Sunday, July 12, 2026
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Mustard: मिलर्स की मजबूत मांग से सरसों की कीमतों में लगातार तेजी बनी रही

नई दिल्ली। Mustard weekly Report: नई सरसों बड़े उत्पादक राज्यों के मुख्य बाज़ारों (मंडियों) में अच्छी मात्रा में आ रही है। मिल मालिकों और व्यापारियों की भारी खरीद के कारण, कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और ऊपर की ओर बढ़ रही हैं। इसलिए, किसानों को बेहतर रिटर्न मिल रहा है।

मोटे अनुमान के मुताबिक, मार्च महीने में देशभर के बाज़ारों में लगभग 1.9 मिलियन टन सरसों की रिकॉर्ड मात्रा आई। इससे साफ़ पता चलता है कि प्रोड्यूसर्स को अपनी उपज पर अच्छा रिटर्न मिला है। क्योंकि होलसेल मार्केट में कीमतें अभी मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से ऊपर ट्रेड कर रही हैं, इसलिए सरकारी एजेंसियों को सरसों खरीदने का कोई मौका नहीं मिला है।

28 मार्च से 3 अप्रैल तक के हफ़्ते में, दिल्ली और जयपुर दोनों जगह 42% कंडीशन वाली सरसों की कीमत 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर क्रमशः 7,100 और 7,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इसी तरह, औसत जनरल क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी 100 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी देखी गई।

हरियाणा के सिरसा मार्केट में, कीमतें 500 रुपये बढ़कर 6,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं; राजस्थान के कोटा में, कीमतें 400 रुपये बढ़कर 6,000 और 7,300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गईं; और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में, कीमतें 300 रुपये बढ़कर 6,800 और 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच आ गईं। ज़्यादातर दूसरे मार्केट में भी सरसों की कीमतों में 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सरसों का तेल: सरसों के बीजों की ज़्यादा कीमत की वजह से, एक्सपेलर-प्रेस्ड और कच्ची घानी (कोल्ड-प्रेस्ड) सरसों के तेल की कीमतें 2 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गईं। कोटा में कच्ची घानी सरसों के तेल की कीमत 130 रुपये बढ़कर 1,600 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि आगरा में भी 40 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई। दिल्ली में एक्सपेलर की कीमत 25 रुपये बढ़कर 1,495 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि चरखी दादरी में भी यह 25 रुपये बढ़कर 1,485 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर पहुंच गई।

आवक: 3 अप्रैल को, पूरे देश के बाज़ारों में सरसों की आवक बढ़कर 1.2 मिलियन बैग तक पहुँच गई। 2 अप्रैल को भी आवक 1.1 मिलियन बैग थी। सरसों की खली और DOC की कीमतों में भी काफ़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सेंसेक्स की शीर्ष 6 कंपनियों का मार्केट कैप 65000 करोड़ घटा, एयरटेल को बड़ा झटका

नई दिल्ली। Market Cap: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में कमजोरी का असर देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों पर भी दिखा। इनमें से छह कंपनियों का कुल बाजार मूल्य ₹64,734.46 करोड़ घट गया। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल को हुआ।

हफ्ते के दौरान बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स 263.67 अंक यानी 0.35 प्रतिशत नीचे आया। वहीं एनएसई का निफ्टी 106.5 अंक यानी 0.46 प्रतिशत गिरा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा के मुताबिक, बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। यह गिरावट करीब आधा प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताएं रहीं।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। इससे बाजार में बिकवाली बढ़ी।हालांकि, हफ्ते के बीच में बाजार में कुछ सुधार भी देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और तेल की कीमतों में नरमी आने से निवेशकों का भरोसा थोड़ा मजबूत हुआ।

शेयर बाजार में हालिया सुधार के बावजूद उतार-चढ़ाव बना रहा। जानकारों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों में अस्थिरता, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये की कमजोरी और महंगाई की चिंता इसकी बड़ी वजह रही।

इस दौरान कई बड़ी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखी गई। भारती एयरटेल का मार्केट कैप करीब 29,993 करोड़ रुपये घटकर 10.20 लाख करोड़ रुपये रह गया। आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन भी 12,845 करोड़ रुपये कम होकर 8.70 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

बजाज फाइनेंस के बाजार मूल्य में 11,169 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 5.14 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 7,822 करोड़ रुपये घटकर 11.56 लाख करोड़ रुपये रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्यांकन भी 2,349 करोड़ रुपये घटकर 4.85 लाख करोड़ रुपये हो गया।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाजार पूंजीकरण में भी हल्की गिरावट आई और यह 553 करोड़ रुपये घटकर 9.41 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 22,359 करोड़ रुपये बढ़कर 8.87 लाख करोड़ रुपये हो गया। इंफोसिस का मूल्यांकन 12,374 करोड़ रुपये बढ़कर 5.27 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

लार्सन एंड टुब्रो के बाजार पूंजीकरण में 6,575 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 4.97 लाख करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप भी 3,518 करोड़ रुपये बढ़कर 18.28 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास बरकरार रहा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

UGC NET दिसंबर 2025 रिवाइज्ड फाइनल आंसर-की जारी, 5 विषयों के नतीजे जल्द

नई दिल्ली। UGC NET: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) दिसंबर 2025 सत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रिवाइज्ड फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। यह बदलाव दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद किया गया है। कोर्ट के इस आदेश से उन हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से उत्तरों में गड़बड़ी को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

यह रिवाइज्ड फाइनल आंसर-की सभी विषयों के लिए नहीं, बल्कि मुख्य रूप से इतिहास, अर्थशास्त्र, शिक्षा, कॉमर्स और हिंदी के लिए जारी की गई है। इन पांचों विषयों के रिवाइज्ड रिजल्ट अब किसी भी वक्त आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित किए जा सकते हैं।

पूरे विवाद की शुरूआत ‘इतिहास’ विषय के पेपर से हुई थी, जिसे लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया था। दिसंबर सेशन में इतिहास की परीक्षा में लगभग 60,777 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनके परिणाम 4 फरवरी को घोषित किए गए थे। रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने आरोप लगाया था कि कम से कम 9 सवालों के उत्तर गलत मार्क किए गए हैं।

हैरानी की बात यह थी कि छात्रों द्वारा पुख्ता सबूतों के साथ आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद, 4 फरवरी को जारी फाइनल आंसर-की में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला अंत में अदालत तक पहुंच गया। अब रिवाइज्ड फाइनल आंसर-की में NTA ने इतिहास विषय के 4 सवालों को हटा दिया है, जबकि 3 सवालों के दो सही उत्तर माने गए हैं।

UGC NET Dec 2025 Answer Key direct link

कॉमर्स और अन्य विषयों में भी बदलाव
कॉमर्स विषय, जिसकी परीक्षा 3 जनवरी को पहली पाली में आयोजित की गई थी, उसमें भी बड़े सुधार किए गए हैं। रिवाइज्ड फाइनल आंसर-की के अनुसार कॉमर्स विषय में 3 सवालों को हटा दिया गया है। 1 सवाल ऐसा है जिसके अब दो सही उत्तर स्वीकार किए गए हैं।

सवालों को ‘ड्रॉप’ किए जाने का मतलब यह है कि उन सवालों के अंक उन सभी अभ्यर्थियों को मिलेंगे जिन्होंने उस शिफ्ट में परीक्षा दी थी। इससे मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

हाई कोर्ट का हस्तक्षेप और छात्रों की जीत
छात्रों का आरोप था कि NTA और उसके एक्सपर्ट के पैनल ने गंभीर गलतियों को नजरअंदाज किया, जिससे कई योग्य उम्मीदवार जेआरएफ (JRF) और असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता से वंचित रह गए थे। दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एजेंसी को अपनी गलती सुधारनी पड़ी। यह फैसला पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

Moody’s ने भारत की GDP ग्रोथ घटाई, 6% पर पहुंचा अनुमान; महंगाई बढ़ने की चेतावनी

नई दिल्ली। रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह अनुमान 6.8 प्रतिशत था। एजेंसी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिससे विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है और महंगाई बढ़ने का खतरा है।

मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह तनाव लंबा खिंचता है तो खासतौर पर एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे घरों में गैस की कमी, ईंधन और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा, क्योंकि भारत उर्वरकों के लिए आयात पर काफी निर्भर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 55 प्रतिशत कच्चा तेल और 90 प्रतिशत से ज्यादा एलपीजी पश्चिम एशिया से आयात करता है। ऐसे में वहां की स्थिति का सीधा असर देश पर पड़ता है।

मूडीज ने यह भी कहा कि फिलहाल महंगाई काबू में है, लेकिन वैश्विक हालात के कारण इसमें बढ़ोतरी का जोखिम बढ़ गया है। एजेंसी ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 में औसत महंगाई दर 4.8 प्रतिशत रह सकती है, जो 2026 में 2.4 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर महंगाई बढ़ती है और अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है तो आने वाले समय में ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है या जरूरत पड़ने पर धीरे-धीरे बढ़ाया भी जा सकता है। यह फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक तनाव कितने समय तक बना रहता है और उसका असर ईंधन व खाद्य कीमतों पर कितना पड़ता है।

मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता दिख रहा है। अलग अलग रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि आने वाले समय में देश की आर्थिक वृद्धि दर कुछ धीमी हो सकती है।

Moody’s की 31 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से घटकर करीब 6 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई और बढ़ती लागत के कारण निजी खपत कमजोर हो सकती है। इसके साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में नरमी और निवेश की रफ्तार में भी कमी देखने को मिल सकती है।

वहीं, Organisation for Economic Co-operation and Development ने भी अपने आकलन में कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत से घटकर 6.1 प्रतिशत तक आ सकती है।

EY की इकोनॉमी वॉच रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर पश्चिम एशिया का तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वृद्धि दर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। साथ ही खुदरा महंगाई दर में करीब 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

TRAI का जियो पर एक्शन, डिस्क्रिमिनेटरी टैरिफ पर 14 अप्रैल तक मांगा जवाब

नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो को कुछ टैरिफ प्लान से जुड़ी प्रक्रियाएं बदलने के निर्देश दिए हैं। ट्राई ने कंपनी को 14 अप्रैल तक इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।

ट्राई का कहना है कि जियो के कुछ टैरिफ प्लान सभी प्लेटफॉर्म पर समान रूप से उपलब्ध नहीं थे और इनमें पारदर्शिता की कमी पाई गई। रेगुलेटर ने कंपनी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सभी प्लान वेबसाइट, ऐप, रिटेल स्टोर और कस्टमर केयर सहित हर प्लेटफॉर्म पर एक जैसे तरीके से उपलब्ध हों। साथ ही कुछ प्लान पर डिवाइस-आधारित प्रतिबंध हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ट्राई की जांच अगस्त 2025 में शुरू हुई थी, जब जियो ने कुछ एंट्री-लेवल प्रीपेड प्लान बंद कर दिए थे, जिनमें रोजाना 1GB डेटा मिलता था। उस समय कंपनी ने बताया था कि ये प्लान केवल अपने रिटेल स्टोर्स के जरिए ही उपलब्ध हैं।

जांच में पाया गया कि ₹249 और ₹199 वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर सिर्फ जियो स्टोर्स पर मिल रहे थे, जबकि ₹209 वाला प्लान केवल MyJio ऐप के जरिए उपलब्ध था। ट्राई ने इसे नियमों के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह की सीमित उपलब्धता उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता के सिद्धांत का उल्लंघन है।

ट्राई ने यह भी कहा कि 2020 के नियमों के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को अपने सभी टैरिफ प्लान हर प्लेटफॉर्म पर समान रूप से सार्वजनिक करना जरूरी है, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न हो।

दूरसंचार क्षेत्र के नियामक Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने Reliance Jio की डिवाइस-विशिष्ट टैरिफ योजनाओं पर आपत्ति जताई है। ट्राई ने कहा है कि जियो के जियोफोन और जियोभारत जैसे फीचर फोन के साथ जुड़े खास रिचार्ज प्लान अन्य स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जो भेदभावपूर्ण (discriminatory) है।

ट्राई के अनुसार, ये कम कीमत वाले 4G डिवाइस ऐसे रिचार्ज ऑफर के साथ आते हैं जो सिर्फ उन्हीं डिवाइस तक सीमित रहते हैं। अन्य फोन यूजर्स को इन प्लानों का लाभ नहीं मिलता, जो समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।

नियामक ने जियो को निर्देश दिया है कि वह अपनी इन योजनाओं को इस तरह बदले कि वे सभी डिवाइस पर समान रूप से उपलब्ध हों। ट्राई ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लान के लिए अलग-अलग चैनलों पर जाने के लिए मजबूर करना सही नहीं है।

ट्राई ने साफ किया कि सभी प्लेटफॉर्म पर टैरिफ ऑफर की उपलब्धता जरूरी है और यह टेलीकॉम टैरिफ ऑर्डर, 1999 की भावना के अनुरूप होना चाहिए।

जियो और ट्राई आमने-सामने
रिलायंस जियो ने रेगुलेटर के सामने अपनी स्थिति का बचाव किया है। कंपनी ने कहा कि वर्ष 2020 के निर्देश केवल टैरिफ की जानकारी सार्वजनिक करने से जुड़े हैं और इनमें यह तय नहीं किया गया है कि टैरिफ कहां और कैसे बेचे जाएं।

Reliance Jio का कहना है कि कुछ सेवाएं जैसे पहली बार रिचार्ज और पोस्टपेड प्लान ऑनलाइन बेचना संभव नहीं होता। कंपनी ने डिवाइस-विशिष्ट टैरिफ के बारे में भी कहा कि JioPhone और JioBharat जैसे प्लान अलग-अलग यूजर सेगमेंट को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, इसलिए इन्हें मनमाना नहीं कहा जा सकता।

हालांकि, TRAI ने जियो के इन तर्कों को खारिज कर दिया है। ट्राई का कहना है कि टैरिफ की जानकारी सार्वजनिक करना और उनकी उपलब्धता दोनों आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं माना जा सकता।

रेगुलेटर ने यह भी चिंता जताई कि डिवाइस से जुड़े ऐसे प्लान उपभोक्ताओं के विकल्प सीमित कर सकते हैं। इससे उपयोगकर्ता किसी एक ही ऑपरेटर से लंबे समय तक जुड़े रह सकते हैं, जिससे मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के उद्देश्य पर असर पड़ सकता है।

नियम तोड़ने पर लाखों तक जुर्माने का प्रावधान
ट्राई के निर्देशों के तहत जियो पर नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी तय की गई है। Telecom Regulatory Authority of India के अनुसार, Reliance Jio Infocomm Ltd को अपने सभी टैरिफ प्लान सार्वजनिक करना होंगे। इसमें सभी प्रकार के स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) भी शामिल हैं, जिन्हें कंपनी को हर प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना जरूरी है।

इसके साथ ही जियो को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस के आधार पर कोई भेदभाव न हो। यानी किसी भी यूजर को उसके मोबाइल या डिवाइस के आधार पर अलग या सीमित प्लान न दिया जाए। सभी डिवाइस यूजर्स के लिए टैरिफ प्लान समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए।

अगर कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ टेलीकॉम एक्ट, 1997 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें पहली बार नियम तोड़ने पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना और लगातार नियमों का पालन न करने पर अतिरिक्त दैनिक पेनल्टी भी लग सकती है।

Coriander: चालू सीजन के दौरान धनिया ईगल का भाव 150 रुपए जाने का अनुमान

नई दिल्ली। Coriander Price: चालू सप्ताह के दौरान धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटने एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण हाल ही में धनिया के दामों में 18 से 20 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है।

सूत्रों का कहना है कि अभी तक अधिकांश उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में अवकाश चल रहा था। लेकिन आगामी सप्ताह से सभी मंडियों में व्यापार शुरू हो जाएगा। जिस कारण से मंडियों में आवक बढ़ेगी। हो सकता है भावों में कुछ गिरावट आए। क्योंकि भाव काफी ऊंचे होने के कारण किसान अधिकांश माल की बिकवाली करेगा।

चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन 95 से 97 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2024 में उत्पादन 1.20 करोड़ बोरी का रहा था। वर्ष 2023 में रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 लाख बोरी का माना गया है। धनिया का मुख्यतः उत्पादन मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान में होता है।

हालांकि उत्पादक केन्द्रों पर अवकाश होने के कारण अधिकांश मंडियां बंद रही। लेकिन सप्ताह के अंतिम दो दिन व्यापार शुरू होने के पश्चात कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। क्योंकि वायदा में भाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं चालू सप्ताह के दौरान उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव 125 से 130 रुपए एवं बादामी 115 से 120 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर बोला जाने लगा है। वर्तमान स्थिति का देखते हुए सूत्रों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान कभी भी धनिया ईगल का भाव 150 रुपए का स्तर छू सकता है। बशर्तें आगामी दिनों में आयात न हो।

सूत्रों का कहना है कि लगातार भाव बढ़ने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी दिनों में बाजार में मुनाफावसूली की बिकवाली आ सकती है। जिस कारण से अल्पकाल के लिए कीमतों में 5 से 8 रुपए की गिरावट आ सकती है। लेकिन तत्पश्चात कीमतों में फिर तेजी बननी शुरू हो जाएगी।

क्योंकि खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कम रहेगी। एक अनुमान के अनुसार निर्यात एवं लोकल खपत को द्वारा करने के लिए लगभग 1.40 से 1.50 बोरी की आवश्यकता होती है लेकिन नई पैदावार एवं पुराना स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.20 से 1.25 करोड़ बोरी की रहेगी।

निर्यात : मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम 10 माह में धनिया का निर्यात 5 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल जनवरी- 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 52006 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 570.29 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल जनवरी 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 49396 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 520.21 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60330 टन का रहा था। वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।

ईरान युद्ध का असर; जयपुर से खाड़ी देशों की उड़ानें ठप, तीन गुना महंगा हुआ टिकट

जयपुर/सीकर। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने राजस्थान के लोगों और उनके सुनहरे सपनों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा साइड इफेक्ट अब जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साफ नजर आ रहा है। खाड़ी देशों को जोड़ने वाली लाइफलाइन कही जाने वाली उड़ानें न केवल रद्द हो रही हैं, बल्कि जो बची हैं, उनका किराया आसमान छू रहा है।

ईरान के ऊपर से हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा कारणों से विमान कंपनियों ने जयपुर से अपनी उड़ानों में भारी कटौती की है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर-अबू धाबी और दुबई रूट पर पड़ा है। पहले जहां जयपुर से रोजाना दो उड़ानें संचालित होती थीं, अब केवल एक शाम की फ्लाइट ही उड़ान भर पा रही है। दुबई की दोनों नियमित उड़ानें लगातार रद्द चल रही हैं, जबकि मस्कट की फ्लाइट अब सप्ताह में केवल दो दिन ही संचालित हो रही है। शेखावाटी (सीकर, चूरू, झुंझुनूं) के हजारों प्रवासी, जो ईद या छुट्टियों पर घर आने की तैयारी में थे, अब अधर में लटके हैं।

किराया नहीं, ‘करंट’ लगा रही हैं टिकटें
युद्ध के कारण विमानों को अब लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। इसका बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ा है। इटली और खाड़ी देशों से भारत आने वाली टिकटें, जो पहले 50,000 रुपये के आसपास थीं, अब 1,50,000 रुपये तक पहुंच गई हैं। एक सामान्य मजदूर या कामगार के लिए तीन गुना किराया देना नामुमकिन साबित हो रहा है।

व्यापार और पर्यटन पर भी संकट
जयपुर एयरपोर्ट से होने वाला ‘कार्गो व्यापार’ भी प्रभावित हुआ है। कीमती पत्थर, रत्न और हस्तशिल्प का निर्यात करने वाले व्यापारियों के ऑर्डर फंसे हुए हैं। पर्यटन सीजन के अंत में विदेशी सैलानियों की आवाजाही में भी गिरावट दर्ज की गई है।

कोटा ट्रैफिक पुलिस ने व्यापारी के सामने हाथ क्यों जोड़े, जानिए पूरा मामला

कोटा। कोचिंग सिटी में शनिवार को खाकी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है। शहर के व्यस्त एरोड्रम सर्किल पर एक 2 हजार रुपये के चालान को लेकर शुरू हुआ विवाद ‘खूनी संघर्ष’ में बदल गया।

सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है, जिसमें कोटा ट्रैफिक पुलिस के टीआई देवेश भारद्वाज बीच सड़क पर एक मंडी व्यापारी के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं और कह रहे हैं’ मेरे कपड़े फाड़ लो, बस बात खत्म करो।’ आखिर एक दबंग पुलिस अधिकारी को बीच सड़क पर इस तरह बेबस क्यों होना पड़ा? आइए जानते हैं इस पूरे ड्रामे की इनसाइड स्टोरी।

पूरा मामला शनिवार दोपहर का है, जब भामाशाह मंडी के व्यापारी मुकेश जांगिड़ अपनी कार से एरोड्रम सर्किल से दादाबाड़ी की ओर जा रहे थे। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कांस्टेबल अभिषेक ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस का आरोप था कि जांगिड़ मोबाइल पर बात कर रहे थे और उन्होंने सीट बेल्ट भी नहीं लगा रखी थी।

नियमों के उल्लंघन पर कांस्टेबल ने चालान काटा, लेकिन देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। व्यापारी मुकेश जांगिड़ का आरोप है कि कांस्टेबल ने उनके चेहरे पर जोरदार मुक्का मारा, जिससे उनकी नाक और मुंह से खून निकलने लगा। दूसरी ओर, कांस्टेबल ने दावा किया कि व्यापारी ने उसकी वर्दी पर हाथ डाला और चालान बुक छीनने की कोशिश की।

टीआई की ‘गांधीगिरी’ या प्रशासनिक मजबूरी
सड़क पर लहूलुहान व्यापारी और गुस्से में आई भीड़ को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अशोक मीणा और टीआई देवेश भारद्वाज मौके पर पहुंचे। व्यापारी और उसके साथी कांस्टेबल पर तुरंत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। भीड़ का बढ़ता दबाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ते देख टीआई देवेश भारद्वाज ने ‘गांधीगिरी’ का रास्ता अपनाया। उन्होंने बीच सड़क पर हाथ जोड़कर व्यापारी से कहा-आप तो मेरे कपड़े फाड़ लो, मैं कुछ नहीं बोलूंगा, चू तक नहीं करूंगा, बस बात खत्म करें और थाने चलें।

टीआई का यह वीडियो अब वायरल है। जानकारों का मानना है कि टीआई ने भीड़ को शांत करने और मामले को और अधिक हिंसक होने से रोकने के लिए यह ‘मजबूरी भरा’ रास्ता अपनाया, ताकि पुलिस की छवि और न बिगड़े।

दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
काफी मशक्कत के बाद व्यापारी को समझाकर थाने ले जाया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि दोनों पक्षों ने डीएसपी को लिखित शिकायत दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पहले हाथ किसने उठाया। कोटा पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषी चाहे पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इटावा को मिली इंडोर स्टेडियम की सौगात, 68 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को इटावा में नवनिर्मित इण्डोर खेल स्टेडियम, उप जिला अस्पताल, ट्रोमा सेंटर, अमृत 2.0 शहरी पेयजल योजना के तहत संवर्धन कार्य सहित 68 करोड़ के विकास कार्यों शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

इस दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़लाल मीणा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर स्पीकर बिरला और कैबिनेट मंत्री मीणा ने बैडमिंटन खेल कर इंडोर स्टेडियम की विधिवत शुरूआत की। कार्यक्रम के उपरान्त स्पीकर बिरला ने इटावा सीएचसी पहुंचकर क्षेत्र में तेज बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ से घायल हुए नागरिकों की कुशलक्षेम जानी।

उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए। प्रशासन को भी प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के बाद हाड़ौती क्षेत्र में आने वाले टूर पैकेजों में बढोतरी

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की एक बैठक शनिवार को बूंदी स्थित एक होटल पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने की।

बूंदी इकाई के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी ने बताया कि ट्रैवल मार्ट के बाद देशभर के टूर ऑपरेटर हाड़ौती क्षेत्र के लिए टूर पैकेज तैयार कर रहे हैं और पर्यटकों को यहां भेज रहे हैं, हालांकि वर्तमान में यह गतिविधि मुख्य रूप से कोटा और बूंदी तक सीमित है।

बूंदी में पिछले कुछ दिनों से लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है तथा आने वाले पर्यटकों को बूंदी और कोटा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जा रहा है। फेडरेशन के संभागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि उनका प्रयास है कि देशभर के सभी टूर ऑपरेटर हाड़ौती के लिए 5 दिन का विस्तृत टूर प्लान तैयार करें, जिसमें कोटा, बूंदी के साथ-साथ झालावाड़ एवं बारां को भी शामिल किया जाए।

बैठक में बूंदी इकाई के सदस्यों ने आगामी हाड़ौती ट्रैवल मार्ट बूंदी में भी एक दिन का रखने की मांग की। इस पर माहेश्वरी ने कहा कि अगला ट्रैवल मार्ट चार दिवसीय रखने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें दो दिन टूर ऑपरेटरों को पूरे हाड़ौती क्षेत्र का भ्रमण कराया जा सके। उन्होंने बताया कि जुलाई से शुरू होने वाले पर्यटन सीजन में हाड़ौती क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है, जिसके लिए होटल फेडरेशन निरंतर प्रयासरत है।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा आगामी ट्रैवल मार्ट 2027 का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है, जिसे शीघ्र ही सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। साथ ही कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ में आयोजित होने वाले महोत्सवों को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए भी कार्य योजना बनाई जा रही है।

फेडरेशन द्वारा मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए 6 वाहनों का पंजीकरण कराया जा चुका है। साथ ही चंबल सफारी के क्रूज एवं नई नावों के संचालन के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
बूंदी इकाई के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी ने रामगढ़ विषधारी अभयारण्य के मार्ग को दुरुस्त कराने एवं जैत सागर में जलकुंभी की सफाई कर पुनः नौकायन शुरू कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि जलकुंभी हटाने के लिए मशीन बूंदी पहुंच चुकी है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

उन्होंने यह भी बताया कि RTDC का गेस्ट हाउस बेहतरीन स्थान पर स्थित होने के बावजूद रखरखाव के अभाव में बंद पड़ा है, जिसे शीघ्र सुधार कर पुनः शुरू किया जाना चाहिए। अंत में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बूंदी जिला इकाई द्वारा दिए गए सहयोग के लिए अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी, सचिव लोकेश सुखवाल, कोषाध्यक्ष भगवान मंडावरा सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं दुपट्टा पहनाकर कर सम्मानित किया।