कोटा। श्रावणी तीज मेला आयोजन समिति की ओर से हाट रोड स्थित मेला परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ (सीजन 4) का भव्य आयोजन किया गया।
इस रंगारंग कार्यक्रम के तहत शहर के ख्यातिलब्ध कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार फिल्मी गीतों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं। जिसने पूरे मेला प्रांगण को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा और लोकप्रिय फिल्मी नग़मों का भरपूर आनंद उठाया।
मेला अध्यक्ष बसंत भरावा एवं संयोजक श्याम भरावा ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी ने किया, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमोद व्यास एवं लीला शंकर केरवाल ने शिरकत की।
मंचासीन अतिथियों का आयोजन समिति द्वारा पारंपरिक रूप से स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि संगीतमय शाम की शानदार शुरुआत प्रतिभा मिश्रा और अंकित मिश्रा की युगल जोड़ी द्वारा प्रस्तुत मशहूर गीत ‘बेपनाह प्यार है..’ से हुई। जिसने शुरुआत में ही दर्शकों को बांधे रखा।
इसके बाद गीतकार किशन कुंदवानी ने ‘गुलाबी आंखें जो तेरी देखी..’ गाकर पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। इसी कड़ी में गीतकार राजेश वर्मा ने जीवन की सच्चाई बयां करता और सामाजिक संदेश देता भावपूर्ण गीत ‘काहे पैसे पै इतना गुरुर करे है, यही पैसा तो अपनों से दूर करे है..’ सुनाकर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।
गीतों की इस बहती धारा में गीतकार नरेंद्र दबी, गणेश राव, नरेश मराठी, धारा सिंह, आकाश अब्बास, मृत्युंजय शर्मा और खजान सिंह ने अपनी-अपनी विशिष्ट गायन शैलियों में एक से बढ़कर एक फिल्मी गीतों की झड़ी लगा दी।
वहीं, हर्षित कलाकार सिकंदर ने अपनी मिमिक्री कला का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रसिद्ध फिल्मी कलाकारों की आवाजों की सटीक नकल उतारकर दर्शकों को हंसाया और उनका दिल जीत लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि मेले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का यह दौर आगे भी जारी रहेगा। इसी क्रम में मंच पर ‘सागरिका सरगम’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘महफिल हैप्पीनेस ग्रुप’ द्वारा भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

