Sunday, July 12, 2026
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मौद्रिक नीति समिति की बैठक में इस बार तय होगा रेपो रेट बढ़ेगी या नहीं, नतीजे 8 को

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज उछाल के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए बैठक करेगी।

एमपीसी बैठक के संभावित नतीजों पर 10 अर्थशास्त्रियों के बीच एक सर्वेक्षण किया। सभी प्रतिभागियों ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति नीतिगत रीपो दर को 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रख सकती है क्योंकि वह युद्ध के वृद्धि और मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रही है। आरबीआई 8 अप्रैल को मौद्रिक नीति समीक्षा के ​नतीजों की घोषणा करेगा।

आरबीएल बैंक को छोड़कर सर्वेक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने कहा कि मौद्रिक नी​ति पर तटस्थ रुख में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तटस्थ रुख केंद्रीय बैंक को जरूरत के हिसाब से किसी भी दिशा में कदम उठाने की सहूलियत देता है।

येस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंद्रनील पान ने कहा, ‘युद्ध वृद्धि दर और मुद्रास्फीति, दोनों पर किस तरह का प्रभाव डालता है, इस पर अभी अनिश्चितता है। इसलिए आरबीआई को किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले उभरते डेटा की प्रतीक्षा और अवलोकन करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘तटस्थ रुख आरबीआई को लचीलापन देता है।’

अ​धिकतर प्रतिभागियों का मानना ​​है कि ब्याज दर कटौती का वर्तमान चक्र जो पिछले साल फरवरी में शुरू हुआ था, समाप्त हो गया है। केंद्रीय बैंक ने इस चक्र में रीपो दर में 125 आधार अंक की कटौती की है।

पिछली नीति समीक्षा के बाद से पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट के प्रभावी रूप से बंद होने और प्रमुख क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने मौजूदा हालात को 1973 के बाद से वैश्विक तेल बाजार में सबसे गंभीर व्यवधान बताया है।

भारत भी इस संकट के असर का सामना कर रहा है। रुपया नरम होकर 93 प्रति डॉलर के पार पहुंच गया है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे आयातित मुद्रास्फीति बढ़ रही है। इसके अलावा, ‘सुपर अल नीनो’ का अनुमान मुद्रास्फीति के दबाव को और बढ़ा सकता है।

आरबीआई अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वृद्धि दर और मुद्रास्फीति का अनुमान जारी करेगा। प्रतिभागियों ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि 6.5 से 7 फीसदी के बीच और मुद्रास्फीति 4 से 4.9 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान लगाया है। प्रतिभागियों ने कहा कि वर्तमान माहौल काफी अनिश्चित है जो आरबीआई को सतर्क रखेगा।

वित्तीय स्थिरता पर केंद्रीय बैंक का ध्यान रह सकता है। यदि स्थिति उम्मीद से अधिक समय तक इसी तरह बनी रहती है तो भारत की चुनौती चालू खाता घाटे से पूंजी खाते पर दबाव की ओर स्थानांतरित हो सकती है। ऐसे हालात में रुपये काे सहारा देने के लिए मुद्रा बाजार में आरबीआई के दखल देने की गुंजाइश सीमित हो सकती है।

एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज की प्रमुख अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा, ‘फिल​हाल बहुत अधिक तरलता और अनिश्चितता है जो आरबीआई को सतर्क रखेगी। इसलिए वित्तीय स्थिरता पर आरबीआई का मुख्य ध्यान रहेगा।’

Stock Market: सेंसेक्स 521 अंक फिसल कर 72797 पर, निफ्टी 22600 के नीचे  

नई दिल्ली। Stock Market Update: एशियाई बाजारों से पॉजिटिव रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (6 अप्रैल) को सपाट रुख के साथ खुले। अच्छी शुरुआत के चंद मिनट बाद ही सेंसेक्स 521 अंकों की गिरावट के साथ 72797 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी 50 आज 132 अंक नीचे 22580 के लेवल पर आ गया। निफ्टी टॉप गेनर्स में ट्रेंट, बजाज ऑटो, टाइटन, विप्रो और हिन्डाल्को हैं। इनमें 1 से 5 फीसद से अधिक की तेजी है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली गिरावट के साथ 73,477 अंक पर खुला। शुरुआती मिनटों में कोई पॉजिटिव ट्रिगर नहीं मिलने के बाद इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। सुबह 9:31 बजे यह 322.61 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट लेकर 72,996.94 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 22,780 पर खुला। हालांकि, खुलते ही यह 22700 से नीचे फिसल गया। सुबह 9:33 बजे यह 74.10 अंक या 0.33 फीसदी गिरकर 22,639 पर चल रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की रविवार को धमकी के बीच निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और किसी बड़े दांव पेच से बच रहे हैं। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। निक्केई 225 और कोस्पी इंडेक्स क्रमशः 1.19 प्रतिशत और 1.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज पिछले शुक्रवार को 0.13 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।

एस एंड पी 500 और नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स क्रमशः 0.11 प्रतिशत और 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव ने जोखिम के माहौल को बिगाड़ दिया। एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स फ्यूचर्स क्रमशः 0.10 प्रतिशत और 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड का अप्रैल अनुबंध इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर 1.15 प्रतिशत बढ़कर 110.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कारोबारियों को आशंका है कि बढ़ता तनाव आपूर्ति की स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया का सरलीकरण किया, किसानों को राहत

स्पीकर बिरला और ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद खाद्य विभाग ने जारी की नई गाइड लाइन

कोटा। राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद के लिए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए थे।

मंत्री नागर ने स्वयं भामाशाह मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याओं को समझा था। जिसके बाद विभाग ने किसानों के हित में पोर्टल की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब किसान 6 अप्रैल से 31 मई तक अपनी पसंद के किसी भी सप्ताह का चयन कर फसल बेचान हेतु स्लॉट बुक कर सकेंगे।

व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए टोकन अब खरीद केंद्रों द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे। ताकि दैनिक क्षमता का पूर्ण उपयोग हो सके और किसानों को मंडी में इंतजार न करना पड़े।

यदि कोई किसान बिना पंजीकरण के पहुंचता है, तो केंद्र प्रभारी को प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद कुल पंजीकृत किसानों के 10% तक ‘स्पॉट रजिस्ट्रेशन’ करने की अनुमति दी गई है।सह-खातेदारों और बटाईदारों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है।

अब सह-खातेदार या भूमि मालिक की सहमति उनके जनआधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से ली जा सकेगी। यदि पंजीकरण के समय यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो खरीद केंद्र प्रभारी भी इसे पूर्ण कर सकेंगे। हालांकि, भुगतान केवल पंजीकृत किसान के जनआधार लिंक बैंक खाते में ही जमा होगा।

मृतक किसानों के मामले में, वारिस अपडेटेड जमाबंदी अपलोड कर अपनी उपज बेच सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अब अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत कर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से फसल बेच सकेंगे।

​तकनीकी समस्याओं का समाधान करते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि गिरदावरी के आधार पर उपज की सीमा तय की गई है। यदि ‘राउंड ऑफ’ के कारण किसान के पास सीमित मात्रा में अतिरिक्त गेहूँ बचता है, तो केंद्र प्रभारी को निर्धारित मात्रा से 5% अधिक तक खरीद की छूट दी गई है।

बारदाना आपूर्ति और गोदामों में माल उतारने की समस्याओं के समाधान हेतु एफसीआई को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों को खरीद संबंधी शिकायतों के लिए तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है। ये सभी संशोधित व्यवस्थाएं सोमवार, 6 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।

नई व्यवस्था से परेशानियों से मिलेगी मुक्ति

नई व्यवस्था से बटाईदार और सह-खातेदार किसानों को सुविधा होगी। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को भी फसल बेचान में आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। गिरदावरी की विसंगतियों को दूर कर और 5% अतिरिक्त खरीद की छूट देकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी पात्र किसान का गेहूँ केंद्र से वापस न लौटे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक अन्नदाता अपनी उपज बिना किसी अनावश्यक देरी या परेशानी के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सके।-हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री, राजस्थान सरकार

श्री सर्राफा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ के चुनाव में जयकुमार जैन का पैनल जीता

कोटा। श्री सर्राफा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ के चुनाव रविवार को उत्साह व उमंग के साथ सम्पन्न हुए, जिसमें अध्यक्ष जयकुमार जैन का लगभग पूरा पैनल विजय घोषित किया गया।

चुनाव अधिकारी रितेश मेवाडा ने बताया कि जयकुमार जैन ने अपने प्रतिद्वदी गौरव सोनी को 14 मतों से हराया। जबकि योगेंद्र सोनी को सचिव निर्वाचित किया गया, उन्होंने मनीष समधानी को 2 मतों से हराया। रमेश सोनी (अंता वाले) उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इन्होंने रोनक गोयल को 12 मतों से हराया। नरेंद्र जैन दमदमा वाले उपसचिव चुने गए, इन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदि विजय बंसल को 7 मतों से हराया।

सहायक चुनाव अधिकारी रामदयाल शाक्यवाल एवं रामेत कुमार सैनी ने बताया कि भानु जैन, विपुल गर्ग, प्रभात मित्तल, दीपक जैन, नरेन्द्र कुमार शर्मा, को सदस्य निर्वाचित किया गया। सहायक चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश शाक्यवाल ने बताया कि पूर्व में ही कोषाध्यक्ष संजय गोयल एवं प्रचार प्रसार मंत्री राकेश गौतम निर्विरोध चुने गए हैं।

इस जीत के साथ ही व्यापारियों ने अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी को पुष्प हार पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर जयकुमार जैन ने व्यवसाईयों को विश्वास दिलाया कि वह संगठन के हित में कार्य करते हुए संगठन को और आगे बढ़ाएंगे साथ ही जो भी व्यापारियों की समस्याएं हैं, उन्हें उचित मंच पर ले जाकर उनका समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष आनंद राठी, सुरेन्द्र गोयल विचित्र, कैलाश अग्रवाल, सुशील लोहिया, योगेश सोनी मोनी, विश्वनाथ शर्मा, विवेक जैन, संदीप अग्रवाल, अरूण जैन, मनीष मूंदडा, दिनेश लढ्डा, घनश्याम टांकरा, जम्बू जैन, महेन्द्र सोनी, प्रमोद टॉकरा ओम प्रकाश सोनी, निर्मल जैन, प्यारे लाल सोनी, पंकज जोहरी सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।

स्पीकर बिरला ने किया 12 करोड़ की लागत से निर्मित जल संसाधन भवन का लोकार्पण

जल संसाधन मंत्री के साथ समीक्षा बैठक में लिया परियोजनाओं की प्रगति का जायजा

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को नयापुरा में लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया। समारोह के बाद उन्होंने जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के साथ संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक कर कोटा-बूंदी सहित क्षेत्र में चल रहे जल संसाधन कार्यों का जायजा लिया।

बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और ‘आरआरआर’ (RRR) कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए लापरवाह संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। श्री बिरला ने कहा कि चार मंजिला यह आधुनिक भवन विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करेगा, जिससे काम में गति और पारदर्शिता आएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत के प्रयासों से बना यह भवन विभागीय समन्वय को मजबूत करेगा। इससे किसानों को सिंचाई योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा और जल संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

गुणवत्ता पर समझौता नहीं
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सभी कार्यों की स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित पाटली परियोजना और सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट परियोजना की स्थिति पर भी चर्चा की गई। उन्होंने ‘आरआरआर’ कार्यों की गुणवत्ता में कमी को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषी व देरी करने वाले संवेदकों को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट करने को कहा।

रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों पर फोकस
रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों को ‘तकली मध्यम सिंचाई परियोजना’ से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। बिरला ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के गांधी सागर से पानी लाकर बांध की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर शीघ्र फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि इन क्षेत्रों को सिंचित किया जा सके।

बारिश से पहले हो नहरों की सफाई
बूढ़ादीत, इटावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या के समाधान पर भी चर्चा हुई। बिरला ने झाड़गांव के पास साइफन निर्माण के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही दाईं और बाईं मुख्य नहर की सफाई बारिश से पहले पूरी करने और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की सूची बनाकर स्थायी समाधान करने को कहा गया।

अन्य परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में सिंचाई विस्तार, जल उपलब्धता और बजट घोषणाओं पर फीडबैक लिया गया। परवन परियोजना, ईआरसीपी (ERCP), रामपुरिया-गौहाटा एक्वाडक्ट, मेज बैराज से खरायता क्षेत्र के रीको औद्योगिक क्षेत्र को जल उपलब्ध कराने, कोटा बैराज पर फसाड लाइटिंग, आलनिया बांध से वंचित गांवों को जोड़ने, हरिपुरा मांझी बांध, गुड़ा बांध की नहरों के कार्य, सावन-भादो परियोजना तथा चाकण बांध की नहरों के मरम्मत कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इसके साथ ही गेण्डोली-फैलाई परियोजना में आ रही मेंटेनेंस समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। बिरला ने कहा कि सभी योजनाओं का उद्देश्य किसानों और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाना है और इसके लिए कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना आवश्यक है।

परियोजनाओं के कार्य समय पर पूर्ण हों
बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न प्रगतिरत परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए। पिछले कुछ सालों में जल संसाधन विभाग की अधिकतर परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुउद्देशीय परियोजनाओं के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री रावत ने परियोजनाओं की डीपीआर बनने से पहले ही सभी पहलुओं पर मंथन करने के निर्देश दिए ताकि बाद में प्रोजेक्ट में अनावश्यक रूप से देरी नहीं हो।

बैठक में राजस्थान वॉटर ग्रिड कॉरपोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अभियंता रवि सोलंकी ने संशोधित पार्वती- कालीसिंध- चंबल लिंक परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज एवं बनास नदी पर ईसरदा बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कुल नदी पर रामगढ़ बैराज एवं पार्वती नदी पर महलपुर बैराज तथा नवनेरा पंप हाउस का कार्य चल रहा है।

उन्होंने बताया कि बूंदी जिले के गुहारा गांव में 2.5 किलोमीटर लंबा एवं 45 मीटर चौड़ा भारत का सबसे बड़ा एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। इसकी 5060 पाइलों में से 2200 का कार्य पूर्ण हो चुका है।

बैठक में मुख्य अभियंता कोटा संभाग डीआर मीणा ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना, तकली मध्यम सिंचाई परियोजना, सोलर आधारित पांच माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं-खटकड़, झालीजी का बराना, सुहरी, बरवास, गंगाराम माली आदि की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही, वर्ष 2024-25, 2025-26 की बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी दी।

कोटा में दिखेगा आधुनिक, स्मार्ट और समृद्ध शहर का नया स्वरूप: स्पीकर बिरला

श्रीनाथपुरम में 30 करोड़ से प्रस्तावित विकास पथ का हुआ शिलान्यास

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को श्रीनाथपुरम में सरस डेयरी से गोबरिया बावड़ी के बीच प्रस्तावित विकास पथ का शिलान्यास किया। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा 30 करोड़ की लागत से इस विकास पथ का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोटा शहर के समग्र और संतुलित विकास के लिए जो व्यापक कार्ययोजना बनाई है, वो अब धरातल पर उतर रही है। आने वाले वर्षों में आधुनिक, स्मार्ट और समृद्ध शहर की झलक कोटा में दिखाई देगी।

स्पीकर बिरला ने कहा कि आमजन के सुझावों के आधार पर हमने विकास की रूपरेखा तैयार की है। चम्बल गार्डन जो शहर की पहचान था इसे देश-दुनिया का आकर्षण बनाया जाएगा, वहीं दिव्यांगजनों के लिए देश का तीसरा दिव्यांग पार्क और युवाओं के लिए संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा।

शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान के लिए 350 करोड़ की परियोजना पर जल्द कार्य प्रारम्भ होगा। मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, “रामाश्रय” भवन के माध्यम से मरीजों के परिजनों को निशुल्क भोजन और ठहरने की सुविधा मिलेगी।

कनेक्टिविटी बनेगी वरदान
बिरला ने कहा कि रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी कोटा के लिए वरदान बनेगी। कोटा शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन के मामले में अग्रणी होगा। जल-जंगल सफारी के लिए पर्यटक आएंगे। जेके पैवेलियन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के तौर पर विकसित किया जा रहा है, श्रीनाथपुरम, ध्यानचंद स्टेडियम सहित सभी स्टेडियम आधुनिक बनेंगे। केन्द्र-राज्य के सहयोग से ट्रिपल आईटी को भी देश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल करने की दिशा में कार्य हो रहा है। हर गरीब को आवास उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार मकानों का लक्ष्य रखा गया है।

कोटा में फिर लौट रही रौनक
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि कोटा दक्षिण क्षेत्र में आमजन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर वार्ड में स्मार्ट पार्क, गली-मोहल्लों में सीसी सड़कों और खेल मैदानों का विकास किया जा रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इस क्षेत्र के साथ पक्षपात हुआ लेकिन अब विकास का दौर है।

स्पीकर बिरला के प्रयासों से हवाई सेवा, मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर जैसे कार्य भी साकार हो रहे है। कोचिंग को लेकर चुनौतिया धीरे धीरे समाप्त हो रही है, कोटा में सकारात्मक माहौल बना है और बच्चों के आने से कोटा की रौनक लौटने लगी है।

विकास पथ के साथ ही कोटा के सभी प्रमुख मार्गों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, मंडल अध्यक्ष दीनू बांजरा, अक्षय चौधरी, विनय आजाद, पन्नालाल बंजारा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

राउण्ड टेबल की पहल, प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क IIT-NEET की कोचिंग

कोटा। शिक्षा के महत्व को सुदृढ़ करते हुए सामाजिक संस्था राउण्ड टेबल इण्डिया ने एक बार फिर जरूरतमंद प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है। सरकारी विद्यालयों में कक्षाकक्ष निर्माण से लेकर अब उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक, संस्था शिक्षा के हर स्तर पर सहयोग का विस्तार कर रही है।

राज्य में संस्था द्वारा अब तक 1200 अधिक कक्षाकक्षों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हुआ है। कोटा टेबल 306 के चेयरमेन रोहिताब सोनी ने बताया कि अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए प्रतिभावान एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी की व्यवस्था की गई है।

सुयश प्रताप सिंह ने बताया कि यह करार 3 वर्षो का रहेगा जिसमें सैकड़ो विद्यार्थिओं को सपने को पूरा का मौका मिलेगा। सचिव निखिल अग्रवाल ने बताया कि रविवार को पोस्टर विमोचन किया गया।

इसी दिशा में राउण्ड टेबल इ​ण्डिया और अनअकेडमी के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू किया गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है।

ऐरिया चेयरमेन धर्मवीरपाण्ड्य ने बताया कि प्रथम चरण में राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, कोटा, जोधपुर और भीलवाड़ा सहित 8 शहरों के 22 राजकीय विद्यालयों से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इस चयन प्रक्रिया में हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यम के विद्यार्थी शामिल होंगे।

नेशनल ट्रेजरर विपुल बुथड़ा ने बताया कि राउण्ड टेबल इण्डिया अब प्रतिभावान बच्चो के लिए स्कोलर शीप की मूहिम भी प्रारांभ की है जिसमें 12वीं के बाद के बच्चो केा कॉलेज में दाखिले के लिए स्कॉलरशीप भी दी जाएगी।

इस पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को JEE एवं NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। अनएकेडमी के अनुभवी फैकल्टी द्वारा नियमित कक्षाएं, डाउट सॉल्विंग सेशन, टेस्ट सीरीज और प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को काउंसलिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा। प्रथम चरण में 30 से 35 विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

JEE Main Paper Analysis: सुबह का पेपर आसान, शाम को मोडरेट रहा

कोटा। JEE Main Paper Analysis April Session 3th Day: बीई व बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अप्रैल 2026 सेशन के तीसरेे दिन की परीक्षा रविवार को हुई। सुबह की पारी का पेपर ओवरऑल आसान रहा, लेकिन फिजिक्स तथा कैमिस्ट्री का पेपर लेंदी होने के कारण स्टूडेंट्स को पेपर साॅल्व करने मे समय ज्यादा लगा।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के प्रेसीडेंट विनोद कुमावत ने विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होनें एनसीईआरटी की बुक्स से तैयारी की होगी, उन्हें पेपर को साॅल्व करने में समस्या नहीं आई। वहीं, शाम की पारी का पेपर मोडरेट लेवल का रहा। जिसमें दिए गए प्रश्नों में एनसीईआरटी बुक्स की थ्योरी को प्राथमिकता दी गई।

फिजिक्स: सुबह की पारी में फिजिक्स का पेपर मोडरेट था। जिसमें अधिकांश प्रश्न फाॅर्मूला आधारित थे। इसे साॅल्व करने में स्टूडेंट्स को अधिक परेशानी नहीं हुई लेकिन समय जरुर लगा। इसमें मैकेनिक्स से पांच प्रश्न, एलास्टिसिटी, केटीजी तथा थर्मोडाइनेमिक्स से पांच प्रश्न पूछे गए। इलेक्ट्रो डाइनेमिक्स, माॅडर्न फिजिक्स तथा ज्योमेट्रिकल ऑप्टिक्स से दो-दो प्रश्न पूछे गए। वहीं मैग्नेटिज्म एवं वेव ऑप्टिक्स से तीन प्रश्नों को कवर किया गया। सेमीकंडक्टर, एरर एवं ग्रेविटेशन से एक-एक प्रश्न पूछा गया। शाम की पारी का पेपर भी सुबह की तरह मोडरेट रहा। जिसमें जेईई मेन्स के सभी चैप्टर्स को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों को विभाजित किया गया। इसमें 11वीं कक्षा के सिलेबस से 44 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा से 56 प्रतिशत प्रश्नों को कवर किया गया।

कैमेस्ट्री: सुबह की पारी में कैमेस्ट्री के पेपर का स्तर आसान रहा लेकिन इनऑर्गेनिक तथा ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के प्रश्नों में स्टेटमेंट आधारित विकल्प होने के कारण स्टूडेंट्स को साॅल्व करने में परेशानी हुई होगी। जिन स्टूडेंट्स नें एनसीआईटी बुक्स से तैयारी की होगी, उनके लिए पेपर आसान रहा होगा। फिजीकल कैमिस्ट्री में पूछे गए प्रश्न आसान तथा फाॅर्मूला आधारित थे। क्वांटम नंबर एंड इलेक्ट्रोनिक कंफिग्रेशन, कैमिकल बाॅन्डिंग, डी-ब्लाॅक, एरोमैटिक कम्पाउंड, कैमिकल काइनेटिक्स तथा आयनिक इक्विलीब्रियम से दो-दो प्रश्न पेपर में आए। शाम की पारी में पेपर मोडरेट रहा। इसमें सुबह की तरह इनऑर्गेनिक तथा ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के प्रश्नों के आंसर में दिए गए ऑप्शंस ने स्टूडेंट्स को उलझाए रखा। काॅर्डिनेशन कम्पाउंड्स तथा इलेक्ट्रो कैमिस्ट्री से तीन-तीन प्रश्न एवं एरोमेटिक कम्पांउण्ड से दो प्रश्न पूछे गए। फिजीकल कैमिस्ट्रो में पूछे गए प्रश्नों की कैलकुलेशन आसान रही।

मैथ्स: मैथ्स का पेपर आसान रहा और कैलकुलेशन भी आसान रही। प्रश्न ज्यादा ट्रिकी नहीं थे, इसलिए अधिकांश प्रश्नों को देखते ही स्टूडेंट्स ने उनको आसानी से साॅल्व कर लिया। एलजेब्रा तथा कैलकुलस से 36-36 प्रतिशत, काॅर्डिनेट ज्योमेट्री एवं वेक्टर थ्रीडी से 12-12 प्रतिशत एवं ट्रिग्नोमेट्री से चार प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। पेपर में सिलेबस के सभी टाॅपिक्स को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों को कवर किया गया था। शाम की पारी में पेपर मोडरेट तथा लेंदी था। जिसमें प्रश्नों का लेवल पिछले वर्ष के पेपर के समान था।

सैमसंग का यह फोन लॉन्च प्राइस से 21 हजार रुपये सस्ता, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। Samsung Galaxy S24 FE 5G Price: सैमसंग गैलेक्सी S24 सीरीज का एक पॉपुलर मॉडल इस समय बिना किसी सेल के ही अपने लॉन्च प्राइस से करीब 21,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। हम बात कर रहे हैं Samsung Galaxy S24 FE 5G की।

बता दें कि लॉन्च के समय इसकी शुरुआती कीमत 60 हजार रुपये थी। फोन में गैलेक्सी AI फीचर्स का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन में दमदार कैमरा, बैटरी और प्रोसेसर भी है।

भारत में लॉन्च के समय, Samsung Galaxy S24 FE की कीमत इसके 8GB+128GB वेरिएंट के लिए 59,999 रुपये और 8GB+256GB वेरिएंट के लिए 65,999 रुपये थी। इसे ब्लू, ग्रेफाइट और मिंट कलर में लॉन्च किया गया था। यहां हम आपको 128GB स्टोरेज वेरिएंट पर मिल रहे ऑफर के बारे में बता रहे हैं। अन्य कलर वेरिएंट भी अलग-अलग डिस्काउंट पर मिल रहे हैं।

दरअसल, अमेजन पर 128GB स्टोरेज का ग्रेफाइल कलर वेरिएंट वर्तमान में केवल 39,499 रुपये कीमत के साथ लिस्टेड है। यानी फोन अपनी लॉन्च प्राइस से सीधे 20,500 रुपये कम में मिल रहा है। फोन पर कोई खास बैंक ऑफर तो नहीं है, लेकिन अमेजन इस फोन पर 36,400 रुपये तक के एक्सचेंज ऑफर की पेशकश कर रहा है। एक्सचेंज बोनस की वैल्यू पुराने फोन की कंडीशन, मॉडल और ब्रांड पर निर्भर करती है। हालांकि, आपको यह सलाह दी जाती है कि खरीदारी करने से पहले ऑफर्स की डिटेल अच्छी तरह से चेक कर लें।

फोन की खासियत
फोन डुअल (नैनो) सिम सपोर्ट के साथ आता है और इसमें 6.7 इंच का फुल-एचडी प्लस (1080×2340 पिक्सेल) डायनामिक एमोलेड 2X डिस्प्ले है जिसका रिफ्रेश रेट 120 हर्ट्ज है। फोन एक्सीनॉस 2400e चिपसेट से लैस है। फोन को दो अलग-अलग स्टोरेज – 128GB और 256GB ऑप्शन में लॉन्च किया गया है और दोनों में ही स्टैंडर्ड 8GB रैम मिलती है।

ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप
फोटोग्राफी के लिए, फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें OIS के साथ 50-मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर शामिल है। इसके साथ ही 3x ऑप्टिकल जूम के साथ OIS के साथ 8-मेगापिक्सेल का टेलीफोटो शूटर और अल्ट्रा-वाइड लेंस के साथ 12-मेगापिक्सेल का सेंसर है।

सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 10-मेगापिक्सेल का कैमरा है। फोन में Galaxy AI फीचर का सपोर्ट दिया गया है, जिसमें सर्किल टू सर्च, लाइव ट्रांसलेट, नोट असिस्ट, इंटरप्रेटर मोड और कंपोजर जैसे फीचर्स शामिल हैं।

फोन में 25W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4700mAh बैटरी है। फोन में मिलने वाले कनेक्टिविटी ऑप्शन्स में 5G, LTE, वाई-फाई 6E, ब्लूटूथ 5.3 और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहने के लिए फोन IP68 रेटिंग के साथ आता है। सेफ्टी के लिए, फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और सैमसंग के नॉक्स वॉल्ट है। 213 ग्राम वजनी इस फोन का डाइमेंशन 162.0×77.3×8.0 एमएम है।

Soybean: प्लांट वालों की मजबूत खरीदारी से सोयाबीन की कीमतों में तेजी रही

नई दिल्ली। Soybean Weekly Report: मार्च में विदेश से सोयाबीन तेल के इंपोर्ट में कमी आई है और रिफाइनर कंपनियों ने देश में बनने वाले तेल को खरीदने में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई है। इससे क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स में सोयाबीन की डिमांड और खपत बढ़ गई है।

इसलिए, 28 मार्च से 3 अप्रैल तक के हफ़्ते में, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में इस ज़रूरी तिलहन की ‘प्लांट डिलीवरी’ कीमत में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी देखी गई।

प्लांट डिलेवरी भाव:तीनों राज्यों में, सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कीमत अभी सरकार द्वारा तय मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) 5,328 रुपये प्रति क्विंटल से ज़्यादा है। अगर कीमतों में बढ़ोतरी और मज़बूती का यह ट्रेंड जारी रहता है, तो किसानों को आने वाले खरीफ सीजन में सोयाबीन की खेती का एरिया बढ़ाने के लिए बढ़ावा मिल सकता है। बुवाई का प्रोसेस जून-जुलाई में शुरू होने वाला है।

सोयाबीन रिफाइंड तेल: रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतों में भी आम तौर पर 3 से 6 डॉलर प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे मिलर्स और रिफाइनर्स को काफी राहत मिली। कांडला में सोयाबीन तेल की कीमतें 15 रुपये बढ़कर 1,550 रुपये प्रति 10 kg पर पहुंच गईं; कोटा में 20 रुपये बढ़कर 1,570 रुपये पर पहुंच गईं। हल्दिया में 35 रुपये बढ़कर 1,545 रुपये और 1,550 रुपये के बीच हो गईं; और मुंबई में 80 रुपये बढ़कर 1,580 रुपये प्रति 10 किलोग्राम पर पहुंच गईं। इंटरनेशनल मार्केट में, ऊंचे प्राइस लेवल पर खरीदारी कम होने से सोया डीगम्ड और हाई सीज़ कार्गो की कीमतों में कुछ नरमी आई; हालांकि, US डॉलर में, कीमतें थोड़ी बढ़कर 1,549 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गईं।

सोया डीओसी: महाराष्ट्र में सोया DOC (डी-ऑइल केक) में ट्रेडिंग ठीक-ठाक रही, फिर भी कीमतों में 500 से 1,000 रुपये प्रति टन तक की बढ़ोतरी देखी गई। इस बीच, मार्केट में सोयाबीन के नए स्टॉक की आवक में कमी जारी है।