Sunday, July 12, 2026
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Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में दो दिन में धनिया 800 रुपये क्विंटल उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडेक्स पर गुरुवार को चार फीसदी तेजी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को धनिया 500 रुपये और उछल गया। दो दिन में धनिया 800 रुपये क्विंटल तेज हो चुका है। कमजोर उठाव से लहसुन 500 रुपये और चना 50 रुपये मंदा रहा। सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब ढाई लाख कट्टे और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल. 2150 से 2251, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2250 से 2350, बेस्ट टुकड़ी 2400 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 4000, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1)3600 से 4070, धान (1401-1886) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5700, सरसों 6000 से 7150, अलसी 6800 से 7300, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 8100, चना देशी पुराना 4700 से 5001, चना मौसमी नया 5100 से 5350, चना पेप्सी 5200 से 5501, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2000से 10500, मैथी पुरानी 5000 से 5800, मैथी नयी 5800 से 6300, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12500 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

मुंबई में प्लेटफॉर्म सीसी एप्रन निर्माण कार्य के कारण दादर तक ही जाएगी समर स्पेशल

कोटा। मुम्बई के दादर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं. 5 पर सीसी एप्रन निर्माण कार्य के कारण कोटा मंडल से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को अग्रिम आदेश तक दादर स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।

  1. गाड़ी सं. 22210 हज़रत निज़ामुद्दीन–मुम्बई सेंट्रल एक्सप्रेस दिनांक 07.04.2026 से अग्रिम आदेश तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को मुम्बई सेंट्रल के स्थान पर दादर स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट की जाएगी।
  2. गाड़ी सं. 09186 कानपुर अनवरगंज–मुम्बई सेंट्रल समर स्पेशल एक्सप्रेस दिनांक 06.04.2026 से अग्रिम आदेश तक प्रत्येक मंगलवार को मुम्बई सेंट्रल के स्थान पर दादर स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट की जाएगी।
  3. गाड़ी सं. 09076 काठगोदाम–मुम्बई सेंट्रल समर स्पेशल एक्सप्रेस दिनांक 09.04.2026 से अग्रिम आदेश तक प्रत्येक शुक्रवार को मुम्बई सेंट्रल के स्थान पर दादर स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट की जाएगी।

कोटा मंडल से गुजरने वाली दो जोड़ी समर स्पेशल गाड़ियों की अवधि में विस्तार

कोटा। ग्रीष्मकालीन यात्रा सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए कोटा मंडल से गुजरने वाली दो जोड़ी समर स्पेशल गाड़ियों के संचालन की अवधि विस्तारित की गई है।

  1. गाड़ी सं. 09185 मुम्बई सेंट्रल–कानपुर अनवरगंज समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक रविवार) का संचालन दिनांक 05.04.2026 से 26.07.2026 तक विस्तारित किया गया है।
  2. गाड़ी सं. 09186 कानपुर अनवरगंज–मुम्बई सेंट्रल समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक सोमवार) का संचालन दिनांक 06.04.2026 से 27.07.2026 तक विस्तारित किया गया है।
  3. गाड़ी सं. 09183 मुम्बई सेंट्रल–बनारस समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक बुधवार) का संचालन दिनांक 20.05.2026 से 29.07.2026 तक विस्तारित किया गया है।
  4. गाड़ी सं. 09184 बनारस–मुम्बई सेंट्रल समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक शुक्रवार) का संचालन दिनांक 22.05.2026 से 31.07.2026 तक विस्तारित किया गया है।
  5. गाड़ी सं. 08611 सन्तरागाछी–अजमेर समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक सोमवार) का संचालन दिनांक 06.04.2026 से 13.04.2026 तक (02 फेरे) एवं दिनांक 20.04.2026 से 29.06.2026 तक (11 फेरे) विस्तारित किया गया है।
  6. गाड़ी सं. 08612 अजमेर–सन्तरागाछी समर स्पेशल एक्सप्रेस (प्रत्येक गुरुवार) का संचालन दिनांक 09.04.2026 से 16.04.2026 तक (02 फेरे) एवं दिनांक 23.04.2026 से 02.07.2026 तक (11 फेरे) विस्तारित किया गया है।

Health: ईथॉस हॉस्पिटल कोटा में दो और विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे स्वास्थ्य सेवाएं

कोटा। Health News: शहर के प्रमुख मल्टीस्पेशलिटी सेंटर ईथॉस हॉस्पिटल ने अपनी चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को टीम में शामिल किया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस पहल से मरीजों को अत्याधुनिक तकनीक आधारित, अधिक सटीक और प्रभावी उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में डॉ. गजेन्द्र नागर (MCh Urology) ने बतौर कंसल्टेंट कार्यभार संभाल लिया है। वे पूर्व में जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल से जुड़े रहे हैं और किडनी स्टोन, प्रोस्टेट व अन्य जटिल मूत्र रोगों के उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं।

वहीं, डायग्नोस्टिक सेवाओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत पाल सिंह (DMRD) भी अस्पताल से जुड़े हैं। उनके अनुभव से एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित विभिन्न जांचों की रिपोर्टिंग अब अधिक तेज, सटीक और विश्वसनीय होगी।

अस्पताल निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सशक्त टीम और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से अस्पताल कोटा व हाड़ौती क्षेत्र में एक भरोसेमंद हेल्थकेयर सेंटर के रूप में उभर रहा है।

सैमसंग का फोल्डेबल फोन 10 हजार रुपये तक सस्ता, जानिए कीमत और ऑफर्स

नई दिल्ली। सैमसंग का पॉपुलर फोल्डेबल फोन Samsung Galaxy Z Flip7 5G इस समय Amazon पर 10,000 रुपये की छूट पर खरीद सकते हैं । अमेजन 44,000 रुपये तक का एक्सचेंज डिस्काउंट भी दे रहा है।

इसे पिछले साल जुलाई में भारत में लॉन्च किया गया था। यह क्लैमशेल फोल्डेबल फोन Exynos 2500 चिपसेट से लैस है और इसमें 4.1-इंच की एज-टू-एज कवर डिस्प्ले दी गई है। जब इसे खोला जाता है, तो इसकी मोटाई सिर्फ 6.5 एमएम होती है, जो इसे Galaxy Z Flip6 के 6.9 एमएम के प्रोफाइल से भी ज्यादा पतला बनाती है।

Galaxy Z Flip7 5G पर ऑफर्स
लॉन्च के समय, इस डिवाइस के 12GB+256GB वेरिएंट की कीमत 1,09,999 रुपये थी, जबकि 12GB+512GB वेरिएंट की कीमत 1,21,999 रुपये थी। यह स्मार्टफोन Amazon पर अभी भी इन्हीं कीमतों के साथ लिस्टेड है। हालांकि, खरीदार 2 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच सभी बैंक क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर 10,000 रुपये की छूट पा सकते हैं। इससे बेस वेरिएंट की असल कीमत घटकर 99,999 रुपये हो जाती है। इसके अलावा, अमेजन 44,000 रुपये तक का एक्सचेंज डिस्काउंट भी दे रहा है, हालांकि एक्सचेंज बोनस की वैल्यू पुरानी फोन की कंडीशन, मॉडल और ब्रांड पर निर्भर करेगी।

Samsung Galaxy Z Flip7 5G की खासियत
अगर आप ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जो भीड़ से अलग दिखे, तो सैमसंग गैलेक्सी जेड फ्लिप7 5G एक ऐसा डिवाइस है जिस पर आप विचार कर सकते हैं। इसका क्लैमशेल फोल्डेबल डिजाइन, एज-टू-एज कवर डिस्प्ले और स्लिम प्रोफाइल की वजह से सबसे अलग दिखता है।

iPhone के विपरीत, गैलेक्सी जेड फ्लिप7 5G ऐसा फोन नहीं है जो आपको हर जगह देखने को मिले। इसमें 6.9 इंच का फुल-एचडी प्लस डायनामिक एमोलेड 2X मेन फोल्डेबल डिस्प्ले और 4.1 इंच की सुपर एमोलेड कवर स्क्रीन है। दोनों पैनल 120 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट और 2600 निट्स तक ब्राइटनेस लेवल प्रदान करते हैं। कवर डिस्प्ले कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 प्रोटेक्शन के साथ आती है।

परफॉर्मेंस के लिहाज से, यह डिवाइस Samsung Exynos 2500 चिप के साथ आता है, जो Qualcomm Snapdragon 8 Elite जैसा ही एक हाई-एंड प्रोसेसर है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में, यह स्मार्टफोन काफी तेज लगता है और गेमिंग का भी जबरदस्त अनुभव देता है। यह 12GB रैम और 512GB तक की ऑनबोर्ड स्टोरेज के साथ आता है। यह आउट-ऑफ-द-बॉक्स, एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड वन यूआई 8 पर चलता है। फोन में कई AI इमेजिंग और एडिटिंग टूल्स शामिल हैं।

गैलेक्सी जेड फ्लिप7 5G एक बेहतर हिंज के साथ आता है, जो डिस्प्ले पर पड़ने वाली क्रीज (सिलवट) को कम करता है और फोन को मोड़ने पर उसकी कुल मोटाई को भी घटाता है। दूसरे क्लैमशेल स्मार्टफोन की तुलना में गैलेक्सी जेड फ्लिप7 ज्यादा चौड़ा है, जिससे इसमें कंटेंट देखने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। इसका कीबोर्ड भी काफी हद तक वैसा ही लगता है जैसा आपको किसी आम स्मार्टफोन में मिलता है।

कैमरा और बैटरी भी
फोटोग्राफी के लिए, फोन में दो आउटवर्ड-फेसिंग कैमरे हैं, जिनमें 50-मेगापिक्सेल का मेन सेंसर वाइड-एंगल लेंस और 2x ऑप्टिकल क्वालिटी जूम के साथ 12-मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड लेंस है। फोन में 10-मेगापिक्सेल का सेल्फी कैमरा है। फोन में 4300mAh बैटरी दी है। फोन में IP48 डस्ट और वॉटर-रेसिस्टेंट बिल्ड है। खुलने पर इसकी मोटाई 6.5 एमएम और मोड़ने पर 13.7 एमएम है, और इसका वजन 188 ग्राम है।

Crude Oil Prices: वैश्विक तेल बाजार में उछाल, ब्रेंट क्रूड का भाव 109 डॉलर के पार

नई दिल्ली। Crude Oil Prices: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज उछाल दर्ज किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर अगले दो से तीन हफ्तों में संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई, जिससे तेल कीमतों में तेजी आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब आठ प्रतिशत उछलकर 109.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 111.54 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता देखा गया।

साप्ताहिक आधार पर भी तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यूएस WTI क्रूड में पिछले शुक्रवार के मुकाबले 11.94 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, ब्रेंट क्रूड में इसी अवधि के दौरान 3.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में अस्थिरता को दर्शाती है। सप्ताह के दौरान यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड में पिछले शुक्रवार के मुकाबले 11.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड में इसी अवधि में 3.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

क्या है विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों, भारतीय रुपए और उभरते बाजारों में विदेशी निवेश पर दबाव बना रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर स्थिति में सुधार होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और करेंसी में स्थिरता आ सकती है, लेकिन तनाव बढ़ने पर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और बढ़ेगी।

Income Tax Rule: आप सीनियर सिटीजन हैं तो अब ये फॉर्म करेगा आपकी मदद

नई दिल्ली। Income Tax Rule: टैक्स से जुड़ी छोटी-छोटी बातें अक्सर बड़ी उलझन बन जाती हैं, और फॉर्म 15G व 15H इसी का सबसे बड़ा उदाहरण रहे हैं। हर साल लोगों के सामने यही सवाल होता था कि कौन सा फॉर्म भरें और कहीं इसमें गलती न हो जाए। लेकिन अब नए फाइनेंशियल ईयर के साथ यह कन्फ्यूजन लगभग खत्म हो गया है।

सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए दोनों फॉर्म्स की जगह एक ही फॉर्म 121 लागू कर दिया है, जिससे प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। अब उम्र के आधार पर अलग-अलग फॉर्म चुनने की जरूरत नहीं होगी और लोगों के के लिए TDS से जुड़ी औपचारिकताएं पहले से ज्यादा आसान और स्पष्ट हो जाएंगी। यह बदलाव नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत आया है, जो लोगों के लिए चीजों को काफी आसान बना रहा है।

पहले का सिस्टम क्या था
पुराने नियमों में बात साफ तो थी, लेकिन थोड़ी बंटी हुई थी। जिन लोगों की उम्र 60 साल से कम थी, वो फॉर्म 15G भरते थे। वहीं सीनियर सिटीजन, यानी 60 साल या उससे ज्यादा उम्र वाले, फॉर्म 15H का इस्तेमाल करते थे। दोनों का मकसद एक ही था कि अगर आपकी कुल आमदनी टैक्स की सीमा से कम है, तो बैंक डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस स्कीम या ऐसी ही आय पर TDS न कटे।

कई बार लोगों को उम्र और नियमों को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता था। खासकर जब कोई सीनियर सिटीजन पहली बार फॉर्म भरते ते, तो उन्हें समझ नहीं आता था कि 15G भरें या 15H। अब ये परेशानी खत्म हो गई है। नया फॉर्म 121 सभी के लिए एक जैसा है, उम्र चाहे कुछ भी हो।

फॉर्म 121 क्या है और इसे क्यों लाया गया

  • फॉर्म 121 एक ऐसा सेल्फ डिक्लेरेशन है, जिसमें आप खुद बताते हैं कि इस साल आपकी अनुमानित कुल आय टैक्स की सीमा से कम है। इसके बाद बैंक या जो भी संस्था आपको आय दे रही है, वह आपकी आय पर TDS नहीं काटती।
  • इसमें आमतौर पर बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज, पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स, म्यूचुअल फंड्स की इनकम, डिविडेंड और रेंट जैसी आय शामिल होती है। PF विड्रॉल, पेंशन और इंश्योरेंस कमीशन जैसी चीजें भी इसमें कवर होती हैं। पहले की तरह, अगर आपकी टैक्स देनदारी जीरो रहने की उम्मीद है, तो अगले AY से आप यह फॉर्म भर सकते हैं।
  • नया फॉर्म 121 अब पुराने 15G और 15H की जगह ले चुका है, लेकिन इसका मकसद वही है, बिना जरूरत के TDS कटने से बचाना। अब सीनियर सिटीजन को अलग फॉर्म ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सबके लिए एक ही फॉर्म से काम हो जाएगा।

कौन भर सकता है फॉर्म 121
यह फॉर्म रेजिडेंट इंडिविजुअल्स के लिए है, उम्र 60 से कम हो या ज्यादा, दोनों ही इसे भर सकते हैं, वहीं हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) भी इसका इस्तेमाल कर सकती है अगर वे तय शर्तें पूरी करते हैं। हालांकि, कंपनियां, फर्म्स या पार्टनरशिप इसे इस्तेमाल नहीं कर सकतीं और नॉन-रेजिडेंट्स भी इसके दायरे में नहीं आते। सबसे जरूरी बात यह है कि आपकी पूरे साल की अनुमानित कुल आय टैक्स की सीमा से कम होनी चाहिए।

फॉर्म दो हिस्सों में बंटा होता है, पहला हिस्सा आप खुद भरते हैं जिसमें नाम, PAN, पता, जन्मतिथि, संपर्क डिटेल्स, किस तरह की आय पर TDS नहीं काटना है, उसकी अनुमानित रकम और कुल आमदनी की जानकारी देनी होती है। कुछ मामलों में पिछले दो साल के ITR की डिटेल्स भी देनी पड़ सकती हैं। वहीं दूसरा हिस्सा पेयर यानी जैसे बैंक भरता है, जिसमें वह डिक्लेरेशन मिलने की जानकारी दर्ज करता है, और PAN देना अनिवार्य होता है, वरना फॉर्म मान्य नहीं माना जाएगा।

क्या-क्या लगेगा फॉर्म भरने के लिए
फॉर्म 121 जमा करने के लिए आपका पैन कार्ड होना जरूरी है। इसके साथ आपको उस इनकम या इनवेस्टमेंट की जानकारी देनी होगी, जिस पर आप TDS नहीं कटवाना चाहते। अगर आपकी आय ब्याज से जुड़ी है, तो बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी मांगी जा सकती हैं। कुछ मामलों में उम्र का प्रमाण (age proof) भी देना पड़ सकता है, लेकिन अब उम्र के हिसाब से अलग-अलग फॉर्म नहीं भरने पड़ते।

यह फॉर्म हर टैक्स ईयर में नया भरना होगा, यानी एक बार भरकर यह हर साल के लिए मान्य नहीं होगा। इसलिए ध्यान रखें कि इसे पेयर को देने से पहले या आय मिलने से पहले ही जमा कर दें। नया फॉर्म 121 इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 393(6) और इनकम टैक्स रूल्स 2026 के रूल 211 के तहत लाया गया है। पहले इसी काम के लिए धारा 197A और रूल 29C के तहत फॉर्म 15G और 15H इस्तेमाल होते थे।

बैंक, पोस्ट ऑफिस या अन्य संस्थाएं अब फॉर्म 121 के आधार पर TDS नहीं काटेंगी, अगर डिक्लेरेशन सही हो। ये बदलाव उन लाखों टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो हर साल छोटी-छोटी आमदनी पर अनावश्यक TDS से परेशान रहते थे।

भारत का एलपीजी आयात मार्च महीने में 40 फीसदी घटकर 1.22 मिलियन टन रहा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में आए संकट के कारण भारत के सामने तेल और गैस की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि इसे दूर करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार मार्च महीने में भारत के एलपीजी (LPG) आयात में जनवरी और फरवरी की तुलना में 40% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

शिप ट्रैकर केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में भारत का कुल एलपीजी आयात घटकर 1.22 मिलियन टन रह गया। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक यह जनवरी की तुलना में 46% और फरवरी की तुलना में 40% कम है। हालांकि इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका और करीब 7 साल बाद ईरान से हुई सप्लाई ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई है।

दूसरे देशों से आ रही सप्लाई

  • मार्च में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा। अमेरिका से 4.20 लाख टन गैस आई, जो जनवरी के मुकाबले 56% अधिक है।
  • करीब 7 साल बाद ईरान से 43,000 टन एलपीजी की खेप भारत पहुंची है।
  • यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब, जो भारत के टॉप सप्लायर रहे हैं, उनसे होने वाली सप्लाई में भारी गिरावट आई है।
  • यूएई से होने वाला आयात जनवरी के स्तर से गिरकर महज 28% रह गया है।

सरकार द्वारा उठाए गए कदम
भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60% आयात से पूरा करता है। आयात में आई इस बड़ी कमी से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:

  • मार्च के मध्य तक घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी की गई।
  • तेल मंत्रालय ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया था कि वे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन के बजाय हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलपीजी प्रोडक्शन की ओर मोड़ें।
  • अब फार्मास्यूटिकल्स, फूड और केमिकल सेक्टर से मांग बढ़ने के कारण सरकार इस व्यवस्था को धीरे-धीरे सामान्य कर रही है।

95% PHD थीसिस चोरी की निकली, कॉपी किए गए कंटेंट एआई की मदद से लिखे गए

लखनऊ। लखनऊ यूनिवर्सिटी में इस वर्ष जनवरी और फरवरी माह में पीएचडी की जो थीसिस जमा की गईं, उनमें 95 फीसदी से ज्यादा थीसिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल पाया गया है। साथ ही उनमें साहित्यिक चोरी (प्लेगिएरिज्म – Plagiarism) भी पकड़ी गई है।

इस चोरी को ड्रिलबिट ( DrillBit) नाम के सॉफ्टवेयर ने पकड़ा है जो कहीं से कॉपी किए गए कंटेंट को पकड़ने के लिए बनाया गया एक टूल है। टैगोर लाइब्रेरी से मिले डेटा के मुताबिक जमा हुई 121 थीसिस में से 116 में पिछली रिसर्च से समानताएं मिलीं, जिससे पता चलता है कि उन्हें लिखने के लिए एआई से बने कंटेंट का इस्तेमाल किया गया था।

ये समानताएं इसलिए पकड़ी गईं क्योंकि एआई चैटबॉट के डेटाबेस पहले से मौजूद टेक्स्ट और दुनिया भर में पहले से की गई रिसर्च के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक 180 शब्दों तक या 5% से कम साहित्यिक चोरी की छूट है। यह छूट उन उद्धरणों और तथ्यों के लिए है जो पत्रिकाओं, किताबों और यहां तक ​​कि एआई डेटाबेस में भी उपलब्ध हैं। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में साहित्यिक चोरी 20-50 फीसदी तक पाई गई।

खबर के मुताबिक इन शोधार्थियों ने 2019-2020, 2020-21 और कुछ ने 2021-22 के शैक्षणिक सत्रों में दाखिला लिया था। उन्होंने अब अपना रिसर्च का काम पूरा कर लिया है और अपनी थीसिस जमा कर दी है। नियमों के मुताबिक, जब कोई छात्र अपनी थीसिस पूरी कर लेता है, तो उसे टैगोर लाइब्रेरी में उसकी एक सॉफ्ट कॉपी जमा करनी होती है। वहां ड्रिलबिट के जरिए रिसर्च में साहित्यिक चोरी की जांच की जाती है। एक बार मंजूरी मिलने पर थीसिस स्वीकार कर ली जाती है, लेकिन अगर साहित्यिक चोरी पकड़ी जाती है, तो रिसर्च को शोधार्थी को वापस भेज दिया जाता है ताकि वह उसे ऑरिजनल बना सके।

कला संकाय के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा कि इस सुधार से आखिरकार ऑरिजनल थीसिस लिखने वाले शोधार्थियों का पलड़ा भारी हो गया है। ये वे लोग हैं जो AI चैटबॉट पर निर्भर रहने के बजाय किताबों में घंटों खपाते हैं। कई शोधार्थियों ने भी कहा कि अब मेहनत का फर्क साफ नजर आ रहा है।

एक विशेषज्ञ मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि एआई का इस्तेमाल उन कामों में किया जाना चाहिए जिनमें ज्यादा समय लगता हो या जो थकाने वाले हों। लेकिन, जब एआई का इस्तेमाल सोचने के लिए किया जाता है, तो रिसर्च अपनी मौलिकता खो देती है।

मानद लाइब्रेरियन कीया पांडे ने बताया कि एआई टूल्स पर बहुत ज्यादा निर्भरता धीरे-धीरे रिसर्च की गहराई और मौलिकता को कमजोर कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि साहित्यिक चोरी की जांच का मकसद सिर्फ नकल पकड़ना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शोधार्थी फिर से असल व नए आइडिया की ओर लौटें जहां आलोचनात्मक सोच और प्रामाणिकता ही मुख्य केंद्र हों।

उन्होंने कहा, ‘हम जल्द ही टर्निटिन (Turnitin) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू करेंगे, जो यूजी और पीजी लेवल के छात्रों द्वारा जमा किए गए असाइनमेंट की जांच करने में भी मदद करेगा।’

अब देना होगा शपथपथ
शोध में ईमानदारी बनाए रखने के लिए अब थीसिस जमा करते समय शोधार्थी को यह शपथ पत्र देना होगा कि उसमें साहित्यिक चोरी 10 प्रतिशत से कम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता भी 10 प्रतिशत से कम है। परीक्षकों को अब केवल थीसिस की सॉफ्ट कॉपी भेजी जाएगी। यदि परीक्षक सात दिनों में अपनी सहमति नहीं देते हैं तो उन्हें बदला जा सकता है।

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच सोना 12489 रुपये गिरा, चांदी 40 हजार तक सस्ती हुई

नई दिल्ली। Gold Silver Price: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की आग में सोना-चांदी पिघल गए हैं। पहले माना जा रहा था कि युद्ध या बड़ी आपदा में सोने-चांदी के भाव चढ़ते हैं, लेकिन इस युद्ध के दौरान इसके उल्टा हो रहा है।

पश्चिम एशिया में लड़ाई के बीच सोने के भाव अबतक 12489 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर चुके हैं। जबकि इस अवधि में चांदी करीब 40000 रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। यह गिरावट कई एनॉलिस्ट्स को हैरान कर रही है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल टेंशन के समय आमतौर पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ जाती है।

आईबीजेए के रेट्स के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को सोना 159097 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी इस दिन 267900 रुपये प्रति किलो के रेट से बंद हुई थी। अगले दिन 28 फरवरी को युद्ध शुरू हो गया। बता दें शनिवार और रविवार के दिन आईबीजेए सोने-चांदी के रेट जारी नहीं करता।

ऑस्ट्रेलिया-ट्रेडिंग डॉट कॉम के सीईओ पीटर मैकगायर ने एक इंटरव्यू में बताया कि युद्ध के बीच तेल के उछाल के बीच सबसे चौंकाने वाली चाल कीमती धातुओं में देखने को मिली है। सोना, जो 5400 डॉलर के करीब पहुंच गया था, अचानक तेजी से लुढ़क गया। चांदी भी करीब 121 डॉलर के हाई से लुढ़कती गई। सोना 4720 डॉलर और चांदी करीब 73 डॉलर तक आ गई है।

सोने-चांदी के भाव में गिरावट के कारण
मैकगायर सोने-चांदी के भाव में गिरावट की कई वजहें बताते हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.36 प्रतिशत के करीब पहुंच गई। इससे निवेशकों ने अपना पैसा निश्चित आय वाली संपत्तियों में लगा दिया। साथ ही, कच्चे तेल और गैस फ्यूचर्स में बड़े दांव लगाने वाले कारोबारियों ने अपना ध्यान और पूंजी इन तेजी वाले पोजीशनों में लगा दी।