नई दिल्ली। Russia Sanctions Bill: रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला एक बिल अब अमेरिकी सीनेट में बढ़ते विरोध का सामना करने लगा है। इसे पिछले महीने हाउस ने भारी बहुमत से मंजूरी दी थी। इस बिल के नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनाव तक अटके रहने की संभावना है। चिंता यह है कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ लगाने की शक्तियां बढ़ सकती हैं। तेल की कीमतें बढ़ने के भी आसार हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
यह बिल साउथ कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। वह यूक्रेन के बड़े समर्थक थे। यह बिल ट्रंप को रूसी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के टॉप पांच खरीदारों और रूस को ऊर्जा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार देगा। चीन, भारत और तुर्की रूसी पेट्रोलियम उत्पादों के सबसे बड़े खरीदार हैं।
डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही सांसदों की बढ़ती चिंता रिटेल इंडस्ट्री और प्रभावशाली बिजनेस अलायंस ‘यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के लिए एक जीत है। इन्होंने यह डर पैदा किया है कि इस उपाय से ट्रंप प्रशासन को बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने के लिए नया कानूनी आधार मिल जाएगा।
गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि रूस-यूक्रेन विवाद का समाधान इस आधार पर नहीं होगा कि देश रूसी तेल, खनिज या अन्य सामान खरीदते हैं या नहीं। वह जोर देकर बोले थे कि विवाद को केवल बातचीत, कूटनीति और बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।
क्या भारत रूसी तेल की खरीद कम करेगा
इस सवाल का जवाब देते हुए कि क्या भारत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाने की स्थिति में रूसी तेल की खरीद कम करेगा, जयशंकर ने भारत की 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर यूक्रेन और भारत दोनों के नजरिए का सम्मान किया जाना चाहिए।
जयशंकर ने कीव में यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बैठक के बाद सवालों का जवाब देते हुए कहा था, ‘मुझे लगता है कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आप सभी 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा की व्यवस्था करने की चुनौतियों को समझें। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया में ऊर्जा की स्थिति बहुत मुश्किल है। इसलिए, मैं कहूंगा कि यह एक ऐसा मामला है जहां स्पष्ट रूप से यूक्रेन का अपना नजरिया है। इसका हम सम्मान करते हैं। हमारा अपना नजरिया है। इसका मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे भी सम्मान करेंगे।’

