Wednesday, July 15, 2026
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अमेरिका व ईरान युद्ध के बीच भारत किसके साथ, जानिए पीएम मोदी का जवाब

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक निजी न्यूज चैनल के शिखर सम्मेलन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने देश की चिंता नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाने की फिक्र में रहकर गलत फैसले लिए।

पीएम मोदी ने विशेष रूप से यूपीए काल में जारी किए गए तेल बांडों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए आने वाली पीढ़ियों पर भारी वित्तीय बोझ डाला। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने अपने पत्ते खोले और साफ-साफ बताया कि वे किसके साथ हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि उस समय पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें संकट में थीं, लेकिन कांग्रेस देश की नहीं, अपनी सत्ता की चिंता कर रही थी। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हवाले से कहा कि उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि यह फैसला गलत था और इससे आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ पड़ेगा।

पीएम मोदी ने ‘रिमोट कंट्रोल’ से सरकार चलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूर से सरकार चला रहे थे, उन्होंने सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय लिया, क्योंकि उस समय कोई जवाबदेही नहीं थी।

उन्होंने खुलासा किया कि इन बांडों का भुगतान 2020 के बाद शुरू हुआ और ब्याज सहित कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस के इस ‘पाप’ को धोने का काम किया है, जिसकी कीमत कम नहीं रही।

वैश्विक परिदृश्य पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, लेकिन भारत ने मजबूत और व्यापक साझेदारियां बनाई हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के बीच भारत ने खाड़ी देशों से लेकर वैश्विक पश्चिम और दक्षिण तक सभी के साथ विश्वसनीय साझेदारी कायम की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पूछते हैं कि हम किसके साथ हैं? मेरा जवाब है- हम भारत के साथ हैं। हम भारत के हितों, शांति और संवाद के साथ हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला लड़खड़ा रही है, लेकिन भारत ने विविधीकरण और लचीलेपन का मॉडल पेश किया है। ऊर्जा, उर्वरक और आवश्यक वस्तुओं के मामले में सरकार ने नागरिकों को न्यूनतम परेशानी देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। कोरोना महामारी के बाद से लगातार चुनौतियां आईं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास से देश हर विपदा से पार पा रहा है।

उन्होंने हाल की 23 दिनों की उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में भी भारत ने अपनी कूटनीति, निर्णय क्षमता और संकट प्रबंधन की ताकत दिखाई है। दुनिया भारत की नीति और रणनीति से आश्चर्यचकित है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत प्रगति, विकास और विश्वास के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका की वालेरो रिफाइनरी में धमाके साथ लगी आग, जानिए किसकी है साजिश

नई दिल्ली। US-Iran War: अमेरिका के टेक्सास में स्थित वालेरो एनर्जी रिफाइनरी में जोरदार धमाका हुआ है। यह धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की जमीन हिल गई। घटना का विडियो भी सामने आया है। धमाके के बाद रिफाइनरी में आग लग गई।

यहां से काला धुआं उठता देखा गया है। हालांकि इस धमाके की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। फिलहाल इसका कोई लिंक ईरान के साथ नहीं पाया गया है। जानकारी के मुताबिक यह धमाका 23 मार्च को स्थानीय समय के मुताबिक शाम के 7 बजकर 22 मिनट पर हुआ।

आसपास के लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घर हिल गए और खिड़कियां टूट गईं। इसके बाद रिफाइनरी से भयंकर काला धुआं उठता हुआ देखा गया। पोर्ट आर्थर में फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा, यह धमाका किस वजह से हुआ, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल आग बुझाने की कोशिश जारी है।

अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इस धमाके में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। आसपास के घरों को खाली कराया गया है। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस विस्फोट के बाद लगी आग से हवा में कोई जहरीला पदार्थ तो नहींघुला है। प्रशासन ने लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी है।

अमेरिका की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक
वालेरो पोर्ट आर्थर रिफाइनरी टेक्स्सा गल्फ कोस्ट से लगभग 90 मील की दूरी पर स्थित है। यहां लगभग 770 कर्मचारी का मकरते हैं। एक दिन में यहां 435000 बैरेल गैसोलीन, डीजल और जेट फ्यूल रिफाइन किया जाता है। जानकारों का कहना है कि इस रिफाइनरी में आग लगने के बाद ऑपरेशन रुक सकता है। इसका असर क्षेत्रीय फ्यूल सप्लाई पर भी पड़ सकता है।

एक जानकार ने अनुमान लगाया है कि हीटिंग यूनिट में विस्फोट आग लगने की वजह हो सकती है। बता दें कि ईरान से युद्ध के बीच अफवाह यह भी फैल रही है कि ईरान ने ही यह हमला किया है। हालांकि अगर ईरान की सैन्य क्षमता देखें तो उसकी मिसाइलें अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं।

एमसीएक्स पर चांदी 9500 रुपये सस्ती, सोना भी औंधे मुंह गिरा, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार 24 मार्च को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच निवेशकों की सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग कमजोर पड़ी, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम टूट गए।

एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो 4.21% या 9,474 रुपये टूटकर 215,693 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि एमसीएक्स सोना भी 1.77% या 2,460 रुपये फिसलकर 136,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

इससे पहले ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 9:16 बजे हाजिर सोना 1.5% गिरकर 4,340.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 3.3% फिसलकर 66.81 डॉलर पर आ गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट आई।

इससे पहले एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोना करीब 1.5% गिरकर 4,370 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 3.3% फिसलकर 67 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी।

मार्च 2026 में सोना और चांदी के बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने अब तक दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में 20% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जो करीब 45 वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस तेज गिरावट के साथ ही गोल्ड और सिल्वर अब ‘बेयर मार्केट’ के दायरे में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट जारी है। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां मार्च के दौरान कीमतें करीब 12% से 17% तक टूट चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा माहौल में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिससे बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है।

हाल ही में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई से करीब 20–25% तक नीचे आ चुकी हैं। वहीं चांदी में गिरावट और भी तेज रही है, जिसने निवेशकों को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में तेजी के बाद अब बड़ा करेक्शन चल रहा है।

गिरावट के पीछे बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोना अन्य देशों के लिए महंगा हो गया, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का दबाव बढ़ा है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं।

ऊंची ब्याज दरों का माहौल सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक माना जाता है। इसके अलावा, बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ने पर निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर और दबाव आया।

आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार अमेरिका-ईरान और मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद सोना अपनी चमक बरकरार नहीं रख पाया। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण सोने की ‘सेफ हेवन’ वाली छवि को इस बार झटका लगा है।

बाजार जानकारों के अनुसार, मौजूदा गिरावट शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बढ़ा सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी साबित हो सकती है। हालांकि, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने और चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

Stock Market: सेंसेक्स 1516 अंक उछल कर 74200 के पार, निफ्टी 22878 पर खुला

नई दिल्ली। Stock Market, March 24, 2026 : शेयर मार्केट मंगलवार को बड़ी उछाल के साथ खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1516 अंकों की बंपर बढ़त के साथ 74212 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 365 अंक ऊपर 22878 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा।

सेंसेक्स में इंडिगो, ईटरनल, एशियन पेंट्स करीब 3 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, टाइटन, कोटक बैंक, एलएंडटी, ट्रेंट, बीईएल और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी है। सेंसेक्स पर केवल पावर ग्रिड ही लाल निशान पर है और इसमें 1.41 प्रतिशत की गिरावट है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजारों में जोरदार उछाल
    तनाव कम होने के संकेतों के बाद एशियाई बाजारों में मंगलवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 में 2.2%, टॉपिक्स में 2.47%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी में 3.5%, कोस्डैक में 3.29% की भारी तेजी दर्ज की गई। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स भी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहे हैं।
  • गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव संकेत
    गिफ्ट निफ्टी करीब 22,909 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 395 अंकों का प्रीमियम दिखाता है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में अच्छी ओपनिंग हो सकती है।
  • वॉल स्ट्रीट में मजबूत तेजी
    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले टालने के फैसले के बाद वॉल स्ट्रीट में मजबूती आई। डॉऊ जोन्स 1.38% ऊपर 46,208.47 पर बंद हुआ और S&P 500 1.15% ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। नैस्डैक भी 1.38% की तेजी के साथ बंद हुआ।

जंगल कटाई के खिलाफ हुंकार, बारां से शाहबाद तक जनजागृति विरासत यात्रा

जयपुर /बारां। Save Shahabad Forest: शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत अंतरराष्ट्रीय जल दिवस एवं विश्व वानिकी दिवस पर शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर बारां से शाहबाद तक आयोजित जनजागृति विरासत यात्रा ने पूरे क्षेत्र में जनचेतना की लहर दौड़ा दी।

सैकड़ों की संख्या में जुटे आंदोलनकारियों ने सरकार और ग्रीनको के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि शाहबाद के जंगल किसी भी कीमत पर कटने नहीं दिए जाएंगे।

यात्रा की शुरुआत श्रीराम स्टेडियम बारां से हुई, जहां समिति के संरक्षक पर्यावरणविद बृजेश विजयवर्गीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि विकास के नाम पर विनाश अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जंगल बचेंगे तभी जीवन बचेगा। उन्होंने सरकार से पर्यावरणीय संतुलन के साथ निर्णय लेने की मांग की।

किशनगंज में राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता रोबिन सिंह ने आंदोलन को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि शाहबाद घाटी केवल बारां की नहीं, पूरे देश की प्राकृतिक धरोहर है। यहां पावर प्लांट लगाना पर्यावरणीय अपराध होगा।

भंवरगढ़ में जागो किसान आंदोलन के अध्यक्ष वरदान सिंह हाडा ने किसानों की पीड़ा सामने रखते हुए चेताया कि जंगल कटे तो खेती, पानी और भविष्य तीनों खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान इस लड़ाई में पीछे हटने वाला नहीं है।

केलवाड़ा में लेडी इंटेक की चेयरमैन नीता शर्मा ने महिला शक्ति की ओर से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि जंगल बचाना हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है, नहीं तो आने वाली नस्लें हमें माफ़ नहीं करेंगी।

पर्यावरण प्रेमियों ने किशनगंज, भंवरगढ़, केलवाड़ा एवं समरानिया के बाजारों में जुलुस निकाला और नागरिकों से समर्थन मांगा। स्थानीय नागरिकों ने इन लोगों का स्वागत किया।
समरानियां में गब्बरसिंह यदुवंशी के जोशीले और उत्तेजक उद्बोधन ने आंदोलन में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि जंगल काटने का प्रयास हुआ तो जनआंदोलन और उग्र रूप लेगा।

यात्रा का समापन शाहबाद में हुआ, जहां सभी वक्ताओं और आंदोलनकारियों ने संयुक्त रूप से हुंकार भरते हुए प्रशासन को चेताया। इसके पश्चात एडीएम जब्बरसिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पावर प्लांट को अन्यत्र स्थापित करने तथा शाहबाद जंगल की कटाई तत्काल रोकने की मांग की गई।

आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि शाहबाद घाटी के जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि जीवन, पानी और भविष्य की गारंटी हैं और इनके संरक्षण के लिए संघर्ष निर्णायक मोड़ तक जारी रहेगा।

इस कार्यक्रम को समर्थन देने कोटा से पर्यावरण प्रेमी डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. अनुज खण्डेलवाल, पृथ्वी पाल सिंह, चम्बल संसद के कोचिंग शिक्षक मुकेश सुमन समेत सैकड़ों किसान , आदिवासी लोग भी पहुंचे। बाघ -चीता मित्र, राष्ट्रीय जल बिरादरी, कोटा एनवायरनमेंटल सेनीटेशन सोसायटी आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

अग्रवाल सेवा उत्थान समिति ने 51 भामाशाह एवं समाजसेवियों का किया सम्मान

कोटा। अखिल भारतीय अग्रवाल सेवा उत्थान समिति कोटा संभाग के तत्वावधान में दादाबाड़ी छोटा चौराहे पर स्थित गौतम वाटिका में भव्य होली मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

संभाग अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा के संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल थे। परम विशिष्ट अतिथि कोटा के पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में, कोटा नगर निगम के प्रतिपक्ष नेता डॉ. विवेक राजवंशी, पूर्व विधायक पूनम गोयल, समाजसेवी संदीप चांदीवाला, नवल किशोर गर्ग दादाबाड़ी अग्रवाल सेवा समिति अध्यक्ष सुनील गर्ग मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलमय गणेश वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों के द्वारा समाज के भामाशाह एवं उत्कृष्ट समाजसेवीयों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया।

कार्यक्रम के अवसर पर मंचासीन अतिथियों का समिति की ओर से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता सेवा और संस्कारों को सुदृढ़ करते हैं। परम विशिष्ट अतिथि राजेंद्र प्रसाद गोयल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अग्रवाल समाज सदैव सेवा सहयोग एवं समर्पण की भावना के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य करते हैं और समाज को एकजुट बनाए रखते हैं। इस अवसर पर अन्य मंचासीन अतिथियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में झालावाड़, अंता, बारां, बूंदी, कोटा संभाग सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं समाजजनों ने भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया गया। जिसमें आत्मीयता एवं सम्मान की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम में संभाग महामंत्री संजय गोयल, महामंत्री गजानंद सिंगल ने बताया कि कार्यक्रम में प्रमोद अग्रवाल, सत्यनारायण गर्ग जैन, डॉ. राहुल मित्तल, जगदीश प्रसाद जैन, मनोज गोयल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, आरके गोयल, श्रीमती कमला मित्तल, रूपा अग्रवाल, आराधना अग्रवाल, भावना अग्रवाल, किरण अग्रवाल, राजदुलारी गोयल, मधु गुप्ता, जयश्री अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, सरिता मित्तल, संगीता गर्ग, कृष्ण गुप्ता सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

राजपूत समाज ने बांटी 30 जरूरतमंद एवं विधवा महिलाओं को पेंशन व राशन किट

कोटा। संगठन में शक्ति के संदेश को साकार करते हुए राजपूत समाज कोटा द्वारा कंसुआ स्थित एक मैरिज गार्डन में होली मिलन समारोह के साथ पेंशन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार और सहयोग की भावना प्रमुख रूप से देखने को मिली।

आयोजक रविन्द्र सिंह हाड़ा नरेश एवं विवेक सिंह सिसौदिया ने बताया कि समाज के सहयोग से 30 महिलाओं को प्रतिमाह ₹800 की पेंशन दी गई। तीन परिवारों की आर्थिक सहायता से शुरू हुआ यह अभियान आज 30 जरूरतमंद एवं विधवा महिलाओं तक पहुंच चुका है।

अब तक संगठन द्वारा 24 सिलाई मशीनों का वितरण कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास भी किया गया है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे जन्मदिन व वैवाहिक वर्षगांठ जैसे अवसरों पर जरूरतमंद परिवारों को सिलाई मशीन भेंट कर सहयोग करें।

मार्च 2026 की पांचवीं पेंशन किस्त के रूप में 30 महिलाओं को राशि प्रदान की गई। वहीं राजभंवर ट्रस्ट द्वारा सभी लाभार्थियों को राशन किट भी वितरित किए गए। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लोकेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि यह पहल मातृशक्ति को संबल देने का प्रयास है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिले कि समाज उनके साथ खड़ा है। अजीत सिंह माथनी ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बताते हुए इसकी सराहना की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीबी) कोटा गोपाल सिंह कानावत ने युवाओं को अधिकाधिक सरकारी सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। शिक्षाविद महेंद्र सिंह चौहान ने शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई, जबकि तरुणा सोलंकी ने हाड़ौती भाषा के संरक्षण पर जोर दिया।

कार्यक्रम में रविन्द्र सिंह भकरावदा, विवेक सिंह क्यारदा कलां, विरेन्द्र सिंह पिथोरागढ़, राजेश सिंह परिहार, टीकम सिंह बालूपा, भवानी सिंह छपावदा, मुकेश सिंह मलारना, हरिओम भदोरिया, महावीर सिंह बैंगना, बुधराज सिंह लोढ़ागुढ़ा , हेमलता कोटड़ादीपसिंह, शंभू सिंह कानावत, गोपाल सिंह भदौरिया, महावीर सिंह शेखावत, अमित सिंह दिबियापुरा, अजमेरा सिंह, भंवर सिंह नाहरगढ़, प्रताप सिंह देंगनी, कमल सिंह कापरेन, दीपेंद्र सिंह धिरोली, रविराज सिंह चमलासा, नरेंद्र सिंह सेंगर, डॉ. बलवीर सिंह, भरत सिंह उनियारा, ब्रजराज सिंह पलायथा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।

आईबीए द्वारा पीएलआई में भेदभाव पर बैंक कर्मियों ने बेज लगा कर कार्य किया

कोटा। bank employees protest: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सरकार एवं आईबीए द्वारा पीएलआई में एकतरफा भेदभाव पूर्ण कार्यवाही के विरोध में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सोमवार को बेज लगा कर विरोध व्यक्त किया।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस कोटा के संयोजक पदम कुमार पाटोदी ने बताया कि डीएफएस एवं आईबीए ने एकतरफा विभाजनकारी कदम उठाते हुए बैंको के बड़े अधिकारियों को पीएलआई को बहुत बड़ा हिस्सा बैंकों के एमडी, कार्यकारी निदेशकों तथा स्केल चार तथा उच्च पदों वाले अधिकारियो में वितरित करते हुए अन्य कर्मियों के साथ भेदभाव किया है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के साथ किए गए समझौते के विरुद्ध कार्य किया है। इसलिए आंदोलनात्मक कदम उठाया गया है, जिसमें देशभर के के सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने बेज लगा कार्य किया।

संयोजक पाटोदी ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने यदि पीएलआई के मुद्दे में सरकार तथा आईबीए द्वारा उकसाने वाला कोई कदम उठाया तो हड़ताल का आव्हान भी किया सकता है।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में धनिया 100 रुपये ऊंचा बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडेक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को धनिया 100 रुपये तेज बिका। नई फसल की आवक बढ़ने से गेहूं 20 रुपये और चना 50 रुपये मंदा बिका। देसावरी लिवाली से लहसुन 1000 रुपये ऊंचा बिका। लिवाली निकलने से सोयाबीन 50 रुपये और सरसों 100 रुपये उछल गई।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडेक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा 110 रुपये तेज होकर 11598 रुपये, मई वायदा 120 रुपये चढ़कर 11720 रुपये और जून वायदा 450 रुपये उछल कर 12170 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 5000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2130 से 2350, गेहूं नया 2200 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1650, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3200 से 3800, धान (1847) 3200 से 3701, धान (1718-1885) 3900 से 4300, धान (पूसा-1) 3600 से 4050, धान (1401-1846) 3800 से 4100, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5670, सरसों 5800 से 6950, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8150, चना देशी पुराना 4700 से 5051, चना मौसमी नया 5000 से 5200, चना पेप्सी 4800 से 5201, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5281 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 1500 से 11500, मैथी 4000 से 5200, मैथी नयी 5300 से 5600, धनिया बादामी पुराना 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 10800, धनिया नया 8500 से 10500, धनिया रंगदार 11000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

जटिल स्पाइन फ्रैक्चर का ईथॉस हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन, मरीज को मिली जिंदगी

कोटा। Business News: आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञता के समन्वय से कोटा स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में रीढ़ की हड्डी के तीन माह पुराने जटिल फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन कर मरीज को नई जीवन आशा प्रदान की गई।

झालावाड़ निवासी 45 वर्षीय मरीज लंबे समय से कमर में तीव्र दर्द, चलने में कठिनाई तथा दोनों पैरों में दर्द एवं झनझनाहट की समस्या से पीड़ित था। जानकारी के अनुसार करीब तीन महीने पूर्व एक हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी के L1 वर्टिब्रा में गंभीर फ्लेक्शन-डिस्ट्रैक्शन फ्रैक्चर हो गया था। प्रारंभिक स्तर पर बिना सर्जरी उपचार की सलाह दी गई, किन्तु समय के साथ स्थिति बिगड़ती चली गई।

बाद में मरीज ने स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. गौरव मेहता से परामर्श लिया। विस्तृत जांच में फ्रैक्चर अस्थिर पाया गया, जिससे भविष्य में स्थायी विकृति एवं पैरों में कमजोरी का खतरा था।

मरीज का वजन अधिक होने के कारण पारंपरिक ओपन सर्जरी में जटिलताओं की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (MIS) तकनीक का चयन किया। सर्जरी के दौरान T11 से L3 तक स्क्रू फिक्सेशन कर रीढ़ को स्थिर किया गया। यह प्रक्रिया छोटे चीरे से संपन्न की गई, जिससे रक्तस्राव न्यूनतम रहा और रिकवरी शीघ्र हुई।

डॉ. मेहता के अनुसार सर्जरी के पश्चात मरीज के कमर दर्द, पैरों में दर्द एवं झनझनाहट में पूर्ण सुधार हुआ है और वह सामान्य रूप से चलने-फिरने लगा है।

संस्थान के निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि समय पर सटीक निदान और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से रीढ़ से संबंधित जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव हो रहा है।