Monday, July 13, 2026
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कोटा रेलवे स्टेशन एनएसजी-2 में शामिल, एयरपोर्ट की तरह होंगी सुविधाएं

कोटा। इंडियन रेलवे के सभी रेलवे स्टेशनों का अब नए नियमों के तहत कैटेगरी का निर्धारण हो रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेल मंडल को एनएसजी-2 में तथा सवाईमाधोपुर भरतपुर को एनएसजी-3 में शामिल किया गया है।

कोटा रेल मंडल में एनएसजी (नॉन सबअर्बन ग्रेड) का कोई स्टेशन नहीं है। एनएसजी-2 रेलवे स्टेशनों पर एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी।

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में 95 रेलवे स्टेशन हैं। इन स्टेशनों को अब तक वन, ए, बी, सी, डी, और एफ ग्रेड में बांटा हुआ था। लेकिन, रेलवे बोर्ड ने रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण नए नियमों के तहत करने का फैसला किया। इसके तहत पैसेंजर संख्या अर्निंग दोनों को कैटेगरी निर्धारण का माध्यम माना।

अब तक केवल पैसेंजर अर्निंग के आधार पर ही स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण होता था। प्रत्येक पांच साल में होने वाले कैटेगरी निर्धारण में नए नियम आने से अब यात्री सुविधाओं का विस्तार भी उसी के अनुसार होगा।

एस्केलेटर, लिफ्ट, फुटओवरब्रिज बनाए जाएंगे। फूड प्लाजा की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल एयरकूल्ड होंगे। एनएसजी-4 में गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, डकनिया, बूंदी रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन होंगे।

ये सुविधाएं मिल सकती है
– रेलवे प्लेटफार्म पर एस्केलेटर लगेंगे
– वीआईपी लाऊंज
– यात्रियों को लगेज ट्रेन के कोच तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली
-शुद्ध पेयजल के लिए फिल्टर वाटर सिस्टम
-महिला पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग वेटिंग हॉल
-रेलवे स्टेशनों पर फुटओवरब्रिज और लिफ्ट

पत्र आ चुका 
कोटा रेल मंडल के जिन स्टेशनों की कैटेगरी बढ़ेगी उन पर सुविधाओं का भी विस्तार होगा। रेलवे बोर्ड मुख्यालय सुविधाएं बढ़ाने के बारे में निर्णय करेगा। कैटेगरी के निर्धारण के बारे में मुख्यालय से पत्र आ चुका है।
-विजयप्रकाश, सीनियर डीसीएम

संसद का शीतकालीन सत्र आज से, हंगामा होना तय

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। इसमें हंगामा होना तय है। विपक्ष पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर गुजरात चुनाव के लिए साजिश रचने के आरोप, वोटिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रोड शो’ और सत्र बुलाने में देरी सहित कई मुद्दे उठाएगा।

उधर, सत्र के दौरान सरकार 25 विधेयक पेश करेगी। इनमें तीन तलाक को गैर-जमानती अपराध बनाने और देने वाले को तीन साल जेल की सजा से जुड़ा विधेयक भी शामिल है। 

संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि मोदी ने मनमोहन, पूर्व सेना प्रमुख दीपक कपूर, पूर्व राजनयिक और देश के महत्वपूर्ण पदों पर रहे व्यक्तियों पर आरोप लगाए हैं। गलत आरोपों पर मोदी माफी मांगें।

दूसरी ओर मोदी ने बैठक में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने के लिए आम राय बनाने का अनुरोध किया। अनंत कुमार ने बताया कि सत्र में 25 विधेयक पेश किए जाएंगे।

दोनों सदनों में 39 विधेयक लंबित भी हैं। पिछले तीन साल में संसद में 90 से 95% तक कामकाज हुआ है। शीतकालीन सत्र करीब एक महीने की देरी से शुरू हो रहा है। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला था। यह सत्र 5 जनवरी को खत्म होगा।

स्मार्ट मीटर विरोधी आंदोलनः विधायक के नहीं आने से जनता में आक्रोश

कोटा। तेज गति से बिजली के स्मार्ट मीटरों के विरोध में कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा के बैठक में नहीं पहुचने पर लोगों का गुस्सा महापौर के घर पर उतरा। तलवण्डी समेत शहर विभिन्न भागों के लोगों ने स्मार्ट मीटर को हटाने की मांग को लेकर बैठक बुलाई थी।

 विधायक संदीप शर्मा ने कहा था कि मैं भी जनता की मांग के साथ हूं लेकिन एनवक्त पर पलटी मारने से लोगों में गहरी नाराजगी छा गई।

संदीप शर्मा मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि हमारा नेता कैसा हो केजरीवाल जैसा हो। केईडीएल और सीईएससी के खिलाफ जम कर नारे बाजी की। लोगों ने केजरीवाल को कोटा बुला कर भाजपा व कांग्रेस के नेताओं के दोगले चरित्र को उजागर करने का निर्णय किया।

समिति के हेमराज सिंह चौहान ने बताया कि महापौर महेश विजय से लोगों ने कहा कि आप मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बात कर अवगत करा दें कि कोटा में स्मार्ट मीटर नहीं चलेंगे। मुख्य मंत्री अपना निर्णय वापस ले।

महेश विजय ने आश्वासन दिया कि नगर निगम की शीघ्र होने वाली बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लेकर सभी पार्षदों से कहा जाएगा कि वे अपने वार्डो में स्मार्ट मीटर नहीं लग ने देंगे। इसी दौरान मंत्री समूह से मिल कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री से भी बात की जाएगी।

गुरूवार को तलवण्डी के सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्मार्ट मीटर विरोधी संघर्ष समिति की सभा में वक्ताओं ने कहा कि जनता को लूटने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महेश विजय ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जनता विरोध कर रही है तो सरकार को जन भावना का सम्मान करना होगा और जन प्रतिनिधि जनता के साथ ही रहेंगे।

इसके पूर्व समिति के अध्यक्ष केदार लाल गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता से अघोषित लूट का यंत्र है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता ने वोट देकर भाजपा को जिताया था, न कि सीएसईसी कंपनी को । गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधि जनता के साथ लूट को मूक दर्शक बन कर न देखें। इसका दुष्परिणाम होगा।

समिति के महामंत्री राजेश नामा, वरिष्ठ पदाधिकारी गिर्राज चौधरी , हेम राज सिंह चौहान,जगदीश राज मेहता,संजय पारीक,युवा समाज सेवी अल्पेश चैहान,बनवारी लाल पंचोली, रणजीत सिंह मेहरा , महावीर नगर एमपीबी के शैलेंद्र जैन, दादाबाड़ी के श्याम मोहन हरित ,जितेंद्र शर्मा आदि ने एक स्वर से कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा के लिए गुजरात से अनुकूल अनुमानों के बीच रुपये में तेजी लौटी

मुंबई। अमेरिका में नीतिगत ब्याज दर में वृद्धि के बावजूद गुजरात विधानसभा के चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के विजयी होने की उम्मीदों के बीच रुपये में दो सत्रों से जारी गिरावट थम गई और यह डालर के मुकाबले 10 पैसे की तेजी के साथ 64.34 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

नवंबर में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93 प्रतिशत होने के बावजूद रुपया अमेरिकी केन्द्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि किये जाने के प्रभावों और बाजार की उथल पुथल से व्यापक तौर पर बचा रहा।

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार को दूसरी तिमाही के चालू खाता घाटे के अनुमान से कम रहने से भी कुछ सुकून प्राप्त हुआ। स्थानीय शेयर बाजार की तेजी से भी रुपये की तेजी को मदद मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में भाजपा की जीत की उम्मीद से कारोबार पर अनुकूल असर हुआ।

इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस वर्ष तीसरी बार अल्पावधिक ब्याज दर को चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 1.25 से 1.5 प्रतिशत के दायरे में कर दिया है और वर्ष 2018 में इसमें और वृद्धि के अनुमानों को जीवित रखा है।

अन्तर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार रुपया 64.35 पर मजबूत रुख लिए खुला । बुधवार को बाजार 64.44 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 64.2450 तक चढ़ने के बाद अंत में 10 पैसे अथवा 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 64.34 रुपया प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

रिजर्व बैंक ने आज के लिए संदर्भ दर 64.2795 रुपया प्रति डॉलर और 75.9980 रुपया प्रति यूरो निर्धारित की थी। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज 194 अंक की तेजी दर्शाता 33,246.70 अंक पर बंद हुआ। अन्तर मुद्रा कारोबार में पौंड, यूरो और जापानी येन के मुकाबले रुपये में गिरावट आई।

कमजोर उठाव से धान -1121 का भाव 50 रुपये क्विंटल मन्दा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को लहसुन की आवक 6000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 50000 हजार बोरी की रहीं । कमजोर उठाव से धान -1121 का भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल मन्दा बोला गया। आवक की कमी से मेथी 50 रुपये सोयाबीन 25 रुपये गेहूं 25 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा।

गेहूं मिल 1550 से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1725 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2300 से 2401 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3000 धान (1509) 2000 से 2721 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 2970 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी 2000 से 3000 धनिया बादामी 3400 से 4500 ईगल 4200 से 4750 रंगदार 4500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

मूंग 3300 से 4400 उडद 2400 से 3800 चना 3400 से 3800 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4000 से 4200 चना मौसमी 4000 से 4200 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

ग्वार 2500 से 3450 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल रहे।  

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और रियल एस्टेट सेक्टर होंगे जीएसटी का हिस्सा : सुशील मोदी

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नई दिल्ली । जीएसटी काउंसिल निकट भविष्य में बिजली, पेट्रोलियम उत्पादों और कुछ अन्य वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में ला सकती है। यह बात बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कही है।

उन्होंने उद्योग चैंबर फिक्की की वार्षिक बैठक में कहा, “बिजली, रियल एस्टेट, स्टांप ड्यूटी और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का हिस्सा होना चाहिए। यह हमारा (जीएसटी काउंसिल) का प्रयास होगा।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कब तक संभव होगा इसके लिए एक निश्चित समय बताना थोड़ा मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन किए बिना जीएसटी के दायरे में इन्हें लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो यह उस समय मौजूदा दरों में सबसे ऊंची टैक्स दर के अंतर्गत आएगा और राज्यों के पास अपने राजस्व की रक्षा के लिए उस पर सेस लगाने की स्वतंत्रता होगी।

मौजूदा समय में केंद्र और राज्य सरकारों को उनके कुल राजस्व में से 40 फीसद हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से प्राप्त होता है। वहीं मोदी ने यह संकेत भी दिए हैं कि कर संग्रह के स्थिर होने के बाद टैक्स स्लैब को कम किया जा सकता है।

वर्तमान समय में जीएसटी के अंतर्गत 5 दरें निर्धारित हैं, 0 फीसद, 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद (वर्तमान समय में सिर्फ 50 उत्पादों पर लागू)। इसके अलावा कुछ उत्पादों पर जीएसटी सेस भी लगाया जाता है।

 कई हलकों से यह लगातार मांग की जा रही है कि पेट्रोल-डीजल और रियल एस्टेट सेक्टर को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए, लेकिन चूंकि पेट्रोल राज्यों के राजस्व का प्रमुख हिस्सा है इसलिए इस पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।

ग्लोबल मार्केट में तेजी से सोना उछला, जानिए क्या रहे नए दाम

नई दिल्ली । लगातार दूसरे दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सकारात्मक विदेशी संकेत और घरेलू ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते सोना 230 रुपये बढ़कर 29665 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। उधर, कोटा के सर्राफा बाजार में सोना 150 रुपये तेज रहा।

इसी तरह चांदी की कीमतों में भी बढ़त देखने को मिली है। इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से बढ़े उठान के चलते चांदी 680 रुपये की बढ़त के साथ 38280 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

व्यापारियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। बीते सत्र में डॉलर में गिरावट के चलते आज यह इसमें ज्यादा उठा पठक देखने को नहीं मिली है। बीते यत्र में इसमें कमजोरी फेड के फैसले से पहले देखने को मिली थी।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.17 फीसद की बढ़त के साथ 1257 औंस प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है। इसके साथ ही मौजूदा शादी के सीजन को देखते हुए घरेलू हाजिर बाजार में हुए खरीदारी से कीमतों को समर्थन मिला है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 230 रुपये की बढ़त के साथ क्रमश: 29665 रुपये और 29515 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

बीते सत्र में सोने की कीमतों में 35 रुपये की बढ़त दर्ज की गई थी। गिन्नी के भाव 100 रुपये की बढ़त के साथ 24500 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर आ गए हैं।

चांदी तैयार 680 रुपये की मजबूती के साथ 3280 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी भी बढ़कर 37460 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों का भाव हालांकि, 70,000 रुपये लिवाल और 71000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहा है।

कोटा सर्राफा
चांदी 38000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 29550 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34470 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 29700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34640 रुपये प्रति तोला।

रेडी टू मूव इन प्रॉपर्टी पर नहीं लगेगा जीएसटी : CBEC

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नई दिल्ली। निर्माणाधीन मकान और रेडी टू मूव इन फ्लैट्स पर जीएसटी देयता को लेकर जारी असमंजस के बीच केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने एक स्पष्टीकरण ट्विटर के माध्यम से जारी किया है।

यह स्पष्टीकरण लोगों को जागरूक करने के लिए जारी किया गया है ताकि कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह जान पाएं कि उनकी प्रॉपर्टी पर जीएसटी देयता बनती भी है या फिर बिल्डर उनसे जानबूझकर अपने फायदे के लिए जीएसटी वसूल रहा है।

 केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से जारी किए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि जीएसटी वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगता है, लेकिन रेडी टू मूव इन प्रॉपर्टी में न तो किसी वस्तु की सप्लाई हो रही है और न ही किसी सेवा की ऐसे में इस पर किसी भी तरह का जीएसटी लागू नहीं होगा।

इसमें कहा गया है कि सीजीएसटी एक्ट 2017 के शेड्यूल-II के पैरा 5(b) के मुताबिक रेडी टू मूव इन और पूरी तरह बन चुकी प्रॉपर्टी पर किसी भी तरह की जीएसटी देयता नहीं बनती है।

CBEC के मुताबिक अगर खरीदार ने अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के लिए पहली जुलाई से पहले ही पूरी पेमेंट कर दी है तो खरीदार को 4.5 फीसद का सर्विस टैक्स देना होगा। हालांकि अगर खरीदार ने बिल्डर को भुगतान 1 जुलाई 2017 या उसके बाद किया हो तो उस पर 12 फीसद की दर से जीएसटी लगेगा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने नीतिगत ब्याज 0.25 प्रतिशत बढ़ाया

वाशिंगटन। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इस साल तीसरी बार नीतिगत ब्याज में बढ़ोतरी करते हुए इसे 0.25 प्रतिशत बढ़ा दिया है। फेडरल रिजर्व ने साथ ही यह भी संकेत दिया है कि वह अगले साल कोई अधिक आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा।

फेडरल रिजर्व बैंक की नीति निर्माता इकाई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की दो दिन की बैठक के बाद कल इस निर्णय की घोषणा की गयी। कमेटी ने कहा उसने श्रम बाजार और अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए यह कदम उठाया है।

फेडरल रिजर्व की नीतिगत दर अब बढ़ कर 1.25-1.5 प्रतिशत के दायरे में आ गयी है। इस बढ़ोतरी से घरों से लेकर कार तक के कर्ज की किस्तें महंगी हो जाएंगी।

हालांकि फेडरल अधिकारियों के सितंबर में व्यक्त किए गए तिमाही नीतिगत रुख और अनुमान में कोई बदलाव नहीं दिखता है। फेडरल रिजर्व 2018 में तीन बार और 2019 में एक बार नीतिगत दर में वृद्धि की संभावना पहले ही जाहिर कर चुका है।

फेडरल रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन का कहना है कि इस निर्णय की वजह यह है कि अमेरिका में श्रम बाजार की स्थिति मजबूत है।

वैसे ब्याज दर बढ़ाने के निर्णय पर समिति में कुछ असहमतियां रही और शिकागो और मिनियापोलिस के फेडरल रिजर्व बैंक के गवर्नर ब्याज दर में वृद्धि को रोकने के पक्ष में थे।

विश्व व्यापार संगठन में खाद्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

अमेरिका सार्वजनिक खाद्य भंडारण के मुद्दे से पीछे हटा

ब्यूनस आयरस। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 11वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में बातचीत असफल होने से भारत जैसे अन्य विकासशील देशों को निराशा हुई है। इसकी अहम वजह अमेरिका का सार्वजनिक खाद्य भंडारण (पब्लिक फूड स्टॉकहोल्डिंग) के मुद्दे का स्थायी समाधान ढूंढने की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हटना है।

चार दिवसीय यह बैठक बिना किसी मंत्रिस्तरीय घोषणा या बिना किसी ठोस परिणाम के ही समाप्त हो गई। बस फिशरीज और ई-कॉमर्स के सेक्टर में ही थोड़ी प्रगति हुई है क्योंकि इसके लिए कामकाजी कार्यक्रमों पर सहमति बनी है।

इस संगठन में 164 सदस्य देश शामिल हैं। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन इस संगठन की टॉप डिसिजन बॉडी है। भारत द्वारा प्रमुख तौर पर उठाई गई खाद्य सुरक्षा की मांग को लेकर एक साझा स्तर पर पहुंचने से अमेरिका ने मना कर दिया जिससे यह बातचीत असफल रही।

तमाम कोशिशों के बावजूद सार्वजनिक खाद्य भंडारण के मुद्दे पर सदस्य देश गतिरोध खत्म करने में विफल रहे। इससे विकासशील देशों समेत अन्य कई सदस्य राष्ट्रों को निराशा हुई।

बातचीत के विफल होने पर कोई मंत्रिस्तरीय घोषणा नहीं हुई। हालांकि बैठक की अध्यक्षा अर्जेंटीना की मंत्री सुसैना मालकोरा ने अपने बयान में बैठक की प्रगति के बारे में जानकारी दी। इस मसले पर भारत ने बेहद प्रयास किए, लेकिन इस पर सहमति न बन पाना उसके लिए एक बड़ी निराशा है।

हालांकि अधिकारियों ने इस बात पर संतोष जताया कि देश ने बातचीत के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अपने हितों को अक्षुण्ण रखा। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का फैसला उसी समय लिख दिया गया जब अमेरिकी व्यापार के सहायक प्रतिनिधि शैरोन बोमर लॉरिस्टेन ने एक छोटी समूह बैठक में कहा कि सार्वजनिक खाद्य भंडारण का स्थायी समाधान अमेरिका को मंजूर नहीं है।

सम्मेलन के अंत में भारत द्वारा जारी बयान में कहा गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विश्व व्यापार संगठन के मौजूदा लक्ष्यों एवं नियमों पर आधारित कृषि सुधारों को एक सदस्य राष्ट्र के मजबूत विरोध करने से कोई परिणाम बाहर नहीं आ सका और ना ही अगले दो साल के लिए कोई कार्ययोजना कार्यक्रम तैयार हो सकी।

इस सम्मेलन के परिणामों से रुष्ट विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक रॉबर्टो एजवेडो ने भी बातचीत की प्रगति को लेकर अपनी निराशा जाहिर की और सदस्य राष्ट्रों से अंतरात्मा का अवलोकन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय वार्ता में आप को वह नहीं मिलता जो आप चाहते हैं, आपको वह मिलता है जो संभव है।

बातचीत विफल होने की बात स्वीकार करते हुए सुसैना ने कहा, हम कई बार विभिन्न मुद्दों पर चूक जाते हैं, लेकिन जीवन ब्यूनस आयर्स (इस बैठक) से आगे भी है। हमें इस गतिरोध को खत्म करने के रास्ते खोजने और आगे बढ़ने की जरूरत है। इस बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने किया।

उन्होंने G33 समूह के सहयोग से खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर स्थायी समाधान के पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखी। यह मामला दुनिया भर के 80 करोड़ लोगों की जीविका का अहम मुद्दा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुसार विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों का खाद्य सब्सिडी बिल उनके द्वारा उत्पादित कुल खाद्यान्न के मूल्य के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए।

खाद्य उत्पादन का यह मूल्य निर्धारण 1986-88 की दरों पर तय होता है। भारत इस मूल्य निर्धारण की गणना के फॉर्म्युले में संशोधन की मांग कर रहा है ताकि सब्सिडी की इस सीमा की गणना संशोधित हो सके।