कोटा के पहले निजी औद्योगिक क्षेत्र अर्बना टेक्नोपार्क का शुभारंभ

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यह प्रोजेक्ट उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करेगा: मूंदड़ा

कोटा। शहर के पहले निजी औद्योगिक पार्क अर्बना टेक्नोपार्क का शुभारंभ शनिवार को समारोहपूर्वक हुआ, जिसमे विभित्र औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों जनप्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों ने भाग लिया।

कंपनी के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने बताया कि उपस्थित उद्यमियों ने परियोजना की संरचना, सुविधाओं को देखते हुए निवेश और युवा उद्यमियों के लिए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ बताया। कम्पनी निदेशक बी.डी. मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नो पार्क केवल औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से कोटा को पुनः औद्योगिक पहचान दिलाने में सहायक बनेगी।

इस अवसर पर अखिल भारतीय माहेश्वरी संगठन (पश्चिमांचल) के उपसभापति राजेश बिरला ने कहा की कोटा शैक्षणिक, पर्यटक नगरी के साथ-साथ पुनः औद्योगिक नगरी की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है। इस अर्बना टेक्नो पार्क में उद्यमियों एवं व्यवसाईयों को अपने उद्योग लगाने में सरल प्रक्रिया के तहत भूखण्ड के साथ समस्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि एक प्राइवेट औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से उद्यमियों को बिना किसी सरकारी झंझटों के अपने उद्योगों के लिए फ्री लैंड के तहत भुखण्ड मिलेंगे, जिसमें किसी भी प्रकार का सरकारी दखल नहीं होगा।

आने वाले समय में हाडोती धीरे-धीरे पर्यटन नगरी की ओर अग्रसर हो रहा है और मुकुंदरा अभ्यारण्य के बिल्कुल नजदीक होने से यहां पर सभी तरह के उद्योग एवं होटल के लिए एक सुनहरा मौका है। इससे कोटा के औद्योगिक विकास के साथ-साथ यहां पर रोजगार के नए क्षेत्र भी विकसित होंगे।

दी एस एस आई एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल ने कहा के इस प्रोजेक्ट की यहां पर अत्यंत आवश्यकता थी। लंबे समय से इस क्षेत्र के उद्योगों के लिए तैयार भूमि का अभाव था, जिसे इस परियोजना ने दूर किया है। यह परियोजना कोटा के औद्योगिक निवेश को एक नई गति देगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।

निदेशक पवन मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नोपार्क NH-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के समीप, कोटा झालावाड़ हाईवे पर शहर से लगभग 22 किमी की दूरी पर है। यह प्रोजेक्ट रेडी-टू-यूज़ इंडस्ट्रियल लैंड है, जहां क्षेत्र में पहली बार विकसित और अनुमोदित औद्योगिक भूमि उपलब्ध है। यहा 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट, MSME से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए उपयुक्त है।

नए उद्यमियों को उद्योग स्थापना से संचालन सहित राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के अंतर्गत लाभ मिलेगा। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली, पानी, आवश्यक सुविधाएं विकसित भी है। इसके शुभारंभ समारोह में कोटा के साथ-साथ जयपुर और राज्य के कई शहरों के व्यापारी उद्यमी शामिल हुए जिन्होंने इस औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर देखा।

इस अवसर पर जयपुर में आए विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों को नए उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं और औपचारिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योग की स्थापना से जुड़ी तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय जानकारी देकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित कसल्टेंसी और मार्गदर्शन की सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी।

समारोह में कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, मोशन के निदेशक नितिन विजय, बिल्डर दीपक राजवंशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज मेहता सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक प्रमुख रूप से शामिल हुए। सभी ने इसे कोटा के भविष्य के लिए निर्णायक पहल बताया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों का मार्ग दर्शन भी किया। परियोजना के सेल्स एवं मार्केटिंग पार्टनर भारत लैंडमार्क रियल्टी एलएलपी के संचालन एवं निष्पादन का कार्य कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार के निर्देशन में किया जा रहा है।

कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा: अनिल मूंदड़ा

इस दौरान पत्रकार वार्ता में अर्बना टेक्नोपार्क के निदेशक अनिल मूंदड़ा ने कहा कि अर्बना टेक्नोंपार्क केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं है। “कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा और अर्बना टेक्नोपार्क उस ताज की पहली कडी है।

उन्होंने कहा कि वे युवा उद्यमियों को केवल जमीन नहीं बेच रहे, बल्कि एक उद्यमी का सपना खड़ा करने में भागीदार बन रहे हैं। भारत एलएलपी के कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्वार ने पत्रकारों को बताया कि प्रथम चरण में 2,29,000 वर्गमीटर का आद्योगिक एवं वाणिज्यिक भूमि उपलब्ध है।

500 से 20,000 वर्गमीटर तक के भूखंड यानी कि नया उद्यमी हो या स्थापित उद्योगपति, दोनों के लिए द्वार खुले हैं। सबसे बड़ी बात है शुभारंभ से पहले ही 70,000 वर्गमीटर से अधिक भूमि की बिक्री हो चुकी है। यह आंकड़ा इस प्रोजेक्ट की खूबियों, आवश्यकता व उपयोगिता के प्रति उद्यमियों का रुझान बताता है।

उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी तरह रेरा में पंजीकृत है। कलेक्टर, कोटा द्वारा ले आउट प्लान अनुमोदित है। इसमें राजस्थान निर्देश प्रोत्साहन योजना (HIPS) के तहत निवेशकों को विशेष सरकारी लाभ भी मिलेगा।