Monday, July 13, 2026
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गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत, जीएसटी नहीं बन पाया मुद्दा

अहमदाबाद। बेहद दिलचस्प रहे गुजरात विधानसभा चुनाव में रुझानों और नतीजों से यह साफ हो रहा है कि जीएसटी-नोटबंदी और पटेल फैक्टर से लेकर आदिवासी-दलितों के मुद्दे ने भी ना तो बीजेपी को कोई बड़ा नुकसान पहुंचाया और ना ही कांग्रेस को कोई खास फायदा दिलाया। बीजेपी अपने गढ़ को बचाने में कामयाब रही। आपको बताते हैं गुजरात विधानसभा चुनाव की 5 बड़ी बातें:

काम नहीं किया हार्दिक फैक्टर
चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक फैक्टर की ही थी। हार्दिक पटेल की अगुवाई में हुए पाटीदार आंदोलन के चलते माना जा रहा था कि बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता है।

जिस तरह हार्दिक ने बीजेपी के विरोध और कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया, उसे देखते हुए बीजेपी को बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन रुझानों से साफ है कि सौराष्ट्र-कच्छ के इलाके को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी इलाकों में पटेलों ने बीजेपी का भरपूर साथ दिया है।

जीएसटी नहीं बन पाया मुद्दा
प्रदेश के सबसे बड़े शहर और व्यापारिक केंद्र सूरत में बीजेपी का शानदार प्रदर्शन यह समझने के लिए काफी है कि चुनाव में जीएसटी कोई बड़ा मुद्दा नहीं बन पाया। कांग्रेस ने व्यापारियों की जीएसटी से नाराजगी को मुद्दा बनाने की कोशिश की थी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने GST को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ तक बोल दिया था, लेकिन व्यापारियों ने नाराजगी के बावजूद बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा। सूरत शहर 12 सीटें शहर में से 11 पर बीजेपी या तो लीड कर रही या जीत चुकी है।

यहां सिर्फ मांडवी सीट पर कांग्रेस आगे चल रही है। खास बात यह है कि पटेलों का गढ़ मानी जाने वाली वारछा रोड सीट पर भी फिलहाल बीजेपी आगे है।

शहरों में बीजेपी का दबदबा कायम
चुनाव से पहले ही यह माना जा रहा था कि शहरों में बीजेपी की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। शहरी क्षेत्रों में बीजेपी को भारी समर्थन हासिल हुआ है।

राजधानी अहमदाबाद सहित सूरत, वडोदरा, राजकोट जैसे सभी शहरी क्षेत्रों में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। शहरों में तो बीजेपी छाई ही ही, साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी पार्टी ने बढ़िया परफॉर्म किया है।

आदिवासी इलाकों में भी बीजेपी आगे
पाटीदारों के छिटकने की आशंका के बीच बीजेपी ने बाकी समुदायों को साथ जोड़े रखने पर खासा जोर दिया था। यही वजह है कि कांग्रेस के समर्थक माने जाने वाले प्रदेश के आदिवासी इलाकों में भी बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। प्रदेश के दक्षिणी इलाके में आदिवासियों का काफी असर है, जहां बीजेपी कुल 33 में से 22 सीटों पर आगे है।

सौराष्ट्र-कच्छ में कांग्रेस को बढ़त
एग्जिट पोल्स से संकेत मिला था कि सौराष्ट्र-कच्छ के इलाके में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। अनुमान के मुताबिक, कांग्रेस फिलहाल इन इलाकों की 54 में से 30 सीटों पर लीड कर रही है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस उत्तर गुजरात में भी आगे थी, लेकिन मतगणना आगे बढ़ने के साथ वह बीजेपी से पिछड़ गई।

गुजरात और हिमाचल में भाजपा जीत की ओर अग्रसर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में भाजपा जीत की तरफ बढ़ रही है और हिमाचल प्रदेश में भी वह सत्ता में आती हुई दिख रही है। दोनों राज्यों में भाजपा काफी आगे चल रही है। हिमाचल प्रदेश में शुरुआती रुझानों के अनुसार भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र राणा से पीछे चल रहे हैं।

गुजरात में लगातार छठी बार सरकार बनाती दिख रही भाजपा 182 सदस्ईय विधानसभा सीटों में से 100 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि विपक्षी कांग्रेस 70 सीटों पर आगे है। राज्य की 175 सीटों के रुझान आए हैं। अब तक भाजपा को 49.2 फीसदी और कांग्रेस 41.5 फीसदी वोट मिले हैं।

गुजरात में भाजपा की जीत तय: नीतीश
शुरुआती रुझानों से पता चला था कि गुजरात में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर चल रही है, बाद में भाजपा ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 115 और कांग्रेस को 61 सीटें मिली थीं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार राकांपा, भारतीय ट्राइबल पार्टी और निर्दलीय पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं।

शुरुआत में पीछे चल रहे गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अब राजकोट-पश्चिम विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रनील राज्यगुरू से आगे हो गए हैं। उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल मेहसाणा में कांग्रेस उम्मीदवार जीवन भाई पटेल से 3,000 मतों के अंतर से पीछे चल रहे हैं।

कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडयि़ तीसरे चरण की मतगणना के बाद पोरबंदर से सिर्फ 50 मतों से पीछे चल रहे थे। कांग्रेस के अल्पेश ठाकोर भी आगे चल रहे हैं।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल मांडवी सीट पर भाजपा के वीरेंद्र सिंह जडेजा से पीछे चल रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में 62 सीटों के उपलब्ध रुझानों के अनुसार भाजपा 37 और कांग्रेस 22 सीटों पर आगे है। राज्य में कुल 68 सीटें हैं। मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह आरकी और उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह शिमला (ग्रामीण) से आगे चल रहे हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 36 और भाजपा को 26 सीटें मिली थीं।

फेसबुक-ट्विटर पर भी अब बुक कीजिए LPG सिलेंडर

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कोटा । फेसबुक और ट्विटर अब चैटिंग या सामाजिक दायरा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रह गए है बल्कि इनके जरिये आप घर की जरूरतें भी पूरी कर सकते हैं। आईओसी (इंडियन ऑयल कारपोरेशन) ने गैस बुकिंग की सुविधा फेसबुक और ट्विटर पर देकर इसकी शुरुआत कर दी है।

अब आईओसी के उपभोक्ता फेसबुक और ट्विटर पर भी सिलेंडर बुक करा सकेंगे। वह पूर्व में तीन बुकिंग की डिटेल भी देख सकेंगे। बुकिंग और डिलीवरी की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईओसी ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। इसका फायदा देशभर के 11.50 करोड़ आईओसी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

फेसबुक पर ऐसे बुक होगा सिलेंडर
फेसबुक पर सिलेंडर बुक कराने के लिए अपने फेसबुक अकाउंट पर लॉगिन करके आईसी के फेसबुक पेज पर जाकर बुक नाउ का बटन दबाकर अपना अकाउंट कंफर्म करना होगा। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन पर आपका नाम व ईमेल आईडी आ जाएगी।

एलपीजी आइडी देने के बाद आपकी ईमेल आइडी गैस एजेंसी में रजिस्टर्ड हो जाएगी। इसके बाद पुनः बुक नाउ का विकल्प सामने आएगा। उपभोक्ताओं को अपना नाम व एजेंसी का नाम दिखाई देगा।

एक क्लिक करते ही गैस बुक हो जाएगी। इसके बाद बुकिंग की पुष्टि दिखाई देगी। एजेंसी में रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर भी बुकिंग की सूचना भेजी जाएगी।

अभी बुकिंग के दो ऑनलाइन माध्यम
सिलेंडर बुक कराने के लिए उपभोक्ताओं के पास ऑनलाइन बुकिंग कराने के अभी दो माध्यम हैं। पहला 8726024365 मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर और दूसरा इसी नंबर पर कॉल करके सिलेंडर बुक कराते हैं। कॉल आइवीआरएस (इंटीग्रेटेड वाइस रिस्पांस सिस्टम) पर आधारित है।

ये आती हैं दिक्कतें
मौजूदा ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था में कई दिक्कतें आती हैं। जैसे एसएमएस भेजने पर रिस्पांस मैसेज नहीं मिलता, जिससे पता ही नहीं चलता कि बुकिंग कंफर्म हुई या नहीं। आईवीआरएस सिस्टम से भी बुकिंग तो हो जाती है, लेकिन नेटवर्क धीमा रहा तो रिस्पांस मैसेज नहीं मिलता।

देश में इस बार खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर!

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में इस साल भी पिछले वर्ष का रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हासिल हो सकता है। वर्ष 2017-18 के दौरान अच्छी वर्षा से खाद्यान्न उत्पादन 27.5 करोड़ टन के आंकड़े के आस-पास रह सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कृषि उपज का दाम समर्थन मूल्य से नीचे आता है, तो किसानों की दिक्कत बढ़ सकती है।  कम कीमतों की वजह से दबाव झेल रहे किसानों को राहत देते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्यों ने किसानों का 90,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। हालांकि, केंद्र ने भी उनकी अल्पावधि दिक्कतों को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं। 
 
विशेषज्ञों ने चेताया है कि कृषि क्षेत्र में संकट बढ़ रहा है। बंपर फसल उत्पादन के बावजूद पिछले दो साल में किसानों की आमदनी बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र को कृषि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए जिससे किसानों को संकट से बचाया जा सके।

 हालांकि, सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र काफी अच्छा काम कर रहा है और जमीनी स्तर पर चीजें सुधर रही हैं। सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदमों का असर अगले छह से आठ महीने के दौरान देखने को मिलेगा।  कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हालांकि कहा है, इस साल हमने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।

कुछ चुनौतियां हैं जिन्हें हम दूर कर रहे हैं। हम किसानों के कल्याण को प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने कहा कि उत्पादन की लागत घटाने और 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों को सिर्फ एक या दो फसलों पर निर्भर नहीं रहने को कहा जा रहा है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अन्य गतिविधियों मसलन पॉल्ट्री, मधुमक्खी पालन, मछलीपालन तथा सुअर पालन आदि पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 
 
कृषि सचिव शोभना पटनायक ने चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चार प्रतिशत रहने का विश्वास जताया है। पटनायक ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश तथा बाढ़ की स्थिति के बावजूद खाद्यान्न और बागवानी फसलों का  उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि कुल कृषि उत्पादन पिछले साल के स्तर पर रहेगा। खरीफ का उत्पादन कुछ कम रह सकता है, लेकिन रबी की फसल बेहतर रहेगी। खरीफ सत्र के दौरान असम, बिहार, गुजरात और राजस्थान में बाढ़ की स्थिति रही। वहीं कर्नाटक, छत्तीसगढ़ तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को कम बारिश की स्थिति का सामना करना पड़ा। 
 
फसल वर्ष 2016-17 में खाद्यान्न उत्पादन रिकार्ड 27.56 करोड़ टन रहा है, जबकि इससे पिछले दो साल सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ा था। बंपर फसल उत्पादन के चलते 2016 में दाम टूट गए और इस साल भी यह स्थिति जारी रही। दलहनों, तिलहनों और कुछ नकदी फसलों के दाम उनके न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चले गए। किसानों पर इसका बुरा असर पड़ा। 
 
पटनायक ने हालांकि कहा कि कृषि उत्पादों के दाम में गिरावट की स्थिति अल्पकालिक दबाव वाली रही। सरकार ने इस मामले में तुरंत कदम उठाए हैं। जिन दलहनों और तिलहनों के दाम समर्थन मूल्य से नीचे चले गए थे उनकी सरकारी स्तर पर खरीदारी की गई।

इसके साथ ही दालों के निर्यात की अनुमति दी गई। खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया। साथ ही कुछ तिलहनों के आयात पर भी इसे बढ़ाया गए ताकि सस्ते आयात पर रोक लग सके। अन्य उपायों के साथ ही वर्ष के दौरान देश के कुछ भागों में प्याज के दाम 80 रुपये किलो तक पहुंच गए थे।

गुजरात की काउंटिंग का असर: सेंसेक्स गिरावट के बाद 209 अंक चढ़ा

नई दिल्ली।  गुजरात चुनाव की काउंटिंग में बीजेपी ने कांग्रेस पर अपनी बढ़त बना ली है। बीजेपी के बहुमत के अनुमान से शेयर बाजार में रिकवरी आ गई है। शुरूआती रुझानों में जहां सेंसेक्स 803 अंक टूटा था, वहीं, अब 209 अंकों की तेजी के साथ 33 हजार 672 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी  64 अंकों की तेजी के साथ 10 हजार 397 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 

 मेटल, बैंक और रियल्टी में तेज गिरावट
शुरूआती कारोबार में निफ्टी पर सभी 11 इंडेक्स लाल निशान में थे। रियल्टी, बैंक और मेटल शेयरों में तेज गिरावट दिखी। रियल्टी इंडेक्स में 3.22 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 2.32 फीसदी और निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1.93 फीसदी की कमजोरी दिखी। 

निफ्टी पर आईटी इंडेक्स में 1.36 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 1.25 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.65 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 1.86 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.39 फीसदी व प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.93 फीसदी तक की गिरावट रही है। 
 
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट 
बाजार में गिरावट के चलते मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 333 अंक गिरकर 16 हजार 641 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 434 अंक टूटकर 17 हजार 736 अंक पर कारोबार कर रहा है।
 
गुजरात बेस्ड शेयरों में शुरूआती गिरावट
अडानी इंटरप्राइज                   4.36%
अडानी पोर्ट                         1.48%
अडानी पावर                       4.26%
अडानी ट्रांसमिशन                 2.77%
GNFC                             1.89%
GSFC                             2.28%
अरविंद लिमिटेड                   1.32%
टोरेंट पावर                         1.67%
गुजरात स्टेट पेट्रोनेट               0.29%

6% तक टूटा RIL
रूझानों में गुजरात नतीजों पर क्लेरिटी न होने से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 6 फीसदी तक गिरावट रही। शेयर शुक्रवार को 919 के स्तर पर बंद हुआ था।

वहीं, सोमवार के कारोबार में 911 के स्तर पर खुलने के बाद 6 फीसदी गिरकर 862 के स्तर पर आ गया था। फिलहाल शेयर 0.61 फीसदी की गिरावट है और यह 914 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 

कोटा नागरिक सहकारी बैंक ग्रामीण अंचल में शाखाएं खोलेगा- राजेश बिरला

कोटा। कोटा नागरिक सहकारी बैंक की जल्दी ही ग्रामीण इलाकों में शाखाएं खोली जाएंगी। वर्तमान में बैंक की शहर में दस शाखाएं संचालित हो रही हैं। यह सभी शाखाएं सीबीएस से जुडी हुई हैं , बैंक ग्राहकों की सुविधा के लिए एटीएम भी शुरू करेगा।

यह घोषणा रविवार को झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित आम सभा में बैंक के चेयरमैन राजेश बिरला ने की। उन्होंने कहा कि बैंक के साल दर साल बढ़ रहे ग्राहकों का विश्वास बताता है कि बैंक निरंतर प्रगति पर है।

यही कारण है के बैंक के एनपीए में भी कमी आई है। बिरला ने कहा कि बैंक की जमा पूंजी लगतार बढ़ रही है। उन्होने बताया कि बैंक की चार नै शाखाएं कैथून, इटावा, सांगोद और रामगंज मंडी में खोली जाएंगी। 

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंक के विस्तार को देखते हुए प्रधान कार्यालय का नया भवन बनाया जाना प्रस्तावित है।
कर्मचारी सभा नंबर 108 के अध्यक्ष मुख्य अतिथि श्रीकृष्ण बिरला ने कहा कि सहकारिता से ही विकास संभव है। बैंक की सदस्य्ता बढ़ना बैंक की प्रगति का प्रतीक हैं।

कोटा नागरिक सहकारी बैंक की आम सभा में उपस्थित सदस्य।

विशिष्ट अतिथि विधायक संदीप शर्मा ने कहा बैंक की आसान प्रक्रिया से लोगों को आसानी से लोन मिल रहा है। विधायक हीरालाल नागर ने कहा प्रदेश में गुजरात और महाराष्ट्र की तरह सहकारी संस्थओं को मजबूत करने की जरूरत है। पीसीसी महामंत्री पंकज मेहता ने कहा लोन प्रक्रिया को सरल बनाने की जरुरत है

बूंदी अर्बन बैंक के चेयरमैन सत्येश शर्मा, ने कहा कोटा नागरिक सहकारी बैंक लगातार प्रगति की और बढ़ रहा है।  बैंक एमडी जीएस मीणा ने प्रतिवेदन पेश किया। इस मौके पर बैंक के पूर्व अध्यक्ष चितरंजन जैन, हितकारी शिक्षा सहकारी समिति की अध्यक्ष सूरज बिरला, महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष मांजी बिरला, डिप्टी रजिस्ट्रार अजय सिंह पंवार आदि मौजूद थे।संचालन बैंक के उपाध्यक्ष हेमराज सिंह हाडा ने किया। 

गुजरात-हिमाचल विस चुनाव के नतीजे आज, बाजार में रहेगा उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली। गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों के नतीजे आज घोषित हो जाएंगे। एग्जिट पोल से दोनों राज्यों में ही बीजेपी की सरकार बनने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट में गुजरात चुनाव के नतीजे से काफी उम्मीदें हैं। आज मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों आज सतर्क रहें।

बीजेपी की जीत पर 10500 पार कर जाएगा निफ्टी
एपिक रिसर्च के सीईओ मुस्तफा नदीम का कहना है कि मार्केट की नजर गुजरात विधानसभा में बीजेपी को मिलने वाली सीटों पर है। अगर यहां बीजेपी को मौजूदा संख्या से ज्यादा सीटें मिलती हैं, तो मार्केट में आज एक जोरदार तेजी देखने को मिलेगी और निफ्टी 10,500 के लेवल को पार कर सकता है जो उसका ऑलटाइम हाई होगा।

अगर निफ्टी आज 10,300 के लेवल पर स्थिर रहता है तो मार्केट में तेजी के लिए और मौका होगा। हालांकि 10,200 का लेवल टूटने पर मार्केट में गिरावट बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए आज मार्केट में 10300 के स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड कर सकते हैं।

छोटे और नए निवेशक आज मार्केट से रहें दूर
फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर के मुताबिक, आज मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव भरा कारोबार हो सकता है। इसलिए छोटे और नए निवेशक को आज ट्रेडिंग ना करने की सलाह होगी। अगर ऐसे निवेशक आज ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो वो स्टॉप लॉस के साथ ट्रेडिंग करें। अगर मार्केट में कोई भी पोजिशन लेते हैं, तो उसे शाम तक हेज कर दें।

हाई लेवल पर दिख सकता है करेक्शन
अगर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी को शानदार जीत मिलती है, तो मार्केट में एक जोरदार रैली आ सकती है। सिमी भौमिक डॉट कॉम की टेक्निकल एनालिस्ट सिमी भौमिक के मुताबिक, मार्केट में रैली से निफ्टी 10,600 के स्तर पर भी पहुंच सकता है।

सिमी ने निफ्टी का पहला टारगेट 10,490 दिया। उन्होंने ये भी कहा कि हाई लेवल पर मार्केट में करेक्शन भी देखने को मिल सकता है। निचले स्तर पर निफ्टी में 10,250 का सपोर्ट होगा। लेकिन अगर बीजेपी को 100 के करीब सीटें मिलती हैं, इस सपोर्ट के टूटने के बाद निफ्टी 10,100 के लेवल तक भी जा सकता है।
 
स्टॉक स्पिसफिक दिख सकती है ट्रेडिंग
सिमी भौमिक का कहना है कि आज कारोबार में स्टॉक स्पिसफिक ट्रेडिंग दिख सकती है। गुजरात बेस्ड कंपनियों में खास ट्रेडिंग हो सकती है। इसलिए निवेशकों को थोड़ी सावधानी के साथ ट्रेडिंग करने की सलाह होगी। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप की कंपनियों, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जीएनएफसी में ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है।

GST से टैक्स एडवाइजर्स एवं एकाउंटेंट्स की भूमिका बढ़ी

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कोटा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के तात्कालिक संशोधनों को लेकर शनिवार बसंत बिहार स्थित सीएमए भवन एक दिवसीय कार्यशाला हुई।

दी इन्स्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट ऑफ इंडिया के कोटा चैप्टर की ओर से हुई इस कार्यशाला में कर विशेषज्ञों ने जीएसटी लागू होने से लेकर अब तक हुए संशोधनों के बारे में जानकारी दी।

मुख्य वक्ता रहे सीएमए विवेक लड्ढा ने कम्पोजिशन, इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधान, बिल्डर्स, करयोग्य, संयुक्त सप्लाई के प्रावधानों की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि रहे केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर विभाग के आयुक्त नरेश बुंदेल ने जीएसटी के संशोधित प्रावधानों, जीएसटी काउंसिल द्वारा विभिन्न उत्पादों की टैक्स स्लेब में दी गई रियायतों के बारे में जानकारी दी।

 अध्यक्षता कर रहे दि एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने जीएसटी लागू होने के बाद व्यापार, उद्योग में आई परेशानियों का जिक्र किया, संशोधन के सुझाव दिए।

कोटा चैप्टर के चेयरमैन एस.एन. मित्तल ने कहा कि अब कर विभागों के साथ ही टैक्स एडवाइजर्स, एकाउंटेंट्स की भूमिका भी बढ़ गई है।

विशिष्ट अतिथि रहे टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राज ठाकुर, एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया ने भी सम्बोधित किया। चैप्टर सेकेट्री जय बंसल ने संचालन किया।

गरीब को भरपेट भोजन दे रही अन्नपूर्णा रसोई-डॉ. संजय मिश्र 

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लाभार्थी को 5 रुपये में नाश्ता, 8 रुपये में दोपहर एवं रात्रि का भोजन

जयपुर। लोकतांत्रिक सरकारों का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्राथमिकता वाला एजेंडा है कि सभी नागरिकों को रोजगार चाहे मिले या ना मिले, लेकिन हर शख्स को भरपेट भोजन जरूर मिले। भोजन की सुनिश्चितता के लिए विश्व में बहुत से देशों में कई तरह के कानूनी प्रावधान भी रखे गए हैं, इसमें भारत भी कोई अपवाद नहीं है।

यहां भी कई कानून बने, लेकिन राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने इस आदर्श ध्येय को ध्यान में रखते हुए इससे दो कदम आगे बढ़कर एक ऎसा अभिनव प्रयोग शुरू किया, जिससे सीधे गरीब और वंचितों को बहुत ही सामान्य शुल्क पर भोजन उपलब्ध हो रहा है। अर्थात् गरीब की पहुंच में अब अन्नपूर्णा की रसोई आ गई है। 

एक नई शुरुआत- 
‘सबके लिए भोजन-सबके लिए‘ सम्मान के ध्येय वाक्य के साथ इसकी विधिवत् शुरुआत 31 अक्टूबर, 2015 प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की। अन्नपूर्णा रसोई योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में भी घोषणा की गई कि राज्य के सभी 191 नगर निकायों में लगभग 500 स्मार्ट रसोई वैनों का संचालन किया जाएगा।

इस योजना के माध्यम से प्रतिदिन 4 लाख, 50 हजार जरूरतमंद लोगों को रियायती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया जाएगा। अन्नपूर्णा रसोई योजना की कार्यकारी एजेन्सी निदेशालय, स्थानीय निकाय विभाग है। 

कमजोर तबके हो रहे लाभान्वित  
इस योजना में मुख्य रूप से श्रमिक, रिक्शा और ऑटो चालक, कर्मचारी, विद्यार्थी, कामकाजी महिलाएं, बुजुर्ग एवं अन्य असहाय व्यक्ति एवं आम नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। अन्नपूर्णा रसोई योजना के अन्तर्गत नई निविदा में प्रति वैन नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात्रि भोजन की संख्या को 100 से बढ़ाकर 300 कर दिया गया है।

लाभार्थी को 5 रुपये में नाश्ता, 8 रुपये में दोपहर एवं रात्रि का भोजन दिया जा रहा है। लंच की असल कीमत 23.70 रुपए और नाश्ते की 21.70 रुपए है। कीमत में जितना अंतर है, वो राज्य सरकार वहन कर रही है। शीघ्र ही पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा। 
 
हाईटेक और हाईजीन वैन से वितरण  
इस योजना में उपलब्ध कराए जाने वाले नाश्ते एवं भोजन को पूर्णतयारू स्वचालित प्लान्ट से स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा के मापदंड़ों के अनुसार तैयार करवाया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता की जांच लैब से कोई भी करवा सकता  है। हॉस्पीटेलिटी में दक्ष और प्रशिक्षित लोगों के जरिए ये सामग्री तैयार की जाती है।

योजना में स्मार्ट रसोई वैनों का प्रावधान है, जो सीसीटीवी कैमरे, स्क्रीन इत्यादि से सुसज्जित रहेंगी। इसके साथ ही भोजन में माइक्रोन्यूट्रेंट का भी उपयोग किया जाएगा। इस योजना में पूर्णतया ई-मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया जा रहा है, जिसके लिए निविदादाता द्वारा निदेशालय में स्वयं के खर्चे पर मॉनिटरिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है। 

कैलोरी और क्वालिटी से भरा फूड 
अन्नपूर्णा रसोई वैनों के माध्यम से दिये जाने वाले नाश्ते की मात्रा को 250 ग्राम से बढ़ाकर 350 ग्राम तथा दोपहर एवं रात्रि के भोजन की मात्रा को 350 से बढ़ाकर 450 ग्राम किए जाने का प्रावधान किया गया है।

नाश्ता एवं भोजन की रेसिपी बनाते समय मल्टीग्रेन (मक्का, ज्वार, बाजरा, चावल एवं गेहूं) तथा दालों का कॉम्बीनेशन इस प्रकार बनाया गया है कि उपभोक्ता को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेड मिले। दोपहर एवं रात्रि भोजन में चावल की चार रेसिपी, गेहूं की चार रेसिपी, चार मीठा खीचड़ा रेसिपी एवं चार नमकीन खीच रेसिपी भी रखी गई हैं।

उपभोक्ता को एक बार के भोजन में थाली में चारों रेसिपी सर्व की जाती है, जिससे उपभोक्ता को चावल, गेहूं, मीठा एवं नमकीन की रेसिपी पूर्ण भोजन का आनन्द प्रदान करे।

फिर भी यह उपभोक्ता की इच्छा पर होगा कि वह कोई भी एक अथवा दो आईटम भी अपनी सुरूचि से ले सकता है। इसी प्रकार नाश्ते में भी सेवईयां, पोहा, उपमा एवं इडली-सांभर में से भी उपभोक्ता कोई भी तीन अथवा एक आईटम ले सकता है। 

योजना का संचालन और विस्तार     
बजट घोषणा के क्रियान्वयन के क्रम में खुली निविदाओं के माध्यम से कार्यकारी एजेन्सी-जीवन सम्बल चेरिटेबल ट्रस्ट, कोटा को अनुबन्धित किया गया है, जिसके माध्यम से अन्नपूर्णा रसोई वैनों का संचालन किया जा रहा है। अन्नपूर्णा रसोई योजना के प्रथम चरण में 12 शहरों में 80 रसोई वैनों का संचालन किया जा रहा है।

13 अक्टूबर, 2017 तक संस्था द्वारा जयपुर में 25, उदयपुर में 5, झालावाड़ में 4, बारां में 2, बांसवाड़ा में 3, प्रतापगढ़ में 2, बीकानेर में 5, डूंगरपुर में 2, भरतपुर में 5, अजमेर में 5, जोधपुर में 5 तथा कोटा की 10 रसोई वैनों सहित कुल 73 रसोई वैनों का संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से लगभग 21000 व्यक्ति प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे हैं।