GST के दो साल पूरे होने पर सरकार लाएगी नए सुधार

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नई दिल्ली।जीएसटी लागू होने के दो साल पूरे होने के मौके पर सरकार नया रिटर्न सिस्टम पेश कर सकती है। वित्त मंत्रालय सोमवार को इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में कुछ सुधार का ऐलान कर सकता है। इनमें नया रिटर्न सिस्टम, कैश लेजर सिस्टम (नकद खाता प्रणाली) को तर्कसंगत बनाना और सिंगल रिफंड-डिस्बर्सिंग मैकनिज्म समेत दूसरी कई चीजें शामिल हो सकती हैं।

सोमवार को वित्त मंत्रालय ने रिलीज जारी कर बताया कि वित्त और कार्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर सोमवार को जीएसटी से जुड़े कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उनके साथ विभिन्न विभागों के मुख्य सचिव और अधिकारी रहेंगे। रिलीज में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में GST का आना एक गेम चेंजर था।

जीएसटी ने मल्टी-लेयर्ड वाले जटिल इनडायरेक्ट टैक्स ढांचे को सरल, पारदर्शी और टेक्नॉलजी फ्रेंडली बना दिया। मंत्रालय ने कहा कि 1 जुलाई से ट्रायल बेसिस पर नया रिटर्न सिस्टम लागू किया जाएगा और 1 अक्टूबर से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक, ‘छोटे टैक्सपेयर्स के लिए सहज और सुगम रिटर्न्स का प्रस्ताव दिया गया है।’

एक नकद खाते के संदर्भ में सरकार इसे तर्कसंगत बनाते हुए 20 मदों को पांच प्रमुख मदों में शामिल करेगी। टैक्स, ब्याज, पेनल्टी, फी और दूसरी चीजों के लिए सिर्फ एक नकद बही खाता ही होगा। मंत्रालय ने बताया कि सरकार एक सिंगल रिफंड-डिस्बर्सिंग मैकनिज्म को पेश करेगी जिसके तहत सभी चार बड़े मदों CGST, SGST, IGST और सेस के लिए रिफंड को मंजूरी मिलेगी।

रिलीज में आगे कहा गया, ‘राज्यों की इच्छा के मुताबिक सामानों के सप्लायर्स के लिए 40 लाख रुपये की लिमिट ऑफर की गई है। 50 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले छोटे सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कंपोजिशन स्कीम को लाया गया है। उन्हें 6 प्रतिशत की दर से टैक्स देना होगा।

इसके अलावा B2B ट्रांजैक्शंस के लिए चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस सिस्टम को पेश करने का प्रस्ताव है और राज्यों की राजधानियों में जीएसटी अपीलेट ट्राइब्यूनल्स भी बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एरिया ब्रांचेज भी खोले जा रहे हैं।’

बता दें कि गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) को 30 जून, 2017 की मध्य रात्रि में संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित हुए एक शानदार समारोह में लागू किया गया था। 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी प्रभाव में आया।

सरकार ने कहा कि जीएसटी ने अंतर-राज्यीय ट्रेड ऐंड कॉर्मर्स के लिए बाधाओं को तोड़कर देश में एक सिंगल कॉमन मार्केट को इंटिग्रेट कर दिया है। 2 सालों के दौरान सरकार ने जीएसटी सिस्टम में कई बदलाव किए हैं। इनमें टैक्सों की संख्या और गुड्स व सर्विसेज का समावेश और बाहर निकालना शामिल है। इवेंट में एक किताब ‘GST for MSME’ को भी रिलीज किया जाएगा।