कोटा। कोटा विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में शनिवार को 160 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय के सम्पदा अधिकारी संजीव कुमार दुबे के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना आवास फाउण्डेशन द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) योजना के तहत की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत द्वारा की गयी। कार्यक्रम में विधायक संदीप शर्मा मुख्य अतिथि रहे। आवास फाउण्डेशन के सत्यजीत तिवारी (सी.एस.आर. हैड) एवं भुवनेश गौड़ (स्टेट हैड) विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।
रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं फार्मेसी विभाग के समन्वयक प्रो. भवानी सिंह ने सत्यजीत तिवारी ने आवास फाउण्डेशन के सामाजिक-दायित्वों पर प्रकाश डाला।
उन्होने बताया कि आवास फाउण्डेशन द्वारा पर्यावरण, सौलर, महिला सशक्तिकरण एवं गरीबी उन्मूलन के अनेक कार्यक्रमों का सी.एस.आर. योजना के तहत् क्रियान्वयन किया जाता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संदीप शर्मा ने कहा कि कुलगुरु के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों के दोहन से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है परन्तु सौर ऊर्जा प्राकृतिक एवं जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाला ऊर्जा स्त्रोत है।
कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आवास फाउण्डेशन द्वारा पूर्व में विश्वविद्यालय की छात्राओं हेतु हेलमेट वितरण कार्यक्रम को रेखांकित करते हुए फाउण्डेशन के पदाधिकारियों की सराहना की।
प्रो. सारस्वत जी ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कार्मिकों और विद्यार्थियों को यह सलाह दी कि आप जिस संस्था में कार्य करते हो अथवा शिक्षा ग्रहण करते हो उस संस्था के प्रति सदैव आत्मीय लगाव रखें।
कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस शनिवार को कोटा के साथ देशभर के केन्द्रों पर भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। एलन दिवस पर देशभर के केन्द्रों पर कई सेवा कार्यों के साथ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए।
कोटा में स्थापना दिवस का मुख्य समारोह इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस में भजन संध्या के रूप में हुआ। यहां फागोत्सव के गीतों के बीच एलन परिवार के हजारों सदस्य भजनों पर झूमे, डांडिया खेले और एक दूसरे को एलन दिवस की बधाई दी।
कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने एलन परिवार के सभी सदस्यों को एलन के गौरवशाली 38 वर्ष पूर्ण करने पर उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि संस्कार से सफलता तक की इस यात्रा में अब तक एलन 40 लाख परिवारों का भरोसा जीत चुका है। यह यात्रा और बेहतर तरीके से जारी रहेगी।
कार्यक्रम में श्री बृज गुरुकुलम् के धु्रव शर्मा एवं स्वर्णाश्री द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इसके साथ ही फागोत्सव और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।
इससे पूर्व ऑल स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से दिनभर एलन दिवस के तहत कई सेवाकार्य भी किए गए। शहर और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों व सड़क किनारे बालआंगन में पढ़ने वाले खानाबदोश परिवारों के बच्चों को स्कूल बैग व छाते वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में भी सेवाकार्य किए गए। गौवंश के लिए चारा, कबूतरों को ज्वार और अन्य परोपकारी कार्य भी किए गए।
यह प्रोजेक्ट उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करेगा: मूंदड़ा
कोटा। शहर के पहले निजी औद्योगिक पार्क अर्बना टेक्नोपार्क का शुभारंभ शनिवार को समारोहपूर्वक हुआ, जिसमे विभित्र औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों जनप्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों ने भाग लिया।
कंपनी के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने बताया कि उपस्थित उद्यमियों ने परियोजना की संरचना, सुविधाओं को देखते हुए निवेश और युवा उद्यमियों के लिए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ बताया। कम्पनी निदेशक बी.डी. मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नो पार्क केवल औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से कोटा को पुनः औद्योगिक पहचान दिलाने में सहायक बनेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय माहेश्वरी संगठन (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश बिरला ने कहा की कोटा शैक्षणिक, पर्यटक नगरी के साथ-साथ पुनः औद्योगिक नगरी की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है। इस अर्बना टेक्नो पार्क में उद्यमियों एवं व्यवसाईयों को अपने उद्योग लगाने में सरल प्रक्रिया के तहत भूखण्ड के साथ समस्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि एक प्राइवेट औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से उद्यमियों को बिना किसी सरकारी झंझटों के अपने उद्योगों के लिए फ्री लैंड के तहत भुखण्ड मिलेंगे, जिसमें किसी भी प्रकार का सरकारी दखल नहीं होगा।
आने वाले समय में हाडोती धीरे-धीरे पर्यटन नगरी की ओर अग्रसर हो रहा है और मुकुंदरा अभ्यारण्य के बिल्कुल नजदीक होने से यहां पर सभी तरह के उद्योग एवं होटल के लिए एक सुनहरा मौका है। इससे कोटा के औद्योगिक विकास के साथ-साथ यहां पर रोजगार के नए क्षेत्र भी विकसित होंगे।
दी एस एस आई एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल ने कहा के इस प्रोजेक्ट की यहां पर अत्यंत आवश्यकता थी। लंबे समय से इस क्षेत्र के उद्योगों के लिए तैयार भूमि का अभाव था, जिसे इस परियोजना ने दूर किया है। यह परियोजना कोटा के औद्योगिक निवेश को एक नई गति देगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।
निदेशक पवन मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नोपार्क NH-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के समीप, कोटा झालावाड़ हाईवे पर शहर से लगभग 22 किमी की दूरी पर है। यह प्रोजेक्ट रेडी-टू-यूज़ इंडस्ट्रियल लैंड है, जहां क्षेत्र में पहली बार विकसित और अनुमोदित औद्योगिक भूमि उपलब्ध है। यहा 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट, MSME से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए उपयुक्त है।
नए उद्यमियों को उद्योग स्थापना से संचालन सहित राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के अंतर्गत लाभ मिलेगा। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली, पानी, आवश्यक सुविधाएं विकसित भी है। इसके शुभारंभ समारोह में कोटा के साथ-साथ जयपुर और राज्य के कई शहरों के व्यापारी उद्यमी शामिल हुए जिन्होंने इस औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर देखा।
इस अवसर पर जयपुर में आए विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों को नए उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं और औपचारिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योग की स्थापना से जुड़ी तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय जानकारी देकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित कसल्टेंसी और मार्गदर्शन की सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी।
समारोह में कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, मोशन के निदेशक नितिन विजय, बिल्डर दीपक राजवंशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज मेहता सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक प्रमुख रूप से शामिल हुए। सभी ने इसे कोटा के भविष्य के लिए निर्णायक पहल बताया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों का मार्ग दर्शन भी किया। परियोजना के सेल्स एवं मार्केटिंग पार्टनर भारत लैंडमार्क रियल्टी एलएलपी के संचालन एवं निष्पादन का कार्य कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार के निर्देशन में किया जा रहा है।
कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा: अनिल मूंदड़ा
इस दौरान पत्रकार वार्ता में अर्बना टेक्नोपार्क के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने कहा कि अर्बना टेक्नोंपार्क केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं है। “कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा और अर्बना टेक्नोपार्क उस ताज की पहली कडी है।
उन्होंने कहा कि वे युवा उद्यमियों को केवल जमीन नहीं बेच रहे, बल्कि एक उद्यमी का सपना खड़ा करने में भागीदार बन रहे हैं। भारत एलएलपी के कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार ने पत्रकारों को बताया कि प्रथम चरण में 2,29,000 वर्गमीटर का आद्योगिक एवं वाणिज्यिक भूमि उपलब्ध है।
500 से 20,000 वर्गमीटर तक के भूखंड यानी कि नया उद्यमी हो या स्थापित उद्योगपति, दोनों के लिए द्वार खुले हैं। सबसे बड़ी बात है शुभारंभ से पहले ही 70,000 वर्गमीटर से अधिक भूमि की बिक्री हो चुकी है। यह आंकड़ा इस प्रोजेक्ट की खूबियों, आवश्यकता व उपयोगिता के प्रति उद्यमियों का रुझान बताता है।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी तरह रेरा में पंजीकृत है। कलेक्टर, कोटा द्वारा ले आउट प्लान अनुमोदित है। इसमें राजस्थान निर्देश प्रोत्साहन योजना (HIPS) के तहत निवेशकों को विशेष सरकारी लाभ भी मिलेगा।
कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा में 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को धनिया 100 रुपये उछल गया। लहसुन बेस्ट 300 ऊंचा बिका। चना 50 रुपये तेज बिका। कमजोर उठाव से सोयाबीन एवं सरसों 50 रुपये मंदी बिकी।
एनसीडीईएक्स पर धनिया का अप्रैल वायदा 498 रुपये यानी 4 फीसदी तेजी के सर्किट के साथ बढ़कर 12984 रुपए, मई वायदा 418 रुपये तेज होकर 13226 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-
गेहूं नया मिल लस्टर 2250 से 2300, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2350 से 2450, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1700, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।
धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4400, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4750, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन 4500 से 5600, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 5700, सरसों 6200 से 6701, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5350, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5351, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।
लहसुन 2500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6250, धनिया बादामी 10800 से 11800, धनिया ईगल 11500 से 12500,धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।
कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रविवार से अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
रविवार प्रातः 8.30 बजे वे बालाजी नगर स्थित परशुराम वाटिका में आयोजित परशुराम जयंती महोत्सव में भाग लेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे गणेश नगर स्थित श्री देवनारायण बड़ा मंदिर में श्री वीर गुर्जर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होंगे।
दोपहर 12.30 बजे दशहरा मैदान में यादव समाज द्वारा आयोजित अनाथ एवं विधवा महिलाओं की पुत्रियों के निःशुल्क विवाह सम्मेलन में भाग लेंगे।
दोपहर 3 बजे वे बून्दी जिले के कापरेन में सत्ताईसा मेघवाल समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होंगे। शाम 5:30 बजे बून्दी स्थित परशुराम वाटिका में सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सोनिया गांधी के खिलाफ बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के मामले में दाखिल संशोधन याचिका पर सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता की ओर से अपनी सारी दलीलें पूरी कर दी गई हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के अंदर अपनी लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है। सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील ने अगली सुनवाई पर कुछ अतिरिक्त दलीलें रखने की अनुमति मांगी।
अदालत ने इस पर विचार करने के बाद 16 मई को अगली सुनवाई तय की है। शिकायतकर्ता की ओर से वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त दस्तावेजों को अदालत के रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी थी जिसे अदालत ने तुरंत स्वीकार कर लिया। शिकायतकर्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि वे अभी मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं कर रहे हैं। वे केवल पुलिस से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील उनके किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उस समय जब 1980 की मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ा गया था, तब सोनिया गांधी को भारतीय नागरिकता नहीं मिली थी।
हो सकता है कि धोखाधड़ी या गलत तरीके से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर यह नाम शामिल किया गया हो। गलत जानकारी देना भी कानून के अनुसार अपराध है। इसलिए यह मामला जांच का विषय है और अदालत को पुलिस को जांच का आदेश देना चाहिए।
पिछली सुनवाई में सोनिया गांधी की ओर से दाखिल जवाब में इस याचिका को तथ्यहीन, राजनीतिक रूप से प्रेरित और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया गया था। वकील विकास त्रिपाठी ने ही यह संशोधन याचिका दाखिल की है। इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने सितंबर महीने में इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कराने की मांग की गई थी।
याचिका में आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को नागरिकता प्राप्त की थी।
हालांकि उनका नाम 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में पहले से ही शामिल था।
याचिका में सवाल उठाए गए कि 1980 में नाम कैसे जोड़ा गया
1982 में इसे अचानक हटा क्यों दिया गया?
जब 1983 में नागरिकता मिली तब किस आधार पर 1980 में नाम शामिल किया गया था?
क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था?
नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इसी के साथ संसद के वर्तमान बजट सत्र का समापन हो गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 फीसदी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किए जाने के साथ हुई। पहले यह सत्र दो अप्रैल को संपन्न होना था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ विधेयक और इससे संबंधित दो अन्य विधेयकों पर चर्चा करने और इन्हें पारित कराने के मकसद से सत्र को बढ़ा दिया गया था। 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी।
‘नारी शक्ति’ से जुड़ा यह संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया। विधेयक पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और नौ पारित किए। पारित किए गए वित्त विधेयकों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक और जन विश्वास संशोधन विधेयक प्रमुख है। उधर, राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
नई दिल्ली। ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर वह पारंपरिक ट्रांजिट शुल्क नहीं लगाएगा, लेकिन इसके बदले एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है जो सुरक्षा समन्वय से जुड़ा होगा।
ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने अल जजीरा मुबाशर से बातचीत में कहा कि सरकार ऐसे कानून पर काम कर रही है जिसमें जहाजों से सीधे गुजरने का शुल्क नहीं, बल्कि जलडमरूमध्य की सुरक्षा के नाम पर फीस ली जा सकती है।
उन्होंने संकेत दिया कि अब इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ पहले से समन्वय करना होगा। रज़ाई के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के “विरोधी सैन्य जहाजों” को यहां से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जबकि “मित्र देशों” के जहाज तय प्रक्रिया के तहत आ-जा सकेंगे।
रज़ाई ने यह भी दोहराया कि होर्मुज की सुरक्षा या प्रबंधन में अमेरिका की किसी भूमिका को ईरान स्वीकार नहीं करता। वहीं, ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, अधिकारी महमूद नबावियन ने कहा है कि कुछ कारोबारी जहाजों को शुल्क देने के बाद इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस रास्ते को पूरी तरह खोलने का फैसला लेबनान में संभावित संघर्षविराम से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इन दोनों मुद्दों के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। ईरान ने साफ कहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को अब तय रूट से ही आना-जाना होगा और इसके लिए तेहरान की अनुमति जरूरी होगी।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रहेगी। कौन सा जहाज कब और कैसे गुजरेगा, यह जमीनी हालात के आधार पर तय होगा, न कि सोशल मीडिया पर चल रही बातों से।
दूसरी ओर, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान, इजरायल और लेबनान को लेकर कूटनीतिक स्तर पर बड़ी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खुला और कारोबार के लिए तैयार बताया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की नौसैनिक ताकत पूरी तरह सक्रिय रहेगी और ईरान के साथ किसी भी समझौते को तब तक पूरी तरह लागू नहीं माना जाएगा, जब तक उस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते।
इस बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बयानों में अंतर साफ नजर आ रहा है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही की अनुमति देगा, लेकिन यह पहले से तय रास्ते के तहत ही संभव होगी।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बघाई ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान के बंदरगाहों पर किसी तरह की समुद्री नाकेबंदी जारी रहती है तो तेहरान भी जवाबी कदम उठाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की जिम्मेदारी ईरान के पास है और जरूरत के हिसाब से वह नरमी भी दिखाएगा। इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब क्षेत्र में तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।
जयपुर। RPSC RAS 2024 Final Result : राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने आरएएस भर्ती 2024 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। इसके इंटरव्यू शुक्रवार को समाप्त हुए थे। एक दिन बाद आयोग ने अंतिम परिणाम जारी कर दिया है।
परीक्षार्थी rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर परिणाम चेक कर सकते हैं। आरपीएससी आरएएस 2024 में बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है। जैसलमेर के वीरेंद्र चारण की दूसरी रैंक है। हेड कॉन्स्टेबल के बेटे वीरेंद्र वर्तमान में तहसीलदार हैं।
अब जल्द ही प्रदेश को 1096 नए प्रशासनिक अधिकारी मिलेंगे। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 अफसर होंगे। इंटरव्यू 1 दिसंबर 2025 से 17 अप्रैल 2026 तक चले।
आयोग के अनुसार कुल 10 उम्मीदवारों का रिजल्ट होल्ड पर है। इनमें 5 का परिणाम सील्ड कवर में है। 3 का परिणाम कोर्ट में मामला लटका होने के कारण रोका है। दो अभ्यर्थियों के रिजल्ट को रोकने का कारण आयोग ने नहीं बताया है।
आरपीएससी आरएएस भर्ती 2024
2 सितंबर 2024: RPSC ने 733 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया।
18 अक्टूबर 2024: कुल 6 लाख 75 हजार (6,75,000) उम्मीदवारों ने आवेदन फॉर्म भरे।
2 फरवरी 2025: प्री-एग्जाम (प्रारंभिक परीक्षा) आयोजित किया गया, जिसमें 3 लाख 75 हजार 657 (3,75,657) उम्मीदवार शामिल हुए।
17 फरवरी 2025: पदों की कुल संख्या बढ़ाकर 1096 कर दी गई, जिनमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 पद शामिल थे।
20 फरवरी 2025: प्री-एग्जाम का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए 21,539 उम्मीदवारों को चयनित किया गया ।
17 और 18 जून 2025: मुख्य परीक्षा (मेंस एग्जाम) आयोजित की गई।
8 अक्टूबर 2025: मेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए 2,461 उम्मीदवारों को सिलेक्ट किया गया।
आरएएस रिजल्ट लिंक
नई आरएएस भर्ती पर संशय की स्थिति आरपीएससी के कैलेंडर में 3 मई को आरएएस प्री एग्जाम प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में आरएएस 2026 को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। सरकार ने जनवरी में 500 पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब तक कार्मिक विभाग से आरपीएससी को भर्ती की सूचना नहीं मिली है। लाखों अभ्यर्थी कंफ्यूज हैं कि 3 मई 2026 को परीक्षा होगी या नहीं।
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने से भारतीय तेल कंपनियों के साथ-साथ आयातकों और निर्यातकों के चेहरे खिल गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था और उसी दिन ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था।
इससे हाहाकार मच गया था क्योंकि दुनिया का 20 फीसदी तेल और करीब एक तिहाई गैस इसी रास्ते से गुजरती है। लेकिन इसके खुलने से अब दुनिया ने राहत की सांस ली है। भारत आ रहे 41 जहाज अब होर्मुज स्ट्रेट को पार करने को तैयार हैं।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन जहाजों में कच्चा तेल, एलपीजी, फर्टिलाइजर और एलएनजी भरा है। इन जहाजों में 26 विदेशी और 15 भारतीय हैं। इनमें से एक दर्जन से अधिक जहाजों में फर्टिलाइजर भरा है जो कि भारत के लिए बहुत जरूरी है।
देश में खरीफ की बुवाई अगले कुछ महीनों में शुरू होने वाली है। भारतीय जहाजों में 10 में कच्चा तेल, चार में एलपीजी और तीन में एलएनजी है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमत में भी भारी गिरावट आई है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 9 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 90.38 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 11.5 फीसदी गिरावट के साथ 87.9 डॉलर तक आ गया था। अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 11.45 फीसदी गिरावट के साथ 83.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 80 डॉलर तक गिर गया था। पिछले 9 कारोबारी दिनों में इसमें 30 फीसदी से अधिक गिरावट आई है।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से फ्रेट रेट्स में भी कमी आएगी। इससे सभी सेक्टर्स को फायदा होगा। निर्यातकों को उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट में जल्दी ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। अमृतसर की कंपनी डीआरआरके फूड्स के एमडी अमित मारवाह ने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया से डिमांड बढ़ेगी। उनकी कंपनी का 18,000 टन बासमती चावल भारतीय बंदरगाहों पर फंसा हुआ है जो अब आगे बढ़ सकता है।
क्या होगा फायदा मारवाह ने कहा, ‘हम पश्चिम एशिया से बल्क डिमांड की उम्मीद कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से फ्रेट रेट में कमी आने की उम्मीद है।’ कंपनी जेद्दा पोर्ट तक सामान पहुंचाने के लिए हर कंटेनर पर 700 डॉलर दे रही थी लेकिन ईरान युद्ध के कारण यह चार से पांच गुना तक बढ़ गया था। निर्यातकों के संगठन फियो के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा, ‘हम न केवल पश्चिम एशिया को सामान भेज पाएंगे, बल्कि यूरोप सामान भेजने के लिए भी रूट शॉर्ट हो जाएगा।’