अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नीट 2026 योद्धाओं का विजय संकल्प

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लेखक एवं प्रेरक डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय (एम. एस. नेत्र रोग विज्ञान, पी. जी. आई. चंडीगढ़) | डॉ. विदुषी शर्मा नेत्र सर्जन (एम.बी.बी.एस., एम.डी., नेत्र रोग, एम्स, नई दिल्ली)
वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक एवं सर्जन डॉ. सुरेश के. पाण्डे का नीट अभ्यर्थियों के नाम यह खुला पत्र हूबहू यहाँ प्रकाशित किया जा रहा है। उन्होंने अपने इस पत्र में निराश हो चुके अभ्यर्थियों में नई आशा का संचार पैदा करने का प्रयास किया है। तो आइये जानें आखिर डॉ. पाण्डे ने छात्रों को क्या सन्देश दिया है-संपादक

न हार मानो रे मन,
राह के काँटे फूल समझकर चलो रे,
मई का लीक हुआ नीट का पर्चा डिगा न पाया,
हौसला हिमगिरि-सा अटल रखो रे।

इक्कीस जून, अंतर्राष्ट्रीय योग-दिवस, तन-मन-आत्मा जोड़ नई जंग लड़ो रे,
तुम स्वयं अपने भाग्य के लेखक हो,
नीट 2026 में सफलता तुम्हें पुकारे रे…

प्रिय नीट 2026 परीक्षा के योद्धाओं, नीट के रण बांकुरों,

आप सभी को नीट 2026 परीक्षा में सफलता की अग्रिम शुभकामनाएँ।

जब पूरा विश्व इक्कीस जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा होगा, ठीक उसी पावन दिन आपकी नीट 2026 पुनर्परीक्षा हो रही है। यह कोई साधारण संयोग नहीं, बल्कि जीवन की एक गहरी सीख है। तीन मई की नीट 2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लाखों विधार्थियों के महीनों का परिश्रम, अनगिनत रातों की नींद और डॉक्टर बनने के सपने एक पल में हिल गए थे। पर प्यारे बच्चों, याद रखिए, व्यवस्था की एक चूक आपकी मेधा की हार नहीं है और आपकी ईमानदार मेहनत का मूल्य रत्ती भर भी कम नहीं कर सकती।

योग का अर्थ है, जोड़ना। शरीर को मन से, मन को आत्मा से, और बिखरी हुई सारी ऊर्जा को एक बिंदु पर केंद्रित करना। ठीक इसी तरह, आगामी 21 जून को होने वाली नीट 2026 पुनर्परीक्षा में आपको अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ता को जोड़कर सफलता गढ़नी है। योग सिखाता है कि जब तक साँस चलती है, संघर्ष जारी रहना चाहिए; जब तक शरीर में ऊर्जा है, लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।

आप बाईस लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा का हिस्सा हैं, एक विशाल परिवार। नीट पेपर लीक की इस घटना से निराश या हतोत्साहित होने की कोई आवश्यकता नहीं; इसे जीवन की एक कठिन, पर मूल्यवान परीक्षा समझिए। जो सच्ची मेहनत करते हैं, उनके लिए हर बाधा नई ऊँचाई चढ़ने की सीढ़ी बन जाती है।

इस पेपर लीक ने आपको कमज़ोर नहीं, बल्कि और मज़बूत बनाया है। अब आपके पास कुछ अतिरिक्त समय है, पहले सीखे को और गहराई से दोहराने का, कमज़ोर विषयों को मज़बूत करने का, और कुछ और मॉक टेस्ट देने का।

अब योग की शक्ति को अपने दैनिक जीवन में उतारिए। हर सुबह पंद्रह-बीस मिनट सूर्य नमस्कार कीजिए, शरीर में नई ऊर्जा आएगी और मन शांत रहेगा। रोजाना दस मिनट योग के साथ दिन की शुरुआत करें, गहरी सांस लें, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करें। परीक्षा-हॉल में जब घबराहट उठे, तो रुकिए, गहरी साँस लीजिए, छोड़िए और मन ही मन कहिए, “मैंने परिश्रम किया है, मैं शांत हूँ, मैं सक्षम हूँ।”

इससे परीक्षा के दौरान तनाव घटेगा और एकाग्रता बढ़ेगी। नेगेटिव मार्किंग का डर कभी-कभी आपको घेर सकता है, पर योग की एकाग्रता से उसे जीत लीजिए। केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दीजिए जिनमें पूरा विश्वास हो; अंधाधुंध अनुमान लगाकर अंक खोने से बेहतर है कुछ प्रश्न छोड़ देना, इससे आपका स्कोर भी सुरक्षित रहेगा और मन भी शांत।

दिन में पाँच मिनट आँखें बंद करके अपनी सफलता की कल्पना कीजिए, स्वयं को सफ़ेद कोट पहने, मरीज़ों की सेवा करते, उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरते, और अपने माता-पिता को गर्व से भरते हुए देखिए। यह कल्पना आपकी आँखों में चमक और कदमों में दृढ़ता भर देगी।

नीट परीक्षा के बाईस लाख अभ्यर्थियों में से हर कोई अलग परिस्थिति से गुज़र रहा है, कोई गाँव से, कोई शहर से; कोई आर्थिक तंगी झेल रहा है, कोई स्वास्थ्य की चुनौती। पर सबका लक्ष्य एक है, देश का भावी चिकित्सक बनना। नीट 2026 पेपर लीक ने सबको एक समान चुनौती दी, और अब एक समान अवसर भी। इस अवसर को व्यर्थ मत जाने दीजिए।

अपनी मेहनत दोहराइए, पर अब और समझदारी से, रात भर जागकर नहीं, बल्कि संतुलित दिनचर्या से। थका मस्तिष्क वही भूल जाता है जिसे शांत मस्तिष्क सहज ही याद रखता है। योग आपको यही सिखाता है, संतुलन। उस दिन की कल्पना कीजिए जब आप परीक्षा-हॉल से बाहर निकलेंगे, मन शांत होगा, क्योंकि आपने योग की शक्ति और सही रणनीति से तनाव को जीत लिया होगा।

उस पल की कल्पना कीजिए जब नीट परीक्षा का परिणाम आएगा और आपका नाम नीट परीक्षा में सफल अभ्यर्थी की सूची में चमकेगा, पूरा परिवार खुशी से झूम उठेगा, और सबसे बड़ी बात, आप स्वयं से गर्व से कह सकेंगे, “मैंने हार नहीं मानी, मैंने संघर्ष जारी रखा।” यदि नीट परीक्षा में आपकी रैंक बहुत पीछे भी आती है तो भी आप कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नामक कविता के अनुसार पुनः प्रयास कर सकतें हैं।

माता-पिता और शिक्षकों से भी विनम्र निवेदन है, इन दिनों बच्चों से केवल अंक और रैंक की भाषा में बात न करें। उनसे मित्रवत पूछिए, “खाना खाया? नींद ठीक आई? मन कैसा है?” उन्हें यह विश्वास दीजिए कि वे नीट परीक्षा परिणाम से पहले भी प्रिय हैं और बाद में भी रहेंगे। कोई भी परीक्षा किसी बच्चे के जीवन से बड़ी नहीं। यदि किसी विद्यार्थी को अत्यधिक भय या निराशा घेरे, तो परिवार, शिक्षक या मित्र से अवश्य बात करें, मदद माँगना कमज़ोरी नहीं, साहस है।

प्रिय नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों, यह परीक्षा केवल किताबी ज्ञान की नहीं, आपके धैर्य, लगन और चरित्र की भी परीक्षा है। जो इसमें खरे उतरेंगे, वे जीवन की अन्य परीक्षाओं में भी खरे उतरेंगे। नीट पेपर लीक के मानसिक तनाव को पीछे छोड़ दीजिए, अब केवल आगे बढ़ने पर, अपने लक्ष्य नीट 2026 में सफलता पर अपना पूरा ध्यान दीजिए। हर सुबह जागकर कहिए, “मैं हार नहीं मानूँगा, मैं सफल होऊँगा।”

इक्कीस जून को जब सूर्य योग दिवस की स्वर्णिम ऊर्जा लेकर उगे, तो अपने भीतर के ज्ञान के सूर्य को भी जगाइए। शरीर स्वस्थ रखिए, मन शांत रखिए, लक्ष्य पर अडिग रहिए। आपका धैर्य, आपकी मेहनत अवश्य रंग लाएगी। भविष्य में जब आप चिकित्सक बनकर , देश के अनगिनत रोगियों की सेवा सुश्रुषा करेंगे, और एक दिन जब किसी गंभीर मरीज़ की जान बचाएँगे, तब अनुभव करेंगे कि यह सारा संघर्ष बहुत सार्थक हुआ ।

नीट परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को हमारा संदेश है, संकल्पित होकर उठो, जागो और विजय प्राप्त करो। हार मत मानो, क्योंकि तुम्हारा हौसला, तुम्हारी मेहनत और तुम्हारा संकल्प किसी भी बाधा से बहुत बड़ा है।

पुनश्च, आप सभी को नीट परीक्षा में सफलता की अग्रिम शुभकामनायें…

  • डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय (एम. एस. नेत्र रोग विज्ञान, पी. जी. आई. चंडीगढ़), लेखक, प्रेरक वक्ता, नेत्र सर्जन, कोटा
  • डॉ. विदुषी शर्मा (एम.बी.बी.एस., एम.डी., नेत्र रोग, (एम्स, नई दिल्ली), FRCS (यू.के.) नेत्र सर्जन एवं लेखिका, कोटा