Tuesday, July 28, 2026
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जैन सोशल ग्रुप ‘अनुभव’ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने ली सेवा की शपथ

कोटा। Digambar Jain Social Group Anubhav Oath ceremony: गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप ‘अनुभव’ का शपथ ग्रहण समारोह जैन जनउपयोगी भवन आरोग्य नगर में सम्पन्न हुआ। फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुरेश चांदवाड़ ने अशोक जैन ‘जोरा’ को अध्यक्ष, विमल कुमार जैन को सचिव तथा इंजीनियर प्रकाशचंद जैन को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। साथ ही 25 पदाधिकारियों एवं 7 नवसदस्यों को भी दायित्व एवं सेवा की शपथ ग्रहण कराई गई।

कार्यक्रम का संचालन फेडरेशन के राष्ट्रीय अतिरिक्त महासचिव जे.के. जैन ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश एस.के. जैन उपस्थित रहे। अध्यक्षीय उद्बोधन में अशोक जोरा ने यंग सिनियर सिटिजन स्पर्रिट से कार्य करने की बात कही वहीं।

मुख्य अतिथि एस.के. जैन ने सेवा कार्यो की प्रशंसा की और उससे बहुत प्रभाावित हुए वर्ष भर किए गए कार्यो को देखकर बहुत प्रभावित हुए और मुख्य अतिथि ने अनुभव ग्रुप की सदस्यता ग्रहण की। समारोह के दौरान समाजसेवा के अंतर्गत प्रदीप पाटनी के सौजन्य से जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया गया।

पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र बज ने गत वर्ष के कार्यों एवं उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। पूर्व अध्यक्ष धर्मचंद काला के सहयोग से तीन जरूरतमंद महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह पेंशन योजना प्रारंभ की गई। साथ ही समूह की डायरेक्टरी का विमोचन किया गया जिसमें धर्मचंद काला, विमल जैन वर्धमान, बाबूलाल जैन एवं महावीर जैन रामगढ़ सहयोगी रहे।

पर्यटक ग्रुपों ने पर्यटन स्थलों का अवलोकन कर कोटा में गणतंत्र दिवस मनाया

होटल फेडरेशन कोटा डिवीजन ने पर्यटकों के लिए सम्पूर्ण व्यवस्था कोअंजाम दिया

कोटा। दिल्ली के करीब 30 डॉक्टरों के एक पर्यटक ग्रुप ने कोटा के पर्यटन स्थलों का अवलोकन कर यहीं गणतंत्र दिवस मनाने की इच्छा जाहिर की। पर्यटकों के ग्रुप का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर आलोक चंद्र जोहरी के आग्रह को होटल फेडरेशन ने स्वीकार कर उनके ठहरने, पर्यटन स्थलों के भ्रमण व अन्य व्यवस्थाओं को एक रिसोर्ट पर अंजाम दिया। इनके साथ एक इवेंट कंपनी द्वारा भी उनके गणतंत्र दिवस मनाने का एक बेहतरीन आयोजन एक निजी रिर्सोर्ट पर किया गया।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि सभी अतिथियों ने कोटा प्रवास का भरपूर लुफ्त उठाया और यहां के पर्यटक स्थलों का अवलोकन कर उनको सराहा। सभी अतिथियों को चंबल रिवर फ्रंट, सिटी पार्क, किशोर सागर तालाब, अभेड़ा महल, गढ़ पैलेस सहित कई पर्यटक स्थल दिखाए गए।

इस दौरान होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं उनकी टीम द्वारा भव्य स्वागत करते हुए हाड़ोती के पर्यटक स्थलों पर बनाई गयी सेवीनियर भेंट की। कोटा आए सभी पर्यटक साथियों ने यहां के पर्यटन स्थलों एवं आतिथ्य सत्कार की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में हाड़ोती देश का ही नहीं विश्व के नये पर्यटन हब के रूप में उभरेगा।

अब कोटा स्टेशन पर एटीवीएम से टिकट निकालना हुआ और भी आसान

कोटा। कोटा मंडल में यात्री बिना स्मार्ट कार्ड के यूपीआई भुगतान से स्वयं निकाल अनारक्षित टिकट सकते हैं। रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे कोटा मंडल द्वारा ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन के माध्यम से टिकट निकालने की प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सहज बनाया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेल प्रशासन का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देना, टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करना तथा यात्रियों का समय बचाना है। एटीवीएम मशीनों के माध्यम से अनारक्षित टिकट अब कुछ ही मिनटों में आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।

एटीवीएम से टिकट निकालने की प्रक्रिया
यात्री निम्नलिखित आसान चरणों का पालन कर एटीवीएम से टिकट प्राप्त कर सकते हैं

  • एटीवीएम स्क्रीन पर उपलब्ध “अन्य स्टेशन” विकल्प पर क्लिक करें।
  • कीबोर्ड के माध्यम से स्टेशन का नाम टाइप कर स्टेशन का चयन करें।
  • यात्रा का विवरण भरें एवं भुगतान विकल्प चुनें।
  • स्क्रीन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान करें।
  • भुगतान पूर्ण होते ही मशीन से टिकट प्राप्त करें।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि एटीवीएम मशीन पर कोई कर्मचारी या फैसिलिटेटर तैनात हो, तब भी यात्री बिना किसी सहायता के स्वयं टिकट निकाल सकते हैं। यात्रियों को स्वावलंबी बनाना तथा डिजिटल टिकटिंग को प्रोत्साहित करना रेलवे की प्राथमिकता है।

Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 100 रुपये उछलकर 5501 रुपए बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 100 रुपये, चना और उड़द बेस्ट 50 रुपये तेज रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे –

गेहूं 2451 से 2511 ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800 जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201 धान (1509) 3000 से 3631 धान (1847) 2800 से 3501 धान (1718) 2600 से 3925, धान (पूसा-1) 2400 से 3800, धान (1401) 3400 से 3850, धान दागी 1200 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 3500 से 5501, सरसो 6200 से 6850, अलसी 7500 से 8500, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 7600 चना देशी 4700 से 5300, चना मौसमी 4700 से 5200, चना पेप्सी 4800 से 5251,चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3000 से 12500, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9000, धनिया ईगल 8500 से 9200 रुपये प्रति क्विंटल।

बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों की हड़ताल से कोटा जिले में करोड़ों का कारोबार प्रभावित

कोटा। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस आव्हान पर कोटा जिले में मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल पूरी तरह कामयाब रही।

यूनाइटेड फोरम के संयोजक पदम कुमार पाटोदी ने बताया कि 300 बैंक शाखाओं के लगभग दो हजार बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों के काम पर नहीं जाने से सरकारी बैंकों में नगद जमा, भुगतान, ट्रांसफर, नेफ्ट, आरटीजीएस, ऋण एवं सभी बैंकिंग कार्य पूरी तरह से ठप्प रहें। बैंक शाखाओं के ताले भी नहीं खुले। इस एक दिन की हड़ताल से लगभग करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।

पाटोदी ने बताया कि हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा झालावाड़ रोड शाखा के समक्ष जोशीले नारों के साथ बारिश में भीगते हुए विशाल रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मी एवं अधिकारियों ने कोटा के मुख्य स्थल छावनी चौराहा पर पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर जोशीले नारे लगाए।। बाद में रैली बैंक ऑफ बड़ौदा झालावाड़ रोड शाखा के सामने आईबीए एवं वित्त मंत्री के पुतले का दहन करने के बाद समाप्त हुई।

प्रदर्शनकारियों को बैंक कर्मी नेता ललित गुप्ता, अशोक ढल, हेमराज सिंह गौड़, रमेश सिंह, अमित पंचोली, अनिल ऐरन, आरडी मालव, नरेंद्र सिंह, यतीश शर्मा, देवेंद्र सिंह, बृजेश काला, पंकज जैन, राजेश अग्रवाल, रवि कुमार शर्मा, सागर आजवानी, अधिकारी नेता सुहासवर्धन सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, दानिश इमरान हाशमी, लोकेश सोनी, बृजमोहन सेन, गौरव मीणा ने सम्बोधित किया।

उन्होंने बताया कि आईबीए एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा सरकार को 8 दिसंबर 2023 के जॉइंट नोट एवं 7 मार्च 2024 के हुए समझौते में प्रतिदिन 40 मिनट अधिक काम करने की सहमति की सूचना सरकार को भेज दी थी।

लगभग दो साल बाद भी सरकार द्वारा सकारात्मक नहीं उठाने पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 8 जनवरी को 27 जनवरी की हड़ताल का आव्हान किया गया। उन्होंने बताया कि 22 एवं 23 जनवरी को भी केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष कोई निर्णय नहीं निकलने के कारण हड़ताल की है। प्रदर्शन एवं रैली में सेवानिवृत्त बैंककर्मी नेता आरके जैन, एलआर सिंह एवं संजीव झा भी उपस्थित थे।

Gold Price: सोना 1.60 लाख और चांदी 3.59 रु. लाख किग्रा के शिखर पर

नई दिल्ली। Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 3.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गया, जबकि सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बेहद करीब पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह तेजी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में बदल रही आर्थिक नीतियों के डर का नतीजा है।

एमसीएक्स पर तेजी से बढ़े भाव
मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 25,101 रुपये यानी 7.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही चांदी ने पहली बार 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और एक हफ्ते में इसमें 16.3% की तेजी आ चुकी थी।

वहीं, सोने की चमक भी और बढ़ गई है। फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 3,783 रुपये (2.42%) उछलकर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए ‘लाइफ-टाइम हाई’ पर पहुंच गया। पिछले एक हफ्ते में सोने की कीमतों में 9.5% यानी करीब 13,520 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

Stock Market: सेंसेक्स 320 अंक उछलकर 81857 पर, निफ्टी 25150 के पार बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed : एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (27 जनवरी) को उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में बढ़त के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 319.78 अंक उछलकर 81,857.48 अंक पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 126.75 अंक की बढ़त के साथ 25,175.40 पर बंद हुआ।

भारत और ईयू के बीच व्यापर समझौते की घोषणा से बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। इसके अलावा प्राइवेट और सरकारी बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 81,436 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 81,088 अंक के नीचले और 82,084 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में 319.01 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढ़त लेकर 81,856.71 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 25,063 अंक पर सपाट खुला लेकिन खुलते ही इसमें गिरावट देखी गई। हालांकि, कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। अंत में 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत की मजबूती लेकर 25,175.40 पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा, ”भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड सौदे को अंतिम रूप दिए जाने से निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा मिला। हालांकि अमेरिका के टैरिफ उपायों के चलते वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने का माहौल बना रहा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली और तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों में कमजोर वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में बड़ी तेजी नहीं आ सकी।”

उन्होंने कहा, ”वैश्विक अनिश्चितताएं बने रहने के बीच निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही दिलचस्पी दिखाते नजर आए और बाजार सीमित दायरे में घूमता रहा। इस दौरान निवेशकों की नजर आगामी केंद्रीय बजट पर टिकी रही।

टैक्स से जुड़ी स्पष्टता, वित्तीय अनुशासन और सरकार की पूंजीगत खर्च की रूपरेखा को लेकर मिलने वाले संकेत आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।’ कुल मिलाकर बाजार अब ज्यादा घटनाओं पर आधारित होता जा रहा है और बजट से जुड़े साफ संकेत मिलने तक इसमें समेकन का रुझान बने रहने की संभावना है।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील और एसबीआई सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयर रहे। इनमें पांच प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, आईटीसी और मारुति सुजुकी इंडिया सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन शेयरों में चार प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। वहीं

ब्रॉडर बाजार इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 0.59 फीसदी और 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के स्तर पर निफ्टी मेटल इंडेक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और तीन प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.4 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.9 प्रतिशत फिसल गया।

India-EU FTA: भारत के 93% सामानों को 27 यूरोपीय देशों में ड्यूटी-फ्री एंट्री

नई दिल्ली। India-EU FTA: करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आखिरकार इतिहास रच दिया। मंगलवार को दोनों पक्षों ने बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की।

यह समझौता हाल के सालों के सबसे बड़े वैश्विक व्यापार सौदों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते के साथ भारत और EU के बीच व्यापार के दरवाजे पहले से कहीं ज्यादा खुल जाएंगे।

EU ने भारत से आने वाले लगभग 99.5 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क कम करने या पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इसके बदले भारत भी EU से आने वाले 97 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स में राहत देगा।

समझौता लागू होते ही भारत अपने और EU के बीच होने वाले व्यापार के 30 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क शून्य कर देगा। अगले 10 सालों में यह दायरा बढ़ते हुए 93 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। दूसरी ओर EU पहले ही दिन से भारत के 90 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा देगा, जबकि बाकी शुल्क सात साल में खत्म होंगे।

करीब दो दशकों से चली बातचीत के बाद हुए इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, क्योंकि इससे लगभग 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा।

फिलहाल भारत-EU वस्तु व्यापार करीब 136 अरब डॉलर है, जो समझौते के लागू होने के 3–4 साल में 200 अरब डॉलर से ऊपर जा सकता है। वहीं सेवाओं का व्यापार, जो अभी 80–85 अरब डॉलर है, उसी अवधि में 125 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ऑटो और स्टील को छोड़कर भारत के लगभग 93% से ज्यादा सामान को EU में जीरो ड्यूटी लगेगी। बाकी 6% से ज्यादा वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती और कोटा-आधारित रियायतें (जैसे ऑटोमोबाइल) दी जाएंगी।

EU, FTA लागू होने के पहले ही दिन भारत से आने वाले 90% सामान पर आयात शुल्क खत्म कर देगा। करीब 3% सामान पर शुल्क सात साल में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस तरह ट्रेड वैल्यू के 99.5% हिस्से पर EU भारत को रियायतें देगा।

ड्यूटी-फ्री पहुंच पाने वाले प्रमुख भारतीय क्षेत्र
टेक्सटाइल्स, परिधान, कपड़े, समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रबर, चमड़ा व फुटवियर, बेस मेटल्स, रत्न व आभूषण, फर्नीचर, खिलौने और खेल सामग्री। फिलहाल इन पर EU में 0 से 26% तक शुल्क लगता है।

सेवाओं के क्षेत्र में EU ने भारत को अब तक की अपनी सबसे बेहतर पेशकश दी है। 155 में से 144 सब-सेक्टर खोले गए हैं, जबकि भारत 102 सब-सेक्टर EU के लिए खोलेगा। इसमें छात्रों की आवाजाही और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा से जुड़े कुछ प्रावधान भी शामिल हैं।

FTA में डिजिटल ट्रेड, स्वच्छता और फाइटोसैनिटरी उपाय, तकनीकी बाधाएं और बौद्धिक संपदा अधिकार पर चैप्टर शामिल हैं। हालांकि ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और सरकारी खरीद पर कोई चैप्टर नहीं है।

0.1% पर आ जाए जाएगा EU का औसत टैरिफ
EU का औसत टैरिफ पहले से ही 3.8% के आसपास है, जो समझौते के बाद भारत के लिए घटकर 0.1% रह जाएगा। कुछ क्षेत्रों जैसे समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक और रबर में ज्यादा शुल्क हैं, जिन्हें EU भारत के लिए पूरी तरह हटाएगा।

इन क्षेत्रों से भारत का निर्यात 2024 में 35 अरब डॉलर था। इसमें से 33.5 अरब डॉलर के सामान पर पहले ही दिन शुल्क हटेगा, और बाकी पर 3, 5 और 7 साल में शून्य हो जाएगा।

ऑटो सेक्टर में कोटा-आधारित रियायत
ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोनों पक्षों ने कोटा-आधारित रियायतों पर सहमति बनाई है। भारत में 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों (पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड) को EU भारत में निर्यात नहीं करेगा; वे चाहें तो यहां मैन्युफैक्चरिंग कर सकते हैं।

25 लाख रुपये से ऊपर के सेगमेंट में EU का इंटरेस्ट ज्यादा है। फिलहाल भारत में कारों पर आयात शुल्क 66% से 125% तक है और कोटा से बाहर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए कोटा समझौते के पांचवें साल से शुरू होगा। कुछ सेगमेंट में शुल्क 35% और कुछ में 30% से शुरू होकर धीरे-धीरे घटेगा।

डेयरी, अनाज पर कोई रियायत नहीं
भारत डेयरी (पनीर सहित), सोया मील और अनाज पर कोई रियायत नहीं देगा। वहीं, EU भी चीनी, बीफ, मांस और पोल्ट्री क्षेत्रों की सुरक्षा करेगा। भारत को EU में टेबल ग्रेप्स के लिए कोटा-आधारित ड्यूटी कटौती मिली है। EU हर साल करीब 1.4 अरब डॉलर के टेबल ग्रेप्स आयात करता है।

अधिकारी के मुताबिक, भारत को करीब 1 अरब डॉलर (85,000 टन) के अंगूरों पर ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। वाइन पर भारत सात साल में शुल्क 150% से घटाकर 20% करेगा। 2.5 यूरो से कम कीमत वाली वाइन पर कोई रियायत नहीं होगी।

FASTag यूजर्स के लिए खुशखबरी! 1 फरवरी से टोल पर झंझट होगा कम, जानिए कैसे

नई दिल्ली। भारत में FASTag सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में National Highways Authority of India (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन के लिए जारी किए जाने वाले नए FASTag पर Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू नहीं होगी।

इस बदलाव का मकसद FASTag जारी होने और उसके इस्तेमाल के दौरान होने वाली देरी, बार-बार दस्तावेज मांगने की परेशानी और यूजर्स की शिकायतों को कम करना है। अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन की पुष्टि के लिए KYV जरूरी होता था।

इस प्रक्रिया में कई बार वैध दस्तावेज होने के बावजूद वाहन चालकों को बार-बार RC अपलोड करनी पड़ती थी, फोटो भेजने पड़ते थे और टैग को दोबारा वेरिफाई कराने की जरूरत पड़ती थी। इससे FASTag एक्टिवेशन में देरी होती थी और यूजर्स को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

नए नियमों के तहत NHAI ने यह जिम्मेदारी पूरी तरह बैंकों को सौंप दी है। अब बैंक FASTag जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच करेंगे।

वाहन का सत्यापन VAHAN डेटाबेस के जरिए किया जाएगा और अगर वहां जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो Registration Certificate (RC) के आधार पर जांच पूरी की जाएगी। इसका मतलब यह है कि टैग एक्टिव होने के बाद अलग से किसी KYV प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Know Your Vehicle (KYV) FASTag सिस्टम का एक अतिरिक्त वेरिफिकेशन चरण था, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता था कि टैग सही वाहन से जुड़ा है और किसी गलत या डुप्लीकेट टैग का इस्तेमाल नहीं हो रहा। हालांकि, व्यवहार में यह प्रक्रिया अक्सर देरी और तकनीकी दिक्कतों की वजह बन रही थी, जिस कारण NHAI ने इसे हटाने का फैसला लिया।

नए नियमों में क्या बदला है
1 फरवरी 2026 के बाद नए कार FASTag पर KYV अनिवार्य नहीं होगा। सभी जरूरी जांच टैग जारी करने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पहले से जारी FASTag धारकों को भी अब नियमित तौर पर KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। केवल उन्हीं मामलों में दोबारा जांच होगी, जहां कोई विशेष शिकायत सामने आए, जैसे टैग का गलत वाहन से जुड़ना, दुरुपयोग, ढीला टैग या गलत तरीके से जारी किया गया FASTag।

आम वाहन चालकों को क्या फायदा होगा
नए नियमों से FASTag खरीदने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। अब टैग लेते ही उसे सीधे इस्तेमाल किया जा सकेगा। बार-बार दस्तावेज अपलोड करने या बैंक और कस्टमर केयर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ शिकायत आधारित मामलों में ही अतिरिक्त जांच की जाएगी, जिससे अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता, पीएम ने किया ऐलान

नई दिल्ली। India-EU FTA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह समझौता भारत और यूरोप की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी है। इससे कारोबार और आम लोगों दोनों को बड़ा फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा उद्योग, रत्न और आभूषण, और चमड़ा उद्योग को फायदा मिलेगा। इससे नए काम के मौके बनेंगे और व्यापार बढ़ेगा।

लोग इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और करोड़ों यूरोपीय लोगों के लिए नए अवसर लेकर आया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की कुल जीडीपी के 25 फीसदी और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समझौता एक साल के भीतर लागू हो सकता है।

करीब 20 साल तक चली बातचीत और देरी के बाद यह समझौता अब साइन हुआ है। इसके तहत भारत अपने बड़े और अब तक काफी हद तक सुरक्षित रहे बाजार को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार के लिए खोलेगा। यूरोपीय संघ इस समय भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन आज नई दिल्ली में होने वाले भारत–EU शिखर सम्मेलन में इस समझौते का संयुक्त रूप से ऐलान किया। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार 136.5 अरब डॉलर का रहा।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों पक्ष अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में बढ़े व्यापारिक तनाव के बीच, अमेरिका ने पिछले साल अगस्त से भारतीय सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है।

समझौते पर पीएम मोदी क्या बोले
इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने समझौते के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ हुए समझौतों को भी मजबूती देगा और वैश्विक व्यापार व सप्लाई चेन को सुदृढ़ करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कपड़ा, जेम्स व ज्वैलरी, चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़े युवाओं और पेशेवरों को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देगा और सेवा क्षेत्र के विस्तार में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह एफटीए दुनिया भर के कारोबारियों और निवेशकों के लिए भारत पर भरोसा और मजबूत करेगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी को लगातार बढ़ा रहा है।

कार प्रेमियों के लिए क्या है खास
इस डील की सबसे बड़ी हेडलाइन कार इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में भारी कटौती है:

  • कितनी कटौती: यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है।
  • शर्त (कैविएट): यह छूट असीमित नहीं है। यह केवल सालाना 2,50,000 गाड़ियों के कोटा पर लागू होगी। यानी हर साल पहली 2.5 लाख यूरोपीय कारों पर ही कम टैक्स लगेगा।
  • किसे फायदा: फॉक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, जो अब तक ऊंचे टैक्स के कारण भारतीय बाजार में सीमित थीं।

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को नो-एंट्री हालांकि, इस खुशी के बीच एक पेंच भी है। स्रोतों के मुताबिक, इस एफटीए डील में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को कोई राहत नहीं दी गई है। यानी टेस्ला या अन्य यूरोपीय ईवी कंपनियों को अभी भी मौजूदा टैक्स चुकाना होगा।

इन सेक्टर को होगा फायदा

वाइन और स्पिरिट्स
यूरोपीय शराब और स्पिरिट्स पर वर्तमान में 150% से 200% तक का भारी शुल्क लगता है। समझौते के तहत यूरोपीय संघ इन शुल्कों में कटौती और प्रमाणन प्रक्रियाओं में छूट मिल सकती है।

कृषि और डेयरी
यूरोपीय संघ अपने पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के साथ-साथ रसायनों और मशीनरी के लिए भी कम टैरिफ चाहता है। जहां डेयरी पर भारत की तरफ से छूट मिलने की संभावना कम है, वहीं रसायन और मशीनरी के लिए बाजार को और ज्यादा खोलने पर सहमति बन सकती है।

सेवा क्षेत्र और निवेश सुरक्षा
यूरोपीय संघ भारत के वित्तीय, कानूनी, बैंकिंग और टेलीकॉम क्षेत्रों में को ज्यादा खोलने की मांग कर रहा है। वह भारत में निवेश करने वाली अपनी लगभग 6,000 कंपनियों के लिए एक पारदर्शी, खुला और अनुमानित नियामक वातावरण चाहता है, जिसमें उनके निवेश और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत की ओर से भी इस पर छूट देने की बात कही गई है।

कच्चा माल और हरित ऊर्जा
यूरोपीय संघ की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति के लिए भारत के कच्चे माल और दुर्लभ खनिजों तक सीधी पहुंच आवश्यक है। इस समझौते से स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

सरकारी खरीद
इस व्यापार समझौते के जरिए यूरोपीय संघ चाहता है कि भारत राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अपने सरकारी खरीद बाजार को यूरोपीय कंपनियों के लिए खोले, जिससे निर्माण, परिवहन और आईटी जैसे क्षेत्रों को लाभ हो।