रण के अभाव में डीलर जीएसटी को दरकिनार कर रहे हैं।’ राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए सरकार के पास अब भी तीन महीने का समय बचा है।

स्वघोषित कर भुगतान के कारण जीएसटी से प्राप्त होने वाला राजस्व अक्टूबर में चार महीनों के निचले स्तर 83,000 करोड़ रुपये पर आ गया। सरकार ने राजस्व संग्रह में कमी के लिए जीएसटी के कुछ अहम बिंदुओं जैसे रिटर्न मिलान, ई-वे बिल और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म टाले जाने को जिम्मेदार ठहराया। ई-वे बिल से केंद्र एवं राज्य की कर एजेंसियां माल के अंतरराज्यीय और राज्यों की भीतर आवाजाही पर नजर रखेंगे।

गुजरात में बीजेपी जीती तो 10500 क्रॉस कर जाएगा निफ्टी

नई दिल्ली। गुरूवार को मार्केट बंद होने के बाद गुजरात और हिमाचल चुनाव पर एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में आया है। अब मार्केट की निगाहें 18 दिसंबर को आने वाले रिजल्ट पर टिकी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट को गुजरात में बीजेपी के जीतने की उम्मीद है, जिससे स्टेबिलिटी का सेंटीमेंट बनेगा।

गुजरात में बीजेपी के जीतने पर निफ्टी 10500 का लेवल क्रॉस कर सकता है। अगर हार हुई तो इसमें 1 से 1.5 फीसदी गिरावट संभव है। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि गुजरात चुनाव से मार्केट पर ज्यादा असर नहीं होगा। मंगलवार से मार्केट नए संकेतों से चलेगा। 

ऊपर से 10400 का मजबूत रजिस्टेंस 
ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि मार्केट में मजबूती बनी हुई है। लिक्विडिटी की दिक्कत नहीं है। ऐसे में ऊपर की ओर से 10400 के लेवल पर निफ्टी को मजबूत रजिस्टेंट मिल रहा है। बीजेपी की जीत से यह लेवल टूट सकता है और निफ्टी 10500 के लेवल पर पहुंच सकता है जो ऑल टाइम हाई होगा। 
 
मार्केट में ज्यादा हलचल की उम्मीद कम 
स्टैलियन एसेट्स डॉट कॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी का कहना है कि मार्केट बीजेपी की जीत की उम्मीद में है। शुरूआती सर्वे भी इसी की ओर इशारा कर रहे थे। ऐसे में नॉर्मल जीत की बात मार्केट डिस्काउंट कर चल रहा है।

नॉर्मल जीत होती है तो मार्केट में बहुत ज्यादा हलचल नहीं होगी। अगर बीजेपी हार जाती है तो मार्केट मौजूदा लेवल से 1 से 1.5 फीसदी नीचे आ सकता है। हालांकि, अगर कोई सरप्राइज हो मसलन बीजेपी 150 से ज्यादा सीटें जीते या बहुत ज्यादा लूज कर जाए तो बड़ी हलचल आ सकती है।  
 
सोमवार के बाद नए संकेतों से चलेगा मार्केट 
कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि मार्केट फेयर वैल्यू पर है। गुजरात इलेक्शन में बीजेपी की जीत की बात को मार्केट डिस्काउंट कर चुका है। ऐसे में जीत से निफ्टी में 200 अंकों से ज्यादा बढ़त की उम्मीद नहीं है।

हालांकि हार बार मार्केट तेज रिएक्ट कर सकता है। फिलहाल नतीजे मार्केट की उम्मीद के हिसाब से रहे तो मंगलवार से मार्केट ग्लोबल संकेतों पर चलेगा। वहीं, आगे तीसरी और चौथी तिमाही के नतीजों पर मार्केट की नजर होगी। 
 
पॉलिसी पर होगा असर 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि गुजरात और हिमाचल दोनों जगह अगर सीटें गेन होती हैं तो सदन के अपर हाउस में भी सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। जिससे स्टेट लेवल पर भी रिफॉर्म आसान होगा।

इससे मार्केट को फायदा होगा। फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि गुजरात के नतीजे केंद्र सरकार की पॉलिसी को लेकर भी अहम हैं। सरकार ने जो रिफॉर्म किए हैं, उनके सही दिशा में आगे बढ़ने का संकेत मिलेगा। 
 
लौट सकते हें विदेशी निवेशक 
जियोजीत फाइनेंस सर्विस के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार निवेशकों खासतौर से एफआईआई की नजर भी गुजरात चुनाव के नतीजों पर है।

क्लेरिटी आने के बाद ही वे मार्केट के लिए स्ट्रैटेजी बनाएंगे। बता दें किे दिसंबर के 9 कारोबरी दिनों में विदेशी निवेशकों ने 4000 करोड़ रुपए की बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू निवेशकों की ओर से लिक्विडिटी आ रही है।