इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं व केसरिया धर्म ध्वजाओं का निशुल्क वितरण शुरू

0
34
  • गणेश चतुर्थी पर सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की पहल
  • पर्यावरण रक्षा के संकल्प के साथ घर-घर विराजेंगे मिट्टी के गणपति
  • 21 सर्वश्रेष्ठ गणेश मंडलों को मिलेगा 5,100 रुपए का नगद पुरस्कार

कोटा। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ एवं इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे एक वृहद जन-जागरूकता अभियान के तहत् निशुल्क गणपति प्रतिमाएं वितरण शनिवार से प्रारम्भ हुआ।

गणेशोत्सव पर जलाशयों और प्रकृति को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) तथा रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से 1156 शुद्ध मिट्टी से निर्मित इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं और 1156 केसरिया धर्म ध्वजाओं का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। इस हरित मुहिम को जन-जन तक पहुँचाने के लिए महासंघ ने 15 लाख रुपये का विशेष बजट निर्धारित किया है।

महासंघ के अध्यक्ष गोविन्दनारायण अग्रवाल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि बताया कि शहर के 100 वार्डों में पूर्व पंजीकृत 1000 परिवारों को 9 तथा 12 इंच की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं उनके घर-घर जाकर वितरित की गई हैं। प्रतिमाओं के वितरण की शुरुआत टीलेश्वर महादेव मंदिर से हुई, जहाँ से नियुक्त ‘भुजबंद प्रभारियों’ को प्रतिमाएं सौंपी गईं।

इस संपूर्ण व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कोटा किटी क्लब की 100 महिलाओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिनमें से 25 ‘चारभुजा धारी प्रभारी’ चार-चार वार्डों की कमान संभाल रही हैं। इसके साथ ही, पर्यावरण रक्षा का संकल्प लेने वाले प्रत्येक वार्ड के 10 चयनित परिवारों को ‘इको-फ्रेंडली सोशल क्रांतिकारी परिवार गौरव सम्मान’ से अलंकृत जाएगा। वे ‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।

सार्वजनिक पंडालों के लिए विशेष किट
अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में रविवार को आयोजित विशेष समारोह में 56 पंजीकृत सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को सार्वजनिक पंडालों हेतु 4 फीट तथा 6 फीट की विशाल मिट्टी की प्रतिमाएं निशुल्क दी जाएंगी। सभी प्रतिमाओं को पर्यावरण संदेश युक्त विशेष बॉक्स में पैक किया गया है। जिसमें प्रतिमा के साथ 18×30 इंच की ,शुद्ध जल स्वस्थ जीवन का आधार, ‘पर्यावरण प्रहरी परिवार’ अंकित केसरिया धर्म ध्वज, जल शुद्धता का संकल्प पत्र, विशेष स्टीकर और गौरव सम्मान पत्र शामिल है। सार्वजनिक मंडलों के लिए 3×5 फीट की ‘पर्यावरण प्रहरी मंडल’ अंकित धर्म ध्वजाएं दी जा रही हैं।

औषधीय ‘श्री चंदन गणेश’ और अनूठी पर्यावरण पहल
संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि पर्यावरण और जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए क्लब द्वारा एक विशेष नवाचार करते हुए 240 किलो शुद्ध मिट्टी से 7 फीट ऊंची संत स्वरूपा श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा का सृजन किया गया है। जिसे गुरु धाम कॉलोनी में स्थापित किया जाएगा। इस प्रतिमा पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का लेप किया गया है और इसका श्रृंगार केवल केसर, कुमकुम, हल्दी व चूने जैसे प्राकृतिक रंगों एवं 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से किया गया है। विसर्जन के समय यह चंदन पाउडर पानी में घुलकर जलीय जीवों को औषधीय लाभ पहुंचाएगा। इसके अतिरिक्त, महासंघ द्वारा 45 दिवसीय विशाल जन जागरण रथ शहर भर में घुमाकर लोगों को पीओपी के खतरों के प्रति सचेत कर रहा है।

गणेश मंडलों को प्रोत्साहन और आगामी योजनाएं
महासंघ के मुख्य संयोजक गोविन्द नारायण अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए कोटा के गणेश महोत्सव को ‘जिला महोत्सव’ घोषित करने तथा स्थानीय गणेश मंडलों को सरकारी अनुदान देने की मांग उठाई है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026 में पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाएं स्थापित करने वाले 21 सर्वश्रेष्ठ गणेश मंडलों का चयन कर उन्हें 5,100 रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्य संरक्षक डॉ. अरुणा अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के कम से कम 5 अन्य परिवारों को इस मुहिम से जोड़ें, जिन्हें वर्ष 2027 में इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब द्वारा निशुल्क इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं प्रदान की जाएंगी।