Saturday, July 11, 2026
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भारतीय जहाज होर्मुज पार करने के लिए पाकिस्तानी झंडा लगा रहे, सच क्या है

नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इसी संकट के बीच सोशल मीडिया पर एक भ्रामक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय व्यापारिक जहाज पाकिस्तान का झंडा इस्तेमाल कर रहे हैं।

दावा किया जा रहा है कि ये जहाज खुद को ईरान के हमले से बचाने के वास्ते ‘पाकिस्तानी झंडे’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की इसका फैक्ट चेक कर दिया।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर कई देशों के जहाजों की आवाजाही को प्रतिबंधित या नियंत्रित किए जाने के बाद से लगातार अफवाहों का बाजार गर्म है।

इसी दौरान, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स और कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट्स ने यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि ईरान केवल पाकिस्तानी या उसके सहयोगी देशों के झंडों वाले जहाजों को ही निकलने दे रहा है और मजबूरी में भारतीय जहाज अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी झंडे लगाकर वहां से गुजर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक फैक्ट-चेक विंग ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी, निराधार और बेतुका करार दिया है। MEA के आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट @MEAFactCheck ने आज सुबह एक पोस्ट में लिखा, “फेक न्यूज अलर्ट! कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सतर्क रहें।” पोस्ट में तीन वायरल पोस्ट्स की स्क्रीनशॉट्स शेयर की गईं, जिन पर बड़े-बड़े लाल ‘FAKE’ स्टैंप लगाए गए थे।

पहला पोस्ट पाकिस्तानी पत्रकार अली के. चिश्ती का था, जिसमें लिखा था: कन्फर्म्ड रिपोर्ट्स: कम से कम आठ भारतीय जहाज IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) की क्लियरेंस के साथ हॉर्मुज से गुजर चुके हैं। वहीं पाकिस्तान ने अपने झंडे तले 20 जहाजों (2 प्रतिदिन) के लिए डील कर ली है। क्या आप मान सकते हैं कि सभी आठ भारतीय जहाज पाकिस्तानी झंडे का इस्तेमाल करके गुजर रहे हैं?

MEA ने इसे स्पष्ट रूप से फर्जी बताया। दूसरे और तीसरे पोस्ट जावेद इकबाल के थे, जिनमें दावा किया गया था कि भारत में पेट्रोल-एलपीजी खत्म हो गया है, 6.5 लाख होटल-रेस्तरां बंद हो गए, UAE में तेल की लाइनें लगी हैं और पाकिस्तान सरकार स्थिति को बहुत अच्छे से संभाल रही है। ये पोस्ट भी MEA ने फर्जी करार दिए।

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत को अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए किसी अन्य देश के झंडे की आवश्यकता नहीं है। सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हालिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया है कि भारत लगातार ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के संपर्क में है। भारत की स्वतंत्र कूटनीति का ही परिणाम है कि भारतीय जहाज बिना किसी बाधा के वहां से गुजर रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े भारतीय जहाज भारतीय झंडे के तले ही पूरी शान और सुरक्षा के साथ होर्मुज पार करके भारत के बंदरगाहों (जैसे कांडला और मुंद्रा) तक पहुंचे हैं। इनमें एलपीजी कैरियर ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’, ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ शामिल हैं।

ईरान का आधिकारिक बयान
भारत और ईरान के बीच बेहतर कूटनीतिक संबंधों के चलते खुद ईरान की ओर से बयान जारी किया जा चुका है कि ‘हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।’ ईरान ने भारत के जहाजों को इस नाकेबंदी से काफी हद तक छूट दी है।

प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज का व्यापक एजेंडा
यह घटना भारत के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े ‘इन्फॉर्मेशन वारफेयर’ का हिस्सा है। होर्मुज संकट को लेकर हाल ही में कई अन्य झूठी खबरें भी फैलाई गई थीं। इससे पहले मार्च 2026 में यह अफवाह उड़ाई गई थी कि भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज पार करने के लिए ‘चीनी युआन’ में टैक्स या पेमेंट करना पड़ रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस दावे को भी तुरंत ‘फेक न्यूज’ घोषित किया था। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को रोकने का दावा भी किया गया। अफवाह में कहा गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को रोक दिया है, जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया।

अमेरिकी संविधान में संशोधन कर युद्ध के बीच ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की तैयारी

वाशिंगटन। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हालिया विवादित बयानबाजी के बाद अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई अमेरिकी सांसद ट्रंप के प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वे अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करके उन्हें पद से हटा दें।

दरअसल, यह पूरा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान को खत्म करने की धमकी देने के बाद शुरू हुआ है। डेमोक्रेटिक और कुछ पूर्व रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि ट्रंप की मौजूदा बयानबाजी और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकियां न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

अमेरिकी सांसदों का कहना है कि संभावित नुकसान को रोकने के लिए सत्ता का हस्तांतरण अब अनिवार्य हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस के लोगों का कहना है कि ट्रंप शायद मानसिक तौर पर ठीक नहीं हैं।

डेमोक्रेटिक सीनेट सदस्य क्रिस मर्फी ने भी X पर पोस्ट किया- “अगर मैं ट्रंप की कैबिनेट में होता, तो मैं ईस्टर का दिन 25वें संशोधन के बारे में संवैधानिक वकीलों से बात करने में बिताता। यह पूरी तरह से, एकदम बेकाबू हरकत है। वह पहले ही हजारों लोगों को मार चुके हैं। वह और हजारों लोगों को मारने वाले हैं।”

एमएसएनबीसी के पूर्व होस्ट मेहदी हसन ने लिखा, “राष्ट्रपति का ईस्टर मैसेज, जिससे वीपी और कैबिनेट को सच में 25वां संशोधन लागू करना चाहिए।” डेमोक्रेटिक रिप्रेजेंटेटिव मेलानी स्टैंसबरी की एक और अपील में कहा गया, “सम्राट के पास कपड़े नहीं हैं। 25वें संशोधन का समय आ गया है। कांग्रेस और कैबिनेट को कार्रवाई करनी चाहिए।”

वो पागल हो चुके हैं…
ट्रंप की पुरानी फैन मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक लंबा पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने कहा, “मैं आप सभी को और उन्हें (ट्रंप को) जानती हूं। वो पागल हो चुके हैं और आप सभी इसमें शामिल हैं।”

क्या है अमेरिका का 25वां संशोधन
अमेरिका में जिस 25वें संविधान संशोधन के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप को हटाने की मांग हो रही है, वह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के ज्यादातर लोग अपनी ड्यूटी न कर पाने की वजह से राष्ट्रपति को बदलने का विकल्प चुन सकते हैं। इस दौरान उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की भूमिका निभाते हैं।

धारा एक के अनुसार, यदि राष्ट्रपति को पद से हटा दिया जाता है, उनकी मृत्यु हो जाती है या फिर इस्तीफा देते हैं तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की भूमिका निभाते हैं। अमेरिका में 25वां संविधान संशोधन 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद लाया गया था। जब उत्तराधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसका पहली बार उपयोग 1973 में हुआ, जब उपराष्ट्रपति स्पाइरो एग्न्यू के इस्तीफे के बाद जेराल्ड फोर्ड को नामित किया। इसके एक साल बाद जेराल्ड फोर्ड राष्ट्रपति बने, तब भी धारा एक लागू हुई।

इस बार कम बारिश का अनुमान, स्काईमेट ने 30% तक सूखे का खतरा बताया

नई दिल्ली। Monsoon Update: देश में इस साल मानसून को लेकर निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अपना पहला अनुमान जारी कर दिया है। एजेंसी के मुताबिक 2026 में जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार इस बार मानसून करीब 94 फीसदी रहने का अनुमान है, जो कि लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA से लगभग 6 फीसदी कम है। इसकी बड़ी वजह El Niño को माना जा रहा है, जिसका असर बारिश पर पड़ सकता है। Skymet का कहना है कि चार महीनों में देशभर में औसतन 817 मिलीमीटर बारिश हो सकती है। हालांकि इसमें 5 फीसदी तक ऊपर या नीचे रहने की गुंजाइश भी बताई गई है।

एजेंसी ने यह भी कहा है कि इस साल देश में सूखे की आशंका करीब 30 फीसदी तक है, जबकि 40 फीसदी संभावना ऐसी है कि बारिश सामान्य से कम ही रहे। अब सबकी नजर सरकारी मौसम विभाग India Meteorological Department पर है, जो इस महीने के आखिर तक मानसून को लेकर अपना पहला आधिकारिक अनुमान जारी करेगा।

निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 2026 के मानसून सीजन में बारिश का पैटर्न संतुलित नहीं रहने वाला है। चार महीनों के इस सीजन में सिर्फ जून में सामान्य बारिश की उम्मीद जताई गई है, जबकि बाकी महीनों में बारिश औसत से कम रहने का अनुमान है।

स्काइमेट के अनुसार जून में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी एलपीए का करीब 101 फीसदी रह सकती है। इस महीने के सामान्य रहने की संभावना 40 फीसदी है, जबकि 40 फीसदी संभावना इसे सामान्य से कम रहने की भी है। जून का एलपीए 165.3 मिमी है।

जुलाई की बात करें तो इस महीने बारिश एलपीए के 95 फीसदी तक रहने का अनुमान है, यानी यह सामान्य से कम रह सकती है। जुलाई के लिए सामान्य और कम बारिश, दोनों की संभावना 40-40 फीसदी बताई गई है। इस महीने का एलपीए 280.5 मिमी है।

अगस्त में भी स्थिति कमजोर रहने के आसार हैं। स्काइमेट का अनुमान है कि इस महीने बारिश एलपीए के 92 फीसदी तक ही रह सकती है। अगस्त में कम बारिश होने की संभावना करीब 60 फीसदी बताई गई है। इस महीने का एलपीए 254.9 मिमी है।

सितंबर में भी राहत के संकेत नहीं हैं। देशभर में औसत बारिश एलपीए के 89 फीसदी रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम श्रेणी में आता है। सितंबर में कम बारिश होने की संभावना सबसे ज्यादा 79 फीसदी बताई गई है। इस महीने का एलपीए 167.9 मिमी है।

स्काइमेट के शुरुआती अनुमान से साफ है कि 2026 के मानसून में जून को छोड़कर बाकी तीनों महीनों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है, जिससे खेती और जल संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका है।

खेती और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर
देश में जुलाई और अगस्त महीने खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सबसे अहम माने जाते हैं। अगर इन दो महीनों में बारिश कमजोर रहती है या लंबे समय तक रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर तिलहन, दालों और धान जैसी फसलों पर पड़ सकता है। खासकर मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत में खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कुल बारिश का आंकड़ा ही सब कुछ तय नहीं करता। अगर मानसून भले ही सामान्य से कम हो, लेकिन समय पर और अलग-अलग इलाकों में ठीक तरीके से बरसे, तो नुकसान सीमित रह सकता है। यानी बारिश का सही समय और उसका फैलाव भी उतना ही जरूरी है।

लेकिन अगर मानसून कमजोर रहता है, तो इसका असर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे देश की आर्थिक रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है। पहले से जारी पश्चिम एशिया के तनाव के बीच यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ा सकती है।

2026 में किस क्षेत्र में कैसी रहेगी बारिश
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, जून में इंडो-गंगेटिक मैदान और पश्चिमी घाट के इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। जुलाई में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

अगस्त में उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में भी कम बारिश की आशंका जताई गई है। सितंबर की बात करें तो दक्षिण और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। कुल मिलाकर, इस बार मानसून का पैटर्न असमान रहने की संभावना है, जिससे खेती और उससे जुड़ी अर्थव्यवस्था पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

CA Exam Rule: सीए फाइनल एग्जाम अब साल में तीन बार के बजाय दो बार होंगे

नई दिल्ली। CA Exam New Rules: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA फाइनल एग्जाम में बड़ा बदलाव किया है। सीए फाइनल एग्जाम का एक अटेंप्ट में कम कर दिया गया है। अब सीए फाइनल एग्जाम साल में तीन बार के बजाय दो बार आयोजित किए जाएंगे सीए फाइनल एग्जाम का यह बदलाव इसी साल मई 2026 की परीक्षा से लागू किया जाएगा।

आईसीएआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://www.icai.org/ पर नोटिस जारी कर सीए एग्जाम में बड़े बदलाव की जानकारी दी है। जारी नोटिस में लिखा है, ‘वर्तमान में, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फाइनल एग्जाम साल में तीन बार (जनवरी, मई और सितंबर) आयोजित की जाती हैं।

स्टेकहोल्डर्स से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की काउंसिल ने यह फैसला लिया है कि CA फाइनल एग्जाम साल में दो बार मई और नवंबर के महीनों में आयोजित किए जाएंगे। यह व्यवस्था मई 2026 की चार्टर्ड अकाउंटेंट्स परीक्षा और उसके बाद से लागू होगी।

ICAI द्वारा जारी नोटिस में सिर्फ सीए फाइनल एग्जाम साल में दो बार आयोजित करने की घोषणा की गई है। सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट एग्जाम का कोई जिक्र नहीं किया है। इसलिए सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अभी कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, ICAI की घोषणा में परीक्षा के सिलेबस, पासिंग मार्क्स, आर्टिकलशिप की जरूरतों या CA योग्यता के स्ट्रक्चर के किसी भी दूसरे पहलू में किसी भी बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी है।

CA की परीक्षा और कठिन
अब तक स्टूडेंट्स को सीए फाइनल एग्जाम के तीन अटेंप्ट में मिल रहे थे, जिसे अब दो अटेंप्ट कर दिया गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि इसका असर सीए एग्जाम के डिफिकल्टी लेवल पर पड़ सकता है। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने की वजह से कॉम्पिटिशन टफ हो सकता है। हालांकि एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि साल में दो बार एग्जाम होने से एडमिनिस्ट्रेशन लेवल पर कई तरह की चुनौतियां भी कम हो सकती हैं।

तीन बार परीक्षा के लिए पेपर सेट तैयार करना है, एग्जाम कराना, असेसमेंट और रिजल्ट जारी करने तक ICAI पर काफी बोझ कम हो जाएगा। इसके अलावा ऐसे कई एग्जाम हैं जो साल में दो बार आयोजित किए जा रहे हैं। उनमें CS और IIT-JEE जैसे बड़े एग्जाम भी शामिल हैं।

अब 3 मई को नहीं होगा इंटर एग्जाम
ICAI ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंटरमीडिएट एग्जाम की नई डेट जारी की है। सीए इंटर एग्जाम, जो 3 मई 2026 से पूरे भारत और विदेश में होना था, जिसे री-शेड्यूल किया गया है। अब परीक्षा 5 मई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। बाकी दिनों की परीक्षा की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सीए इंटर ग्रुप -1 की परीक्षा 5, 7 और 9 मई 2026 व ग्रुप -II की परीक्षा 11, 13 और 15 मई 2026 को होगी। ICAI ने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए इंस्टीट्यूट की वेबसाइट www.icai.org पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

पाम ऑयल महंगा होने से बीकाजी, ब्रिटानिया एवं नेस्ले कंपनियां दाम बढ़ाने की तैयारी में

नई दिल्ली। दुनियाभर में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधा आपकी जेब पर पड़ने वाला है। बिस्किट, साबुन और खाने के तेल से लेकर घरों में होने वाले पेंट तक, सब कुछ महंगा होने के आसार हैं।

खास तौर पर पैकेजिंग और पेट्रोलियम से जुड़ी चीजों के दाम बढ़ने की वजह से अब FMCG (रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज जैसे घरेलू सामान) बनाने वाली कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही हैं।

‘लाहोरी जीरा’ जैसी कुछ कंपनियों ने तो महीने की शुरुआत से ही चुनिंदा प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। ‘नुवामा इक्विटीज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खाने के तेल (एडिबल ऑयल) की कंपनियों ने भी कीमतों में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं, पाम ऑयल महंगा होने की वजह से बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी फूड कंपनियां भी इस तिमाही में दाम बढ़ा सकती हैं।

पिछले सात-आठ साल से पाम ऑयल की कीमतें कच्चे तेल के साथ ही ऊपर-नीचे होती रही हैं। ऐसे में पाम ऑयल महंगा होने से हिंदुस्तान यूनिलीवर और गोदरेज जैसी साबुन बनाने वाली कंपनियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि पाम ऑयल उनके लिए सबसे जरूरी कच्चा माल है।

ज़ाइडस वेलनेस के सीईओ तरुण अरोड़ा का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव जितने लंबे समय तक चलेगा, अलग-अलग सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका उतनी ही ज्यादा होगी। उन्होंने बताया कि कंपनियां इससे निपटने के लिए छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं। यानी कीमत वही रहेगी लेकिन सामान कम मिलेगा। जबकि बड़े पैकेटों के दाम सीधे तौर पर बढ़ाए जा सकते हैं।

Gold Price: MCX पर सोना 350 रुपये सस्ता, चांदी भी गिरी, जानिए आज के भाव

नई दिल्‍ली। Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमत में आज शुरुआती कारोबार में गिरावट आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 350 रुपये सस्ता हुआ है जबकि चांदी की कीमत में 1,550 रुपये से अधिक गिरावट आई है।

5 जून की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,49,981 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,49,759 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह करीब 350 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,625 रुपये तक गिरा।

सुबह 9.15 बजे एमसीएक्स पर सोना 215 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,766 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसी तरह 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,33,379 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। आज यह 2,32,000 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 2,31,800 रुपये तक गिरी। 9.20 बजे यह 485 रुपये की गिरावट के साथ 2,32,894 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

दिल्ली सराफा
इससे पहले सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के कारण ऐसा हुआ। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, अब चांदी की कीमतें बढ़कर 2.42 लाख रुपये प्रति किलो हो गई हैं। वहीं, सोना बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

इसके अलावा, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोमवार को बाजार बंद होने तक 24-कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। इसमें 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।

Stock Market: सेंसेक्स 824 अंक गिरकर 73282 पर और निफ्टी 22800 से नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Opened: घरेलू शेयर मार्केट आज मंगलवार को तेजी की पटरी से उतरकर गिरावट के ट्रैक पर है। सेंसेक्स 800 अंक से अधिक गिर गया। वहीं, निफ्टी 22,800 से नीचे पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 824.44 अंक गिरकर 73,282.41 पर आ गया।  निफ्टी 248.95 अंक गिरकर 22,719.30 पर पहुंच गया। इटरनल और इंडिगो के शेयरों में 2% की गिरावट दिख रही है। 

संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 372 अंकों की गिरावट के साथ 73734 पर खुला। जबकि, एनएएसई के 50 स्टॉक्स वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 ने गिरावट के शतक के साथ 129 अंक नीचे 22838 के लेवल से आज के कारोबार की शुरुआत की।

अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों से जोड़ना शिक्षा सहकारी का उद्देश्य: जायसवाल

कोटा-बारां में ब्लॉक स्तरीय प्रवेशोत्सव अभियान कल से

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां संचालक मंडल की बैठक में आगामी प्रवेश उत्सव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इस वर्ष प्रवेश उत्सव को सफल बनाने में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड को साथ लेकर शिक्षा सहकारी सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाएगी।

संस्था अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी विद्यालय से जोड़ना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा। उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि मीटिंग में लिए गए निर्णयानुसार विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा।

इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों और स्वयंसेवकों को जोड़ते हुए एक समन्वित अभियान चलाया जाएगा। शिक्षा सहकारी द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां, घर-घर संपर्क अभियान और प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

मंत्री जमनालाल गुर्जर एवं डायरेक्टर गायत्री मीणा ने बताया कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का मूल अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अंत में अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल करें।

शिक्षा सहकारी का यह प्रयास निश्चित रूप से प्रवेश उत्सव को सफल बनाने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। बोर्ड बैठक में पदाधिकारियों के अलावा बारां प्रबंध संचालक राज मल मीणा, डायरेक्टर कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीणा, रवि प्रकाश गौतम, अनुराधा शर्मा , शिवराज गोचर, दिनेश कुमार नागर, धर्मेंद्र मेघवाल प्रमुख रूप से मौजूद थे।

इस तरह चलेगा अभियान
अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल एवं मंत्री जमनालाल गुर्जर ने बताया कि अभियान के तहत 8 अप्रैल को रामगंजमंडी में 9 अप्रैल को सुल्तानपुर ब्लॉक के बंबोरी में एवं 10 अप्रैल को कोटा शहर ब्लॉक के नयागांव स्कूल में ब्लॉक स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ रामगंजमंडी सचिव दयाल सिंह, सुल्तानपुर सचिव इंद्रराज दाधीच एवं कोटा दक्षिण सह उदय सिंह गुर्जर को संयोजक बनाया गया है।

सिटी पार्क में कल होगा विशेष बच्चों के लिए इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन

कोटा। समाज के प्रति संवेदनशीलता और करुणा की भावना को साकार करते हुए रियल टेम्पल्स ऑफ इंडिया की ओर से अनंत उत्सव का आयोजन सिटी पार्क कोटा में किया जाएगा। यह विशेष संध्या अनंत युवा प्रतिष्ठान से प्रेरित होकर आयोजित की जा रही है।

मंजुल शर्मा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि बुधवार को सायं 4:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक सुरक्षित, आनंदमय और यादगार शाम का अनुभव प्रदान करेगा।

इस आयोजन में शहर के विभिन्न संस्थानों बाधित बाल विकास केंद्र, श्री करणी नगर विकास समिति, गंगा विज़न एवं घुमंतू छात्रावास से जुड़े बच्चों सहित अन्य संस्थानों के विशेष बच्चे एवं छात्रावास की बालिकाएं शामिल रहेंगी।

सिमरन बब्बर ने बताया कि आयोजन के तहत बच्चों के लिए कई आकर्षक गतिविधियाँ रखी गई हैं। बच्चों को सिटी पार्क के शांत वातावरण में भ्रमण कराया जाएगा, वहीं कलाकारों के साथ रंगारंग परेड भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

इसके अलावा सुरक्षित बोटिंग, रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए शहर जिला आईजी रेंज राजेन्द्र अग्रवाल एवं जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधिक्षक तेजस्विनी गौत्तम को आमंत्रित किया गया है।

कार्यक्रम में विशेष बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बच्चे के साथ प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। कार्यक्रम का समापन ड्रोन शो एवं आतिशबाजी के साथ होगा, जो बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

अनिल नायर ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी के साथ ऑन साइट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। सभी बच्चों के लिए निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था भी की गई है, जिसके अंतर्गत उन्हें उनके आश्रम से सिटी पार्क तक लाने-ले जाने की जिम्मेदारी संस्था द्वारा सुनिश्चित की गई है।

कोटा में भाजपा कार्यालय का निर्माण शुरू, दीपावली तक पूरा होने की उम्मीद: जैन

कोटा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड के मुख्य आतिथ्य में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर विधिवत हवन पूजन कर, छावनी रामचन्द्रपुरा के समीप, 80 फिट रोड पर, भाजपा कोटा के नवनिर्माणाधीन कार्यालय भवन के कार्य का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित वरिष्ठजन तथा कार्यालय निर्माण समिति सदस्यों को साफा, शॉल, दुपट्टा पहनाकर व प्रतिकचिन्ह, श्रीफल , पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि मदन राठौड ने सभी को भाजपा स्थापना दिवस की शुभकामनायें देते हुये, कहा कि 6 अप्रैल भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है।

इसी दिन सन् 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना हुई थी। आज जब भाजपा अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है, तब यह केवल एक राजनीतिक दल का उत्सव नहीं, बल्कि एक दीर्घ वैचारिक यात्रा का स्मरण भी है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा की डबल इंजन की सरकार के साथ राजस्थान में विकास के नये नये आयाम स्थापित कर रहे है। राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा हैं।

विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के भाव को लेकर केन्द्र व राज्य में भाजपा की डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। विधायक कल्पना देवी ने कहा कि बहुत की खुशी का दिन है, आज कोटा में विशेषकर लाडपुरा विधानसभा में कोटा के भाजपा का भव्य भवन का निर्माण होने जा रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के लगातार मार्गदर्शन व निर्देशन के बाद कोटा में दो कमरों से संचालित भारतीय जनता पार्टी को लंबी यात्रा के बाद स्वंय का भवन मिलने जा रहा है।

जैन ने कहा कि यह भवन सिर्फ सीमेंट, रेट ईंटो का भवन नहीं, यह भवन हमारे पूर्वजों के तप, तपस्या, त्याग बलिदान की अमिट धरोहर साबित होगा, जिसमें पूर्वजों का आशीर्वाद, वर्तमान पीढ़ी के कार्य से निश्चित ही भारत विकसित भारत बन सके। जैन ने कहा कि हमारी इच्छा है कि नया कार्यालय भवन दीपावली तक बन कर तैयार हो जाये और हम इसमें दीपावली पूजन कर सकें।

जैन ने इस अवसर पर 80 फिट रोड का नाम बदलकर पं.दीनदयाल उपाध्याय मार्ग तथा इस भवन के पास प्रस्तावित निर्माणाधीन पार्क का नाम प्रेरणा स्थल करवाये जाने का प्रस्ताव मंचासीन जनप्रतिनिधियों के सम्मुख रखा।

इस पार्क में अटल बिहारी वाजपेयी , डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी , पं. दीनदयाल उपाध्याय व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा लगवायी जाना प्रस्तावित है, जो आमजन को राष्ट्र के प्रति भक्ति व प्रेम की प्रेरणा देंगे।

प्रदेश महामंत्री भूपेन्द्र सेनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज हॉर्मुज से भारत का झण्डा लगा तेल गैस के जहाज आसानी से निकल पा रहे है।

भवन निर्माण समिति संयोेजक अजयपाल सिंह, कोटा शहर प्रभारी अजित मेहता व कोटा देहात प्रभारी मानसिंह बारहठ ने कहा कि कोटा में राजस्थान का सबसे बड़ा कार्यालय निर्मित होगा, यह 8/9 महीने में पूरा हो जायेगा। दीपावली पूजन इसमें हो इस तरह की पूरी कोशिश रहेगी।