कोटा। झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत बुधवार को कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा और धर्म की स्थापना के संदेशवाहक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के अवतार मानव जीवन को सही दिशा देने और धर्म की रक्षा के लिए होते हैं। श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की सजीव झांकी सजाई गई। मध्यरात्रि जन्मोत्सव का दृश्य प्रस्तुत होते ही श्रद्धालुओं ने “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। जन्मोत्सव की बधाइयां बांटी गईं तथा श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे।
कथा स्थल पर नंद के आंगन आज बधाई, लाला जन्मे गोकुल में,आयो रे कान्हा आयो रे, खुशियों का संदेशा लायो रे, गूंजे गोकुल, गूंजे वृंदावन, जन्मे आज नंदलाला के भजनों पर श्रृद्धालु नाचते रहे और एक दूसरे को बधाई देते रहे। कथा के उपरांत भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।

