Sunday, July 12, 2026
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JEE Main Paper Analysis: सुबह पेपर मोडरेट रहा, शाम मल्टीपल स्टेप चैलेंजिंग

कोटा। JEE Main Paper Analysis 2nd Day: इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अप्रैल 2026 सेशन के दूसरे दिन की परीक्षा शनिवार को हुई। सुबह की पारी का पेपर में स्टूडेंट्स की तार्किक तथा कैलकुलेशन क्षमता को आंकने के लिए संतुलित और कुल मिलाकर मोडरेट रहा।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के प्रेसीडेंट विनोद कुमावत ने विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि फिजिक्स के पेपर में एक प्रश्न रिवाॅल्विंग पाॅवर ऑफ टेलीस्कोप से संबंधित पूछा गया था, जिसमें जेईई मेन्स के सिलेबस से हटाया जा चुका है। वहीं, दूसरी ओर शाम की पारी में पेपर मध्यम से कठिन स्तरीय रहा। कैमिस्ट्री तथा फिजिक्स में मल्टीपल स्टेप प्रश्नों ने स्टूडेंट्स को उलझाए रखा। ऐसे में पेपर साॅल्व करने में समय की कमी रही।

फिजिक्स: सुबह की पारी में फिजिक्स का पेपर मोडरेट था। इसमें अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी के सिलेबस को कवर करते हुए पूछे गए थे। पेपर में पूछे गए प्रश्नों का लेवल एनसीईआरटी में दिए गए प्रश्नों से हाई था। इसमें मैकेनिक्स से छह प्रश्न, इलेक्ट्रो डाइनेमिक्स, माॅडर्न फिजिक्स, मैग्नेटिज्म, वेव, सेमीकंडक्टर से दो-दो प्रश्न पूछे गए थे। जबकि हीट एंड थर्मोडाइनेमिक्स से तीन प्रश्न पूछे गए। फ्लुइड तथा एरर से भी एक-एक प्रश्न पेपर में आया। शाम की पारी में पेपर का लेवल सुबह की अपेक्षा मध्यम से कठिन स्तरीय रहा। जिसमें प्रश्नों का विभाजन सुबह की पारी के पेपर के समान रहा। जिसमें 11वीं कक्षा से 44 प्रतिशत तथा 12वीं कक्षा से 56 प्रतिशत सिलेबस को कवर किया गया।

कैमेस्ट्री: सुबह की पारी में कैमेस्ट्री के पेपर का स्तर आसान रहा। जिसमें एनसीईआरटी आधारित प्रश्न थे। फिजीकल कैमिस्ट्री में पूछे गए प्रश्नों की कैलकुलेशन आसान थी। ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में भी पूछे गए प्रश्न एनसीईआरटी के लेवल के थे। जिसमें क्वांटम नंबर एंड इलेक्ट्रोनिक कंफिग्रेशन, कैमिकल बाॅन्डिंग, पीओसी, बाॅयोमोलीक्यूल, प्यूरीफिकेशन ऑफ ऑर्गेनिक कम्पाउंड तथा मोल कंसेप्ट से दो-दो प्रश्न पूछे गए। जेईई मेन्स के सिलेबस को ध्यान में रखते हुए अन्य सभी टाॅपिक से भी एक-एक प्रश्न कवर किया गया था। शाम की पारी का पेपर कठिन रहा। जिसमें फिजीकल कैमिस्ट्री के प्रश्नों की कैलकुलेशन कठिन, इनऑर्गेनिक तथा ऑर्गेनिक में मिक्स कंसेप्ट के प्रश्न होने के कारण स्टूडेंट्स को पेपर साॅल्व करने में सामान्य से अधिक समय लगा। पेपर में 11वीं कक्षा से 48 प्रतिशत तथा 12वीं कक्षा से 52 प्रतिशत सिलेबस को कवर किया गया।

मैथ्स: मैथ्स का पेपर मध्यम स्तरीय होने के साथ लेंदी था लेकिन, पिछले पेपरों की तुलना में कैलकुलेशन आसान रही। पेपर में 11वीं कक्षा के सिलेबस से 40 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा के सिलेबस से 60 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। एलजेब्रा से 40 प्रतिशत, कैलकुलस से 32 प्रतिशत, काॅर्डिनेट ज्योमेट्री से 16 प्रतिशत एवं वेक्टर थ्रीडी एवं ट्रिग्नोमेट्री मिलाकर 12 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। पेपर में जेईई मेन्स के सभी टाॅपिक्स को कवर किया गया था। शाम की पारी का पेपर सुबह की तुलना में आसान रहा। प्रश्नों का विभाजन सुबह के पेपर के समान रहा।

Special train: कानपुर सेंट्रल-असारवा ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रैन कल से चलेगी

ट्रैन बयाना, गंगापुर सिटी, स. माधोपुर, केपाटन, बूंदी, मांडलगढ़, चंदेरिया स्टेशन से गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा कानपुर सेंट्रल–असारवा–कानपुर सेंट्रल के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 01905 (कानपुर सेंट्रल–असारवा) 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को 15 फेरों में कानपुर सेंट्रल से प्रातः 08.15 बजे प्रस्थान कर बयाना जंक्शन 15.37 बजे, गंगापुर सिटी 16.45 बजे, सवाई माधोपुर 17.30 बजे, केपाटन 18.40 बजे, बूंदी 19.25 बजे, मांडलगढ़ 20.15 बजे, चंदेरिया 21.30 बजे होते हुए अगले दिन मंगलवार को प्रातः 05.45 बजे असारवा पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01906 (असारवा–कानपुर सेंट्रल) 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को 15 फेरों में असारवा से प्रातः 08.55 बजे प्रस्थान कर चंदेरिया 17.45-18.00 बजे, मांडलगढ़ 18.43 बजे, बूंदी 19.48 बजे, केपाटन 20.40 बजे, सवाई माधोपुर 22.00 बजे, गंगापुर सिटी 22.45 बजे, बयाना जंक्शन 00.45 बजे होते हुए उसी दिन बुधवार को प्रातः 07.00 बजे कानपुर सेंट्रल पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में कानपुर सेंट्रल, इटावा, फिरोजाबाद, टुंडला, ईदगाह, फतेहपुर सीकरी, रूपबास, बयाना जंक्शन, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, केशोराई पाटन, बूंदी, मंडलगढ़, चंदेरिया, माव्ली जंक्शन, राणा प्रतापनगर, उदयपुर सिटी, ज़ावर, सेमारी, डूंगरपुर, शामलाजी रोड, हिम्मत नगर तथा असारवा स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

इस विशेष गाड़ी में 5 सामान्य श्रेणी, 9 शयनयान श्रेणी, 2 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी तथा 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी सहित कुल 19 डिब्बे होंगे।

राजस्थान हाई कोर्ट ने SI भर्ती 2021 परीक्षा रद्द की, जानिए क्यों लिया यह फैसला

जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने 2021 की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर अपना ऐतिहासिक और अंतिम फैसला सुना दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अगुवाई वाली खंडपीठ ने साफ कर दिया है कि यह परीक्षा अब पूरी तरह से रद्द ही रहेगी।

गौरतलब है कि अदालत का यह फैसला रातों-रात नहीं आया है। काफी लंबे समय से चली आ रही थकाऊ कानूनी जद्दोजहद के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के उस फैसले को एकदम सही ठहराया है जिसमें परीक्षा को रद्द करने का आदेश जारी किया गया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दो टूक लफ्जों में कहा कि इस स्टेज पर आकर परीक्षा की छंटनी करना किसी भी लिहाज से मुमकिन नहीं है। धांधली की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी थीं और पेपर लीक का जहर सिस्टम में इस कदर फैल चुका था कि सही और गलत उम्मीदवारों को अलग करना भूसे के ढेर से सुई ढूंढने जैसा हो गया था। इसलिए, पूरी की पूरी परीक्षा को ही रद्द करना मुनासिब समझा गया।

हालांकि, इस पूरे बवाल में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्यों को एक छोटी सी कानूनी राहत जरूर मिल गई है। सिंगल बेंच ने RPSC सदस्यों के खिलाफ जो स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी टिप्पणियां की थीं, उसे डिवीजन बेंच ने किनारे कर दिया है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से मजबूती से पैरवी कर रहे वकील हरेंद्र नील ने भी कोर्ट के बाहर आकर इस बात की तस्दीक की। उन्होंने साफ किया कि कोर्ट ने सिंगल जज के फैसले को ही कायम रखा है और अब इस भर्ती के दोबारा जिंदा होने की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

अगर हम वक्त के पन्नों को थोड़ा पीछे पलटें और इस भर्ती के सफर को देखें तो इसकी शुरुआत 3 फरवरी 2021 को हुई थी। उस दिन RPSC ने 859 पदों के लिए SI भर्ती का बहुप्रतीक्षित नोटिफिकेशन जारी किया था। इसे देखकर पूरे सूबे के बेरोजगार युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

करीब 7.97 लाख उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए फॉर्म भरे। 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच कड़े इम्तिहान का दौर चला और तकरीबन 3.8 लाख बच्चे परीक्षा देने सेंटर्स पर पहुंचे। इनमें से 20,359 युवाओं ने अपनी पसीने की कमाई से ग्राउंड पर पसीना बहाकर फिजिकल टेस्ट पास किया और 3,291 खुशकिस्मत उम्मीदवार इंटरव्यू के आखिरी पड़ाव तक पहुंचे।

1 जून 2023 को जब फाइनल रिजल्ट आया, तो सब कुछ ठीक लग रहा था। कुछ घरों में ढोल बज रहे थे लेकिन किसी को नहीं पता था कि अंदर ही अंदर एक कितना बड़ा और गंदा खेल खेला जा चुका है।

धीरे-धीरे धांधली की सड़ांध बाहर आने लगी। चारों तरफ से आरोप लगने लगे कि पेपर लीक माफिया ने सिस्टम को दीमक की तरह चाट लिया है। जब बात हद से आगे बढ़ गई और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूटने लगा, तो मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को सौंपनी पड़ी। SOG की जांच में जो खौफनाक खुलासे हुए, उसने पूरे राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक महकमे में भूचाल ला दिया।

यह जानकर सबके होश फाख्ता हो गए कि RPSC के कुछ बड़े और जिम्मेदार अधिकारी ही इस पूरे गोरखधंधे के मास्टरमाइंड थे। मामला इतना गरमाया कि RPSC के सदस्य रामूराम राइका और बाबूलाल कटारा जैसे रसूखदार लोगों की भी पोल खुल गई और उन्हें सीधे सलाखों के पीछे जाना पड़ा।

कब दायर हुई थी याचिका
13 अगस्त 2024 को परीक्षा रद्द करने की याचिका दायर की गई। जोरदार बहसों के बाद 28 अगस्त 2025 को सिंगल जज बेंच ने बिना लाग लपेट के परीक्षा रद्द कर दी। लेकिन जो उम्मीदवार सिलेक्ट हो चुके थे और ट्रेनिंग कर रहे थे, उन्होंने इस फैसले को तुरंत डिवीजन बेंच में चुनौती दे डाली। 8 सितंबर को डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे मामला और उलझ गया। हार मानकर याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचे। देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले की गंभीरता को समझा और 24 सितंबर को सिंगल जज के फैसले पर ही अपनी मुहर लगाई।

Kota Mandi: लिवाली कमजोर रहने से कोटा मंडी में सरसों और मैथी मंदी बिकी

कोटा। Kota Mandi Price today: भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने से सरसों 150 रुपये और मैथी 100 रुपए मंदी रही। देसावरी मांग से लहसुन 1000ऊंचा बिका, गेहूं 50 रुपये तेज रहा। सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2150 से 2271, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2275 से 2400, बेस्ट टुकड़ी 2400 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद मूंग 6000 से 7000, जौ पुराना1600 से 2200 जौ नया 1900से 2250 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 4000, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1) 3600 से 4070, धान (1401-1886) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5750, सरसों 6000 से 7011, अलसी 6800 से 7300, उड़द 4500 से 8100, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। चना देशी पुराना 4700 से 5001, चना मौसमी नया 5100 से 5300, चना पेप्सी 5200 से 5501, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2000 से 12500, मैथी पुरानी 5000से 5800, मैथी नयी 5800 से 6200, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12500 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

एक्सप्रेस-वे, ईआरसीपी और एग्रो इंडस्ट्री से बदलेगी हाड़ौती की तस्वीर: स्पीकर बिरला

चम्बल पर 256 करोड़ के हाई लेवल ब्रिज का हुआ शिलान्यास, विकास को मिलेगी रफ्तार

कोटा। कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में क्षेत्र को महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बून्दी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। चंबल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

रेल कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा क्षेत्र
बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच और आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ेगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे इस लक्ष्य से काम कर रहे हैं, नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं-बहनों को विशेष लाभ मिलेगा।

सरसब्ज होंगे किसानों के खेत
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चंबल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपये की लागत से राम जल सेतु (PKC-ERCP) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वो दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे।

गड़बड़ी करने वाले भुगतेंगे अंजाम
कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केन्द्र सरकार सख्त कानून लान वाली है। जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा कि क्षेत्र को 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आज़ादी के बाद इतने व्यापक काम कभी नहीं हुए, जितने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला केकार्यकाल में हो रहे हैं।

सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म, विदेशी भाषाओं में शामिल

नई दिल्ली। CBSE 3 Language Formula: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ( CBSE ) का नया करिकुलम क्लास 6 के स्टूडेंट्स के लिए 3 भाषाओं का एक नया फॉर्मूला लाया है। क्लास 6 से अब तीन भाषाओं में से दो भारतीय भाषाएं पढ़ना जरूरी होगा।

नैशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत अकैडमिक सेशन 2026-27 से सीबीएसई का यह फैसला स्कूल एजुकेशन में बड़ा बदलाव लेकर आएगा। हालांकि, दूसरी भारतीय भाषा कौन सी होगी, यह कैसे तय होगा? बोर्ड ने यह स्कूलों पर छोड़ा हुआ है।

सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी भाषाओं के नए सिस्टम के मुताबिक, क्लास 6 के बच्चे अब तीन भाषाओं में दो भारतीय भाषाएं पढ़ेंगे। लैंग्वेज सब्जेक्ट को R1 (प्राथमिक भाषा), R2 (दूसरी भाषा) और R3 (तीसरी भाषा) में बांटा गया है। नियम के मुताबिक, तीन में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य होंगी।

सीबीएसई द्वारा जारी तीन लैंग्वेज फॉर्मूले में दो भारतीय भाषाओं का पढ़ना अनिवार्य है, जबकि अंग्रेजी भाषा को विदेशी भाषा के ऑप्शन में शामिल किया है। यानी अब स्टूडेंट्स दो भारतीय भाषाओं के अलावा तीसरी भाषा में रूप में अंग्रेजी चुन सकते हैं और नहीं भी।

तीसरी भाषा की किताबों इस साल क्लास 6 में शुरू की जाएंगी। दूसरा, अब तीसरी भाषा में इंग्लिश या किसी फॉरेन लैंग्वेज का ऑप्शन होगा। इंग्लिश के साथ किसी विदेशी भाषा को चुनने का ऑप्शन भी नहीं होगा।

2031 में क्लास 10 के स्टूडेंट्स के साथ पूरी तरह 3-लैंग्वेज सिस्टम लागू हो जाएगा। NEP 2020 में यह सिफारिश की गई है कि स्टूडेंट्स क्लास 10 तक तीन भाषाएं सीखें, जबकि अभी जो सिस्टम चल रहा है, उसमें वो दो भाषाएं पढ़ते हैं।

तीसरी भाषा संस्कृत या मिलेंगे ऑप्शन
अभी जो सिस्टम है, उसके तहत तीन लैंग्वेज में ज्यादातर स्टूडेंट्स इंग्लिश, हिंदी और तीसरी भाषा में संस्कृत, जर्मन, फ्रेंच, मैंडरिन या कोई और विदेशी भाषा में से एक लेते हैं। स्कूलों का मानना है कि बोर्ड की नई पहल अच्छी है, मगर दूसरी भारतीय भाषा कौन सी हो, यह सवाल बनेगा।

पाकिस्तान को यूएई ने दिखाया आईना; वापस मांगा 3.5 अरब डॉलर का कर्ज, जानिए क्यों

नई दिल्ली। मौजूदा समय में पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार में 21 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि है। विदेशी मुद्रा भंडार की राशि से पाकिस्तान फिलहाल यूएई को कर्ज चुका सकता है, लेकिन आने वाले महीनों में देश को बाहरी वित्तीय मदद की आवश्यकता पड़ सकती है।

हालांकि, पाकिस्तान दुनिया के अन्य देशों के सामने हाथ फैलाकर ही अपनी गाड़ी को आगे खींच रहा है। 31 मार्च 2026 तक पाकिस्तान ने आईएमएफ से लगभग 729 करोड़ डॉलर का कर्ज ले रखा है। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, पाकिस्तान पर कुल विदेशी कर्ज दिसंबर 2025 की दूसरी तिमाही तक लगभग 138 अरब डॉलर पहुंच गया है।

आईएमएफ के अनुसार, पाकिस्तान वर्तमान में आईएमएफ के 7 अरब डॉलर के विस्तारित फंड सुविधा कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। जल्द ही आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए लगभग 1.2 अरब डॉलर की अगली किस्त जारी करने पर सहमति जताई।

चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा कर्जदाता है। चीन ने पाकिस्तान को लगभग 29 अरब डॉलर का कर्ज दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब ने करीब 9.16 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता और जमा राशि के रूप में मदद दी है।

प्रोफिट बाई पाकिस्तान के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान को अप्रैल 2026 में 1.3 अरब डॉलर के यूरोबॉन्ड का भुगतान भी करना है। पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि अबू धाबी ने रकम तुरंत वापस करने की मांग की थी। अधिकारी ने कहा, ‘यह रकम जल्द से जल्द वापस कर दी जाएगी। वित्तीय कारणों से राष्ट्रीय गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।’

अपने चल रहे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड प्रोग्राम के तहत, पाकिस्तान को रिजर्व लेवल बनाए रखने और बाहरी फंडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन मुख्य पार्टनर—चीन, सऊदी अरब और यूएई—से लगभग 12.5 बिलियन डॉलर का रोलओवर हासिल करने की जरूरत है।

इसलिए, यूएई के डिपॉजिट इस व्यवस्था का एक जरूरी हिस्सा थे। डॉन के हवाले से बताया कि अगर नए इनफ्लो से फंड वापस नहीं आया तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और आईएमएफ प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान की स्थिति मुश्किल हो सकती है।

पान मसाला केस में सलमान की अंतरिम राहत खत्म, कोटा कोर्ट में हाजिरी जरूरी

कोटा। पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है।

मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को रखी गई है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान के लिए कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। आयोग ने निचली अदालत के उस आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे।

जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी, जिसमें सर्किट बेंच में लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।

दस्तावेजों पर थे सलमान के फर्जी हस्ताक्षर
अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर एफिडेविट देना होगा और दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे, क्योंकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे।

अधिवक्ता ने फैसले को बताया बड़ी जीत
वहीं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया और कहा कि बड़े लोग अपने ओहदे और पैसे का गलत फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाते।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मार गिराया एक और अमेरिकी लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। ईरान युद्ध का अब घातक स्वरूप देखने को मिलने लगा है। शुक्रवार को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास एक और अमेरिकी विमान A-10 थंडरबोल्ट को मार गिराया।

एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मौका है जब ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक विमान को निशाना बनाया है। इससे पहले ईरान ने एक F-15 फाइटर जेट को भी मार गिराया था। आपको बता दें कि हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी हमलों में ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है।

अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान की सेना ने हमले की जिम्मेदारी ली है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान पर हमले के बाद पायलट किसी तरह कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल रहा और वहां विमान से सुरक्षित बाहर निकल गया। विमान कुवैत की सीमा में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है और पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है।

ईरानी सेना ने अल जजीरा के माध्यम से इस हमले की पुष्टि की है। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका पहले से ही अपने लापता चालक दल के सदस्यों के लिए खोज और बचाव अभियान चला रहा था।

ईरान की आक्रामकता केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं रही। बचाव अभियान में जुटे दो UH-60 ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी हमला किया। हालांकि, इस हमले में कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर सभी को सुरक्षित बताया गया है। इससे पहले मार गिराए गए F-15 जेट के दो चालक दल के सदस्यों में से अब तक केवल एक को ही बचाया जा सका है।

राष्ट्रपति ट्रंप बोले- यह युद्ध है
विमानों के मार गिराए जाने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्ध की स्थिति करार दिया। एनबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इन घटनाओं का ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत पर कोई असर पड़ेगा, तो उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। यह युद्ध है। हम एक युद्ध में हैं।”

आपको बता दें कि ईरान द्वारा अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने की यह घटना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हो रही है। इस मार्ग के बंद होने और लगातार हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भारत अपनी एलपीजी (LPG) और तेल के लिए इस मार्ग पर निर्भर है।

CBSE की 9वीं-10वीं के लिए अब गणित, विज्ञान के 2 स्तर होंगे, पहली परीक्षा 28 में

नई दिल्ली। CBSE Education Policy: सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों यानी स्टैंडर्ड और एडवांस्ड में पढ़ाया जाएगा, जिससे छात्र अपनी क्षमता के अनुसार विषय चुन सकेंगे। यह नया नियम अगले सत्र से लागू होगा और इसकी पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।

सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि 2026 से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अनिवार्य तीन-भाषा फार्मूला कक्षा 6 के लिए लागू किया जाएगा, जबकि कक्षा 9 के लिए गणित और विज्ञान में अनिवार्य मानक एवं वैकल्पिक उन्नत पाठ्यक्रमों की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू की जाएगी। कक्षा 9 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू होने से दोनों विषयों में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

अधिकारी ने कहा, नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (NCF) की सिफारिशों के अनुसार, इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए। भाषाओं को तीन चरणों-आर, आर 2 और आरउ-में एक सुव्यवस्थित तीन-भाषा ढांचे के तहत व्यवस्थित किया गया है। लेकिन अगर कोई छात्र विदेश के किसी स्कूल से पढ़कर आया है और उसने वहां कक्षा 8 या 9 तक जो तीसरी भाषा पड़ी थी, वह भारत के स्कूलों में उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे खास मामलों में उसे निर्धारित मानदंडों के अनुसार छूट दी जा सकती है। एजेंसी

मानक परीक्षा अनिवार्य उन्नत वैकल्पिक
गणित और विज्ञान को दी स्तरीय प्रणाली पर अधिकारी ने कहा, सभी छात्र मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे और तीन घंटे की 80 अंकों की एक समान परीक्षा में शामिल होंगे। उच्च दक्षता का विकल्प चुनने वाले छात्र दोनों विषयों में किसी एक या दोनों में एक अतिरिक्त उन्नत स्तर का चयन कर सकते हैं।