Saturday, July 11, 2026
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अमित कुमार शर्मा कोटा से सीबीएसई के डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर नियुक्त

कोटा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अजमेर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोटा जिले में अमित कुमार शर्मा को डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर (DTC) नियुक्त किया है। शर्मा माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में प्राचार्य के पद पर हैं।

सीबीएसई द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर जिले में शिक्षकों की क्षमता निर्माण गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला स्तर के विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेंगे।

डीटीसी की जिम्मेदारियों में प्रशिक्षण से संबंधित सूचनाओं का प्रसार, प्रशिक्षण स्थलों के चयन हेतु सुझाव देना, ‘हब ऑफ लर्निंग’ की प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना तथा प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विद्यालयों का निरीक्षण कर फीडबैक प्रदान करना शामिल है।

इसके अतिरिक्त वे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में बोर्ड को आवश्यक सुझाव भी देंगे। इसके साथ ही जिले के सभी सीबीएसई संबद्ध विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना आदान-प्रदान के लिए एक समूह के गठन के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण गतिविधियों का संचालन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो सके।

दिलीप कुमार सिंह ने पश्चिम मध्य रेलवे के नए महाप्रबंधक का कार्यभार संभाला

कोटा। West Central Railway New GM Dilip Kumar Singh:पश्चिम मध्य रेल (WCR) के नए महाप्रबंधक के रूप में इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ सिग्नल इंजीनियर (IRSSE) वर्ष-1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने पदभार ग्रहण कर लिया है। वे भारतीय रेल के एक अनुभवी एवं कुशल अधिकारी हैं, जिन्हें सिग्नल, दूरसंचार, संरक्षा एवं प्रशासनिक कार्यों में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है।

श्री सिंह इससे पूर्व रेलवे बोर्ड में प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर/विजिलेंस के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने रेलवे में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

श्री सिंह ने आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक (B.E.) की उपाधि प्राप्त की है। अपने सेवा काल में उन्होंने भारतीय रेल के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव अर्जित किया है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उत्तरी रेलवे के फिरोजपुर मंडल में असिस्टेंट सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर (ASTE) के रूप में की। इसके पश्चात वे इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन ऑर्गेनाइजेशन फॉर टेलीकॉम (IRCOT), रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाओं तथा सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (CORE) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

श्री सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे एवं पूर्व मध्य रेलवे में निर्माण, आईआरपीएमयू, मंडल एवं मुख्यालय स्तर पर कार्य किया है। वे रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में लखनऊ क्षेत्र के महाप्रबंधक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) में उन्होंने अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक/आगरा, मुख्य संचार इंजीनियर/उत्तर मध्य रेलवे, कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम)/आरडीएसओ तथा मंडल रेल प्रबंधक/अलीपुरद्वार (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके पश्चात उच्च प्रशासनिक ग्रेड (HAG) में वे एसडीजीएम/उत्तर मध्य रेलवे/प्रयागराज के पद पर रह चुके हैं।

अरुणा मूंदड़ा कोटा जिला माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष व संध्या लढ्ढा सचिव चुनीं

कोटा। जिला माहेश्वरी महिला संगठन के सत्र 2026 से 29 के लिए चुनाव प्रक्रिया आज गुरुवार को एक निजी होटल में भगवान महेश की पूजा वंदना के साथ संपन्न हुई।

चुनाव पर्यवेक्षक कुंती मूंदडा एवं चुनाव अधिकारी विनीता लाहोटी के सानिध्य में तथा निर्वतमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा माहेश्वरी व पश्चिमांचल उपाध्यक्ष मधु ललित बाहेती के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए।

चुनाव पर्यवेक्षक कुंती मूंदडा ने बताया कि अरुणा मूंदडा को अध्यक्ष, संध्या लड्ढा को सचिव, एकता सामरिया को कोषाध्यक्ष, अर्चना शारदा को संगठन मंत्री, कृष्णा को उपाध्यक्ष व कल्पना लड्ढा को सह सचिव निर्विरोध चुना गया।

वर्तमान जिला अध्यक्ष भारती डागा ने नई टीम को माला पहनाकर स्वागत किया व मंगल शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर संगठन की 60 महिलाएं उपस्थित थी।

प्रदेश अध्यक्ष मंजू भराडिया, संगठन की संस्थापक अध्यक्ष संतोष तोषनीवाल, संरक्षक पुष्पा सोमानी एवं रितु मूंदड़ा ने नई कार्यकारिणी के प्रति अपनी सहमति जताई। नई टीम ने सभी को साथ लेकर एकजुट होकर कार्य करने का आश्वासन दिया।

भामाशाह अनाज मंडी में किसान की मौत प्रशासनिक संवेदनहीनता का परिणाम

भारतीय किसान संघ ने जताया आक्रोश, पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग

कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के अन्नदाता के साथ हो रहे अन्याय और प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण भामाशाह अनाज मंडी में एक किसान की असामयिक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय किसान संघ ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने किसानों की जायज मांगों पर ध्यान दिया होता, तो आज एक परिवार का सहारा नहीं छिनता। इस घटना को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

भारतीय किसान संघ के संभाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी और जिला अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, जिला कलेक्टर और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को काफी समय पहले ही वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया था।

उन्होंने बताया कि उपज की खरीद में क्वालिटी मानकों को लेकर आ रही समस्याओं और उसमें दी जाने वाली छूट की अनिवार्यता को लेकर बार-बार चेताया गया था। पदाधिकारियों ने कहा कि हाड़ौती का किसान पहले ही मौसम की मार और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही ने जलती आग में घी डालने का काम किया है।

संगठन के प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने तीखे शब्दों में कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि कंपनियों की मनमानी के आगे सरकारी तंत्र बौना साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए थे कि किसानों को किसी भी सूरत में परेशान न किया जाए और खरीद प्रक्रिया में लचीलापन अपनाया जाए।

इसके बावजूद, धरातल पर बैठे अधिकारियों और एफसीआई जैसी कंपनियों ने इन निर्देशों को पूरी तरह से धता बता दी। प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। जिसका परिणाम आज एक किसान की मौत के रूप में सामने आया है।

कंपनियों की मनमानी और जवाबदेही पर उठे सवाल

भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। संगठन ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा; मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों को सजा दिलवाना प्राथमिकता है।

प्रशासन को आगाह करते हुए संघ ने कहा है कि यदि अब भी रवैये में सुधार नहीं हुआ और किसानों को फसल बेचने में राहत नहीं दी गई, तो भारतीय किसान संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

कोटा मंडल से गुजरने वाली 6 समर स्पेशल गाड़ियों का परिचालन जून तक बढ़ाया

कोटा। रेल प्रशासन ने गर्मियों के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए एवं उनकी यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली 6 समर स्पेशल गाड़ियों के परिचालन की अवधि बढ़ाई है।

इन गाड़ियों का परिचालन विस्तारित किया गया

  1. गाड़ी संख्या 09451 (गांधीधाम–भागलपुर समर स्पेशल) — साप्ताहिक शुक्रवार को चलेगी। यह गाड़ी 15.05.2026 से 26.06.2026 तक विस्तारित की गई है।
  2. गाड़ी संख्या 09452 (भागलपुर–गांधीधाम समर स्पेशल) — साप्ताहिक सोमवार को चलेगी। यह गाड़ी 18.05.2026 से 29.06.2026 तक विस्तारित की गई है।
  3. गाड़ी संख्या 09097 (उधना–अयोध्या कैंट समर स्पेशल) — साप्ताहिक मंगलवार को चलेगी। यह गाड़ी 19.05.2026 से 28.07.2026 तक विस्तारित की गई है।
  4. गाड़ी संख्या 09098 (अयोध्या कैंट–उधना समर स्पेशल) — साप्ताहिक बुधवार को चलेगी। यह गाड़ी 20.05.2026 से 29.07.2026 तक विस्तारित की गई है।
  5. गाड़ी संख्या 09183 (मुंबई सेंट्रल–बनारस समर स्पेशल) — साप्ताहिक बुधवार को चलेगी। यह गाड़ी 20.05.2026 से 29.07.2026 तक विस्तारित की गई है।
  6. गाड़ी संख्या 09184 (बनारस–मुंबई सेंट्रल समर स्पेशल) — साप्ताहिक शुक्रवार को चलेगी। यह गाड़ी 22.05.2026 से 31.07.2026 तक विस्तारित की गई है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है किसीट उपलब्धता एवं गाड़ी की अद्यतन समय-सारिणी की जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in या एनटीईएस ऐप पर प्राप्त करें।

Kota Mandi: दो दिन में कोटा मंडी में धनिया का भाव 700 रुपये तक टूटा

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा मंदा रहें से भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को धनिया 200 रुपये और गिर गया। पिछले दो दिन में धनिया का भाव 700 रुपये तक टूट चुका है।

कमजोर उठाव से सरसों 100 रुपये, चना 50 रुपये और लहसुन का भाव 500 रुपये लुढ़क गया। गेहूं एवरेज 50 रुपये तेज बिका। सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब ढाई लाख कट्टे और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपए प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2250 से 2350, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2350 से 2450, बेस्ट टुकड़ी 2450 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2250 रुपए प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 4200, धान (1847) 3200 से 4151, धान (1718-1885) 4000 से 4700, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपए प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5700, सरसों 6300 से 6901, अलसी 6800 से 7300, तिल्ली 7000 से 8500 रुपए प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 8000, चना देशी पुराना 4700 से 5001, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5501, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5230 रुपए प्रति क्विंटल।

लहसुन 3000 से 12500, मैथी पुरानी 5000 से 5800, मैथी नयी 5800 से 6200, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपए प्रति क्विंटल।

राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाले में फरार पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार

जयपुर। Former IAS Subodh Agarwal arrested: राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाले में फरार चल रहे पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को राजस्थान एसीबी की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। टीम उन्हें जल्द ही जयपुर लेकर आएगी।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने इस मामले में चार फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इसके बाद से एसीबी टीम सुबोध अग्रवाल की तलाश में लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

इसी बीच एसीबी को सूचना मिली कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली में मौजूद हैं। इनपुट के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें वहीं से पकड़ लिया। अब उनसे जयपुर लाकर पूछताछ की जाएगी।

पूर्ववर्ती सरकार में जल जीवन मिशन में ठेकेदारों ने फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर हजारों करोड़ रुपए का भुगतान उठा लिया। इस मामले में पब्लिक एगेंस्ट करेप्शन ने सबसे पहले 27 जून 2023 को एसीबी और अशोक नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसमें शिकायत कर्ता एडवोकेट टीएन शर्मा थे।

शिकायत कर्ता की तरफ से सुबोध अग्रवाल को सबसे पहले लिखित में शिकायत की गई थी कि जेजेएम में इरकॉन कंपनी के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए गए हैं। इसके बाद इरकॉन कंपनी ने भी सुबोध अग्रवाल को पत्र लिखकर कहा था कि कंपनी के नाम पर जारी किए गए सर्टिफिकेट फर्जी हैं। लेकिन सुबोध अग्रवाल पूरे मामले को दबा गए।

मामला कोर्ट में गया और 24 फरवरी 2024 को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एसीबी से पूछा कि टीएन शर्मा की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 को जेजेएम घोटाले में पहली एफआईआर दर्ज की गई।

इस एफआईआर में सुबोध अग्रवाल समेत कई लोगों के नाम दर्ज किए गए। इसके बाद सुबोध अग्रवाल फरार हो गए। फिर इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। अब जाकर इनकी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है।

965 करोड़ रुपए का घोटाला
जेजेएम के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर एसीबी ने 17 फरवरी 2026 को बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच में फर्जी बिलिंग, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के प्रमाण सामने आए। इसी कार्रवाई के दौरान सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी। वहीं जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को हिरासत में लिया गया था। इस दौरान सुबोध अग्रवाल अपने आवास पर नहीं मिले तो कार्रवाई के अगले दिन 18 फरवरी 2026 को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था।

इंदौर नगर निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद का वंदे मातरम् गाने से इनकार पर हंगामा

इंदौर। नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। पार्षद फौजिया शेख ने इस्लामी मान्यताओं और संवैधानिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से मना कर दिया। इसको लेकर हंगामा हो गया।

भाजपा पार्षदों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। फौजिया का आरोप है कि बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मजबूर किया गया। कांग्रेस पार्टी ने इसे पार्षद की व्यक्तिगत राय बताते हुए खुद को विवाद से अलग कर लिया है।

बताया जाता है कि इंदौर नगर निगम की बजट बैठक के दौरान बुधवार को कांग्रेस की एक महिला पार्षद फौजिया शेख ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इससे सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षद नाराज हो गए। भाजपा पार्षदों ने सभापति मुन्नालाल यादव की आसंदी के पास पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच सभापति ने फौजिया को सदन से बाहर चले जाने के निर्देश दिए।

कांग्रेस पार्षद ने कहा कि उनका धर्म उनको वंदे मातरम् गाने की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि एक नागरिक के रूप में संविधान ने उन्हें पूरी धार्मिक स्वतंत्रता दी है। ऐसे में कोई भी उनको वंदे मातरम् गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है। विवाद बढ़ने पर फौजिया ने सफाई दी कि वह राष्ट्रगीत का सम्मान करती हैं और हमेशा करती रहेंगी।

–ताकि वंदे मातरम् नहीं गाना पड़े
कांग्रेस पार्षद ने कहा कि वह नगर निगम की बैठक में गंदे पानी की समस्या पर बात करने के लिए खड़ी हुई थीं लेकिन भाजपा पार्षदों ने मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए उनसे पहले वंद मातरम् गाने के लिए कहा। वहीं मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पार्षद की ओर से वंदे मातरम् नहीं गाने को अफसोसजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम जान-बूझकर बैठक में देरी से आती हैं ताकि उन्हें सबके साथ राष्ट्र गीत वंदे मातरम् नहीं गाना पड़े।

कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला
इस पूरे विवाद पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् पर फौजिया की निजी राय से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।

लेबनान पर इजरायली हमलों व रक्तपात से ईरान भड़का, होर्मुज समुद्री मार्ग फिर बंद

तेहरान/इस्लामाबाद। Ceasefire Violation: लेबनान पर इजरायल के हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

40 दिनों की ईरान जंग के बाद बुधवार (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल) की अगले सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया, तब पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली लेकिन पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस युद्ध विराम को अमेरिकी सहयोगी देश इजरायल ने 24 घंटे से भी कम समय के अंदर फुस्स कर दिया।

दरअसल, इजरायल ने ईरान के सहयोगी लेबनान पर अब तक का सबसे भयानक हमला किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इजरायली बलों ने लेबनान में हिज्हुल्लाह के ठिकानों पर 10 मिनट के अंदर 100 से ज्यादा हमले किए हैं, जिसमें कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,165 अन्य घायल हो गए हैं। हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर पर भी इजरायली बलों ने मिसाइलें दागीं और बमों की बौछार कर दिए।

लेबनान पर इजरायल के इन हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने अपने उस सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जिसमें उन्होंने वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी डेलीगेट्स के पाकिस्तान में पहुंचने की जानकारी दी थी।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि लेबनान पर इजरायल के हमले ने ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता पर न केवल संशय के बादल फेर दिए हैं बल्कि पाकिस्तान के प्लान को भी फुस्स कर दिया है। बता दें कि पाकिस्तान इस सीजफायर के लिए अपनी पीठ थपथपा रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुधवार को इजरायली विमानों ने मध्य बेरूत के मज़रा, मनारा, ऐन अल मरेसेह और बरबोर इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी उपनगरों के आठ इलाकों पर हमला किया।

तुर्की भी आया समर्थन में
इस बीच, लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान पर की गई बमबारी आंदोलन को जवाबी कार्रवाई का अधिकार देती है। उधर, तुर्की ने भी लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम लेबनान पर इजरायल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा करते हैं जिनके परिणामस्वरूप भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। ये हमले देश में मानवीय स्थिति को और भी बदतर बना रहे हैं।”

इजरायल का सीजफायर उल्लंघन से इनकार
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में घोषित युद्धविराम के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। बयान में कहा गया कि तुर्की ने लेबनान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। हालांकि, इजरायल ने लेबनान पर किए अपने हमलों को सीजफायर का उल्लंघन मानने से इनकार कर दिया है। उसका दावा है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान का जिक्र नहीं है। अमेरिका ने भी यही बात कही है, इसलिए इस्लामाबाद वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है।

जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस अब 14 अप्रैल से एलएचबी रेक से होगी संचालित

कोटा। गाड़ी सं. 14813/14814 जोधपुर–भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस अब 14 अप्रैल से एलएचबी रेक से होगी संचालित होगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, आरामदायक सफर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल से गुजरने वाली गाड़ी सं. 14813/14814 जोधपुर–भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस के पुराने आईसीएफ रेक को अत्याधुनिक एलएचबी (लिंके-होफमान-बुश) रेक से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।

यह परिवर्तन गाड़ी सं. 14813 के लिए जोधपुर से 14 अप्रैल एवं गाड़ी सं. 14814 के लिए भोपाल से 15 अप्रैल से प्रभावी होगा।

नई एलएचबी रेक में 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी डिब्बा, 3 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी डिब्बे, 2 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी इकॉनॉमी डिब्बे, 7 शयनयान श्रेणी डिब्बे, 4 सामान्य श्रेणी डिब्बे सहित कुल 19 डिब्बे होंगे। पूर्व में यह गाड़ी 17 डिब्बों के आईसीएफ रेक से संचालित हो रही थी।

एलएचबी कोच आधुनिक एंटी-क्लाइंबिंग तकनीक से निर्मित हैं, जो दुर्घटना की स्थिति में टेलीस्कोपिंग को रोकते हैं तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इन डिब्बों में उन्नत हाइड्रोलिक सस्पेंशन प्रणाली होने से सफर अधिक आरामदायक एवं झटकारहित रहता है।