नोटबंदी: जूलर्स ने हवाला से खपाए 839 करोड़ रुपये

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लखनऊ। नोटबंदी के बाद 431 किलो ड्यूटी फ्री गोल्ड खपाकर चर्चा में आए नोएडा के नामी लाल महल जूलर्स के बारे में नया खुलासा हुआ है। इस जूलर ने 839.85 करोड़ रुपये का सोना और उससे बनी जूलरी नोएडा से दुबई, पक्के कागजों पर भेजी और भूल गया।

वहां से इसका पेमेंट नहीं आया। माना जा रहा है कि इस फर्म ने 12 करोड़ 92 लाख सात हजार 970 अमेरिकी डॉलर यानी 839.85 करोड़ रुपये हवाला के जरिए इधर-उधर कर दिए। यह खुलासा डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की पड़ताल में हुआ है।

आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद डीआरआई ने 22 व 23 दिसंबर को नोएडा स्पेशल इकनॉमिक जोन में स्थित लाल महल जूलर्स के ठिकानों पर छापे मारे थे। तब पता चला था कि इस फर्म ने 431 किलो ड्यूटी फ्री गोल्ड नोटबंदी के बाद घरेलू बाजार में खपा दिया।

डीआरआई ने जब कंपनी की एमडी अनीता गर्ग के दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि उन्होंने बैंक में 12 करोड़ 55 लाख 73 हजार 212 यूएस डॉलर का भुगतान आने से जुड़ी ऐप्लिकेशन लगा रखी है। पड़ताल में यह रकम करीब 839 करोड़ 85 लाख रुपये निकली।

अब ईडी करेगी कार्रवाई
डीआरआई ने श्री लाल महल जूलर्स की एमडी अनीता गर्ग को जांच में सहयोग के लिए 13 बार समन भेजा लेकिन वह टालती रहीं। प्रेमचंद गर्ग और उनका बेटा देवाशीष गर्ग भी दावा करते रहे कि उनका लाल महल जूलर्स से कोई संबंध नहीं है। डीआरआई सूत्रों के अनुसार, तीनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं।

अब डीआरआई यह मामला ईडी को देने की तैयारी में है। डीआरआई ने केस की जांच से जुड़ी करीब 200 पेज की रिपोर्ट ईडी को भेज दी है। ईडी जल्द ही इस मामले में फेमा और मनी लॉड्रिंग ऐक्ट के तहत केस दर्ज करेगी।

अपनी ही कंपनी को तो भेजी थी जूलरी
लाल महल जूलर्स प्रबंधन से जब डीआरआई ने पूछताछ की तो बताया गया कि ये जूलरी यूएई की फर्म डायमंड इंटरनैशनल ट्रेडिंग एफजेडसी, दुबई को भेजी गई थी। भुगतान नहीं मिला है, इसलिए इस कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।

डीआरआई ने पड़ताल की तो पता चला कि लाल महल जूलर्स के मुख्य कर्ताधर्ता और अनीता गर्ग के पति प्रेमचंद गर्ग ने ही दुबई में डायमंड इंटरनैशनल ट्रेडिंग एफजेडसी कंपनी बनाई है।

प्रेमचंद ही उसका काम देखता है। प्रेमचंद की बेटी ईशा गर्ग के नाम पर भी दुबई में श्री लाल महल जूलर्स एलएलसी यूएई नाम की फर्म है। इसका खुलासा इनके अकाउंटेंट बलदेव चतुर्वेदी के ईमेल अकाउंट से हुआ है।

सोने की मात्रा लिखी, कीमत नहीं लिखी
श्री लाल महल जूलर्स ने डायमंड इंटरनैशनल ट्रेडिंग एफजेडसी को जो सोना भेजा, उसकी मात्रा का जिक्र तो कागजों में है लेकिन उस सोने का मूल्य कहीं नहीं लिखा। यहां से जो कड़े और सोने की चूड़ियां भेजी गईं और उन्हें गलाया गया, उसमें भी गलाए गए सोने की मात्रा का जिक्र है लेकिन कीमत का नहीं।