‘एक शाम शहीदों के नाम’: देशभक्ति के रंग में रंगा कोटा का श्रावणी तीज मेला

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कोटा। संस्कृतिक और लोक परंपराओं के प्रतीक श्रावणी तीज मेले के मंच पर देशभक्ति के रंगों से सजी एक अविस्मरणीय शाम का आयोजन किया गया। हाट रोड स्थित मेला प्रांगण में “एक शाम शहीदों के नाम” शीर्षक से आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने संपूर्ण वातावरण को राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व उप महापौर राकेश सोरल द्वारा मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष बसंत भरावा एवं संयोजक श्याम भरावा ने मंच पर पधारे सभी आमंत्रित अतिथियों का पारंपरिक रूप से माल्यार्पण कर भावभीना अभिनंदन किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि संध्या की शुरुआत विख्यात एंकर नरेश कारा के कुशल एवं ऊर्जावान संचालन में हुई। कार्यक्रम की संगीतमय शुरुआत प्रख्यात गायिका ऋतु जोशी के कण्ठ से निकले कालजयी गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” के साथ हुई। जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद हर दर्शक भावविभोर हो गया।

इसके उपरांत देशभक्ति गीतों की अविरल धारा बही। गीतकार आर. भास्कर ने “मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो”, साबिर भाई ने “जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा” तथा कृष्णा विजयवर्गीय ने “हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिए” जैसे सुपरहिट देशभक्ति तरानों की दिलकश प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के दौरान पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी नारों से लगातार गुंजायमान होता रहा।

संगीतमय यात्रा को आगे बढ़ाते हुए गीतकार जगदीश निर्मल, सी.एस. वर्मा, संदीप कुमार, राजेश श्रीवास्तव, नवीन मित्तल, अब्दुल वहाब और राजकुमार भरावा ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

कलाकारों के इस राष्ट्रीय भाव से भरे गायन ने उपस्थित जनसमूह को पूरी तरह से देशप्रेम के रंग में रंग दिया। सफल प्रस्तुतियों के पश्चात बसंत भरावा, लक्ष्मीनारायण गर्ग, राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ तथा राजीव माथुर ने सभी आमंत्रित कलाकारों एवं गीतकारों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।