Friday, June 19, 2026
Home Blog Page 45

NEET 2026 की फीस रिफंड का लिंक हुआ एक्टिव, जानिए कैसे करें आवेदन

नई दिल्ली। NEET 2026 fee refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नीट यूजी 2026 की फीस रिफंड करने के लिए पोर्टल शुरू कर दिया है।
3 मई 2026 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 देने वाले परीक्षार्थी यहां अपनी बैंक डीटेल अपडेट कर सकते हैं।

शुक्रवार देर रात शुरू हुआ पोर्टल 27 मई, 2026 को रात 11:50 बजे तक खुला रहेगा। इसके लिए उन्हें आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर लॉगइन कर अपनी डीटेल्स अपडेट कर सकते हैं। एनटीए ने कहा कि उम्मीदवार अपने क्रेडेंशियल का उपयोग करके नीट-यूजी 2026 पंजीकरण पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं।

उम्मीदवार को पोर्टल पर अपनी बैंक डिटेल्स भरनी होंगी, जिसमें अकाउंट होल्डर का नाम, आईएफएससी (IFSC) कोड, अकाउंट नंबर और बैंक का नाम देना होगा। साथ ही, वे एक कैंसिल चेक की फोटो भी अपलोड कर सकते हैं।

एनटीए ने कहा है कि अकाउंट डिटेल्स की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इसे अपलोड कर सकते हैं। हालांक, यह वैकल्पिक है। सारी जानकारी सही ढंग से जमा करने के बाद रिफंड की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

एनटीए ने उम्मीदवारों को याद दिलाया है कि अपनी बैंक डीटेल्स ध्यान से सबमिट करें, क्योंकि एक बार बैंक डिटेल्स सबमिट करने के बाद उनमें कोई बदलाव मुमकिन नहीं होगा।

आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि उम्मीदवार द्वारा बैंक विवरण जमा करने के बाद, उसे अंतिम माना जाएगा। बता दें 3 मई को हुई नीट यूजी 2026 को पेपर लीक मामले का खुलासा होने के बाद रद्द करना पड़ा था। इसके बाद नीट यूजी 2026 री-एग्जाम 21 जून, 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित किया जाएगा।

फीस रिफंड के लिए कैसे करें आवेदन

  • सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • ‘कैंडिडेट एक्टिविटी’सेक्शन में जाकर ‘फी रिफंड विंडो’ के विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड डालकर लॉगिन करें।
  • लॉगिन करने के बाद ‘बैंक डिटेल्स’ वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  • आपको अपने बैंक खाते की जानकारी भरनी होगी, जिसमें अकाउंट होल्डर का नाम, आईएफएससी कोड, अकाउंट नंबर और बैंक का नाम शामिल है।
  • एक कैंसिल्ड चेक की स्कैन कॉपी भी अपलोड कर सकते हैं, हालांकि यह वैकल्पिक है।
  • सारी जानकारी भरने के बाद इसे सबमिट कर दें।

फीस रिफंड के लिए ये डिटेल्स जरूरी

नीट यूजी 2026 फॉर्म शुल्क रिफंड के लिए आपको पोर्टल पर निम्नलिखित बैंक डिटेल्स भरने होंगे

  • अकाउंट होल्डर का नाम
  • आईएफएससी (IFSC) कोड
  • अकाउंट नंबर
  • बैंक का नाम
  • ये डॉक्यूमेंट जरूर करें अपलोड

एनटीए की ओर से फीस रिफंड के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में सिर्फ एक कैंसिल्ड चेक की स्कैन कॉपी मांगी गई है। हालांकि यह भी पूरी तरह से वैकल्पिक है। यानी अगर आप इसे अपलोड करना चाहते हैं, तो आपको केवल एक चेक पर कैंसिल लिख कर उसकी फोटो लेनी होगा। इस पर आपके हस्ताक्षर करने की आवश्यकता नहीं है। एनटीए ने कहा है कि उम्मीदवार अपने बैंक खाते के डिटेल्स की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए कैंसिल्ड चेक अपलोड कर सकते हैं।

नीट फीस रिफंड की रकम

  • जनरल कैटेगरी : Rs 1700
  • OBC/EWS: Rs 1600
  • SC/ST/PwD: Rs 1000

बैंक अकाउंट अपडेट करने की सुविधा
एनटीए के अनुसार, यह सुविधा इसलिए दी जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने साइबर कैफे और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसी) से आवेदन पत्र भरे थे। ऐसे मामलों में डिफॉल्ट रूप से रीफंड उसी बैंक खाते में भेजा जाता, जिससे आवेदन शुल्क का भुगतान किया गया था। एजेंसी ने कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी रीफंड राशि किसी अन्य बैंक खाते में प्राप्त करना चाहता है, तो उसे बैंक खाता अपडेट करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को सुविधानुसार सही खाते में रीफंड प्राप्त करने में आसानी होगी।

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी, हर जिले की होगी अलग पहचान

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आज कई बड़े फैसले लिए गए। करीब तीन महीने बाद हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट की बैठक के बाद उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके तहत कई निर्णायक कदम उठाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्षों में राजस्थान देश में मजबूत आर्थिक ताकत बने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो, इस दिशा में कई बड़े फैसले लिए गए।

मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान सरकार ने औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत हर जिले की अपनी अलग पहचान होगी। उन्होंने बताया कि जेके सीमेंट के लिए दोगुनी जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया। इसके अलावा सरकारी कर्मियों के पेंशन नियमावली में संसोधन के प्रस्ताव के मंजूरी दी गई। वहीं रेलवे ट्रैक के लिए 71 हेक्टेयर भूमि आवंटन प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार अगले 25 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है। इसके तहत टैलेंट इकोनॉमी के क्षेत्र में बड़े कदम उठाये गए हैं।

सरकारी कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया आसान होगी। पेंशन नियमों का सरलीकरण किया गया है। विकलांगता के प्रमाण पत्र एक बार में ही मान्य होंगे। परिवार पेंशन में एक राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर मान्य होंगे। कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी को एग्रीकोला मेडल मिलने पर शुभकामनाएं दी गईं।

इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी जल संसाधन और ऊर्जा विभाग से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि मंत्री प्रभार वाले जिलों का दौरा करेंगे। पानी बिजली की आपूर्ति पर सरकार का पूरा फोकस रहेगा।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर से शुरुआत करेंगे। बैठक में अभियान का प्रेजेंटेशन हुआ। मंजल संसाधन त्री सुरेश रावत ने कहा कि आम जनता से अभियान को जोड़ेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल योद्धाओं का सम्मान होगा।

अक्षय ऊर्जा के लिए भूमि आवंटन
अक्षय ऊर्जा के लिए भूमि आवंटन को भजनलाल कैबिनेट ने मंजूरी दी। जैसलमेर और बाड़मेर जिले में भूमि आवंटन किए गए। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि विकसित वार्ड विकसित ग्राम अभियान पर चर्चा हुई। सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों से फीडबैक लिया गया। 2030 तक का डेटाबेस तैयार किया गया है। गांव और शहर की जरूरत का डेटा बनकर तैयार है। ग्राम सभाओं का आयोजन कर जनता को जागरूक किया जाएगा।

Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 8.1 अरब डॉलर की भारी गिरावट

मुंबई। Forex Reserves: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran Israel War) के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया में भारी गिरावट हो रही है। इस बीच रुपया को सहारा देने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) ने सीधे हस्तक्षेप किया और खुले बाजार में डॉलर बेचा।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकॉर्ड गिरावट के बीच रिजर्व बैंक को खुले बाजार में ढेरों डॉलर झोंकने पड़े। इस वजह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $8.09 billion की गिरावट देखी गई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $6.3 billion की बढ़ोतरी हुई थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $8.094 billion की कमी हुई।

इससे एक सप्ताह पहले $6.295 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार घट कर $688.894 billion का रह गया है। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को अपना भंडार $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर था।

रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $6.483 billion की तगड़ी कमी हुई। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $562 million की बढ़ोतरी हुई थी।

अब अपना एफसीए भंडार घट कर $545.904 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।

गोल्ड रिजर्व भी घटा
आलोच्य सप्ताह के दौरान सोने के मूल्य में गिरावट हुई है। इससे रिजर्व बैंक के सोने के भंडार की वैल्यू में $1.536 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसकी वैल्यू में $5.637 billion का इजाफा हुआ था। अब अपने सोने के भंडार की वैल्यू घट कर $119.317 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का हो गया है। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 16.7% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।

एसडीआर में मामूली कमी

  • बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में मामूली कमी हुई है।
  • समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में $49 million की कमी हुई है।
  • इससे सप्ताह भर पहले इसमें $84 million की बढ़ोतरी हुई थी। अब यह घट कर $18.824 billion का रह गया है।
  • इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में भी $25 million की कमी हुई है।
  • एक सप्ताह पहले इसमें $12 million की वृद्धि हुई थी।
  • अब अपना आईएमएफ रिजर्व घट कर $4.850 billion का रह गया है।

Cardamom: अच्छी वर्षा से केरल में छोटी इलायची के उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद

इडुक्की। Small cardamom: छोटी इलायची के सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- केरल में पिछले महीने वर्षा का अभाव होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी लेकिन चालू माह (मई) में हो रही अच्छी बारिश से फसल की हालत काफी सुधर गई है। बेहतर आमदनी प्राप्त होने से उत्पादक अपने बागानों की अच्छी तरह देखभाल भी कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने दक्षिणी केरल के सभी प्रमुख इलायची उत्पादक जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। पिछले दिनों भी वहां कहीं-कहीं भारी वर्षा हुई। अलापुझा, इडुक्की, पठानमथिट्टा एवं कोट्टायम जैसे जिलों में नियमित रूप से होने वाली बारिश से इलायची की फसल बेहतर स्थिति में पहुंच गई है।

देश में तकरीबन 80-85 प्रतिशत छोटी (हरी) इलायची का उत्पादन अकेले केरल में होता है जबकि शेष उत्पादन तमिलनाडु सहित अन्य दक्षिण प्रांतों में होता है। 2025-26 के सीजन में भी मौसम एवं वर्षा की स्थिति फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल रही जिससे इसका घरेलू उत्पादन बढ़कर 35-37 हजार टन पर पहुंच गया।

इलायची के दाने की तुड़ाई-तैयारी लगभग समाप्त हो चुकी है और इसका अगला दौर जून के अंत या जुलाई के आरंभ में शुरू हो सकता है। वैसे औपचारिक तौर पर छोटी इलायची का नया मार्केटंग सीजन अगस्त से आरंभ होता है।

छोटी इलायची के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में इस बार उत्पादन करीब 50 प्रतिशत घट जाने से न केवल निर्यात योग्य स्टॉक में भारी कमी आ गई बल्कि उसका दाम भी ऊंचा एवं तेज हो गया।

इससे भारत को अपने उत्पादक का निर्यात बढ़ाने का शानदार अवसर मिल गया। भारतीय इलायची का निर्यात ऑफर मूल्य अब भी काफी हद तक प्रतिस्पर्धी स्तर पर चल रहा है और उत्पादकों को राहत मिल रही है।

पेट्रोल-डीजल के दाम 10 दिन में तीसरी बार बढ़े, जानिए आज की कीमत

नई दिल्ली/ कोटा। Petrol Diesel Price Hike: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरा इजाफा है।

इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। कोटा में पेट्रोल के दाम 94 पैसे बढ़कर 109.39 रुपये और डीजल 91 पैसे तेज होकर 94.63 रुपये प्रति लीटर हो गया है। देश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स (VAT) की दरों के कारण इसके दाम थोड़े अलग हो सकते हैं।

इस नए उछाल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये पर पहुंच गई है, जो 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से महज कुछ पैसे दूर है। वहीं, डीजल के दाम बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

गौरतलब है कि तेल कंपनियों ने 15 मई को करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद पहली बार कीमतों में बदलाव किया था। तब से लेकर अब तक (यानी सिर्फ 8 दिनों में) दिल्ली में पेट्रोल 4.77 रुपये और डीजल 4.81 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। इससे पहले 15 मई को 3 रुपये और फिर मंगलवार को 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।

टुकड़ों में दाम बढ़ाने की कंपनियों की रणनीति
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 50% से अधिक बढ़ चुकी हैं। सरकार और तेल कंपनियों के बीच इस बात पर सहमति थी कि अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए दाम बढ़ना अब जरूरी हो चुका है। हालांकि, जनता को एकमुश्त महंगाई के झटके और भारी विरोध से बचाने के लिए सरकार ने एक साथ बड़ी बढ़ोतरी करने के बजाय ‘किश्तों में दाम बढ़ाने’ (स्टैगर्ड अप्रोच) का रास्ता चुना।

इस बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को मामूली राहत जरूर मिली है। 15 मई को हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनियों का रोजाना घाटा करीब 25% कम होकर 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन पर आ गया था, जो पहले 1000 करोड़ रुपये था। इसके बाद इस हफ्ते हुए दो और बदलावों से उन्हें थोड़ी और राहत मिलेगी।

एक्सपोर्ट डिमांड कम बनी रहने से जीरे में तेजी की धारणा नहीं

नई दिल्ली। Cumin export: इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में गिरावट देखी गई। कमज़ोर एक्सपोर्ट डिमांड की वजह से, जल्द ही कीमतों में तेज़ी आने की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, बड़े उत्पादक राज्यों गुजरात और राजस्थान की मंडियों में जीरे की रोज़ाना आवक कम हो रही है, लेकिन एक्सपोर्ट और घरेलू ट्रेडिंग एक्टिविटी कम होने की वजह से कीमतों में 2-3 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में, तुर्की, सीरिया और चीन से जीरे की नई फसल की आवक बाज़ार में आने लगेगी। इसलिए, जून और जुलाई के महीनों में भी जीरे का एक्सपोर्ट ट्रेड सीमित रहने की उम्मीद है।

इसलिए, मौजूदा अनुमान बताते हैं कि जीरे की कीमतें एक छोटी रेंज में ऊपर-नीचे होंगी, जिसमें 3-5 रुपये प्रति किलो का मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

हालांकि इस सीज़न में घरेलू जीरे का प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले कम रहा है, लेकिन मिडिल ईस्ट इलाके में चल रहे झगड़े की वजह से हाल ही में एक्सपोर्ट पर बुरा असर पड़ा है।

खास बात यह है कि पिछले साल देश में कुल जीरे का प्रोडक्शन लगभग 97-98 लाख बैग (हर बैग का वज़न 55 kg) होने का अनुमान था; लेकिन, इस सीज़न में यह आंकड़ा घटकर 92-93 लाख बैग रहने का अनुमान है।

सूत्रों का अनुमान है कि इस सीज़न में गुजरात में जीरे का प्रोडक्शन 33-34 लाख बैग है, जबकि पिछले साल यह 44-45 लाख बैग था। राजस्थान में प्रोडक्शन 58-59 लाख बैग तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 51-52 लाख बैग था।

आवक: जीरे के सबसे बड़े उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में जीरे की रोज़ाना आवक कम होने लगी है। ऊंझा- जो मुख्य बाज़ार है- में आवक घटकर 13,000-14,000 बैग रह गई है, जबकि राजकोट और गोंडल में अभी आवक 800 से 1,000 बैग के बीच है। इसके अलावा, राजस्थान की मेरटा मंडी में आवक घटकर 4,000-5,000 बैग रह गई है, जबकि नागौर में 3,000-4,000 बैग है।

जोधपुर में, अभी औसतन 1,500-2,000 बैग आवक हो रही है। सूत्रों से पता चलता है कि गुजरात से ज़्यादातर स्टॉक पहले ही मंडियों में पहुँच चुका है, लेकिन राजस्थान में किसानों ने अभी भी अपनी 60-70 प्रतिशत उपज रोक रखी है, जिसके कीमतें बढ़ने पर बाज़ार में आने की उम्मीद है।

अनुमान के मुताबिक, गुजरात की मंडियों में अब तक जीरे की कुल आवक 2.4-2.5 मिलियन बैग तक पहुंच गई है, जबकि ट्रेड अनुमान बताते हैं कि राजस्थान की मंडियों में अभी 1.7-1.8 मिलियन बैग आवक है।

अभी, औसत क्वालिटी वाले जीरे की कीमतें गुजरात की मंडियों में 170-200 रुपये प्रति किलोग्राम और राजस्थान की मंडियों में 170-205 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही हैं।

निर्यात: स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, फिस्कल ईयर 2025-26 के पहले दस महीनों में जीरे के एक्सपोर्ट में 15 परसेंट की गिरावट आई है। इसके अलावा, रेवेन्यू में 28 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण एक्सपोर्ट से कम कीमतें थीं।

मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान कुल 166,878 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे 3,885.33 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला; जबकि इसी अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान एक्सपोर्ट 197,050 टन रहा, जिससे 5,386.32 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला।

सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर 44 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान

ब्रासीलिया। लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में सोयाबीन का उत्पादन तेजी से बढ़कर नए-नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है क्योंकि किसानों को इससे शानदार आमदनी प्राप्त हो रही है।

इसके अलावा अमरीका अर्जेन्टीना तथा चीन आदि देशों में भी सोयाबीन की पैदावार में सुधार आ रहा है जबकि भारत में अगला उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

इसे देखते हुए इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) ने 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में सोयाबीन का कुल वैश्विक उत्पादन 2025-26 सीजन के मुकाबले 3 प्रतिशत बढ़कर 44.20 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

अमरीका में सोयाबीन की बिजाई आरंभ हो चुकी है जबकि ब्राजील तथा अर्जेन्टीना में बिजाई सितम्बर-अक्टूबर में शुरू होगी। आईजीसी ने सोयाबीन की वैश्विक खपत भी बढ़कर 44.50 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।

इससे वैश्विक बकाया स्टॉक पर दबाव बढ़ेगा और यह 7.60 करोड़ टन रह सकता है। सोयाबीन का वैश्विक कारोबार 19 करोड़ टन होने की संभावना है जिसमें से करीब 50 प्रतिशत का आयात चीन द्वारा किया जा सकता है।

Edible Oil Import: नेपाल से भारत में खाद्य तेलों के आयात में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि

वीरगंज। Edible Oil Import: यद्यपि भारत के उत्तरी पड़ोसी देश- नेपाल में तिलहन-तेल का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं होता है लेकिन फिर भी वह भारत को विशाल मात्रा में इसका निर्यात करने में सफल हो जाता है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में नेपाल से वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान करीब 3.45 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था जो वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 7.36 लाख टन पर पहुंच गया। 2024-25 वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नेपाल से आयातित खाद्य तेलों का विवरण उपलब्ध नहीं है।

वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान नेपाल से अप्रैल 2025 में 83,467 टन, मई में 79,855 टन, जून में 66,667 टन, जुलाई में 68,513 टन, अगस्त में 57,207 टन, सितम्बर में 53,910 टन, अक्टूबर में 46 हजार टन, नवम्बर में 53,650 टन, दिसम्बर में 47,628 टन, जनवरी 2026 में 61,287 टन, फरवरी में 55,052 टन तथा मार्च 2026 में 62,500 टन खाद्य तेल मंगाया गया। नेपाल से भारत में खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क नहीं लगता और इसे मुख्यत: सीमा सड़क मार्ग से मंगाया जाता है।

उधना–हजरत निज़ामुद्दीन एवं डॉ. अम्बेडकर नगर–फरीदाबाद के लिए विशेष ट्रैन

कोटा। यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा उधना–हजरत निज़ामुद्दीन एवं डॉ. अम्बेडकर नगर–फरीदाबाद के मध्य विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09129 (उधना–हजरत निज़ामुद्दीन) 23 मई को 1 फेरे में उधना से 03.45 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 14.00 बजे होते हुए उसी दिन रात्रि 22.15 बजे हजरत निज़ामुद्दीन पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09133 (डॉ. अम्बेडकर नगर–फरीदाबाद) 23 मई को 1 फेरे में डॉ. अम्बेडकर नगर से 09.40 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 15.35 बजे होते हुए अगले दिन 24.05.2026 को रात्रि 00.15 बजे फरीदाबाद पहुँचेगी।

गाड़ी संख्या 09129 रास्ते में उधना जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, मेघनगर, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन तथा हजरत निज़ामुद्दीन जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी| गाड़ी संख्या 09133 रास्ते में डॉ. अम्बेडकर नगर, इंदौर जंक्शन, देवास, उज्जैन जंक्शन, नागदा जंक्शन, कोटा जंक्शन तथा फरीदाबाद स्टेशनों पर रुकेगी|

हाड़ोती के पर्यटन विकास के लिए फेडरेशन के प्रयास सराहनीय: संभागीय आयुक्त

हाड़ोती की आइटनरी को सभी संभागों से जोड़ा जाएगा: हुसैन खान

कोटा। होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन की एक बैठक शुक्रवार को बांरा के एक निजी रिसोर्ट पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने की।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस अवसर पर हाड़ोती के पर्यटन स्थलों की प्रदर्शनी एवं विशेषज्ञों द्वारा पुस्तको के माध्यम से हाड़ोती के संपूर्ण इतिहास की जानकारी आने वाले सभी आगंतुकों को दी गई। सभी ने प्रदर्शनी को एवं हाड़ोती के इतिहास की जानकारी को सराहा।

समारोह के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रयासों से हाड़ोती पर्यटन विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाड़ोती में ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो राज्य के किसी भी संभांग में नहीं है। हाड़ोती के पर्यटन को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट, कोटा महोत्सव, बूंदी महोत्सव, झालावाड़ का चंद्र भागा मेला बांरा का ड़ोल मेला उत्सव के आयोजन हाड़ोती के पर्यटन एवं संस्कृति को नहीं पहचान दे रहे हैं। उन्होंने हाड़ोतीवासियों को आव्हान किया कि वह भी आगे बढ़कर सोशल मीडियाके माध्यम से हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का प्रचार करें।

संभागीय आयुक्त ने बांरा में पर्यटन कार्यालय खोले जाने, बांरा मे होटल मैनेजमेंट के कॉलेज शीघ्र शुरू करवाने एवं हाड़ोती पर्यटन स्थलों का पुनः उत्थान और विकास करवायें जाने के सार्थक प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया।

बांरा जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा ने कहा कि सभी पर्यटन स्थलों को सुंदर एवं आकर्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयास की जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होटल मैनेजमेंट का कालेज भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसे शीघ्र शुरू करवाने के प्रयास किया जा रहे हैं। साथ ही पर्यटन विकास को दृष्टिगत रखते हुए यहां पर पर्यटन कार्यालय खोले जाने की होटल फेडरेशन की मांग को उचित बताते हुए राज्य सरकार को बांरा मे पर्यटन कार्यालय खोले जाने का प्रस्ताव भेजने की बात कही।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसेन खान ने कहा कि हाड़ोती के पर्यटन विकास के लिए सभी जिलों में बैठको का आयोजन कर रहे हैं। राज्य के सभी संभागों से हाडोती को जोड़े जाने का प्रयास चल रहा है, जिससे राजस्थान में आने वाले पर्यटकों को एक नई डेस्टिनेशन मिल सके।

हाड़ोती में आने वाले पर्यटकों का यहां के पर्यटन स्थलों का अवलोकन करने के पश्चात जो फीडबैक आ रहा है उसे आने वाले समय में भारी मात्रा में हाड़ोती में पर्यटकों के आने की संभावना है। पिछले दो वर्षों में होटल फेडरेशन कोटा डिवीजन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाड़ोती पर्यटन विकास के लिए जो काम हुआ है, वह राज्य के किसी भी सभांग में नहीं हुआ है। उन्होंने कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट के आयोजन को मिली अभूतपूर्व सफलता बताया।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि हाड़ोती में पर्यटन को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कोटा, बूंदी, बारा एवं झालावाड़ की इकाइयां निरंतर प्रयास कर रही है। आने वाले पर्यटकों के आथित्य सत्कार पर्यटन भ्रमण के साथ-साथ उनकी सभी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।

माहेश्वरी ने कहा की जनवरी से मार्च के बीच हाड़ोती में भारी मात्रा में पर्यटक आए हैं, लेकिन अप्रैल मई में अधिक गर्मी होने के कारण पर्यटकों की कमी आयी है। आने वाले पर्यटन सीजन में हाड़ोती में पर्यटन को की संख्या में बड़ी बढोतरी होगी पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

होटल फेडरेशन बांरा ईकाई के जुलाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, सचिव जगदीश शर्मा ने बताया कि बांरा ईकाई द्वारा बांरा में पर्यटन कार्यालय खोले जाने एवं होटल मैनेजमेंट कॉलेज को शुरू करवाने के साथ-साथ यहां के पर्यटन स्थलों के पुन उत्थान एवं वहां तक पहुंचाने के सड़कों को दुरुस्त करने की राज्य सरकार से मांग की जा रही है।

यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए बारां में अच्छे होटल एवं रिसोर्ट के निर्माण का कार्य भी चल रहा है हमारा प्रयास है कि पर्यटक स्थलों की भरमार होते हुए भी मानसून सीजन में हाड़ोती में आने वाले पर्यटकों को बांरा में 2 दिन का प्रवास करवाया जाए। क्योंकि मानसून सीजन में यहां की सुंदरता बहुत ही रमणीक हो जाती है और यहां पर ऐतिहासिक 6 से ज्यादा वाटरफॉल चलते हैं।

इस अवसर पर करीब 500 से अधिक लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर हाडोती के पर्यटन स्थलों को देखकर एवं हाड़ोती के इतिहास की विशेषज्ञो द्वारा जानकारी प्राप्त कर उसकी सराहना की की। बैठक में होटल फेडरेशन आफ राजस्थान के कोषाध्यक्ष संदीप गोगिया कार्यकारिणी सदस्य सीताराम सहित कोटा डिवीजन के साथ बारां इकाई के सभी सदस्य मौजूद थे। इस अवसर पर बारां पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए एक विशेष वाहन का भी लोकार्पण किया गया ।