Stock Market: इस सप्ताह कैसी रहेगी शेयर मार्केट की चाल, जानिए एक्सपर्ट की राय

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नई दिल्ली। Stock Market This Week: पिछले हफ्ते की सुस्ती के बाद अब नए कारोबारी हफ्ते में भी शेयर बाजार की राह आसान नहीं दिख रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार की नजरें मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले इसके असर पर टिकी रहेंगी। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

हफ्ते की शुरुआत थोड़े डर और सावधानी के साथ हो सकती है, क्योंकि बीते वीकेंड पर अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक संकेतों के अलावा, घरेलू स्तर पर देश में मानसून की प्रगति और आने वाले महंगाई के आंकड़े भी भारतीय निवेशकों के मूड को प्रभावित करेंगे।

रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च SPV अजीत मिश्रा के मुताबिक, यह हफ्ता मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक डेटा पर निर्भर रहेगा।

भारत में निवेशक 12 जून को जारी होने वाले मई महीने के महंगाई के आंकड़ों और इसी दिन आने वाले विदेशी मुद्रा भंडार के डेटा पर नजर रखेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत, कच्चे तेल की कीमतें, करेंसी के उतार-चढ़ाव और ग्लोबल मार्केट का सेंटिमेंट इस हफ्ते फोकस में रहेगा।

बीते शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर सोमवार को भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है। शुक्रवार को वहां टेक आधारित इंडेक्स नैस्डैक 4.18 फीसदी तक टूट गया। वहीं, S&P 500 में 2.64 फीसदी और डाउ जोंस में 1.35 फीसदी की गिरावट रही।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि वैश्विक बाजारों, खासकर AI और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में आई इस भारी गिरावट की वजह से भारतीय बाजार की शुरुआत सतर्क रह सकती है। हालांकि, भारतीय बाजार के पास कुछ मजबूत घरेलू फैक्टर्स भी हैं।

RBI की पॉलिसी के बाद मजबूत हुआ रुपया, देश की मजबूत GDP ग्रोथ और कच्चे तेल के दामों में आई कमी बाजार को सहारा दे सकती है। मीणा ने यह भी कहा कि इस हफ्ते अमेरिका और चीन से कई जरूरी आर्थिक आंकड़े आने हैं, जिसमें बुधवार को आने वाला अमेरिकी महंगाई का डेटा सबसे अहम होगा। इससे यह अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला कर सकता है।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के. के अनुसार, नैस्डैक में आई 4 फीसदी की गिरावट अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों में बिकवाली के कारण ऐसा हुआ। चूंकि भारतीय शेयर बाजार में भी IT सेक्टर का अच्छा-खासा वजन है, इसलिए अमेरिकी बाजार की इस कमजोरी का असर शुरुआती दिनों में हमारे घरेलू मार्केट पर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से बेहतर या नरम आते हैं, तो इससे दुनिया भर के बाजारों में फिर से जोश लौट सकता है।

बता दें कि इससे पिछले हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही थी। बीते हफ्ते BSE का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 532.4 अंक यानी 0.71 फीसदी गिरा था, जबकि NSE का निफ्टी भी 181.05 अंक या 0.76 फीसदी नीचे आ गया था।