कोटा। Tax Payers Relief:आयकर रिटर्न दाखिल करने की निर्धारित अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाने वाले आयकरदाताओं के लिए राहत की खबर है। ऐसे आयकरदाता अब 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड (विलंबित) इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित लेट फीस का भुगतान करना होगा।
टैक्स विशेषज्ञ एवं पूर्व अध्यक्ष टैक्स बार एसोसिएशन, कोटा एडवोकेट राजकुमार विजय ने बताया कि यदि आयकरदाता निर्धारित समय सीमा में अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाया है तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। वह नियमानुसार बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि सामान्यतः 5 लाख से अधिक कुल आय वाले आयकरदाताओं को विलंबित रिटर्न दाखिल करने पर ₹5,000 लेट फीस, जबकि 5 लाख तक की कुल आय वाले आयकरदाताओं को ₹1,000 लेट फीस देनी होती है।
वहीं, जिन आयकरदाताओं की आय संबंधित कर व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित मूल छूट सीमा के भीतर है, उन्हें लेट फीस से राहत मिल सकती है। पुराने टैक्स रिजीम में 2.50 लाख तक तथा नए टैक्स रिजीम में 4 लाख तक की कुल आय होने की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लेट फीस देय नहीं होती।
समय पर बिलेटेड रिटर्न दाखिल करना क्यों जरूरी
एडवोकेट राजकुमार विजय ने बताया कि यदि आयकरदाता समय सीमा चूक गया है तो भी उसे जल्द से जल्द बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए। इससे उसकी आय का विधिवत रिकॉर्ड तैयार रहता है और भविष्य में होम लोन, बिजनेस लोन, वाहन ऋण अथवा अन्य वित्तीय आवश्यकताओं के लिए आयकर रिटर्न उपयोगी साबित हो सकता है।
साथ ही, समय पर बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने से आयकर विभाग की ओर से रिटर्न दाखिल नहीं करने संबंधी संभावित कार्रवाई अथवा नोटिस की परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
हानियों को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण सावधानी
उन्होंने बताया कि बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने का एक महत्वपूर्ण नुकसान भी है। यदि आयकरदाता को इस वर्ष पूंजीगत हानि (Capital Loss) अथवा व्यावसायिक हानि (Business Loss) हुई है, तो निर्धारित समय सीमा के बाद दाखिल किए गए बिलेटेड रिटर्न में ऐसी हानियों को सामान्यतः आगामी वर्षों में Carry Forward करने का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए जिन करदाताओं को हानि हुई है, उनके लिए समय पर रिटर्न दाखिल करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
आयकरदाताओं से अपील है कि जिन लोगों ने अभी तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वे अंतिम अवसर का इंतजार न करें और आवश्यक दस्तावेजों का मिलान कर जल्द से जल्द बिलेटेड रिटर्न दाखिल करें।

