Monday, July 13, 2026
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वन प्रेमियों ने स्मृति वन में श्रमदान किया, बदहाली पर जताई चिंता

कोटा। वन विभाग के स्मृति वन अनंतपुरा में रविवार को भी वन प्रेमियों ने श्रमदान कर पौधों को सुरक्षित करने का प्रयास किया। झालावाड़ रोड़ पर अनंतपुरा बस्ती से खुले में शौच जाने वाले लोगों को रोकने का प्रयास नगर निगम ने भी नहीं किया। इस कारण वन प्रेमियों को काफी परेशानी हो रही है।

समिति के सचिव व पर्यावरणविद् बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि वन विभाग जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद भी अपनी चार दीवारी की मरम्मत नही करा रहा। विभाग के उप वन संरक्षक फण्ड नहीं होने की बात कहते हैं और प्रधान वन संरक्षक ऐके गोयल कहते हैं कि फण्ड की कमी नहीं आने दी जाएगी।

उधर नगर निगम ने पोर्टेबल शोचालय रख दिए लेकिन पानी के कनेक्शन के अभाव में चालू नहीं किया। स्मृतिवन में बस्ती के अलावा हाई वे से गुजरने वाले ट्रक चालकों और खल्लासियों ने भी वन विभाग की कीमतर जमीन को शौच के इस्तेमाल में काम ले रहे है।

वन विभाग की जमीन पर सुरक्षा के अभाव में पौधों को परवरिश नहीं मिल पा रही जैसे तैसे जीवित रखा जा रहा है।
रविवार को श्रमदान में पर्यावरणविद् स्वर्गीय एलके दाधीच की पत्नी गीता दाधीच,पुत्र स्पप्निल दाधीच,भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डाॅ. एलएन शर्मा आदि ने भाग लिया।

वन विभाग के वनपाल संजय नागर, राजपाल,महेंद्र सैनी, बाबू सिंह आदि ने संपूर्ण स्मृतिवन की सुरक्षा का जायजा लिया। डाॅ. एलएन शर्मा ने कहा कि वन विभाग आम जन में विश्वास पैदा करें कि विभाग स्मृतिवन की सुरक्षा करेगा। शहर में अनेक दानदाता है जो विभाग की मदद कर सकते है।

डाॅ शर्मा ने विभाग के उच्चाधिकारियों से कहा कि कंकरीट प्लान तैयार करें और जनता को स्मृतिवन प्रदान करने में मदद करे। विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा कि वन विभाग में सक्षम अधिकारियों को स्मृतिवन में तैनात किया जाए। 

लागत न निकलने से किसानों ने आलू सड़क पर फेंका

कानपुर। बंपर पैदावार होने से यूपी के आलू उत्पादक किसानों का दम फूल गया है। इस वजह से आलू का थोक भाव 20 पैसे प्रति किलो पर आ गया है, जिसकी वजह से किसान और कोल्ड स्टोरेज मालिक पुराने आलू को सड़क पर फेंकने पर मजबूर हो गए हैं। सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू की हालत खराब है। यूपी की आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर आगरा, कानपुर मंडल में पुराने आलू फ्री में लेने को भी कोई तैयार नहीं है। ई फसल का आलू 5-6 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा है। 

इन जिलों में सबसे ज्यादा हालत खराब : यूपी के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, औरेया, कानुपर देहात, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कन्नौज आदि जिले आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर हैं। इन जिलों में जो आलू होता है उसको सबसे बेस्ट क्वालिटी का माना जाता है। देश भर के कई राज्यों में यहीं से आलू की सप्लाई होती है। 

नीट में सीट ब्लॉक करने पर लगेगा 2 लाख का जुर्माना!

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कोटा। अगले साल से मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए इच्छुक छात्र अगर नीट की काउंसेलिंग में सीट ब्लॉक कर देते हैं तो उन्हें 2 लाख तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। उन्हें आगे की काउंसेलिंग में भाग लेने से भी रोका जा सकता है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का एक प्रस्ताव स्वीकार किया जाना है।

सरकार का इरादा यह है कि छात्रों द्वारा एक से अधिक सीट ब्लॉक किए जाने से होने वाली वेकंसी को कम किया जा सके। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वीकार्यता के साथ मंत्रालय ने एक प्रस्ताव दिया है जिसके अनुसार मेडिकल और डेन्टल कॉलेजों में ऐडमिशन के लिए 2 लाख रुपये तक के रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस का प्रावधान होगा।

प्राइवेट डीम्ड कॉलेजों के लिए यह फीस 2 लाख रुपये और सरकारी कॉलेजों के लिए 25 हजार रुपये होगी। अगर छात्र ऐडमिशन ले लेता है तो इसे ट्यूशन फीस के साथ अडज्स्ट किया जाएगा। अभी यह तय नहीं हुआ है कि काउंसेलिंग के किस राउंड में छात्रों पर जुर्माना लगेगा या उन्हें आगे की काउंसेलिंग से रोका जाएगा।

अगर सुप्रीम कोर्ट इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो छात्रों द्वारा सीट ब्लॉक करने की समस्या से बचा जा सकेगा। अक्सर टॉप रैंक्स पाने वाले छात्र सीट ब्लॉक कर लेते हैं जिससे निचले रैंक वाले छात्रों को नुकसान होता है।

वर्ष 2017 में शेयरों ने दिया निवेशकों को जोरदार रिटर्न

नयी दिल्ली। शेयर बाजार निवेशकों के लिए साल 2017 जोरदार रहा। शेयरों ने निवेशकों को इस साल 25 प्रतिशत से अधिक का प्रतिफल दिया वहीं दूसरी ओर निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाने वाला सोना निवेशकों को डेढ़-दो प्रतिशत रिटर्न ही दे पाया।

विशेषग्यों का कहना है कि शेयरों में निवेश पर हमेशा अधिक रिटर्न मिलने की गुंजाइश रहती है, लेकिन इसमें जोखिम भी अधिक होता है।

वहीं सोने में निवेश एक सुरक्षित विकल्प है, लेकिन इसमें औसत रिटर्न शेयरों की तुलना में कम रहता है, लेकिन यह तय है कि इसमें घाटे की संभावना काफी सीमित होती है।

एक्सपर्ट के अनुसार इस साल सेंसेक्स 25 प्रतिशत चढ़ा है और नरेंद्र मोदी सरकार के सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रयासों को देखते हुये ऐसा अनुमान है कि अगले साल भी सेंसेक्स 25 प्रतिशत तक प्रतिफल देगा और यह 40,000 अंक के आसपास पहुंच जायेगा।

वर्ष 2016 में अंतिम कारोबारी सत्र में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 26,626.66 अंक पर बंद हुआ था, जबकि इन दिनों यह 33,400 अंक के स्तर पर है।

इस प्रकार वर्ष के दौरान शेयर सूचकांक में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यानी यदि किसी ने एक जनवरी को शेयरों में एक लाख रुपये लगाए थे, तो आज की तारीख में उनके निवेश का मूल्य बढ़कर 1,25,000 रुपये हो गया।

वहीं दूसरी ओर 31 दिसंबर, 2016 को सोना 28,984 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था जो कि इस समय 29,500 रुपये के आसपास चल रहा है। यानी वर्ष के दौरान सोने में निवेश पर रिटर्न डेढ़ से दो प्रतिशत तक ही मिला।

ऐतिहासिक रूप से सोने को निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन यह भी सच है कि इसमें रिटर्न बहुत अधिक नहीं मिल पाता।

हालांकि, पिछले साल सोने ने करीब दस प्रतिशत रिटर्न दिया था। लेकिन सोने की कीमतों पर गौर किया जाए, तो 2017 के दिसंबर महीने में यह 29,000 रुपये के दायरे में है। वहीं वर्ष, 2011 दिसंबर में भी

यह 29,000 रुपये से पर था। दिसंबर, 2012 में यह 31,000 रुपये से अधिक था। इस तरह देखा जाए, तो आज पांच साल बाद सोने का दाम नीचे चल रहा है।

दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल ने कहा कि सोने में निवेश पर कभी घाटा नहीं होता। हालांकि, सोने में उतार-चढ़ाव की गुंजाइश अधिक रहती है, इसलिए निवेशकों को स्थिति देखकर खरीद-बिक्री करनी चाहिए।

गोयल ने कहा कि आज भी सोना ही निवेश का सुरक्षित विकल्प है। इसे पूरे साल के हिसाब से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह पर नीचे होता रहता है।

आज बेशक सोना 29,500 रुपये है, लेकिन दो महीने पहले यह 31,500 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया था। ऐसे में स्मार्ट निवेशकों ने उस समय बिकवाली कर अच्छा रिटर्न कमाया था।

स्वस्थ रहना है तो दो -दो घंटे में हल्का भोजन लें : डॉ. नीलम

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कोटा। क्लीनिकल न्यूट्रिशियनिस्ट डॉ. नीलम खण्डेलवाल ने कहा है कि खान पान की शैली सुधार के लिए आवश्यक है कि कम खाऐं और बार बार खाऐं। डॉ. खण्डेलवाल लाॅयंस क्लब सदस्यों को संबोधित कर रहीं थी।

लाॅयंस क्लब में आयोजित विशेष व्याख्यान में उन्होंने कहा कि पूरे दिन दो -दो घंटे में हल्का भोजन लेना चाहिए। इससे पेट में कब्जी, अपच, पेट की जलन, मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाईपोथाॅयराइड, दिल की बीमारियां व कई प्रकार के कैंसर से बचाव होता है।

उन्होंने बताया कि खाली पेट चाय कभी न लें। दिन की शुरूआत एक फल से करनी चाहिए। हमें पैकेट बंद उत्पाद कोल ड्रिंक्स, जूस, सोडा, बिस्किट, कार्नप्लेक्स आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

उन्होंने सलाह दी कि एल्यूमिनयिम, प्लास्टिक यूल एंण्ड थ्रो आदि बर्तनों का इस्तेमाल न करें। लोहा,तांबा,पीतल व चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करें। डायबिटीज के मरीजों को शुगर फ्री वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। हमारे शरीर में शुगर फ्री को पचाने के एंजायम नहीं होते।

डायबिटीज के मरीजों को गन्ने से बनी शक्कर का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने व्रत के संदर्भ में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि व्रत में भी दो- तीन घण्टे के अंतराल से खाना चाहिए। व्रत में साबूदाना, राजगिरा, कट्टू, सिगाढ़े का आटा लाभ दायक होता है। सेंधा नमक और काला नमक में मौजूद मिनरल्स लाभदायक है। इसके अलावा फल, ड्राॅय फ्रूट्स, दूध दही इत्यादि लिए जा सकते हैं।

इसके पूर्व अर्जेंटीना के परमहंस त्रिदेवी मां ने आघ्यात्म और धर्म के बारे में विचार प्रकट किए। प्रारम्भ में लाॅयंस क्लब के अध्यक्ष भागचंद हेमनानी, महामंत्री दिनेश खुवाल ने उनका स्वागत किया। संयुक्त सचिव अशोक नुवाल ने संचालन किया।

कोटा के किशोर सागर में उतारेंगे सी-प्लेन : ओम बिरला

कोटा। शहर में  नए एयरपोर्ट को जरूरी बताते हुए सांसद ओम बिरला ने कहा कि यहां के लिए मास्टर प्लान में जमीन अधिकृत कर दी गई है। अब यूआईटी अध्यक्ष को प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजना है। वहां से जैसे ही प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास जाएगा, उसे एक माह में स्वीकृत करवा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी की देश में सी-प्लेन चलाने की मंशा थी जो पूरी हो रही है। कोटा में भी इसे शुरू किया जाएगा। कोई भी तकनीकी परेशानी नहीं हुई तो इसे वर्ष 2018 में शुरू कर दिया जाएगा। इसे किशोर सागर तालाब या चंबल में उतारा जाएगा। वहां चंबल घड़ियाल सेंचुरी के कारण परेशानी सकती है।

सांसद बिरला सरकार के चार साल पूरे होने पर शनिवार को महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम में हुए समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर  प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि प्रदेश में लगी जैतून की रिफाइनरी खेती से पूरे देश में प्रदेश का नाम हुआ है। इसके अलावा पर्यटन, सोलर ऊर्जा स्किल डवलपमेंट में भी सरकार ने बेहतर काम किया है।

उन्होंने कहा कि यहां भामाशाह मंडी का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए 96 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। उन्होंने कोटा में मंडी का विस्तार के साथ ही 16 करोड़ की लागत से आॅडिटोरियम का निर्माण की जानकारी दी। समारोह में सात विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए गए।

इन कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
समारोह में पुलिस थाना देवली के 168.62 लाख की लागत से निर्मित प्रशासनिक भवन व 273 लाख की लागत से निर्मित आवासों, टैगोर नगर कोटा में 2.85 करोड़ की लागत से निर्मित अल्प संख्यक महिला छात्रावास का लोकार्पण किया। वहीं, 75 लाख केे उप पंजीयन कार्यालय इटावा, 120.77 लाख की लागत से बनने वाले पीएचसी गैंता, 52.43 लाख से बनने वाले उप पंजीयन प्रथम कार्यालय के नवीन भवन का शिलान्यास किया गया।

सरकार के दम पर नहीं, अपने दम पर खड़ा है कोटा : राजावत

कोटा। विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि कोटा दो लाख बच्चों को सीने से लगाकर अपने बलबूते पर पैरों पर खड़ा हुआ है, किसी सरकार के बलबूते पर नहीं। कोटा उडऩा चाहता है, लेकिन छोटे से उडऩ खटोले से नहीं, यहां नया एयरपोर्ट चाहिए।

उन्होंने यह बात राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर शनिवार को महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में जिला प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में कही।

उन्होंने कहा कि बेशक सरकार के 4 साल बेमिसाल हैं, लेकिन मलाल यह कि यहां बैठे किसी जनप्रतिनिधि के मन में कोटा में एयरपोर्ट का क्यों नहीं आया ख्याल।

उन्होंने सांसद ओम बिरला की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कोटा में हवाई जहाज लाने वाले बिरला की दिल्ली तक पहुंच है। कोटा उडऩा चाहता है, इसके लिए छोटे से उडऩ खटोले की नहीं, बड़े जहाज और नए हवाई अड्डे की जरूरत है। नए हवाई अड्डे के लिए कोटा में चम्बल किनारे दस हजार बीघा जमीन है।

अच्छा तो यही होता कि 4 साल के जश्न के कार्यक्रम में नए हवाई अड्डे का शिलान्यास किया जाता। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडग़री के बयान पर चुटकी लेते हुए राजावत ने कहा कि वे कोटा में सी प्लेन उड़ाना चाहते हैं लेकिन कोटा को ऐसे सी प्लेन की नहीं, नए हवाई अड्डे की जरूरत है।

प्रभारी मंत्री सुपर हीरो, हम जीरो
राजावत ने अपने भाषण के दौरान ही कृषि व जिले के प्रभारी मंत्री प्रभूलाल सैनी पर भी व्यंग्य कसते हुए कहा कि वे प्रभारी ही नहीं भारी भी हैं। साथ ही राज्य सरकार में सुपर होरो हैं।

जबकि उन्होंने स्वयं और कोटा जिले के अन्य विधायकों के लिए कहा कि वे राज्य सरकार में जीरो हैं। जनता में जरूर हीरो हो सकते हैं लेकिन राज्य सरकार में तो वे जीरो हैं जीरो। राजावत के इस बयान पर मंचासीन सभी जनप्रतिनिधि व कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जमकर ठहाके लगाए।

अगले साल कोटा से सी प्लेन भी उड़ेगा
राजावत के बयान पर जवाब देते हुए सांसद ओम बिरला ने अपने भाषण में कहा कि नेताजी हर बात को मजाक में लेते हैं। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडग़री तो कोटा में सी प्लेन शुरु करने की घोषणा करने वाले थे लेकिन उन्होंने ही अभी उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले पूरी तैयारी कर ली जाए।

क्योंकि चम्बल का कुछ हिस्सा अभ्यारण्य क्षेत्र मेंआता है। बिरला ने राजावत से कहा कि उन्हें तो फिर भी तैरना आता है लेकिन यदि कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई तो अगले साल 2018 में कोटा में सी प्लेन भी उड़ेगा। इसके लिए पानी में पुलिया भी बनाई जाएगी।

कोटा में 13.55 करोड़ से यूआईटी बनाएगा स्मृतिवन

कोटा। दो साल से लंबी प्रतीक्षा के बाद अब देवली अरब रोड पर स्मृतिवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले में शनिवार को यूआईटी वन विभाग के बीच प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी के सामने एमओयू हुआ। यूआईटी की ओर से सचिव आनंदीलाल वैष्णव तथा वन विभाग की ओर से ललित सिंह राणावत ने एमओयू की प्रतियां आपस में बदली।

स्मृतिवन की योजना दो साल पहले बनी थी। तब विधायक भवानीसिंह राजावत ने यूआईटी वन विभाग के अधिकारियों के बुलाकर इसका प्लान तैयार करवाया था। इसमें सभी कार्य और रखरखाव यूआईटी को करना था जिसे वन विभाग ने मानने से इंकार कर दिया। विभाग के अधिकारी चाहते थे कि विकास यूआईटी करवाए, लेकिन रखरखाव वन विभाग ही करे।

इस पर होने वाला खर्च भी यूआईटी ही वहन करे। इसके बाद दुबारा से शर्तें तय की गई। इसके आधार पर एमओयू तैयार किया गया। 25.38 हैक्टेयर में बनने वाले इस स्मृतिवन पर भी यूआईटी 13 करोड़ 55 लाख रुपए व्यय करेगी।
उद्यान में हर्बल गार्डन, बंबू फॉरेस्ट, खजूर फॉरेस्ट, फुट जोन, जैसे विभिन्न ब्लॉक्स में बांटा जाएगा।

जिसमें अलग-अलग प्रजातियों के पेड़-पौधों, वृक्ष, झाड़ीनुमा पेड़ लगाए जाएंगे। इसमें कराए जाने वाले पौधरोपण में एक भाग बालिकाओं के जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ पर पौधरोपण के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

रख-रखावकी राशि भी यूआईटी देगा
स्मृतिवनमें विकास का कार्य नगर विकास न्यास की ओर से करवाया जाएगा। पौधरोपण रखरखाव वन विभाग के जिम्मे रहेगा। इसकी राशि भी यूआईटी देगा। अब इसे स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

विधायक राजावत ने कर्मचारी से कहा,थप्पड़ मार दूंगा

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कोटा। हमेशा विवादों में रहने वाले विधायक भवानी सिंह राजावत एक बार फिर अपनी मर्यादा भूल गए. जरा सी गलती पर उन्होंने कर्मचारी को थप्पड़ मारने की धमकी दे डाली।

राज्य सरकार के 4 साल के कार्यकाल के अवसर पर शनिवार को नयापुरा स्टेडियम में लगे रोजगार शिविर के उद्घाटन के मौके पर मंच संचालन कर रहे नेहरू युवा केंद्र के यूथ मोटिवेटर नरेश निगम ने अतिथियों के स्वागत के दौरान राजावत का नाम नहीं लिया तो वे आग-बबूला हो गए।

उन्होंने निगम को इशारे से बुलाया और पूछा कि तुम मुझे नहीं जानते क्या? मैं कौन हूं? तुम्हें नहीं दिख रहा क्या? मेरा नाम क्यों नहीं लिया, थप्पड़ मार दूंगा। वो इतने तैश में गए कि उन्हें ये भी ध्यान रहा कि सार्वजनिक रूप से कैसा व्यवहार करना चाहिए। यह सुनकर निगम के साथ आसपास मौजूद लोग भी चौंक गए। बाद में निगम ने राजावत से हाथ जोड़कर माफी मांगी और मामला रफा-दफा किया।

यूं हुआ मामला : नयापुरा स्टेडियम में सरकार की चौथी वर्षगांठ के दौरान आयोजित समारोह के दौरान लगे रोजगार शिविर में प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी मंच पर दीप प्रज्ज्वलन कर रहे थे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे यूथ मोटीवेटर नरेश निगम ने प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी, विधायक हीरालाल नागर, प्रहलाद गुंजल और महापौर महेश विजय का नाम मंच से संबोधित किया।

उन्होंने मंच से विधायक गुंजल और महापौर विजय के नाम दो-दो बार बोले, लेकिन जब विधायक राजावत का नाम एक बार भी अनाउंस नहीं हुआ तो वो गुस्सा हो गए। फिर थप्पड़ मारने की धमकी दे डाली। जब इस बारे में राजावत से पूछा तो उन्होंने कहा कि क्या करता, उसे बुलवाया और हिदायत दी।

स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं, प्रभारी मंत्री ने माना

– सरकारी कार्यक्रम में स्मार्ट मीटर विरोधी बैनर लहराया

कोटा। तेज गति से बिजली के स्मार्ट मीटरों के विरोध में कोटा के नागरिकों ने शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री प्रभु लाल सैनी को ज्ञापन के स्थान पर बैनर दिखा कर विरोध दर्ज कराया। सरकार के चार साल के जश्न के कार्यक्रम में नयापुरा स्टेडियम में भी बैनर पर स्मार्ट मीटर को लूट का यंत्र बताते हुए संदेश लिखा गया।

स्मार्ट मीटर हटाओ संघर्ष समिति कोटा महानगर के समन्वयक अल्पेश सिंह चौहान ने बताया कि प्रभारी मंत्री ने माना कि ये स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं, जिससे जनता की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। समिति के प्रतिनिधि मण्डल ने सैनी से कहा कि आपको पूर्व में ज्ञापन दिया जा चुका है। बार बार ज्ञापन नहीं दिया जाएगा।

आप सरकार में है तो बात करे और स्मार्ट मीटर को हटाने की कार्रवाई करें। सैनी ने प्रतिनिधि मण्डल की बात से सहमत होते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। समिति के महामंत्री राजेश नामा, बनवारी लाल पंचोली,जाॅनी नायक,संजय पारीक आदि ने कहा कि स्मार्ट मीटर नहीं हटाऐ तो आने वाला बिल अदा नहीं करने की घोषणा को अमल में लाया जाएगा।

किसी भी प्रकार की दमन कारी कार्रवाई हुई तो अशांति के लिए जनता जवाबदेह नहीं होगी। समिति ने जन प्रतिनिधियों से कोटा दक्षिण के विधायक की जनता का साथ नहीं देने और वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। चौहान ने कहा कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में स्मार्ट मीटर हटाने के लिए प्रस्ताव लेने का महापौर महेश विजय ने आश्वासन दिया है उस पर अमल कराया जाए।

चौहान ने चेतावनी दी कि सरकार ने स्मार्ट मीटर नहीं हटाए तो भारी जन विरोध का सामना करना पड़ेगा।
दूसरी और गुमानपुरा कोटड़ी रोड़ व्यापार संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन एवं महावीर नगर एमपीबी के जितेंद्र शर्मा आदि ने भी स्मार्ट मीटर विरोधी आंदोलन का समर्थन करते हुए इसे पूरे शहर का आंदोलन बनाने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के शहर जिला अध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय एवं महापौर महेश विजय तथा महावीर नगर में भाजपा कार्यकर्ता तथा कांग्रेस से जुड़े लोग भी जनता के पक्ष में आ गए है। कुछ जन प्रतिनिधि जरूर मुख्य मंत्री के सामने विषय को रखने से डर गए है।