पीओके की भारत में वापसी की मनोकामना के साथ रवाना हुई द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा

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किसान संघ के प्रवक्ता आशीष मेहता ने हरी झंडी दिखाकर यात्रियों को किया रवाना

​कोटा। बूढ़ गेपरनाथ महादेव सेवा समिति कोटा के तत्वावधान में आयोजित “द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा” का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हो गया। यात्रा की शुरुआत पुष्टिमार्गीय प्रथमीश पीठ श्री बड़े मथुराधीश प्रभु के दर्शन और आशीर्वाद के साथ हुई।

इसके पश्चात सभी तीर्थयात्री सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां भारतीय किसान संघ के प्रांतीय प्रवक्ता आशीष मेहता ने पूरे उत्साह के साथ हरी झंडी दिखाकर जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया।

स्टेशन पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भारत माता और महादेव के साथ मां कामाख्या के जयकारों से माहौल को गुंजायमान कर दिया। ​यह विशेष धार्मिक और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत यात्रा आगामी 30 जून को असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ कामाख्या माता मंदिर पहुंचेगी।

समिति के उपाध्यक्ष लीलाधर मेहता ने बताया कि इस वर्ष समिति के सभी सदस्य माँ कामाख्या के चरणों में शीश नवाकर देशहित में एक विशेष मनौती मांगेंगे। इस दौरान ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ को पुनः भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने और अखंड भारत के सपने को साकार करने की माँ से विशेष मनोकामना की जाएगी। राष्ट्र कल्याण की इस अनूठी प्रार्थना के साथ ही समिति द्वारा माँ कामाख्या को विशेष रूप से तैयार करवाई गई सोने की नथ और सिंदूर अर्पित किया जाएगा।

​गौरतलब है कि इस अनूठी यात्रा की शुरुआत गत वर्ष भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य को नमन करने के लिए की गई थी। ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ की पृष्ठभूमि में सेना के पराक्रम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से शुरू हुई इस यात्रा को इस वर्ष भी उसी राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ निरंतरता दी गई है।

यात्रा के सफल, सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए समिति के सचिव रामू खारवाल, कोषाध्यक्ष हरिनारायण दीक्षित तथा कामाख्या यात्री रामू सेन विशेष रूप से दल के साथ गए हैं। जो पूरी व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं।