G7 शिखर सम्मेलन फ़्रांस में कल से, पीएम मोदी और ट्रंप करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

0
1

नई दिल्ली। व्हाइट हाउस ने शनिवार को पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप फ्रांस में होने वाले जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

फरवरी 2025 में मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। उस समय मोदी ने नवंबर 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद ट्रंप से मुलाकात की थी। G7 शिखर सम्मेलन सोमवार से शुरू हो रहा है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब जी-7 शिखर सम्मेलन पर ईरान युद्ध, होर्मुज का भविष्य और वैश्विक ऊर्जा एवं शिपिंग क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा की गहमागहमी बनी रहने की संभावना है।

समाचार एजेंसी एपी (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप जी-7 सम्मेलन के दौरान अपने सहयोगी देशों के नेताओं के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को बारूदी सुरंगों से मुक्त करने की योजना पर चर्चा कर सकते हैं। एपी ने यह जानकारी अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दी है।

G7 के सदस्य देश ब्रिटेन और फ्रांस ने संकेत दिए हैं कि संघर्ष में विराम आने के बाद वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने और बारूदी सुरंगों को हटाने के प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं।

व्हाइट हाउस द्वारा तय नियमों के तहत नाम न बताने की शर्त पर पत्रकारों को जानकारी देने वाले अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रंप सम्मेलन के इतर मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में ईरान युद्ध को समाप्त करने और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने पहले अपनी रिपोर्ट में बताया था कि फ्रांस के एवियन-ले-बैं (Evian-les-Bains) शहर में 16 और 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान मोदी कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

फ्रांस की ओर से आयोजित इस शिखर सम्मेलन में भारत को विशेष आमंत्रित देशों में शामिल किया गया है। भारत के अलावा ब्राजील, दक्षिण कोरिया और केन्या को भी आमंत्रित किया गया है। फ्रांस प्रमुख गैर G7 अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापक सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की रणनीतिक सोच में फ्रांस का एक विशेष स्थान है। मोदी ने कहा, “फ्रांस भारत की रणनीतिक दृष्टि में एक विशेष स्थान रखता है। इसी साल राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए थे और हमने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक ले गए हैं।”

भारत और फ्रांस ने इसी वर्ष अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है। भारत फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन के राफेल लड़ाकू विमानों का एक प्रमुख खरीदार भी है।

स्लोवाकिया में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा “ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण” होगी और इससे दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

साल 1993 में स्वतंत्रता मिलने के बाद यह पहला अवसर होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की यात्रा करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक पर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर खास नजर रहेगी। हालांकि, पूरे शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस ईरान युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर रहने की संभावना है।