Tuesday, July 28, 2026
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Gold Price: सोना 1.60 लाख और चांदी 3.59 रु. लाख किग्रा के शिखर पर

नई दिल्ली। Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 3.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गया, जबकि सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बेहद करीब पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह तेजी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में बदल रही आर्थिक नीतियों के डर का नतीजा है।

एमसीएक्स पर तेजी से बढ़े भाव
मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 25,101 रुपये यानी 7.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही चांदी ने पहली बार 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और एक हफ्ते में इसमें 16.3% की तेजी आ चुकी थी।

वहीं, सोने की चमक भी और बढ़ गई है। फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 3,783 रुपये (2.42%) उछलकर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए ‘लाइफ-टाइम हाई’ पर पहुंच गया। पिछले एक हफ्ते में सोने की कीमतों में 9.5% यानी करीब 13,520 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

Stock Market: सेंसेक्स 320 अंक उछलकर 81857 पर, निफ्टी 25150 के पार बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed : एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (27 जनवरी) को उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में बढ़त के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 319.78 अंक उछलकर 81,857.48 अंक पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 126.75 अंक की बढ़त के साथ 25,175.40 पर बंद हुआ।

भारत और ईयू के बीच व्यापर समझौते की घोषणा से बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। इसके अलावा प्राइवेट और सरकारी बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 81,436 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 81,088 अंक के नीचले और 82,084 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में 319.01 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढ़त लेकर 81,856.71 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 25,063 अंक पर सपाट खुला लेकिन खुलते ही इसमें गिरावट देखी गई। हालांकि, कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। अंत में 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत की मजबूती लेकर 25,175.40 पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा, ”भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड सौदे को अंतिम रूप दिए जाने से निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा मिला। हालांकि अमेरिका के टैरिफ उपायों के चलते वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने का माहौल बना रहा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली और तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों में कमजोर वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में बड़ी तेजी नहीं आ सकी।”

उन्होंने कहा, ”वैश्विक अनिश्चितताएं बने रहने के बीच निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही दिलचस्पी दिखाते नजर आए और बाजार सीमित दायरे में घूमता रहा। इस दौरान निवेशकों की नजर आगामी केंद्रीय बजट पर टिकी रही।

टैक्स से जुड़ी स्पष्टता, वित्तीय अनुशासन और सरकार की पूंजीगत खर्च की रूपरेखा को लेकर मिलने वाले संकेत आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।’ कुल मिलाकर बाजार अब ज्यादा घटनाओं पर आधारित होता जा रहा है और बजट से जुड़े साफ संकेत मिलने तक इसमें समेकन का रुझान बने रहने की संभावना है।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील और एसबीआई सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयर रहे। इनमें पांच प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, आईटीसी और मारुति सुजुकी इंडिया सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन शेयरों में चार प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। वहीं

ब्रॉडर बाजार इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 0.59 फीसदी और 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के स्तर पर निफ्टी मेटल इंडेक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और तीन प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.4 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.9 प्रतिशत फिसल गया।

India-EU FTA: भारत के 93% सामानों को 27 यूरोपीय देशों में ड्यूटी-फ्री एंट्री

नई दिल्ली। India-EU FTA: करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आखिरकार इतिहास रच दिया। मंगलवार को दोनों पक्षों ने बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की।

यह समझौता हाल के सालों के सबसे बड़े वैश्विक व्यापार सौदों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते के साथ भारत और EU के बीच व्यापार के दरवाजे पहले से कहीं ज्यादा खुल जाएंगे।

EU ने भारत से आने वाले लगभग 99.5 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क कम करने या पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इसके बदले भारत भी EU से आने वाले 97 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स में राहत देगा।

समझौता लागू होते ही भारत अपने और EU के बीच होने वाले व्यापार के 30 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क शून्य कर देगा। अगले 10 सालों में यह दायरा बढ़ते हुए 93 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। दूसरी ओर EU पहले ही दिन से भारत के 90 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा देगा, जबकि बाकी शुल्क सात साल में खत्म होंगे।

करीब दो दशकों से चली बातचीत के बाद हुए इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, क्योंकि इससे लगभग 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा।

फिलहाल भारत-EU वस्तु व्यापार करीब 136 अरब डॉलर है, जो समझौते के लागू होने के 3–4 साल में 200 अरब डॉलर से ऊपर जा सकता है। वहीं सेवाओं का व्यापार, जो अभी 80–85 अरब डॉलर है, उसी अवधि में 125 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ऑटो और स्टील को छोड़कर भारत के लगभग 93% से ज्यादा सामान को EU में जीरो ड्यूटी लगेगी। बाकी 6% से ज्यादा वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती और कोटा-आधारित रियायतें (जैसे ऑटोमोबाइल) दी जाएंगी।

EU, FTA लागू होने के पहले ही दिन भारत से आने वाले 90% सामान पर आयात शुल्क खत्म कर देगा। करीब 3% सामान पर शुल्क सात साल में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस तरह ट्रेड वैल्यू के 99.5% हिस्से पर EU भारत को रियायतें देगा।

ड्यूटी-फ्री पहुंच पाने वाले प्रमुख भारतीय क्षेत्र
टेक्सटाइल्स, परिधान, कपड़े, समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रबर, चमड़ा व फुटवियर, बेस मेटल्स, रत्न व आभूषण, फर्नीचर, खिलौने और खेल सामग्री। फिलहाल इन पर EU में 0 से 26% तक शुल्क लगता है।

सेवाओं के क्षेत्र में EU ने भारत को अब तक की अपनी सबसे बेहतर पेशकश दी है। 155 में से 144 सब-सेक्टर खोले गए हैं, जबकि भारत 102 सब-सेक्टर EU के लिए खोलेगा। इसमें छात्रों की आवाजाही और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा से जुड़े कुछ प्रावधान भी शामिल हैं।

FTA में डिजिटल ट्रेड, स्वच्छता और फाइटोसैनिटरी उपाय, तकनीकी बाधाएं और बौद्धिक संपदा अधिकार पर चैप्टर शामिल हैं। हालांकि ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और सरकारी खरीद पर कोई चैप्टर नहीं है।

0.1% पर आ जाए जाएगा EU का औसत टैरिफ
EU का औसत टैरिफ पहले से ही 3.8% के आसपास है, जो समझौते के बाद भारत के लिए घटकर 0.1% रह जाएगा। कुछ क्षेत्रों जैसे समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक और रबर में ज्यादा शुल्क हैं, जिन्हें EU भारत के लिए पूरी तरह हटाएगा।

इन क्षेत्रों से भारत का निर्यात 2024 में 35 अरब डॉलर था। इसमें से 33.5 अरब डॉलर के सामान पर पहले ही दिन शुल्क हटेगा, और बाकी पर 3, 5 और 7 साल में शून्य हो जाएगा।

ऑटो सेक्टर में कोटा-आधारित रियायत
ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोनों पक्षों ने कोटा-आधारित रियायतों पर सहमति बनाई है। भारत में 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों (पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड) को EU भारत में निर्यात नहीं करेगा; वे चाहें तो यहां मैन्युफैक्चरिंग कर सकते हैं।

25 लाख रुपये से ऊपर के सेगमेंट में EU का इंटरेस्ट ज्यादा है। फिलहाल भारत में कारों पर आयात शुल्क 66% से 125% तक है और कोटा से बाहर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए कोटा समझौते के पांचवें साल से शुरू होगा। कुछ सेगमेंट में शुल्क 35% और कुछ में 30% से शुरू होकर धीरे-धीरे घटेगा।

डेयरी, अनाज पर कोई रियायत नहीं
भारत डेयरी (पनीर सहित), सोया मील और अनाज पर कोई रियायत नहीं देगा। वहीं, EU भी चीनी, बीफ, मांस और पोल्ट्री क्षेत्रों की सुरक्षा करेगा। भारत को EU में टेबल ग्रेप्स के लिए कोटा-आधारित ड्यूटी कटौती मिली है। EU हर साल करीब 1.4 अरब डॉलर के टेबल ग्रेप्स आयात करता है।

अधिकारी के मुताबिक, भारत को करीब 1 अरब डॉलर (85,000 टन) के अंगूरों पर ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। वाइन पर भारत सात साल में शुल्क 150% से घटाकर 20% करेगा। 2.5 यूरो से कम कीमत वाली वाइन पर कोई रियायत नहीं होगी।

FASTag यूजर्स के लिए खुशखबरी! 1 फरवरी से टोल पर झंझट होगा कम, जानिए कैसे

नई दिल्ली। भारत में FASTag सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में National Highways Authority of India (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन के लिए जारी किए जाने वाले नए FASTag पर Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू नहीं होगी।

इस बदलाव का मकसद FASTag जारी होने और उसके इस्तेमाल के दौरान होने वाली देरी, बार-बार दस्तावेज मांगने की परेशानी और यूजर्स की शिकायतों को कम करना है। अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन की पुष्टि के लिए KYV जरूरी होता था।

इस प्रक्रिया में कई बार वैध दस्तावेज होने के बावजूद वाहन चालकों को बार-बार RC अपलोड करनी पड़ती थी, फोटो भेजने पड़ते थे और टैग को दोबारा वेरिफाई कराने की जरूरत पड़ती थी। इससे FASTag एक्टिवेशन में देरी होती थी और यूजर्स को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

नए नियमों के तहत NHAI ने यह जिम्मेदारी पूरी तरह बैंकों को सौंप दी है। अब बैंक FASTag जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच करेंगे।

वाहन का सत्यापन VAHAN डेटाबेस के जरिए किया जाएगा और अगर वहां जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो Registration Certificate (RC) के आधार पर जांच पूरी की जाएगी। इसका मतलब यह है कि टैग एक्टिव होने के बाद अलग से किसी KYV प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Know Your Vehicle (KYV) FASTag सिस्टम का एक अतिरिक्त वेरिफिकेशन चरण था, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता था कि टैग सही वाहन से जुड़ा है और किसी गलत या डुप्लीकेट टैग का इस्तेमाल नहीं हो रहा। हालांकि, व्यवहार में यह प्रक्रिया अक्सर देरी और तकनीकी दिक्कतों की वजह बन रही थी, जिस कारण NHAI ने इसे हटाने का फैसला लिया।

नए नियमों में क्या बदला है
1 फरवरी 2026 के बाद नए कार FASTag पर KYV अनिवार्य नहीं होगा। सभी जरूरी जांच टैग जारी करने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पहले से जारी FASTag धारकों को भी अब नियमित तौर पर KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। केवल उन्हीं मामलों में दोबारा जांच होगी, जहां कोई विशेष शिकायत सामने आए, जैसे टैग का गलत वाहन से जुड़ना, दुरुपयोग, ढीला टैग या गलत तरीके से जारी किया गया FASTag।

आम वाहन चालकों को क्या फायदा होगा
नए नियमों से FASTag खरीदने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। अब टैग लेते ही उसे सीधे इस्तेमाल किया जा सकेगा। बार-बार दस्तावेज अपलोड करने या बैंक और कस्टमर केयर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ शिकायत आधारित मामलों में ही अतिरिक्त जांच की जाएगी, जिससे अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता, पीएम ने किया ऐलान

नई दिल्ली। India-EU FTA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह समझौता भारत और यूरोप की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी है। इससे कारोबार और आम लोगों दोनों को बड़ा फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा उद्योग, रत्न और आभूषण, और चमड़ा उद्योग को फायदा मिलेगा। इससे नए काम के मौके बनेंगे और व्यापार बढ़ेगा।

लोग इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और करोड़ों यूरोपीय लोगों के लिए नए अवसर लेकर आया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की कुल जीडीपी के 25 फीसदी और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समझौता एक साल के भीतर लागू हो सकता है।

करीब 20 साल तक चली बातचीत और देरी के बाद यह समझौता अब साइन हुआ है। इसके तहत भारत अपने बड़े और अब तक काफी हद तक सुरक्षित रहे बाजार को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार के लिए खोलेगा। यूरोपीय संघ इस समय भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन आज नई दिल्ली में होने वाले भारत–EU शिखर सम्मेलन में इस समझौते का संयुक्त रूप से ऐलान किया। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार 136.5 अरब डॉलर का रहा।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों पक्ष अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में बढ़े व्यापारिक तनाव के बीच, अमेरिका ने पिछले साल अगस्त से भारतीय सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है।

समझौते पर पीएम मोदी क्या बोले
इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने समझौते के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ हुए समझौतों को भी मजबूती देगा और वैश्विक व्यापार व सप्लाई चेन को सुदृढ़ करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कपड़ा, जेम्स व ज्वैलरी, चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़े युवाओं और पेशेवरों को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देगा और सेवा क्षेत्र के विस्तार में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह एफटीए दुनिया भर के कारोबारियों और निवेशकों के लिए भारत पर भरोसा और मजबूत करेगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी को लगातार बढ़ा रहा है।

कार प्रेमियों के लिए क्या है खास
इस डील की सबसे बड़ी हेडलाइन कार इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में भारी कटौती है:

  • कितनी कटौती: यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है।
  • शर्त (कैविएट): यह छूट असीमित नहीं है। यह केवल सालाना 2,50,000 गाड़ियों के कोटा पर लागू होगी। यानी हर साल पहली 2.5 लाख यूरोपीय कारों पर ही कम टैक्स लगेगा।
  • किसे फायदा: फॉक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, जो अब तक ऊंचे टैक्स के कारण भारतीय बाजार में सीमित थीं।

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को नो-एंट्री हालांकि, इस खुशी के बीच एक पेंच भी है। स्रोतों के मुताबिक, इस एफटीए डील में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को कोई राहत नहीं दी गई है। यानी टेस्ला या अन्य यूरोपीय ईवी कंपनियों को अभी भी मौजूदा टैक्स चुकाना होगा।

इन सेक्टर को होगा फायदा

वाइन और स्पिरिट्स
यूरोपीय शराब और स्पिरिट्स पर वर्तमान में 150% से 200% तक का भारी शुल्क लगता है। समझौते के तहत यूरोपीय संघ इन शुल्कों में कटौती और प्रमाणन प्रक्रियाओं में छूट मिल सकती है।

कृषि और डेयरी
यूरोपीय संघ अपने पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के साथ-साथ रसायनों और मशीनरी के लिए भी कम टैरिफ चाहता है। जहां डेयरी पर भारत की तरफ से छूट मिलने की संभावना कम है, वहीं रसायन और मशीनरी के लिए बाजार को और ज्यादा खोलने पर सहमति बन सकती है।

सेवा क्षेत्र और निवेश सुरक्षा
यूरोपीय संघ भारत के वित्तीय, कानूनी, बैंकिंग और टेलीकॉम क्षेत्रों में को ज्यादा खोलने की मांग कर रहा है। वह भारत में निवेश करने वाली अपनी लगभग 6,000 कंपनियों के लिए एक पारदर्शी, खुला और अनुमानित नियामक वातावरण चाहता है, जिसमें उनके निवेश और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत की ओर से भी इस पर छूट देने की बात कही गई है।

कच्चा माल और हरित ऊर्जा
यूरोपीय संघ की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति के लिए भारत के कच्चे माल और दुर्लभ खनिजों तक सीधी पहुंच आवश्यक है। इस समझौते से स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

सरकारी खरीद
इस व्यापार समझौते के जरिए यूरोपीय संघ चाहता है कि भारत राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अपने सरकारी खरीद बाजार को यूरोपीय कंपनियों के लिए खोले, जिससे निर्माण, परिवहन और आईटी जैसे क्षेत्रों को लाभ हो।

कमजोर उत्पादन की आशंका से लालमिर्च के भाव में तेजी के आसार

वारंगल। पिछले साल की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान लालमिर्च के घरेलू उत्पादन में काफी गिरावट आने की आशंका है क्योंकि एक तो इसकी बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई और दूसरे, कुछ महत्वपूर्ण उत्पादक क्षेत्रों में थ्रिप्स कीट के आघात एवं बिल्ट के कारण फसल की औसत उपज दर तथा क्वालिटी प्रभावित होने की संभावना है।

घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लालमिर्च की मांग मजबूत बनी हुई है जिससे इसके दाम में अच्छी तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार वारंगल एवं खम्मम की कृषि उपज मंडी में लालमिर्च का भाव तेज हो गया है।

शीत गृहों (कोल्ड स्टोरेज) से माल की भारी निकासी हो रही है। दिसावरी व्यापारियों एवं निर्यातकों की मांग मजबूत बनी हुई है जबकि आपूर्ति अपेक्षाकृत कम हो रही है।

पिछले सप्ताह एक समय लालमिर्च का थोक मंडी भाव उछलकर 22,000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया था जो गत तीन वर्ष का सबसे ऊंचा स्तर था।लेकिन इस शीर्ष स्तर पर दाम टिक नहीं सका और अब गिरकर 15000-18500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच आ गया है। यह मूल्य भी काफी मजबूत माना जा रहा है।

उत्पादकों का कहना है कि ऊंचे में लालमिर्च का मूल्य 18,500 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो किसानों के लिए संतोषजनक स्तर है। तेलंगाना में पांच साल पूर्व लालमिर्च का बिजाई क्षेत्र बढ़कर करीब 1.25 लाख एकड़ पर पहुंच गया था जो 2025 में घटकर 30 हजार एकड़ रह गया।

घटती कीमतों के कारण इस महत्वपूर्ण मसाला फसल की खेती में तेलंगाना के किसानों का उत्साह एवं आकर्षण कम हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अगली नई फसल की क्वालिटी के प्रति चिंता बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में अगैती बिजाई वाली फसल की नई आवक प्रभावित हो रही है। अत्यधिक नमी एवं बारिश से फसल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिल रही है। इसके फलस्वरूप पुराने स्टॉक की मांग मजबूत देखी जा रही है।

50MP के सेल्फी कैमरा वाला वॉटरप्रूफ फोन लॉन्च प्राइस से 20 हजार रुपये सस्ता

नई दिल्ली। साल 2024 में लॉन्च हुआ Motorola Edge 50 Ultra लॉन्च प्राइस से 20 हजार रुपये सस्ता हो गया है। लॉन्च के समय 12जीबी रैम और 512जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की कीमत 59999 रुपये थी। अब यह फोन अमेजन इंडिया पर 39999 रुपये का मिल रहा है।

आप इस फोन को 750 रुपये तक के बैंक डिस्काउंट के साथ भी खरीद सकते हैं। यह ऑफर 31 जनवरी तक रहेगा। फोन पर कंपनी 1999 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है।

फोन पर एक्सचेंज ऑफर भी दिया जा रहा है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
फोन में कंपनी 2712 x 1220 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.7 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले ऑफर कर रही है। यह डिस्प्ले 144Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है और इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 2500 निट्स का है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए फोन में गोरिल्ला ग्लास विक्टस मौजूद है। फोन 12जीबी रैम और 512जीबी के इंटरनल स्टोरेज से लैस है। प्रोसेसर के तौर पर कंपनी इस फोन में स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 चिपसेट दे रही है। फोटोग्राफी के लिए फोन में एलईडी फ्लैश के साथ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है।

इनमें 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी लेंस के साथ एक 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल सेंसर और एक 64 मेगापिक्सल का पोर्ट्रेट टेलिफोटो सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए भी फोन में आपको 50 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा। फोन की बैटरी 4500mAh की है, जो 125 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन 50 वॉट की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है।

फोन ऐंड्रॉयड 14 पर काम करता है। IP68 वॉटरप्रूफिंग रेटिंग वाले इस फोन में दमदार साउंड के लिए स्टीरियो स्पीकर्स के साथ आपको डॉल्बी ऑडियो मिलेगा। कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G SA/NSA, ड्यूल 4G VoLTE, ब्लूटूथ 5.4, जीपीएस और यूएसबी टाइप-C और Wi-Fi 7 802.11ax (2.4GHz/5GHz) MIMO के साथ लगभग सारे ऑप्शन दिए गए हैं।

एमसीएक्स पर चांदी और सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर, जानिए कितने बढे भाव

नई दिल्ली। MCX Gold & Silver Price Today: घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार,27 जनवरी की सुबह सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की आशंका ने भी सोने में तेजी को बढ़ावा दिया।

एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना लगभग 4,000 रुपये (2.4% से अधिक) बढ़कर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एमसीएक्स पर मार्च वायदा चांदी 20,000 रुपये (6%) से अधिक की छलांग लगाकर 3,54,780 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत बना हुआ है। यह लगातार सातवें दिन बढ़त के साथ 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है। डॉलर के कमजोर होने, भू-राजनीतिक तनाव और सरकारी बांड व मुद्राओं से निवेशकों के पलायन ने इस रैली को बढ़ावा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है। चांदी की कीमत भी लगभग 7% चढ़ी।

गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 282 अंक चढ़ा; निफ्टी 25150 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Updates: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (27 जनवरी) को सपाट रुख के साथ खुले। हालांकि, खुलते ही बाजार में गिरावट देखी गई।

शेयर मार्केट गिरावट के ट्रैक से तेजी के ट्रैक पर आ गया है। सेंसेक्स अब 282 अंक ऊपर 81820 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 109 अंक उछलकर 25158 पर पहुंचा गया है।

कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4 पर्सेंट से अधिक टूटकर सेंसेक्स टॉप लूजर हैं। वहीं, एक्सिस बैंक और अल्ट्रटेक में 3 फीसद से अधिक की तेजी है और ये दोनों टॉप गेनर्स हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स जहां 100 अंक नीचे 81436 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 14 अंक ऊपर 25063 पर खुला। हालांकि, चंद मिनट बाद ही सेंसेक्स 81711 के लेवल को टच कर गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नयी टैरिफ धमकी और भारत-ईयू के बीच व्यापार समझौते की घोषणा से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। साथ ही यूरोप से गाड़ियों के आयात पर टैरिफ कम होने की खबरों से ऑटो स्टॉक्स में गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के चलते भी बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। इससे पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर सोमवार, 26 जनवरी, 2026 को भारतीय शेयर बाजार बंद रहा।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया पर ज्यादा टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। शुरुआती गिरावट के बाद दक्षिण कोरिया का कॉपी इंडेक्स संभला और करीब 0.7 प्रतिशत तक चढ़ गया। आखिरी अपडेट तक जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.1 प्रतिशत ऊपर था।

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशक इस हफ्ते आने वाले बड़ी कंपनियों के नतीजों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर होने वाली बैठक का इंतजार कर रहे हैं। S&P 500 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट 0.43 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.64 प्रतिशत चढ़ा।

खोए हुए आधार कार्ड को चंद मिनटों में ऐसे पाएं, जानिए आसान तरीका

नई दिल्ली। अगर आपका Aadhaar Card खो गया है या Aadhaar नंबर भूल गए हैं, तो घबराएं नहीं। UIDAI की डिजिटल सेवाओं से आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से जल्दी और सुरक्षित रूप से अपना आधार रिकवर कर सकते हैं। जानें पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस।

आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय के लिये सबसे आवश्यक पहचान दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में अगर आपका Aadhaar Card खो जाए या चोरी हो जाए, तो यह स्थिति तनावपूर्ण और परेशानी भरी हो सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि Aadhaar खो जाना अब कोई बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि UIDAI ने आसान, तेज और सुरक्षित तरीके उपलब्ध कराए हैं जिनकी मदद से आप अपना खोया हुआ आधार कार्ड या उसका UID/EID नंबर मिनटों में दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।

सबसे पहले क्या करें
सबसे पहली बात अगर आपका आधार कार्ड खो गया है, तो पैनिक करना बंद कर दें। आधार खोने का मतलब यह नहीं है कि आपकी पहचान खो गयी। UIDAI के पास आपके UID/EID नंबर, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षित रूप से स्टोर रहते हैं। सबसे आसान तरीका यह है कि आप UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट या mAadhaar ऐप पर जाएं और ‘Recover Lost Aadhaar’ सेक्शन से अपने आधार नंबर या Enrollment ID (EID) को रिकवर करें।

ऐसे करें रिकवर
अगर आपके पास Aadhaar कार्ड खो गया है और आधार नंबर भी याद नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं। UIDAI ने इसका समाधान भी दिया है:

  • UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाएं।
  • “My Aadhaar” सेक्शन में जाकर “Retrieve Lost or Forgotten UID/EID” ऑप्शन चुनें।
  • अपना नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करें।मोबाइल पर आए OTP से वेरिफाइ करें।
  • OTP वेरिफिकेशन के बाद आपका UID/EID नंबर SMS के जरिए मिल जाएगा।

यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, सुरक्षित और तेज है। इसका फायदा यह है कि आपको घर से बाहार जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

e-Aadhaar कैसे डाउनलोड करें
एक बार आपका Aadhaar नंबर मिल जाए, तो आप e-Aadhaar को तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं: UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और ‘Download Aadhaar’ सेक्शन चुनें। Aadhaar नंबर दर्ज करें। वेरिफिकेशन के लिये OTP अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त करें। OTP डालने के बाद आपका e-Aadhaar PDF डाउनलोड हो जाएगा। यह PDF फाइल आपके मोबाइल या लैपटॉप में सुरक्षित रख सकते हैं, और जरूरत पड़ने पर इसका प्रिंट आउट ले सकते हैं।