‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित रहा श्रावणी तीज मेले का सांस्कृतिक मंच

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देशभक्ति के जयकारों और तालियों की गूंज से भक्तिमय व राष्ट्रप्रेम से सराबोर हुआ पंडाल

कोटा। श्रावणी तीज मेला ​आयोजन समिति की ओर से हाट रोड पर आयोजित प्रसिद्ध श्रावणी तीज मेला महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अंतिम संध्या बेहद खास और भावनात्मक रही। मुख्य मंच पूरी तरह से भारतीय सेना और वीर जवानों के शौर्य को नमन करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित किया गया।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मेला अध्यक्ष बसंत भरावा एवं संयोजक श्याम भरावा द्वारा आमंत्रित कलाकारों का माल्यार्पण कर उनका स्वागत करते हुए की गई। इसके पश्चात् रंगारंग प्रस्तुतियों का दौर शुरू हुआ। जिसने रात भर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किए रखा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि संध्या का मुख्य आकर्षण ए.के. डांस एकेडमी समूह की नाट्य-नृत्य प्रस्तुति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रही। कलाकारों के जीवंत अभिनय और देशभक्ति से ओत-प्रोत दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और लोग टकटकी बांधे मंच को देखते रहे।

इस दौरान पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। इसके तुरंत बाद एकेडमी की बाल कलाकार दर्शिका तिवारी ने ‘महाभारत’ विषय पर एक मनमोहक नृत्य नाटिका पेश की, जिसकी भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों का दिल जीत लिया और निरंतर बजती तालियों ने कलाकारों के उत्साह को दोगुना कर दिया।

देशभक्ति के इस ज्वार के बीच रॉकस्टार, उमंग और मित्तल ग्रुप के प्रख्यात गीतकार सजल मंडल ने मंच संभाला और “ओ देश मेरे” तथा “जब से तेरे नैना” जैसे सदाबहार और लोकप्रिय फिल्मी गीत सुनाकर माहौल में एक संगीतमय मिठास घोल दी।

उनके साथ साथी गीतकार सुरेंद्र, दीपक अरोड़ा, नीरज, जसवंत और शालू ने एक से बढ़कर एक नए-पुराने फिल्मी तरानों की प्रस्तुतियां दीं, जिस पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। गीतों और नृत्यों का यह संगम देर रात तक मेला प्रेमियों का मनोरंजन करता रहा।

मेला समिति द्वारा समापन संध्या के इस अवसर पर अब तक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले सभी स्थानीय व बाहर से आए कलाकारों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मेले में मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने वाले झूला संचालकों और अपनी दुकानें लगाने वाले व्यापारियों का भी रंगारंग समारोह के बीच मंच पर अभिनंदन किया गया।

राजाराम कर्मयोगी ने बताया कि 25 अगस्त को भव्य और आकर्षक आतिशबाजी के साथ पूरे श्रावणी तीज मेले का आधिकारिक समापन किया जाएगा।