मुम्बई। एक अग्रणी उद्योग व्यापार विश्लेषक ने मई 2026 में खाद्य तेलों का कुल आयात बढ़कर 13.40 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो अप्रैल के आयात से 2 प्रतिशत और मई 2025 के आयात से 7 प्रतिशत ज्यादा तथा पिछले पांच माह का सबसे ऊंचा स्तर है। मई 2026 के दौरान पाम तेल एवं सोयाबीन तेल के आयात में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
विश्लेषक के अनुसार मई 2026 में पाम तेल का आयात 5.49 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है जो अप्रैल के आयात से 7 प्रतिशत अधिक मगर मई 2025 के आयात से 7 प्रतिशत कम है। पिछले सीजन की तुलना में मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान खाद्य तेलों के सकल आयात में पाम तेल की भागीदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत पर पहुंची जबकि सॉफ्ट तेलों की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत से गिरकर 50 प्रतिशत पर आ गई।
अप्रैल की तुलना में मई के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 37 प्रतिशत उछलकर 4.94 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जो मई 2025 के आयात से भी 24 प्रतिशत ज्यादा एवं पांच माह का ऊंचा स्तर है।
दूसरी ओर सूरजमुखी तेल का आयात अप्रैल के मुकाबले मई में 32 प्रतिशत घटकर 2.96 लाख टन पर अटकने का अनुमान है लेकिन फिर भी यह मई 2025 की तुलना में 62 प्रतिशत अधिक है।
मई 2026 के दौरान भारत में नेपाल से करीब 60 हजार टन खाद्य तेल मंगाया गया जो इसके कुल आयात आंकड़े में शामिल नहीं है।
नेपाल से भारत में सीमा सड़क मार्ग से खाद्य तेलों का शुल्क मुक्त आयात होता है जबकि इंडोनिशया, मलेशिया, थाईलैंड, अर्जेन्टीना, ब्राजील, रूस तथा यूक्रेन सहित अन्य देशों से समुद्री रास्ते से खाद्य तेल मंगाया जाता है। वैसे मई में भारतीय बंदरगाहों के माध्यम से कुल 88 हजार टन खाद्य तेल बाहर भेजा गया जिसमें 78 हजार टन सोया तेल, 7 हजार टन सूरजमुखी तेल भी शामिल था।

