कोटा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा-नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए शनिवार की शाम प्रेरणा और अनुभवों से भरपूर रही। मौका था मोशन एजुकेशन के द्रोणा-2 कैंपस में नीट डिवीजन की ओर से आयोजित एलुमनाई मीट ‘स्पंदन’ का।
इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए मोशन के करीब 44 पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें कई विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कई अब डॉक्टर बन चुके हैं। उन्होंने वर्तमान नीट अभ्यर्थियों के साथ अपनी सफलता की यात्रा साझा करते हुए परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय और डायरेक्टर श्रीमती सुशीला विजय, डॉ स्वाति विजय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी संघर्ष यात्रा साझा करते हुए कहा कि नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल लंबे समय तक पढ़ाई करने से नहीं मिलती, बल्कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से हासिल होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी कमजोरियों की पहचान करें, उन्हें दूर करने पर लगातार काम करें तथा नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट को अपनी तैयारी का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि कोटा में बिताया गया समय उनके जीवन का महत्वपूर्ण दौर रहा।
मोशन में नियमित कक्षाएं, डाउट सेशन, टेस्ट एनालिसिस और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव बने। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान दें और हर दिन स्वयं को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास करें।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले स्पष्ट लक्ष्य तय करना जरूरी है। इसके बाद पूरी ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ उस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, लेकिन जो विद्यार्थी धैर्य बनाए रखते हैं और लगातार प्रयास करते हैं, वही अंततः सफलता हासिल करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं पर विश्वास रखने और हर चुनौती को सीखने का अवसर मानने का आग्रह किया।
नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा ने कहा कि एलुम्नाइ मीट का उद्देश्य केवल पूर्व विद्यार्थियों से मुलाकात कराना नहीं, बल्कि वर्तमान विद्यार्थियों को उनके वास्तविक अनुभवों से सीखने का अवसर देना भी है। जब सफल विद्यार्थी अपनी तैयारी, संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हैं, तो नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी तैयारी को सही दिशा देने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने खुलकर अपने सवाल रखे। उन्होंने पढ़ाई की योजना, समय प्रबंधन, तनाव से निपटने, कठिन विषयों की तैयारी, मॉक टेस्ट के महत्व और परीक्षा के अंतिम दिनों की रणनीति जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। एलुम्नाइ ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर इन सभी सवालों के व्यावहारिक और उपयोगी जवाब दिए। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी गलतियों को समय रहते सुधारना और नियमित आत्ममूल्यांकन करना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने एलुम्नाइ के साथ हुई चर्चा को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन कर रहे तथा डॉक्टर बन चुके पूर्व विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने के बाद उनकी कई शंकाएं दूर हुईं और अब वे पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी कर सकेंगे।
इससे पहले संस्थान की ओर से पूर्व विद्यार्थियों को कोटा के प्रमुख पर्यटन स्थलों—किशोर सागर तालाब, सेवन वंडर्स और कोटा रिवर फ्रंट आदि—का भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें ताजा कीं और संस्थान से जुड़े पुराने अनुभव साझा किए। दक्ष, दर्श और ध्रुव कैंपस में भी विद्यार्थियों को सवाल पूछने तथा पूर्व छात्रों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

