ससुर और पति के दोस्तों ने लूटी बहु की अस्मत, शिकायत की तो घर से निकाला

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कोटा। ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ रिश्ते को कलंकित करने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस की ओर से भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। करीबन दो महीने बाद भी दुष्कर्म के आरोप में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़िता एसपी और आईजी के दर पर भी न्याय के लिए दस्तक दे चुकी, लेकिन फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है। मामला बोरखेड़ा थाना इलाके के राजनगर का है। बोरखेड़ा थाने में दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता का विवाह 14 वर्ष पूर्व हुआ था। जिससे पीड़िता के तीन संतानें हैं। पीड़िता का ससुर भी पति के साथ ही रहता है। जबकि सास की मृत्यु करीबन 8 वर्ष पूर्व ही हो चुकी है।

पीड़िता ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि सास की मृत्यु के बाद से ही ससुर बुरी नजर रखने लगा था और अश्लील हरकतें करता था। तकरीबन 3 माह पूर्व ससुर ने रात में नशे में धुत होकर कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। चाकू की नोक पर ससुर ने बच्चों को मारने की धमकी देकर खोटा काम किया। पीड़िता ने कहा कि पति भी शराब के नशे में रहता है और कईं बार अपने दोस्तों को साथ लाकर यौन शोषण करा चुका है।

एडवोकेट प्रहलाद मीणा ने कहा कि जब पीड़िता मामला दर्ज कराने जाने लगी तो पति और ससुर ने मोबाइल छीनकर घर में बंद कर दिया। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया और बच्चों से भी नहीं मिलने दिया। पीड़िता की ओर से 1 जनवरी 2021 को पति, ससुर, ननद और दुष्कर्म करने वाले पति के दोस्तों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया गया है। जिस पर 161 और 164 के बयान मजिस्ट्रेट के सामने हो चुके हैं।

मजिस्ट्रेट के सामने बयान को नहीं माना
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बयानों के आधार पर प्रकरण में धारा 376 (डी) जोड़कर अनुसंधान पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा को सौंपा गया था। लेकिन, अनुसंधान अधिकारी के द्वारा पीड़िता को ही परेशान किया जाने लगा। पीड़िता के मजिस्टेªट के सामने 164 के बयान होने के बावजूद फिर से बयानों के लिए अपने कार्यालय पर बुला लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब बयान देने के लिए कार्यालय पहुंची तो अभियुक्त पहले से ही वहां बैठे थे। पीड़िता ने डिप्टी घनश्याम मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनुसंधान अधिकारी अभियुक्तों के साथ मिलकर बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं।

राजीनामा करने का डाल रहे दबाव
पीड़िता ने कहा कि अभियुक्तों के द्वारा पुलिस से मिलीभगत करके परिवार को जेल भेजने और बच्चों को मारने की धमकी देकर बयान बदलने व राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस ने दबाव बनाकर खाली कागज पर लिखवा लिया कि पति के दोस्तों ने केवल छेड़छाड की थी, दुष्कर्म नहीं किया। जबकि पति के दोस्तों के द्वारा भी दुष्कर्म किया गया है। पीड़िता ने कहा कि डिप्टी मीणा, अभियुक्तों से पीड़िता का किसी के साथ फोटो लाने की बात कह रहे हैं। अपने पड़ौसियों की झूंठी गवाही कराने के लिए बोल रहे हैं। मामले में एसपी और आईजी को परिवाद दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।